नामर्द पति से अच्छा ससुर जी चोदते है -1

Sasur bahu new sex story:- मै अपने और अपनी फॅमिली के बारे में बता दू. मेरा नाम सुनीता है घर में सब मुझे सोनू बोलते है. मेरी उम्र 29 साल है मेरा फिगर 38-32-38 है रंग गोरा और हेइ 5 फ़ीट 6 इंच, वेट 58 Kg. मेरी फॅमिली मे 5 मेंबर्स है, मै, मेरे सास ससुर, एक ननद और मेरे पति. अब उन सब के नाम बताती हूँ. मेरे पति विजय कुमार उम्र 31 साल. मेरे ससुर जी मोहन लाल उम्र 53 साल. मेरी सासु माँ सुषमा जी उम्र 51 साल. मेरी ननद प्रियंका उम्र 21 साल अभी कुँवारी है.

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अब कहानी पर आती हूँ, मेरी नई नई शादी हुई थी. मै माँ का घर छोड़ कर पति के घर आ गयी थी. यहाँ सब बहुत अच्छे थे। मेरे पति को छोड़ कर क्यों के यह मेरी अरेंज मैरिज थी. मेरी शादी को 1 हफ्ता हो गया था और मैंने अपने पति के साथ बस एक बार ही सेक्स किया था. वह भी मेरी सुहागरात को बस उसके बाद सेक्स नहीं हुवा हमारे बीच में. पता नहीं क्यों ऐसा हो रहा था. वैसे मेरा फिगर भी बहुत अच्छा था. फिर भी पता नहीं क्या बात थी, मै जब अपने पति के पास जाने की कोशिश करती वह मुझे से दूर भागते थे. मैंने सोचा कुछ टाइम बाद सब ठीक हो जायेंगे, वैसे मेरे सास ससुर बहुत अच्छे थे. इसलिए मै यह बात किसी को नहीं बोली कि हमारे पति पत्नी के बीच क्या चल रहा है. और मेरे ससुर जी हमेशा मेरा पक्ष लेते थे. Sasur bahu new sex story

इसलिए मै चुप थी. घर मै कुछ भी हो जैसे मेरी सास कुछ बोले तो ससुर उनको बोलते अभी बच्ची है जाने दो। मेरी ननद कुछ बोले तो बोलते तेरी भाभी है तुझ से बड़ी तू माना कर उसका कहा। पर ससुराल तो पति से होता है पर यहाँ तो मेरा पति ही अच्छा नहीं. एक बार की बात है सर्दी का मौसम था. और सुबह के 5 बजे थे। मै उठी मैंने अपने पति की तरफ देखा और मेरा मन सेक्स के लिए होने लगा. तो मैं अपने पति को उठाने लगी।

जानु उठो पर वह कोई जवाब नहीं दे रहे थे. मैंने कम्बल हटाया और उनके अंडरवेअर से लंड बाहर निकाला और अपने हाथ मे ले कर हिलाने लगी. काफी देर हिलाने के बाद भी कोई मोमेंट नहीं हो रही थी लंड में. तो फिर मैं लंड को अपने मुँह मे ले कर चूसने लगी काफी देर तक चूसती रही लंड को. यह लंड खड़ा क्यों नहीं हो रहा है मेरे होंठ दुखने को आए है पर लंड खड़ा नहीं हुवा. और मेरी चूत गीली हो कर तड़प रही थी इस लंड को अंदर लेने के लिए. और तभी विजय उठ गए. Sasur bahu new sex story

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विजय – यह क्या कर रही हो सोना तुम?

मै – ओह मेरी जान तुम जाग गए मुझे तुम्हारा लंड चूसने मे बहुत मज़ा आ रहा है. लेकिन यह खड़ा क्यों नहीं हो रहा मै कब से अपने मुँह मे ले कर चूस रही हूँ.

पर वह कुछ नहीं बोले और इधर लंड ने अपना पानी मॉल निकाल दिया मेरे हाथों मे पर लंड खड़ा नहीं हुवा था. अभी भी ढीला था.

विजय – देखा अब खुश हो गयी, मेरा लंड खड़ा नहीं होता है. अगर खड़ा होता तो मै तुम को दिन रात चोदता समझी.

मै – लेकिन मुझे अभी अपनी चूत मे तुम्हारा लंड चाहिए जानु.

विजय – मैंने तुम को क्या बोला तुम समझी नहीं क्या?

मै – हाँ समझ गयी तो चलो हम डॉक्टर के पास चलते है इस का इलाज करते है.

विजय – कुछ नहीं होगा मैंने बहुत से डॉक्टर को दिखाया है पर कोई फायदा नहीं हुवा अब तुम चुप चाप सो जाओ ओके.

मुझे बहुत गुस्सा आ रहा था क्यों के ये चिल्ला कर बोल रहे थे.

ससुर जी – यह आवाज़ कैसे यह तो बहु के रूम से आ रही. कही कुछ हुवा तो नहीं जा कर देखता हूँ.

इतने मे किसी ने दरवाज़ा टोक टोक किया मैंने जल्दी से खुद को ठीक किया और दरवाज़ा खोला तो देखा ससुर जी थे.

