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समुन्द्र का सफ़र

प्रेषक : अरुण
मेरा नाम अरुण है मैं गुजरात का रहेने वाला हूँ. मैने कामुकता पर स्टोरी पढ़ी। मुझे बहुत पसंद आई. एक वाक्या आपको बताने जा रहा हूँ. ये उन दिनों की बात है जब मैं अफ्रिका मे मेरे अंकल के साथ रहता था। एक दिन अंकल ने मुझे कहा “अरुण तेरी बहन की शादी तय हो गयी है पापा की चिट्टी आई है और तुझे इंडिया
बुलाया है..”  बहन की शादी की बात सुन के मैं खुश हो गया. अंकल फ्लाइट की इंक्वाइरी की तो पता चला सब फ्लाइट फुल है। फिर समुन्द्र के रास्ते जाने का डिसाइड हुआ. और टिकिट बुक करवा दी। मैं पॅकिंग करके तैयार हो गया.
दूसरे दिन मैं क्र्यूज़ पर पहुच गया सब यात्री आ रहे थे. मैने एक बंगाली बाबू को देखा वो सीधा मेरी तरफ आए. और कहा ”हेलो, इंडियन जान पड़ते हो.., मैं घोस और ये मेरी पत्नी कामिनी” उसके बाजू मैं खड़ी एक कामुक सेक्सी जवान औरत ने मुझे नमस्ते किया। मैने भी नमस्ते कहते हुए मिस्टर घोस को कहा ”हा मैं भी इंडियन हूँ और इंडिया जा रहा हूँ.” हू बोले “अच्छा तो ठीक है कामिनी का ख्याल रखना…” और मुस्कुराए. साइरन बजा तो हंसी ऑफ करते हुए चल दिए। मै और कामिनी वही डेक पर खड़े थे. मै कामिनी को देख रहा था। वो कुछ 35-36 साल की होगी गोरा रंग फिगर उसका शिल्पा शेट्टी जैसा था पर उतनी लंबी नही थी. बस 36-26-36 का होगा. कामिनी मेरी और बाल ठीक करते हुए मुस्कुरई और बोली “आप कहा जा रहे है कोलकाता ?”  मैने कहा “नही मैं कंडला जाऊंगा.. फिर वहा से बाइ रोड आबाद..”  फिर हम अपने रूम की और चले उसका रूम मेरे रूम से 3 रूम छोड़कर था।
मैने अपने रूम का लॉक खोलते हुए कहा आइए चाय पीते है और नास्ता करते है. वो बोली “मैं समान रख कर आती हूँ…”
मैं अपने रूम मैं चला गया फिर 2 चाय का और स्नॅक्स का ऑर्डर रूम सर्विस को देकर बाथरूम मे चला गया. बातरूम मे चेंज कर रहा था और आईने मे देख कर बोल रहा था “वाह भगवान क्या किस्मत दी है समुन्द्र की सीतल ल़ाहरो का सफर दिया.. और इतना हसीन सेक्सी हुस्न दिया किस्मत मे.. जिसका पति खुद आकर मुझे देकर गया.. वाह कामिनी आप इतनी सेक्सी वा……..” ऐसा बोलते हुए मे चेंज करके बाहर आया देखा कामिनी सामने बेड पर बेठी थी. मे सकपका रह गया।
मैने उसकी और देखा वो मेरी और देख रही थी थोड़ी देर बाद वो हंसने लगी और बोली “अरे तुम तो ऐसे घबरा रहे जैसे कोई पाप करके आए हो… अपनी किस्मत का धन्यवाद करना अच्छी  बात है…”  मैं समज गया उसने सब सुन लिया है मैं चुप चाप अपने समान को अरेंज करने लगा। वो मुझे देख रही थी फिर बोली लाओ मैं अरेंज कर देती हूँ… और वो सब कबोर्ड मे लगाने लगी उस समय मेरी नज़र उसकी कमर पर थी उसमे जो बाल पड़ रहे थे वो देख मेरा लंड खड़ा हो गया था।
