Watchman se meri pahli chudai:- दोस्तों मेरा नाम सुनीता है. मैं पटना की रहने वाली हूँ मेरी उम्र 34 साल की है और मैं एक सेक्सी भाभी हूँ मेरे दो बच्चे भी है. लेकिन ये कहानी मेरी पहली चुदाई की है जो आज से 11 साल पहले हुई थी. तो चलिए कहानी शुरू करते है.
उस वक़्त मैं 23 साल की थी और कॉलेज में मास्टर डिग्री कर रही थी. मेरा रंग गोरा था और फिगर 32-28-36 था. हां मेरी गांड काफी बड़ी थी और इसको देख कर बहुत लड़के मुझे छेड़ते थे. मैं पढ़ाई में अच्छी थी और मेरे मार्क्स हमेशा आते थे. लेकिन फिर एक दिन सिचुएशन कुछ ऐसी हो गयी की मुझे एग्जाम में पास होने के लिए कॉलेज के वॉचमैन से चुदना पड़ गया. चलिए बताती हूं की क्या हुआ और कैसे हुआ.
Watchman se meri pahli chudai
मेरे फाइनल एक्साम्स आने वाले थे और उससे कुछ दिन पहले मेरी तबियत बहुत खराब हो गयी थी. तबियत खराब होने की वजह से मैं पढ़ नहीं पायी और मेरी बिलकुल तैयारी नहीं हुई. पूरा साल जो मैंने पढ़ाई की थी अब उसी के भरोसे मैं एक्साम्स देने वाली थी. एक दिन यहीं बात मैं अपनी कॉलेज फ्रेंड को बता रही थी जो मेरा हाल-चाल पूछने मेरे घर आयी थी. तब उसने मुझे कहा-
फ्रेंड: देख सुनीता तूने सारे साल बहुत मेहनत की है. अगर अब तेरे मार्क्स कम हो गए तो प्लेसमेंट में मुश्किल आएगी. तू ऐसा कर स्लिप्स बना के ले जा.
मैं: यार मुझसे ये काम नहीं होगा. अगर पकड़ी गयी तो?
फ्रेंड: और अगर फ़ैल हो गयी तो? कोई नहीं पकड़ेगा तुझे. तू स्लिप्स अंदर छुपा लेना (उसने पैंटी की तरफ इशारा करते हुए कहा). वहां तक कोई नहीं पहुँचता अगर चेकिंग हुई भी तो.
फिर वो चली गयी. उसकी बात मेरे दिमाग में घूमती रही. लेकिन मुझे डर भी लग रहा था फ़ैल होने का. फाइनली मैंने डीसाइड किया की मैं स्लिप्स बना के साथ ले जाउंगी. क्यूंकि मैं बिना गलती के पूरी लाइफ सफर नहीं करना चाहती थी. फिर एक्साम्स के दिन आ गए. मेरे 5 एक्साम्स थे और मैं सभी में स्लिप्स बना के लेके जाने वाली थी. फिर एक्साम्स शुरू हो गए और मैं स्लिप्स बना के ले गयी. Watchman se meri pahli chudai
पहले एग्जाम में मुझे बहुत डर लगा. लेकिन मैं पकड़ी नहीं गयी. नक़ल करने का तरीका बहुत आसान था. क्वेश्चन पेपर पढ़ कर मैं बाथरूम में जाती और वहां से आन्सर पढ़ कर वापस आके लिख देती. इस तरह से मेरे पहले 2 एक्साम्स बहुत अच्छे हो गए. अब मैं बहुत खुश थी और मेरा कॉन्फिडेंस भी बढ़ चुका था. लेकिन अब तक मैं इस बात से अनजान थी की तीसरे एग्जाम वाले दिन मेरी बंद बजने वाली थी.
उस दिन मैं जीन्स और टी-शर्ट पहन कर एग्जाम देने गयी थी. एग्जाम शुरू हुआ और मैंने सारा क्वेश्चन पेपर रीड किया. फिर मैं बाथरूम जाने के बहाने टॉयलेट में चली गयी. वहां जाके मैंने अपनी जीन्स नीचे की और स्लिप बाहर निकालने लगी. जल्दी-जल्दी में मैं टॉयलेट केबिन में भी नहीं गयी और बाहर टाप्स के पास खड़े रह कर ही स्लिप्स निकालने लगी.
अभी मैंने जीन्स नीचे की ही थी की दरवाज़े पर वार्डन आ गयी और उसने मुझे देख लिया. उसने कहा-
वार्डन: ये क्या कर रही हो तुम?