ससुर जी – क्या बात है बहु यह शोर कैसा था विजय ने कुछ कहा तुम से ???

मै – नहीं ससुर जी ऐसी को बात नहीं है वह हम टीवी देख रहे थे. आप को टीवी शोर सुना होगा और कुछ नहीं.

ससुर जी – ठीक है कोई बात नही, मै चलता हूँ अपना ख्याल रखना बहु.

ससुर मन मे सोचते हुए- यह क्या टीवी तो बंद है तो फिर बहु मुझसे झूठ बोली? के टीवी का शोर था ऐसा क्या बात हुई होगी इन दोनों मे अभी मै जाता हूँ बाद मै पूछूंगा बहु से.

मै – अच्छा हुवा ससुर जी चले गए कहीं उनको पता चल जाता के हमारे बीच मे ठीक नहीं चल रहा है.

और फिर विजय कम्बल ओढ़ कर सो गए. पर मेरी चूत मे तो आग लगी है और यह आग लंड से बुझेगी लेकिन अभी लंड है नहीं. चलो आज ऊँगली से अपनी चूत की आग बुझाती हूँ. और मैं अपनी नाइटी ऊपर कर के चूत मे ऊँगली डाल आगे पीछे करने लगी. (और मेरे बैडरूम की खिड़की पर ससुर जी खड़े थे वहाँ मेरा ध्यान नहीं था)।

ससुर जी – यह क्या कर रही बहु. इसे ऐसे देख कर मेरा लंड खड़ा होने लगा है. मेरा दिल कर रहा है अभी जा कर इसकी चूत को चोद डालू.

मै – ओह मेरी जान विजय तुम मुझे क्यों नहीं चोद पाते तुम्हारा लंड क्यों खड़ा नहीं होता. आह्ह्ह्हह्हह अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह ओह्ह विजय मै तड़प रही हूँ तुम्हारे लंड के लिए पर तुम को तो कोई फर्क नहीं पड़ता.

ससुर जी – इस का मतलब विजय इस को कुछ कर नहीं पाता है. यह मेरा लंड क्यों मुझे तंग कर रहा है बहु को ऊँगली करते हुवे देख कर लगता है अब मुझे मुठ मारनी पड़ेगी.

मै – आह्ह्ह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह ओह्ह्ह्ह उफ्फ्फ अब जा कर मुझे सकुन आया, अब मै अपनी चूत बाथरूम मै जा कर धो लेती हूँ.

ससुर जी – आह्ह्ह आह्ह्ह मेरा भी निकल गया बहु को देख कर. यह क्या किया मैंने तो यही अपने लंड का माल निकाल दिया अब मुझे यहाँ से जाना चाहिए कहीं बहु देख न ले.

मै – जैसे बाथरूम मै से अपनी चूत को धो कर वापस आ रही थी. तब मैंने देखा के मेरे बेड के सामने वाली खिड़की थोड़ी खुली थी. तो खिड़की बंद कर ने लगी तो मैंने देखा के खिड़की के नीचे बाहर की तरफ कुछ गिरा हुवा है. दूर से लग रहा था के किसी ने थूक रखा है पास जा कर नीचे घुटनो के बल बैठ कर देखा तो मुझे मालूम हुवा के यह माल है किसी मर्द के लंड का. लेकिन किसका और यहाँ कैसे. और जैसे मै उठी तो खिड़की के बाहर से सीधा मेरा बेड दिखाई दे रहा था. इस का मतलब जब मै अपनी चूत ऊँगली कर रही थी. तब मुझे इस खिड़की से कोई देख रहा था. पर कौन था जो मुझे देख रहा था. Sasur bahu new sex story

थोड़ी देर सोच ने के बाद मेरे दिमाग की लाइट जली के कहीं वह ससुर जी तो नहीं थे. और फिर मैने उस माल को साफ कर दिया कपडे से और फिर बैडरूम मै जा कर सो गयी। मै जल्दी उठ गयी और किचन मे चली गयी चाय नाश्ता बनाने के लिए. और फिर सब को मैंने चाय नाश्ता दिया। तब ससुर जी मेरी तरफ गौर से देख रहे थे. मुझे ऐसा लग रहा था के ससुर जी बोलना चाहते थे के मै तुम्हरा दर्द समझता हूँ. तभी मेरा सर झुका हुवा था उनके सामने और फिर बाकि सब को मैंने चाय नाश्ता दिया और बाद मै खुद भी नाश्ता कर लिया. बाद मै मेरे पति विजय अपनी ऑफिस चले गए और मेरी ननद अपने कॉलेज और सासु माँ और ससुर जी वही बैठ थे. और मै सारे बर्तन ले कर किचन मे चली गयी धोने के लिए।

तभी मैंने सुना ससुर जी सासु माँ से कुछ बोल रहे थे.

ससुर जी – डार्लिंग मुझे लगता है बहु और विजय के बीच कुछ ठीक नहीं चल रहा है…

सासु माँ – क्या मतलब आप का??

