Sasur bahu chudai sex story:- हेलो दोस्तों कैसे हो आप सब! मेरा नाम नैना है और आज मैं आपके लिए “ससुराल के मस्त लोडे – पार्ट 1” के आगे की कहानी ले कर आई हूँ. इस कहानी में पिछले पार्ट मे मुझे पता चला की मेरे पति सुनील को काम दूसरा मिल गया है तो उन्होंने अपने पहले काम के अग्रीमेंट ख़तम होने की वजह से उस काम को हाँ कर दी और फिर उसके बाद वो हमे छोड़ कर चले गए. अब पढ़िये आगे..
अब मै घर पर अपने सास ससुर साथ ही रहती थी और उन्ही दोनों की सेवा में लगी रहती थी. वैसे मेरी सास दिल की बहोत अच्छी है और वो मुझे अपनी बेटी की तरह ही प्यार करती है. और मैं भी उन्हें अपनी माँ की तरह ही मानती हूँ और उनके साथ काफी खुश भी रहती हूँ. मेरे ससुर भी एक दम हट्टे कट्टे है और काफी गुड लुकिंग भी है. उनको देख कर मुझे बहोत अच्छा लगता है की इतनी पर्सनालिटी वाले मेरे खुद के ससुर है.
Sasur bahu chudai sex story
ख़ैर जैसे भी है मेरे ही है और मुझसे बहोत ही ज्यादा प्यार भी करते है. मुझे उनके प्यार पर कभी डाउट भी नहीं हुआ था क्योकि उनकी नजर में मैं उनकी बेटी जैसी थी. अब सुनील के जाने के बाद मैं खुद को अकेला महसूस करने लग गयी थी क्योकि घर पर कोई भी मेरे कमरे में मेरे साथ जो नहीं सोता था. मैं ऐसे ही डेली अकेली ही सोती थी और सुबह आराम से उठती थी. एक दिन की बात है मुझे रात को नींद नहीं आ रही थी और मुझे पानी की बहोत प्यास भी लगी हुई थी. इसलिए मैं बाहर गयी और फिर किचन में जा कर पानी पीने लग गयी.
जब मैं किचन से पानी पी कर आ रही थी तब मुझे अपने सास ससुर के कमरे से कुछ आवाजे सुनाई दे रही थी. मैं तब सोच में पड़ गयी और फिर मैंने थोड़ा वही छिप कर उनकी बाते सुनी तो वो एक दूसरे से बात कर रहे थे.
सास – अरे इस उम्र में भी क्या सेक्स का बुखार नहीं उतरा क्या मुझ जैसी बुढ़िआ की अब कितनी मारोगे जाओ बाहर किसी रंडी को चोद आओ.
ससुर – नहीं जी नहीं मुझे बाहर तो कोई मिलती ही नहीं है इसलिए तुम्हारी चूत मारता हूँ.
सास- वो तो ठीक है पर तुम्हारे इस घोड़े जैसे लंड को ले कर मेरी बुरी हालत हो गयी है.
फिर उनकी बाते एक दम रुक गयी और फिर 2 मिनट बाद सास के चींखने की आवाज सुनाई दी तो पता चला की ससुर मेरी सास की चूत को फाड़ रहे थे और ऐसे ही जोर जोर से लगे हुए थे. उनकी ये आवाजे सुन कर मुझे खुद पर कण्ट्रोल करना मुश्किल हो गया और फिर मैं वहाँ से चुप चाप अपने कमरे में आ गयी और आ कर लेट गयी. पर उस रात मुझे नींद कहाँ आने वाली थी क्योकि मेरी सास ससुर के सेक्स को देख कर मेरा दिमाग खराब हो रहा था. इसलिए अब मैं ऐसे ही लेटती हुई सोचने लग गयी की तभी मेरे दिमाग में ख्याल आया की ससुर से ही क्यों न…. Sasur bahu chudai sex story