अचानक से उसकी आवाज़ सुन कर मैं घबरा गयी. मैं जल्दी से जीन्स ऊपर करके ठीक करने लगी. जल्दी-जल्दी में मेरे हाथ से स्लिप नीचे गिर गयी. तभी वार्डन मेरे पास आयी और उसने स्लिप उठा ली. फिर वो बोली-
वार्डन: अच्छा तो ये चल रहा है यहाँ. चल मैं अभी तेरी कम्प्लेन करती हु.
उसकी बात सुन कर मेरी गांड फट गयी. मैं बहुत डर गयी. मुझे समझ में नहीं आ रहा था की अब मैं क्या करू. फिर मैं उससे माफ़ी मांगने लगी लेकिन उसने मेरी एक न सुनी. वो मेरा हाथ पकड़ कर मुझे बाहर ले आयी और ऑफिस की तरफ लेके जाने लगी. तभी सामने से कॉलेज का वॉचमैन आया. असल में वार्डन वॉचमैन की वाइफ है. Watchman se meri pahli chudai
वॉचमैन ने उसको पुछा- वॉचमैन: क्या हुआ इसको कहाँ लेके जा रही हो.
फिर उसने सारी बात वॉचमैन को बताई. वो उसको बोला- वॉचमैन: तू जा हॉस्टल में ध्यान रख. मैं देखता हूं इसको.
फिर वार्डन वहां से चली गयी. मैंने वॉचमैन से माफ़ी माँगना शुरू कर दिया.
वो बोला-वॉचमैन: तुम सुनीता हो न? तुम तो topper में से हो. तुमने ये कॉपी करना कब से शुरू कर दिया? या कॉलेज की बिगड़ी हुई लड़कियों के साथ रह-रह कर तुम भी बिगड़ गयी हो?
मैंने कहा: नहीं अंकल ऐसी कोई बात नहीं है. मैं पिछले दिनों बहुत बीमार थी तो पढ़ नहीं पायी. मार्क्स कम होने के डर से स्लिप्स बनानी पड़ी. नहीं तो मैं हमेशा पढ़ कर एग्जाम देती हूँ आप प्लीज मेरी हेल्प कर दो.
वॉचमैन: मैं कैसे मान लू तुम सच कह रही हो?
मैं: मैं बिलकुल सच कह रही हु.
वॉचमैन: पकडे जाने के बाद तो हर लड़की ऐसा ही कहेगी.
मैं: आप मेरी कंप्लेंट मत करो प्लीज. मैं अब से एग्जाम में जितना आता होगा उतना लिख दूँगी. कॉपी नहीं करुँगी. मेरी शिकायत करके आपको क्या मिलेगा?
वॉचमैन: मिलेगा तो वैसे भी कुछ नहीं.
मैं: आपको क्या चाहिए बताइये (मैंने सोचा शायद पैसे देके बात बन जाये)?
वॉचमैन: तुम मुझे क्या दे सकती हो?
मैं: अगर आपको पैसे चाहिए तो मेरे पास है थोड़े.
वॉचमैन ने मुझे नीचे से ऊपर देखा और बोला पैसे किस कम्बख्त को चाहिए. मुझे तो कुछ और…और उतना कह कर उसने मेरे कंधे पर हाथ फेर दिया. उसकी इस हरकत से मैं अनकमफरटेबल हो गयी. मैं समझ गयी की वो क्या कह रहा था. Watchman se meri pahli chudai
वॉचमैन एक 40 साल का आदमी था. वो दिखने में काला-कलूटा था लेकिन शरीर का तगड़ा था. वो काफी सालों से कॉलेज में जॉब कर रहा था. मैंने कभी सोचा नहीं था की वो मुझसे ऐसी बात करेगा. फिर मैंने कहा-
मैं: अंकल! इतनी गन्दी बात कैसे की आपने? मैं आपकी बेटी जैसी हूँ और आप की!
वॉचमैन: देख लड़की कोई ज़बरदस्ती नहीं है. नक़ल करते हुए तू पकड़ी गयी है. और ज्ञान मुझे पेल रही है. अगर देगी तो जाने दूंगा. वरना चल ऑफिस में. दोस्तों इसके आगे क्या हुआ, कैसे वॉचमैन ने मेरी लो, पूरी स्टोरी अगले पार्ट में.
कॉलेज के वॉचमैन को चूत देनी पड़ी -2
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