भाभी हुई मेरी हवस का शिकार – 2

Bhabhi hui meri hawas ka shikar 2:- भाभी सेक्स स्टोरी के पिछले पार्ट में आपने पढ़ा की भाभी ने मुझे बाथरूम में उनकी चड्डी सूंघते हुए देख लिया था और फिर मुझे अपने कमरे में आ कर नींद नहीं आयी. अब आगे-

पिछला परत्याहन पढ़ें => भाभी हुई मेरी हवस का शिकार – 1

Bhabhi hui meri hawas ka shikar 2

रात भर मुझे मुझे नींद आयी. सुबह हम सभी उठे. भाभी किचन में अपना काम कर रही थी. मैं किचन में गया तो भाभी मुझे गुस्से से देख रही थी. वो बार-बार आँख दिखा रही थी पर कुछ कह नहीं रही थी. मैं किचन से बाहर आ गया. ऐसे ही कुछ दिन निकल गए. फिर भाभी ने भी किसी को कुछ बताया नहीं तो मेरी भी कुछ हद तक हिम्मत बढ़ी. भाभी भी अब नार्मल लग रही थी. रात में फिर से वहीँ चलने लगा. मैं भाभी के बाथरूम में जाने लगा उनकी चड्डी सूंघने के लिए. पर अब भाभी ने उनकी चड्डी बाथरूम में रखना बंद कर दिया था.

इससे मैं निराश हो गया था की अब मुझे भाभी की चड्डी सूंघने को नहीं मिलेगी. फिर एक दिन मैंने हिम्मत करके जब भाभी किचन में खाना बना रही थी और घर में कोई नहीं था तब मैं भाभी के पास जा कर खड़ा हो गया. फिर भाभी से उस रात की हरकत के लिए सॉरी बोला. भाभी थोड़ा गुस्सा हो गयी और कहने लगी-

भाभी: कब से कर रहे थे वो काम?  तुम्हे शर्म नहीं आयी मेरी चड्डी सूंघते हुए?

मैं नीचे गर्दन करके सुनता रहा और फिर बोला भाभी गलती हो गयी. अब से नहीं करूँगा. (और मेरे मुँह से निकल गया) भाभी जब आप अपने कपड़ों के अंदर हाथ डाल कर चिल्ला रही थी तब मैंने देख लिया था. उस वक्त मैं ऑफिस से जल्दी आ गया था तो आपके रूम से आवाज़ आयी और मैं देखने लगा.

भाभी शॉक हुई और थोड़ा सा घबरा गयी: तूने मुझे देखा था? तूने किसी को कुछ बताया क्या?

मैंने कहा: नहीं मैंने किसी को कुछ नहीं बोला. पर आप ऐसा करोगी सोचा नहीं था.

भाभी शर्मा गयी और कहने लगी: देख किसी को भी मत बताना मैं क्या कर रही थी. नहीं तो सब मेरे बारे में क्या सोचेंगे? वो तो तेरे भैया नहीं थे तो मेरा मूड खराब हो गया था. इसलिए मैंने वो कर लिया.

मुझे शरारत सूझी तो मैंने भी पुछा: वो क्या कर लिया थोड़ा ठीक से बताओ?

भाभी गुस्सा करने लगी. फिर मैंने बताया: देखो भाभी गुस्सा होने वाली बात नहीं है. मैं जानता हूं भैया दूर है आपसे. आपकी भी कुछ ज़रुरत है. सभी लेडीज के साथ होता है.

भाभी थोड़ा सा नार्मल हुई और कहने लगी: देख तू किसी को भी कुछ मत बताना. मैं भी कुछ नहीं कहूँगी किसी को तेरे बारे में की मेरी चड्डी सूंघ रहा था.

मैंने भी ठीक है कहा और कहा: भाभी अब से आप भी मुझसे कुछ नहीं छुपाओगी और सब कुछ बताओगी.

उन्होंने हां कहा तो मैंने भी मौका देखा और कहा: भाभी आपने आपकी चड्डी बाथरूम में रखना बंद क्यों कर दिया?

तो भाभी कहने लगी: क्यों फिर से सूंघनी है मेरी चड्डी? ठीक है मैं रख दूँगी पर आना और सूंघ कर चले जाना. कुछ करना मत या तुम्हारा कुछ भी मेरी चड्डी पर नहीं पड़ना चाहिए.

कुछ भी से मतलब था की मेरा माल भाभी की चड्डी पर नहीं पड़ना चाहिए. क्यूंकि वो गन्दी हो जाती है सफ़ेद माल से जो बाद में दिखने लगाता है. मैंने भी हां कहा की नहीं गिरेगा कुछ भी.

मैंने कहा: पर चड्डी पर तो पहले से ही कुछ सफ़ेद लगा होता है (जब की मुझे पता था की भाभी का प्रीकम होता था जिससे एक धब्बा सा बन जाता था).

भाभी ने जवाब दिया: हां कभी-कभी निकल जाता है रात में तुम्हारे भैया को याद करते वक़्त.

फिर मैंने भी जवाब दिया: कब-कब निकलता है ये?

भाभी ने कहा: तुझे तो सब पता है, फिर क्यों पूछ रहा है?

मैं: एक बार आपसे पूछना था.

फिर भाभी ने थोड़ा ऐसे बताया: जब तुमने मुझे वैसे करते देखा था थोड़ा आता है और उसमे से कुछ चड्डी में गिर जाता है जिससे धब्बा बन जाता है.