ये सोचते ही मैंने खुद को जैसे डांट लगाई की मैं ये सब क्या सोच रही थी और फिर ऐसे ही सोचते सोचते मैं सो गयी. सुबह मैं 7 बजे उठी वैसे मैं आपको बता दूँ की मेरे सास ससुर मुझसे पहले उठ जाते है और मैं आराम से उठती हूँ. उस दिन भी मैं आराम से उठी और फिर जब नहाने के लिए जाने लगी तो मुझे ये नहीं पता था की वाशरूम में मेरे ससुर थे और वो बिना लॉक किये ऐसे ही नहा रहे थे. मैं ऐसे ही अंदर चली गयी तो मैंने देखा की ससुर बिलकुल नंगे खड़े थे और वो अपने लंड को हाथ में ले कर ऊपर नीचे कर रहे थे. तब उनके इतने बड़े लंड को देख कर मेरे होश ही उड़ गए थे और बस फिर उसके बाद तो मैंने अपने ससुर के लंड को लेने के ट्रिक सोचती रही. Sasur bahu chudai sex story
क्योकि उस समय मेरी चूत में भी खारिश होने लग गयी थी क्योकि मुझे भी सुनील से चुदे हुए बहोत टाइम हो गया था और मेरी चूत भी अब नए और इस घोड़े जैसे लंड को लेने को बेकरार हो रही थी. तब मै ऐसे ही सब सोचने लग गयी और फिर मैंने अपने प्लान बनाये और उन पर काम करना शुरू कर दिया. और फिर मैंने अगले दिन सुबह उठ कर देखा की ससुर बैठ कर टीवी देख रहे थे और मेरी सास अंदर थी और काम में लगी हुई थी. तब मैंने झाड़ू लगाना शुरू किया और अपनी नाइटी के ऊपर के दोनों बटन को खोल दिया और नीचे झुक्क झुक्क कर झाड़ू लगाने लग गयी. जब मैं ससुर के सामने आयी तो मैं बहोत ही आराम से झाड़ू लगाने लग गयी और बहोत ही धीरे से झुक कर करने लग गयी. जिससे मेरे ससुर की नजर अब मेरे बड़े बड़े बूब्स पर पड़ रही थी और ये देख कर मुझे बहोत ख़ुशी मिल रही थी की मेरा पहला निशाना बिलकुल ही सही जगह पर लगा है.
वैसे मैं अपने ससुर बारे भी थोड़ा बता देती हूँ. मेरे ससुर की उम्र 58 साल है और उनका शरीर एक दम मरदाना शरीर है जिसे देख कर हर कोई उन पर फ़िदा हो जाये और उनके लंड से चुदवाने के सपने लेने लग जाये और यही हाल मेरा भी हो रहा था. अब जब मैंने सोचा की मेरा तीर निशाने पर लग रहा है तो मैं भी अब आगे का कुछ सोचने लग गयी. और फिर ऐसे ही कुछ समय भी निकल गया और फिर तब मैंने अपने दूसरे प्लान को execute करने की सोची और फिर कर ही दिया.
एक दिन मैंने जान कर ससुर और मेरे होते ही घर पर नहाने चली गयी और अपनी ब्रा और पैंटी और कपडे भर ही बेड पर रख दिए. अब जब मैं नहा ली तो मैंने अपने ससुर को आवाज लगाई और उन्हें कहा की मेरे कपडे मुझे पकड़ा दो. ये सब वैसा ही चल रहा था जैसा की मैं चाहती थी और फिर जब वो मेरे कमरे में आये तो मैंने अपने वाशरूम के दरवाजे की कुण्डी खोल दी और वही के होल में से बाहर देखने लग गयी. तब मैंने देखा की ससुर ने मेरे कपडे हाथ में ले लिए है और मेरी तरफ आ रहे है. की तभी वो रुक गए और फिर मेरी पैंटी की खुशबू लेने लग गए. Sasur bahu chudai sex story
ये सब देख कर मेरी चूत में तो जैसे खुजली सी होने लग गयी थी. और फिर तभी वो ये सब करके मेरी और बढ़े तो मैं भी वहाँ अंदर बैठ कर अपने मुँह पर साबुन लगा लिया और फिर ऐसे ही बैठ गयी. वो जब मेरे दरवाजे पास आये तो मुझसे बोले की ये लो बहु अपने कपडे तो मैंने कहा की “पापा अंदर ही आकर पकड़ा दो क्योकि मेरे चेहरे पर साबुन लगा हुआ है. उन्होंने मेरी बात मानी और वो अंदर आ गए. वो जब अंदर आये तो उस वक़्त मैं बिलकुल नंगी थी और वो मुझे घूर घूर कर देखे जा रहे थे और बस देखे जा रहे थे.
