चाचा ने की मेरी सील तोड़ चुदाई

Chacha se chudai ki sex story:- हैलो दोस्तों, मैं सीमा हरियाणा से। आज अपनी पहली जबरदस्त दर्द से भरी चुदाई की एक मजेदार कहानी लेकर आई हूँ। वैसे मैं हरियाणा में एक कॉल सेंटर में काम करती हूँ। मेरी उम्र आज 23 साल है, और अपनी उम्र के हिसाब से मैं 23 लड़कों से अब तक चुद चुकी हूँ।

Chacha se chudai ki sex story

मैं अपनी कॉल सेंटर के ऑफिस में एक मैनेजर की पोस्ट पर हूँ। वहाँ तक पहुँचने के लिए मैंने अपने रास्ते में आने वाले उन सब मर्दों के बिस्तर गरम किए हैं। जो-जो मेरे रास्ते में आए हैं, और आज भी मैं टाइम टू टाइम उनको खुश करती रहती हूँ।

दोस्तों, मैं अपनी लाइफ के ये 23 चुदाई के किस्से बताने के लिए आई हूँ। पर आज मैं आपको अपनी लाइफ की पहली चुदाई के बारे में बताना चाहती हूँ। जो मेरी लाइफ का सबसे मजेदार और दर्द भरा रहा है। मुझे पूरी उम्मीद है कि आपको मेरी ये पहली कहानी पसंद आएगी।

दोस्तों, अगर आपने मेरी पहली कहानी को सबसे ज्यादा लाइक और शेयर किया, तो मैं आपसे वादा करती हूँ। आज तक मेरी चूत में जितने लंड गए हैं, उन सब के बारे में सब कुछ बताऊँगी। कि कौन सा लंड मेरी चूत में कब और कैसे और कितना अंदर तक गया।

तो चलिए, मैं आज की कहानी आप सबको बताती हूँ। ये कहानी आज से 5 साल पहले की है। जब मैं गाँव में अपने घर वालों के साथ रहती थी। मुझे सेक्स के बारे में इतना नहीं पता था। बस जितना स्कूल में मेरी फ्रेंड्स ने मुझे बताया था, सिर्फ ही उतना ही पता था।

पर उस उम्र में ही सेक्स नाम सुनते ही चूत और मेरे पूरे जिस्म में एक अजीब सी हलचल होनी शुरू हो जाती थी। मेरे घर में मेरे साथ मेरे मम्मी-पापा रहते हैं। मैं एक गाँव में रहती थी। मेरे पापा के पास अपने 11 खेत हैं। जिस वजह से उन्होंने अपनी हेल्प के लिए एक नौकर रखा हुआ था। वो बहुत टाइम से हमारे पास रहता था। इसलिए मैं बचपन से ही उसे चाचा कहती थी। अब वो हमारी फैमिली का मेंबर जैसा ही था। धीरे-धीरे मैं बड़ी और जवान होने लग गई।

चाचा एकदम काले रंग के पतले से थे। वो दिखने में बहुत अजीब से लगते थे। पर वो मेरे साथ मजाक करते थे, इसलिए हम दोनों की अच्छी बातचीत थी। पर फिर भी मैं उससे काफी कम बोलती थी।

पापा ने उसे अपने घर के पास वाले एक और अपना ही एक छोटा सा रूम रहने के लिए दिया हुआ था। इसलिए वो सुबह ही हमारे घर आ जाते थे, और वो ब्रेकफास्ट करके पापा के साथ खेत में चले जाते थे।

फिर मैं या मम्मी दोपहर को खेत में लंच देने के लिए जाती थी। मैं और मम्मी पापा के जाने के बाद एकदम अकेली रह जाती थीं। जिस वजह से हम दोनों काफी बोर हो जाते थे।

पर एक दिन मैं घर पर थी। स्कूल के आने के बाद मुझे नींद नहीं आ रही थी। इसलिए मैं ऐसे ही अपने घर के चारों तरफ घूम रही थी। जहाँ पर भैंसें रखते थे, मैं उस साइड गई।

तभी मुझे पानी की आवाज आई। मैं ऐसे उस आवाज की तरफ गई। मैं तभी एक दीवार के पास गई तो मैंने देखा कि चाचा अपना लंबा बड़ा काला लंड बाहर निकालकर दीवार पर पेशाब कर रहे थे। जैसे ही मैंने उनका लंड देखा, मेरी आँखें उस पर जम गईं।

चाचा ने जब मुझे देखा कि मैं उनका लंड देख रही हूँ। तो वो मुझे देखकर मेरी ओर स्माइल करते हुए अपना लंड अपने हाथ से हिलाने लग गए। उनका लंबा लंड हवा में हिलते देख मुझे कुछ-कुछ होने लग गया।

थोड़ी देर बाद जब मुझे एहसास हुआ कि चाचा मुझे देखकर अपना लंड हिला रहे हैं। तो मैं शर्म से पानी-पानी हो गई, और भागकर अपने घर में जाकर घुस गई। उस टाइम मेरी दिल की धड़कन बहुत तेज हो चुकी थी।