मैं समझ गया की भाभी कम की बात कर रही थी.

फिर मैंने भाभी से कहा: चलो आप खाना बना लो फिर बात करते है.

तो भाभी खाना बनाने लगी और मैं जाते हुए उनकी गांड जो थोड़ी उभरी हुई थी वो देखने लगा. मेरा हाथ मेरे लंड पे जाने लगा और मैं पैंट के ऊपर से लंड को रगड़ने लगा. भाभी ने मुड़ के देख लिया था तो मैं किचन से निकल आया. बाहर जा कर मैंने सोचा यार भाभी ने देख लिया की मैं उनकी गांड देख के लंड पर हाथ फेर रहा था तो कुछ सोचेंगी तो नहीं? मैंने सोचा चलो अच्छा है सोचे तो हो सकता है इसमें मेरा कुछ भला हो जाये. भले से पता है आपको मैं भाभी की गांड में लंड डालने के बारे में सोच रहा था.

मेरी पैंट में लंड खड़ा हो गया ये सोच-सोच कर. फिर मैं बाथरूम में गया वो भी भाभी के बाथरूम में. वहां उनकी गीली चड्डी टंगी हुई थी. वो मैंने उठा ली और देखने लगा की कहाँ था वो सफ़ेद हिस्सा उनके कम का. वो मुझे मिल गया जिसमे भाभी का माल लगा हुआ था. मैं उसे देख कर और सूंघ कर अपना लंड हिलाने लगा ज़ोरो से. नाम भी ले रहा था की “भाभी आओ मेरे लंड को चूसो. मेरा लंड आपकी गांड में डालना चाहता हूँ मेरा लंड आपकी चूत में घुसना चाहता है. रात को मत करा करो मेरे साथ मेरे कमरे आया करो. रात भर आपकी चूत चोदूँगा. तुम मेरे लंड पर बैठना और चुदना.” bhabhi ki chudai story

और ये सब सोच कर ही मेरे लंड ने बहुत सारा माल का फव्वारा छोड़ा जो उनकी गीली चड्डी पर भी और दीवारों पर भी गिर गया. फिर मुझे किसी के आने की आहट सुनाई दी. मैंने झट से चड्डी टांग दी और बाहर आया. वो भाभी ही थी जो अपना काम पूरा करके बाथरूम जाने के लिए आयी थी. उन्होंने मुझे और अंदर देखा तो दीवारों पर मेरा सफ़ेद गाढ़ा माल दिखा. फिर उनकी चड्डी उठा कर देखि तो उसपे भी मेरा माल लगा हुआ था.

उन्होंने कहा: मैंने कहा था की कुछ मत करना. फिर ये क्या किया तूने? तूने मेरी चड्डी खराब कर दी. अभी धो कर सुखने को रखी थी. दीवार भी गन्दी कर दी तूने. अब कौन धोएगा इसे?

मैंने कहा: भाभी गुस्सा मत हो. मैं कर देता. मैं तो बस बाथरूम करने आया था. आपकी चड्डी देखि तो कण्ट्रोल नहीं हुआ और ये हो गया.

भाभी ने कहा: तू क्यों कर रहा है ये सब? अपने कमरे में करा कर न रात को. क्यों आता है मेरे कमरे में?

मैं: भाभी आपकी चड्डी देख के रहा नहीं गया.

भाभी: तो एक काम कर यहाँ मत आया कर और मेरी चड्डी मुझसे मांग के ले जाया कर अपने कमरे में. फिर तुझे जो करना है वो तू करके मेरी चड्डी वापस मेरे बाथरूम में रख दिया कर. bhabhi ki chudai

मैं खुश हुआ की मैं तो यहीं चाह रहा था. मैंने ठीक है कहा और जाने लगा.

तो भाभी ने कहा: हो गया तेरा या और करने का मन है? तो ले जा मेरी ये चड्डी गन्दी तो कर ही दी है.

मैंने कहा: नहीं हो गया मेरा.

भाभी: तो अब धो कर भी जा मेरी चड्डी जो तूने गन्दी करी है और दीवार भी साफ़ करके जा.

मैंने भाभी की चड्डी उठायी और देखने लगा की कहा मेरा माल लगा था.

फिर भाभी ने कहा की-भाभी: अब तुझे तेरा निकाला हुआ भी नहीं दिख रहा. दिखा इधर.

तो मैंने चड्डी उनको दिखाई. उसमे बहुत ही गाढ़ा मेरा माल लगा हुआ था.

भाभी: इतना सारा और इतना गाढ़ा!

उनकी आँखें फटी रह गयी और कहने लगी: कैसे निकाला ये तूने?

मैं: भाभी वो बस आपकी चड्डी सूंघते हुए निकल गया.

भाभी: मेरी चड्डी में क्या इतनी खुशबु आ रही थी जो तेरा इतना सारा निकल गया?

मैं: सॉरी भाभी.

भाभी: ठीक है धो उसे.

मैं: ठीक है (और धोने लगा).

भाभी: अच्छे से धो कही रह न जाये. क्यूंकि मुझे वापस पहननी है वो सूखने के बाद.

मैं: भाभी आपके पास और चड्डी नहीं है क्या?

भाभी: है तो पर दोनों में छेद हो रहे है इसलिए मैं उनको पहन नहीं सकती.

मैं: भाभी तो आप नयी ले लो.

आगे क्या हुआ बाकी की स्टोरी नेक्स्ट पार्ट में.

अगला भाग पढ़े:- भाभी हुई मेरी हवस का शिकार – 3

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