Sasur ji se chut ki pyas bujhayi
फिर करीब 2 मिनट बाद मैं बोली की आ गए हो पापा तो एक दम से वो हिले और बोले की हाँ बेटा ये लो अपने कपडे. तब मैंने उन्हें एक मिनट वेट करने को कहा की एक मिनट मैं मुँह धो लूँ. ये कह कर मैं मुँह धोने लग गयी और फिर जब धो कर उनकी तरफ देखा तो मेरी नजर उनके लंड पर जा कर पड़ी जो की खड़ा हुआ था और वो उसे अपने हाथ से सेट कर रहे थे. और फिर मैंने ऐसे हाथ बढ़ाया की जैसे कुछ हुआ ही नहीं है और फिर कपडे ले लिए.
ससुर भी कपडे दे कर बाहर चले गए और मैं वहाँ ख़ुशी के मारे पागल हुई कपडे डालने लग गयी और तब मुझे इस बात की ख़ुशी भी हो रही थी की मेरा दूसरा प्लान भी काम कर गया. अब मेरे तीसरे और आखरी प्लान की execute करने की देर थी. पर मैं तो सही प्लान को तलाश में थी और बस उसी का इंतज़ार कर रही थी. ऐसे ही काफी समय बीतता चला गया और मैं अपने ससुर से चुदने के सपने देखती रही और बस देखती ही रही. और कई बार तो रात मुझे अपनी चूत को शांत करने के लिए उसमे उंगली तक देनी पड़ती थी. उसको करने में मुझे बहोत ज्यादा मजा भी आता था.
ऐसे ही काफी समय बीत रहा था और मैं काफी खुश भी थी. क्योकि ये मेरे लिए बहोत ख़ुशी को बात थी की मैं अपने ससुर को पटाने में कामयाव हो रही थी. फिर धीरे-धीरे करते हुए वो मौका भी हाथ में लग गया. तब हुआ कुछ ऐसा था की मेरी सास की तबियत एक दम से बहोत ज्यादा खराब हो गयी थी तो हैं उन्हें हॉस्पिटल ले गए और वहाँ पर डॉक्टर ने उनकी तबियत को देखते हुए उन्हें 2 दिन वही हॉस्पिटल में एडमिट होने को कहा. ये सुन कर मेरे माइंड में आया की आज तो अपना आखरी प्लान execute करने की जरुरत है. Sasur bahu chudai sex story
तो फिर मैंने भी अपने तीसरे प्लान के बारे में सोचना शुरू कर दिया और फिर उसके बाद मैं अपनी सास के लिए खाना बनाने लग गयी और उनके लिए हॉस्पिटल खाना ले कर चली गयी.. और फिर उसके बाद मैं जब वहाँ पर पहुंची तो मैंने उन्हें खाना खिलाया और फिर तब मेरी सास ने ससुर से कहा की आप घर पर चले जाओ क्योकि घर पर बहु अकेली है. उनकी ये बात सुन कर मुझे बहोत अच्छा लगा और फिर हम दोनों घर की और चल पड़े.
घर आ कर मैंने ससुर जी को खाना खिलाया और फिर उसके बाद वो टीवी देखने लग गए तो थोड़ी देर बाद मैं बदन दर्द का बहाना मारते हुए उनके पास आयी और उनको अपने पुरे बदन में दर्द के होने का बताने लग गयी.
तब मेरे ससुर ने मुझसे कहा की आयो-डेक्स लगा लो
तो मैं भी बोल पड़ी की लगाएगा कौन?.
मेरी ये बात सुन कर ससुर बोले कि आओ मैं ही लगा देता हूँ.
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अब क्या जो मैं चाहती थी ठीक वैसे ही हो रहा था. और फिर उसके बाद मैं भी अब रूम में आ गयी और बेड पर उल्टा लेट गयी. मेरे ऐसे लेटते ही मेरे ससुर मेरे लिए बाम ले आये और तब मैंने उन्हें लगाने को कहा तो वो लगाने भी लग गए. और उनके तब ऐसे करने से मुझे बहोत ज्यादा अच्छा लग रहा था और ये सब करने में शायद उनको भी बहोत मजा आ रहा था. वो मजे से लगाए जा रहे थे और साथ ही साथ उनके हाथ लगने से मेरी चूत गीली हुई जा रही थी और सच कहु तो मेरी पैंटी गीली हो चुकी थी. फिर थोड़ी देर ऐसे करने पर मैंने उन्हें थोड़ा नीचे लगाने को कहा तो वो कहने लग गए की साड़ी है. Sasur bahu chudai sex story
उनकी ये बात सुन कर मैंने अब अपनी साडी और पेटीकोट दोनों ही उतार दिए और बिलकुल आराम से लेट गयी. अब मैं सिर्फ ब्लाउज और पैंटी में थी तो मुझे ये बहोत ही अच्छा लग रहा था और ऐसे ही अब मेरे कहने पर ब्लाउज के बटन भी खोल दिए और साथ ही साथ ब्रा के बटन भी खोल दिए और फिर आराम से मालिश करने लग गए. मैं तो उनके ऐसे करने से जैसे पागल हुई जा रही थी और वो भी बड़े मजे के साथ ऐसा ही करे जा रहे थे. और फिर काफी देर पीछे मालिश करने के बाद मैंने उन्हें आगे की ओर मालिश करने को कहा तो वो मान गए और फिर मैं सीधी हो गयी और वो मेरे बूब्स के ऊपर मालिश करने लग गए. उनके हाथो में बूब्स आते ही मेरे मुँह से आअह्ह्ह आअह्ह्ह निकलने लग गयी थी. उधर मेरे ससुर भी सब समझ गए थे की मैं क्या चाहती हूँ तो उन्होंने बिना कोई देर किये मेरे बूब्स को हाथो में ले लिया और एक को मुँह में भर कर चूसने लग गए.