मेरी चूत में एक अजीब सी सनसनी सी फैल गई थी। मेरी आँखों के सामने से चाचा का लंबा काला लंड हटने के नाम तक नहीं ले रहा था। मुझे उस रात नींद नहीं आई, क्योंकि मैं सारी रात चाचा के लंड के बारे में ही सोच रही थी।

मुझे उस टाइम अपनी फ्रेंड्स की बात याद आई, कि वो कहती हैं कि लंड देखने में ही बहुत मस्त होता है। उसे देखते ही अपने पूरे जिस्म में कुछ-कुछ होना शुरू हो जाता है। मुझे आज उनकी एक-एक बात सही लग रही थी। क्योंकि आज वो सब मेरे साथ रियल में हो रहा था।

जो पहले मुझे सब कुछ नकली और बकवास लगता था। आज वही सब मुझे पागल कर रहा था। मेरी चूत में अजीब सा चिकना पानी निकल रहा था। मैंने महसूस किया कि मैं पूरी तरह गरम हो रही हूँ।

मैंने जैसे-तैसे वो रात निकाली। अगले दिन संडे था। इसलिए मैं घर पर ही थी। पर आज सुबह से ही पापा को बुखार हो रहा था। चाचा जी सुबह ही आ गए। उन्हें देखते ही मैंने सेक्सी सी स्माइल कर दी। और वो भी मुझे हवस से भरी नजरों से देखने लग गए।

आज मुझे उनकी नजर कुछ ठीक नहीं लग रही थी। क्योंकि आज वो मेरे जिस्म को ऊपर से लेकर नीचे तक अच्छे से घूर-घूर कर देख रहे थे। मुझे उनकी नजरें कुछ-कुछ कर रही थीं। मम्मी मेरे चाचा के पास आईं और बोलीं—

मम्मी: भाई आज सीमा के पापा की तबियत ठीक नहीं है। आज आप अकेले ही चले जाओ खेत में।

चाचा: ठीक है भाभी जी। कोई बात नहीं। आज भैया को रेस्ट करने दो। मैं चलता हूँ, काम बहुत है।

मम्मी: ठीक है पर खाना तो खा लेते।

चाचा: अरे आप पैक करके ले आना।

मम्मी: मुझे टाइम लग सकता है। चल ठीक है मैं सीमा को भेज दूँगी।

जब मम्मी ने मेरा नाम लिया तो मेरे चेहरे पर एक अजीब सी खुशी आ गई। मैंने चाचा को देखा तो चाचा मुझे हवस से भरी स्माइल कर रहे थे। फिर वो वहाँ से जाने लगे और पीछे मुड़कर मुझे फिर से स्माइल करते हुए इशारे में मुझे कुछ कह गए।

उनके जाते ही मैं बाथरूम में गई और नहाने लग गई। आज मैं ना जाने क्यों अपनी चूत को शेव कर लिया, और अपनी चूत अच्छे से साफ कर लिया। उस दिन ना जाने क्यों मुझे अंदर से लग रहा था कि आज जरूर मैं अपनी चूत मरवाऊँगी।

फिर मैं सुबह ही काफी अच्छे से तैयार हो गई। मैंने अपने गुलाबी होंठों पर हल्की-हल्की गुलाबी लिपस्टिक लगा ली। और हल्का-हल्का मेकअप करके मैं चाचा का खाना लेकर खेत की तरफ चल पड़ी।

जैसे ही मैं चाचा के पास पहुँची तो मैंने देखा कि वो मुझे देखते ही एकदम खड़े हो गए। उन्हें देखकर ऐसा लगा कि मानो वो कब से मेरा ही वेट कर रहे थे। वो मुझे देखकर स्माइल कर रहे थे, और साथ ही मुझे साथ वाले छोटे से रूम में जाने का इशारा कर रहे थे।

मैंने चारों तरफ देखा, वहाँ दूर-दूर तक कोई नहीं था। इसलिए मैं सीधा रूम में घुस गई। मेरे दिल की धड़कन बहुत तेज चल रही थी। ना जाने अब मेरे साथ क्या होने वाला था। मैं अंदर दरवाजे की तरफ कमर करके मंजे पर बैठ गई।

तभी कुछ देर बाद दरवाजा खुलने की मुझे आवाज आई। चाचा ने अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। मैंने पीछे मुड़कर हल्का सा देखा तो मेरी गाँड फट गई। क्योंकि मैंने देखा कि चाचा पूरे नंगे थे। उनका लंड लंबा काला बहुत ही खतरनाक लग रहा था।

मैंने झट से अपना मुँह आगे कर लिया। फिर वो मेरे पास आ गए और मेरे पीछे खड़े हो गए। मैंने जैसे ही पीछे देखा तो उनका लंड मेरे होंठों के पास आ गया। इतना लंबा और काला मोटा लंड एकदम मेरी आँखों के सामने था। मैंने ये देखकर काफी हैरान हो गई।