फिर एक बार बेड पर रखे मेरे कपड़े लेते उसका पल्लू खिसक के नीचे गिर गया मैं उसके ब्लाउस मे से बाहर झांक रहे बोब्स  को देख रहा था. उसने मेरी ओर देखा और बोली हॅट बेशर्म कहीं के.., सब मर्द एक जैसे ही होते है..” मैने कहा अगर औरत को देख कर भगवान या योगी भी फिसल सकते है हम मर्द है.. “  तब तक चाय और नास्ता आ गया हमने नास्ता किया फिर टीवी देखने लगे ऐसे ही एक दिन निकल गया। रात मे सोते सोते मैं कामिनी को चोदने का सोच रहा था. पर डर भी लग रहा था. दूसरे दिन शाम को हम ऐसे ही खड़े थे हम ने देखा एक इंग्लीश कपल किस कर रहे थे हम दोनो लगातार उसको देखे जा रहे थे मैने कामिनी की और देखा वो शरमा कर मुस्कुराई ओर नीचे नज़र कर दी।
मैने मन मे सोच लिया आज कामिनी को किस करने की ट्राइ तो करूँगा मानी तो ठीक है. वरना फिर अपना हाथ जगन्नाथ। ऐसा सोच कर यहा वहा की बाते करते हम वहा से निकल गये रात को खाना खाने के बाद मैने कामिनी को कहा चलो डेक पर चलते है.. थोड़ी ठंडी हवा मे घुमकर आते है… डेक पर अंधेरा था इसलिए मैं उसे डेक पर ले गया। वहा जाकर खड़े रह कर एक दूसरे को देख रहे थे. मेने कामिनी की कमर मे हाथ डालकर अपनी और खींचा और अपने होंठ उसके नज़दीक ले गया उसने भी मेरे कंधे पर हाथ रख कर अपने होंठ मेरे होंठो के साथ सटा दिए और मैं जैसे जंग जीत गया हूँ ऐसे उसे अपनी बाहों मे दबोच कर किस करने लगा।  10 मिनट के बाद हम ना चाहते हुए भी अलग हुए. मैने कामिनी को धन्यवाद कहा वो बोली “अरुण मैं तो कब से तैयार थी लेकिन पहल तो नही कर शक्ति थी…”  मैने उसके गाल पर किस किया. वो बोली “मैने जब तुम्हे देखा तब से सोच लिया था की मैं अपना सब कुछ तुम पर लूटा दूँगी. इन 7 दीनो मे…”  मैने उसका हाथ पकड़ कर सीधा रूम मे गये वहा जाकर मैने दरवाजा बंद किया और सीधा उसको पकड़ कर किस करने लगा वो भी काबू खो चुकी थी।
मैने उसकी साड़ी खींच डाली उसकी पीठ से सट कर उसके बोब्स  को ब्लाउस के उपर से ही दबाने लगा और उसके होंठ चूस रहा था. मेरा लंड टाइट होकर उसकी गांड से मस्ती कर रहा था. मैने अपने हाथ उसके ब्लाउस मे डाल दिए और उसके बोब्स दबाने लगा उसने अपने होंठ मेरे होंठो से हटा कर कहा “अरुण आज ऐसा लग रहा है की आज मेरी सुहागरात है आज मुझे चोदो तुम अपनी बीवी समज कर..”  मैने उसका ब्लाउस निकाल दिया।  पेटीकोट उसने ही निकाल कर मेरे कपड़े निकालने लगी मुझे नंगा करके मेरे लंड को सहलाते नीचे बेठ कर और धीरे से मेरा लंड पूरा अपने मूह मे ले लिया अंदर बाहर करने लगी।