मैं तो पागल हुई जा रही थी और वो मजे से चूसे जा रहे थे और बस चूसे ही जा रहे थे. मैंने भी अब उनके लंड पर हाथ रख दिया और वो समझ गए की मैं अब क्या चाहती हूँ तो उन्होंने अपने लंड को बाहर निकाल लिया. और जब लंड को बाहर निकाला तो मैं तो बस उसे देखती ही रह गयी. Sasur bahu chudai sex story
और फिर मैं बोल पड़ी की ससुर जी ये इतना बड़ा घोड़े जितना लंड मेरी सास ले कैसे लेती है क्योकि आपके दोनों बेटे के लंड तो इतने बड़े नहीं है.
मेरे मुँह से ये सुन कर वो बोले की दोनों बेटे मतलब की तुमने अपने देवर का लंड भी ले रखा है. उनके मुँह से ये सुनते ही मैं कुछ नहीं बोल पायी और चुप चाप बैठी रही और फिर मैंने उन्हें बाहों में भर लिया जिससे वो मेरे ऊपर आ गए और उनका लंड मेरी पैंटी पर लगने लग गया. अब क्या था अब मैंने भी पैंटी उतार दी तो वो अपने लंड को मेरी चूत पर रगड़ने लग गए और फिर उसके बाद अचानक से उन्होंने मेरे मुँह पर हाथ रख दिया. वैसे तो मैं जानती थी की लंड अंदर डालेंगे की तभी मेरे ससुर ने एक दम से अंदर डाल दिया और मेरी चींखे निकल गयी. Sasur bahu chudai sex story
पर वो अब नहीं रुके और बहोत ही जबरदस्त तरीके से चोदने लग गए. तब ये सब करते हुए उन्होंने बताया की अभी तो लंड आधा ही गया है की तभी जोर जोर से और पेलने लग गए और मेरे मुँह को बंद कर के रखा जिससे की मेरी आँखों से आंसू निकलने लग गए थे. और फिर ऐसे ही जोर जोर से चोदने लग गए और पूरा लंड अंदर तक डाल दिया. मुझे भी बहोत मजा आ रहा था और उस समय मैंने 5 बार पानी छोड़ा और फिर जब उनकी निकलने की बारी आयी तो उन्होंने भी अंदर ही निकाल दिया. अब रात को भी हमने फिर से यही खेल खेला और अगले दिन भी हमने खूब चुदाई करी पर मुझे ये डर था की सास को पता लगेगा तो क्या होगा.
ये बात मैंने उनसे शेयर करी तो वो कहने लग गए की तू उसकी टेंशन न ले और फिर अगली रात जब मेरी सास घर पर आ गयी तो मेरे ससुर ने सब कुछ उन्हें बता दिया और फिर मेरी सास ने मुझे कहा की तुम इनसे कितना चाहो चुदवा लो और रही सुनील की बात तो मैं उसे संभाल लुंगी. अब क्या मैं अपने ससुर साथ ही सोती थी और डेली रात को उनसे चुदती थी की तभी मैं प्रेग्नेंट हो गयी. और जब ये सुनील को पता चला वो मुझ पर गुस्सा हो गए और घर पर भी नहीं आये. और फिर उसके बाद मैंने 9 महीने बाद एक लड़के को जनम दिया जिसे सुनील ने अपना लिया और फिर वो अपनी कंपनी छोड़ कर यही हमारे पास ही आ गया और हम सब काफी ख़ुशी ख़ुशी रहने लग गए.
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