फिर चाचा मेरे सामने आ गए और अपने लंड को मेरे होंठों पर रगड़कर मेरे मुँह में डालने लग गए। पर मैंने उन्हें मना कर दिया। पर उन्होंने फिर मेरे साथ थोड़ी जबरदस्ती करी। और फिर मैंने ना चाहते हुए भी उनका लंड अपने मुँह में भर लिया।

उनका लंड सच में बहुत ही अच्छा था। मैं उनके लंड को चूसने लग गई। लंड की खुशबू ने पहले ही मुझे अपना दीवाना बना दिया था। शायद चाचा को अब मुझे लंड चुसवाने में मजा आने लग गया था। इसलिए अब वो धीरे-धीरे अपने लंड से मेरा मुँह चोदने लग गए।

मुझे भी अब उनका लंड चूसने में बहुत मजा आ रहा था। तभी चाचा ने पहले से ज्यादा जोर से मेरा मुँह चोदना शुरू कर दिया। और फिर अचानक उनके मुँह से आह्ह निकली और मेरे मुँह के अंदर लसी भर गई। उनके लंड से एक तरह की मलाई निकल रही थी।

जिसका स्वाद मुझे लसी जैसा लगा। मैंने उनका सारा पानी पी लिया। उसके बाद फिर उन्होंने मेरे सारे कपड़े निकाल दिए। चाचा ने मुझे मंजे पर लिटा दिया, और मेरे ऊपर लेटकर वो मेरे दोनों बूब्स को पागलों की तरह चूसने लग गए। मुझे उस टाइम ऐसा लग रहा था, मानो चाचा ने एक हफ्ते से खाना नहीं खाया।

और अब वो मेरे दोनों बूब्स को खा रहे हैं। फिर वो मेरी चूत पर गए और मेरी गीली चूत को वो अपनी जीभ से चाटने लग गए। उन्होंने मेरी चूत को पूरी तरह से चाट-चाटकर साफ कर दिया। इतने में उनका लंड फिर से खड़ा हो गया। जब मैं भी पूरी तरह गरम हो गई।

उन्होंने अपना लंड मेरी चूत पर रगड़ना शुरू कर दिया। इससे मैं लंड लेने के लिए मचलने लग गई, और मस्त होकर बोली—

सीमा: चाचू अब डाल दो अपना लंड मेरी चूत में।

मेरी ये मस्त आवाज सुनकर चाचा ने एक जोरदार धक्का मारा और अपना मोटा लंड मेरी चूत में आधा डाल दिया। उनके चाकू जैसे लंड ने मेरी चूत को फाड़कर रख दिया। जिससे मुझे बहुत ज्यादा दर्द हुआ। मैं दर्द की वजह से बहुत जोर से चिल्ला उठी।

मेरी आवाज सुनकर चाचा डर गए। उन्होंने तभी पास पड़ी मेरी पैंटी को उठाकर मेरे मुँह में ठूंस दी। और मेरे दोनों हाथ पकड़कर अपना लंड एक और धक्के से मेरी चूत में डाल दिया। मुझे इतना दर्द हुआ कि मैं आपको बता नहीं सकती।

पर चाचा एक बेरहम इंसान की तरह मेरी चूत को चोद रहे थे। मेरी चूत में से खून निकल रहा था, क्योंकि मेरा खून उनके पेट पर लग रहा था। पर 10 मिनट की दर्द भरी चुदाई के बाद मुझे मजा आने लग गया।

फिर कुछ देर बाद मेरी चूत ने अपना पानी निकाल दिया और थोड़ी देर बाद चाचा के लंड ने भी मेरी चूत में अपना पानी भर दिया। फिर उसके बाद वो थककर मेरे ऊपर गिर गए। करीब 10 मिनट वो मेरे ऊपर रहे। फिर उठे और मैं अपने कपड़े डालने लग गई।

पर तभी चाचा और उनका लंड फिर से उठ गया। मैं जैसे ही जाने लगी। तभी चाचा ने मुझे फिर से पकड़ लिया। और मेरी पैंटी फिर से उतारकर जबरदस्ती मेरी चूत में अपना लंड फिर से डाल दिया। उन्होंने फिर मेरी चूत को 20 मिनट तक और चोदा। मुझे भी उनसे चुदकर बहुत मजा आया।

उसके बाद फिर हम दोनों का पानी निकल गया। तो उन्होंने मुझे छोड़ दिया। और फिर मैंने अपने कपड़े पहने और अपने घर आ गई। घर आकर किसी को मेरे ऊपर शक नहीं हुआ कि आज अपनी चूत अपने ही चाचा से फड़वाकर घर आई हूँ।

तो दोस्तों, आपको मेरी ये पहली चुदाई की कहानी कैसी लगी? प्लीज मुझे जरूर बताना। अगर मुझे आपका अच्छा सपोर्ट मिला, तो मैं सीमा आपसे वादा करती हूँ कि मैं अपनी 23 नए लंड की चुदाई जरूर बताऊँगी।

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