मैं बेकाबू हो रहा था इतनी सेक्सी औरत चोदने मिली थी आज कैसे काबू रहता. मैने उसे उठाया बेड पर डालते हुए उसके उपर चढ़ गया उसे चूमने लगा वो बोल रही थी “ अरुण करो अब डाल  दो मेरी चूत मे अपना लंड मैं प्यासी हूँ मेरी प्यास बुजा दो अरुण…”  मैने अपना लंड उसकी चूत पर रखा और धक्का दिया. मूह से उउई माँ करते हुए चीख निकल पड़ी लंड अंदर नही गया उसकी चूत टाइट थी मैं पूरा ज़ोर लगा कर धक्का दिया तो भी आधा ही लंड अंदर गया. उसकी आँखों मे आँसू आ गये थे मैं देख रहा था वो बोली “ अरुण मेरी चिंता मत करो चोदो मुझे मेरे दर्द पर ध्यान मत दो बस बहरे हो जाओ और चोदो मुझे मेरी इस भूख के सामने ये दर्द कुछ भी नही बस चोदो मुझे..”  मैने ऐसा ही किया उसका दर्द नज़र अंदाज करके उसे चोदने मे जुट गया और लगातार धक्के देने लगा अब उसे भी मज़ा आ रहा था वो मुह से सिसकारियाँ निकाल रही थी और बोल रही थी “ और ज़ोर से अरुण मुझे चोदो और जोर से चोदो फाड़ डालो मेरी चूत..” ।
मैं लगातार 25 मिनिट तक चोदता गया उस दौरान वो 3 बार झड़ चुकी थी. अब मै भी झड़ने वाला था मैने उसे पूछा कामिनी बाहर निकालूं की अंदर उसने कहा डाल दो अंदर मैने उसकी चूत मे पूरा मेरा वीर्य डाल दिया। हम थोड़े शांत हुए. मैं उसके बाजू मे लेट गया वो खड़ी हुई बाल ठीक करते मेरी और देखा और फ्लाइयिंग किस दिया और बोली “i love u जान..” और मेरे लंड को पकड़ कर सहलाने लगी। फिर से मूह मे लेकर चूसने लगी मेरा लंड फिर से तन कर खड़ा हो गया मैं बेठ गया बेड पर और उसकी नाभि पर अपनी जीभ घूमाते हुए चाटने लगा उसे खींच कर अपनी गोद मे बिठा लिया उसकी चूत मे फिर से लंड डाल दिया अब वो उछल कर मेरा लंड अंदर बाहर करने लगी मैं उसके बोब्स दबाता चूसता गया।
फिर से उसकी कामुक आवाज़ से मेरा कमरा गूँज उठा आहह.. अरुण उउउहा.. अरूण अरुण चोदो  मुझे और चोदो ऐसे ही फिर से 30-35 मीं. तक हम चोदते रहे. फिर मैने कहा कामिनी क्या मैं तुम्हारी गांड मार सकता हूँ तो उसने मेरा लंड चूत से निकाल कर अपनी गांड के होल पर रख कर उस पर बेठने लगी दर्द हुआ उसे आमम्म्ममाआ मर गयी… फिर भी पूरा लंड अंदर ले लिया और चिल्लाते हुए गांड मरवाने लगी। मैने उसे कुत्तिया बनकर भी उसकी गांड मारी पूरी रात मेरे कमरे मे कामिनी की चुदाई चली। 4.00 बजे हम लोग सोए सुबह जब मे उठा घड़ी देखी तो 9.15 हो रही थी बेड पर कामिनी नही थी।
बाथरूम से शावर की आवाज़ आ रही थी मैं बाथरूम मे गया बाथरूम मे जाकर पीछे से उसे पकड़ लिया वो भी खुश होकर मेरी और घूम गयी बाथरूम मे भी उसे चोदा. लगातार 7 दिन ऐसे ही बीते इंडिया आकर वो भी मेरे साथ उतर गयी। मेरे घर आबाद आई मेरी बहन की शादी अटेंड की उस दौरान मैने उसे होटल मे ले जाकर भी चोदा।धन्यवाद । ।

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