ससुर जी – मेरा मतलब वह दोनों कभी आपस मे ठीक से बात करते हुवे नहीं देखे मैंने.

सासु माँ – उनकी अभी नयी नयी शादी हुई है तो थोड़ा टाइम लगेगा और फिर सब ठीक हो जायेगा.

और फिर वह दोनों अपने बैडरूम मे चले गए और मैंने भी सारे बर्तन धो डाले थे. मै भी अपने बैडरूम में जा रही थी के मैंने सोचा क्यों न सास ससुर को देखो के वह दोनों क्या कर रहे है. फिर मै उनके बैडरूम की खिड़की पर जा कर खड़ी हो गयी और थोड़ी से खिड़की खोल कर देखने लगी. अंदर का नज़ारा तो बहुत मज़े दार था वह दोनों चुदाई कर रहे थे. Sasur bahu new sex story

वहाँ अंदर सासु माँ ससुर जी का लंड अपने मुँह मे ले कर चूस रही थी. लंड काफी बड़ा लग रहा था करीब 8 इंच का और लंड का टोपा एक दम गुलाबी रंग का था.

ससुर जी – आह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह बहुत मज़ा आ रहा है डार्लिंग तुम्हारे होंठ मेरे लंड को बहुत बहुत मज़ा दे रहे है.

सासु माँ – हा डार्लिंग मुझे भी तुम्हारा लंड चूसने मे बहुत मज़ा आ रहा है.

मै यह चुदाई देख कर गरम होने लगी और मेरी चूत भी गीली हो रही थी.

ससुर जी – अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह और चूस मेरी चुड़क्कड़ डार्लिंग और चूस जोर से मेरे लंड को अपने गले तक अंदर ले मेरी प्यारी बीवी.

सासुमा – हा मेरी चूत के आशिक़ मेरे पति मुझे भी तुम्हारा लंड गले तक लेना अच्छा लगता है.

ससुर जी – चलो डार्लिंग अब तुम मेरा लंड अपनी चिकनी चूत मे लो.

सासुमा – हा मेरी डार्लिंग आज मै तुम्हारा लंड अपनी चूत मे ले कर बहुत मज़ा लुंगी.

मै- ओह बाप रे यह दोनों इस उम्र में भी ऐसे चुदाई करते है.

और फिर सासुमा ससुर जी के लंड के ऊपर बैठ कर जोर जोर से उछलने लगी.

सासुमा – आह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह डार्लिंग मुझे तुम्हारे लंड पर चढ़ कर उछलना बहुत अच्छा लगता है क्यों के मुझे बहुत बहुत मज़ा आता है.

ससुर जी – हा डार्लिंग मुझे पता है तुम को मेरे लंड पर बैठ कर उछलना बहुत पसंद है. और अब तुम्हारी चूत बहुत गीली हो गयी है और मै अब झड़ने से खुद को रोक नहीं पा रहा हूँ.

सासुमा – तो फिर तुम जोर जोर से धक्के मारो और फिर मेरी चूत के अंदर झड़ जाओ.

ससुर जी – अह्ह्ह अह्ह्ह डार्लिंग मै गया अह्ह्ह्हह्हह.. अह्ह्ह्हह्हह.. अह्ह्ह्हह्हह…

और फिर ससुर जी सासुमा के अंदर ही झड़ गए और फिर दोनों शांत हो कर एक दूसरे से लिपट कर वही लेट गए. मेरी चूत गीली हो गयी थी और मेरी चूत का पानी मेरी पैंटी से निचे की तरफ बह रहा था। मेरी जांघों के ऊपर से टपक टपक कर के. और फिर मै जल्दी से अपने बैडरूम मे चली गयी. Sasur bahu new sex story

और बेड पर एलईटी कर यही सोच रही थी. के ससुर जी इस उम्र मे भी इतने जोश से चुदाई करते है और मैंने उनको सासुमा को चोदते हुवे देखा. लेकिन मुझे यक़ीन नहीं हो रहा था. वह बूढ़े है फिर भी उनका लंड इतना बड़ा है और इतना जल्दी खड़ा भी हो जाता है. और एक मेरे पति जिनका खड़ा होने से पहले अपना पानी निकाल देते है. काश मेरे ससुर जी मेरे पति होते तो बहुत मज़ा आता, जैसे सासुमा बड़े मज़े से अपनी चूत चुदवा रही थी. मै भी ऐसे अपनी चूत चुदवाती ससुर जी से और फिर न जाने क्यों मेरे दिमाग मै बस ससुर जी का लंड था. फिर मैंने सोचा क्यों न मै ससुर जी के साथ अपनी चूत की आग बुझाऊँ.

थोड़ी देर के लिए मैंने फैसला कर लिया था. ससुर जी के साथ करने का. लेकिन मुझे यह गलत लग रहा था तो मै चुप रही थोड़ी देर के लिए. पर मेरे दिमाग तो बस एक ही बात कह रहा था के ससुर जी का लंड लेलो लेलो अपनी चूत में.

अब आगे क्या हुआ, कैसे मै अपने ससुर से चुदी? अब आगे की कहानी अगले पार्ट में.

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