Antarvasna Kahniyan, Kamukta, Desi Chudai Kahani

साली की चूत में तूफानी झटका

हैल्लो दोस्तों, Antarvasna मेरा नाम बालू है और में लुधियाना का रहने वाला हूँ और मेरी उम्र 25 साल है। मैंने चोदन डॉट कॉम की काफ़ी स्टोरियाँ पढ़ी है, मुझे यह कहानियाँ पढ़ने में बहुत ही मज़ा आता है। मेरी भी एक कहानी है। में शादीशुदा हूँ और मेरी शादी को 5 साल हो गये है, मेरी 18 साल की एक साली है। अभी 1 साल पहले तक तो मैंने उसे इस तरह की नज़र से नहीं देखा था, लेकिन उसकी तरफ से इशारा मिलने पर में उसके लिए कुछ उत्तेजित हो गया, लेकिन अब पहल कौन करे? अब में लुधियाना में था और वो लुधियाना से करीब 100 किलोमीटर दूर एक शहर में थी, तो हमारी फोन पर ही बातें होती थी और में फोन पर उसे इस बात के लिए मनाता था कि में क्या चाहता हूँ? लेकिन लड़कियों की आदत होती है ना कि जल्दी से सब चाहते हुए भी हाँ नहीं करती है, इसलिए वो भी मना करती थी कि किसी को पता चल जाएगा तो क्या होगा जीजाजी? लेकिन मैंने उससे कहा कि किसको पता चलेगा? में मौका देखकर ही काम करूँगा। वो मुझ पर पूरा विश्वास करती है और मुझे पसंद भी बहुत करती है और उसे मेरी नाराजगी का ख्याल भी है।

फिर एक बार में अपने ससुराल गया, मेरी ससुराल में सास, ससुर, साला और दो सालियाँ और साले की वाईफ है और में जब भी ससुराल जाता हूँ तो में 2-3 दिन तक रुकता हूँ और इस दौरान आस पास के सब लोग मेरी गाड़ी में बैठकर कहीं भी घूमने भी जाते है, लेकिन वहाँ पर मौका लगते ही वो मेरे पास आ जाती है और मुझसे बातें करती है और सच बताऊँ तो मैंने अभी तक उसे टच नहीं किया था, क्योंकि मैंने उससे कह दिया था कि जब तक वो नहीं चाहेगी में उसे टच नहीं करूँगा, इसलिए में उससे बातें ही करता हूँ और ज़ोर देता था कि वो मान जाए, लेकिन वो चाहती थी कि में सही मौके के इंतज़ार में रहूँ, ये उसने कहा तो नहीं था, लेकिन मुझे ऐसा लगा था और वो मुझे ऐसी बातों से गर्म कर देती थी।

फिर इस बार में ससुराल गया तो हम लोग वहाँ से हरियाणा की एक धार्मिक जगह पर घूमने गये, जो वहाँ से 2 घंटे की दूरी पर थी। अब मेरे ससुर को छोड़कर बाकी सब गये थे, तो वो हमेशा की तरह वो मेरे बाजू में आगे बैठ गई थी। में ड्राइवर सीट पर और मेरे बगल में मेरी साली और उसके बगल में मेरा साला, यानि वो बीच में थी। अब में गाड़ी ड्राइव कर रहा था तो गियर लगाते हुए मैंने पहल कर दी और उसकी जाँघो को टच कर रहा था। और जब सलवार सूट में थी, लड़कियों का पजामा ढीला ढाला होता है, तो में उसमें से उसे टच करता और मेरा हाथ गियर पर ही रखे रखता था।

अब जब हम जा रहे थे तो दिन का टाईम था तो मैंने ज़्यादा जोखिम लेना ठीक नहीं समझा और सिर्फ़ टच ही करता था। अब जब में गियर लगाता तो उसकी जांघो को सहला देता था और वो कसमसा जाती थी और मेरी तरफ झुकी नजरों से देखती थी। अब गियर लगाते टाईम मेरी कोहनी उसके बूब्स पर थी, तो वो भी अपने बूब्स को मेरी कोहनी पर रगड़ देती थी। फिर ये सिलसिला करीब 2 घंटे तक चला और फिर हम वहाँ पहुँच गये। अब में सोच रहा था कि वो नीचे से बिल्कुल गीली हो गई होगी। फिर अँधेरा हो गया और फिर उस अंधेरे में में अपने आपको उसकी तरफ से न्योता समझकर मेरे हाथ को गियर लगाने के बाद उसकी जाँघो को कसकर दबाता रहा और मेरे हाथ को उसकी चूत पर भी ले जाने लगा। अब वो कुछ ज़्यादा ही गर्म हो रही थी और मेरी कोहनी से अपने बूब्स को रगड़ रही थी। अब इससे मेरा लंड तो काफ़ी कड़क हो चुका था। फिर मैंने थोड़ी देर के बाद उसकी चूत को उसके पजामे के ऊपर से ही अपनी एक उंगली से रगड़ने लगा और अपनी एक उंगली से धक्का लगाने लगा। फिर कुछ देर के बाद मैंने उस अंधेरे में महसूस किया कि उसकी चूत पूरी तरह से गीली हो चुकी थी और वो मस्त हो गई थी। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

अब ना में उससे कुछ बोल रहा था और नहीं वो मुझसे कुछ बोल रही थी। अब बाकी सब लोग गाड़ी में बातें कर रहे थे और किसी को हमारी इस रासलीला का कुछ पता नहीं था, क्योंकि वो लोग सब मुझे बहुत ही शरीफ मानते है। फिर जब हम घर पर पहुँचे, तो वो मुझसे कुछ नहीं बोली, लेकिन मैंने उसे मुस्कुराकर एक आँख से इशारा किया, तो वो मुस्कुराकर बाथरूम में चली गई। फिर वो मेरे पास आई जिस कमरे में मुझे सोना था। में जब भी वहाँ जाता हूँ, तो वो मेरे पास बैठ जाती है और बातें करती है, इसलिए उस दिन भी वो मेरे पास आ गई थी। अब में बेड पर लेटा था और उससे कोई बात नहीं कर रहा था, लेकिन में उसकी बैचेनी को समझ सकता था और उसने आँखो ही आँखो में मुझसे बहुत कुछ बोल दिया था।

फिर मैंने मौका देखकर उसका एक हाथ पकड़ लिया और दबाने लगा। फिर वो कुछ भी नहीं बोली और फिर मैंने उसके हाथ को सहलाते हुए मेरे हाथ को उसके कंधो पर ले गया और सहलाने लगा। फिर मैंने थोड़ा और आगे बढ़ते हुए उसके बूब्स को दबा दिया और सहलाने लगा, तो तभी वो बोली कि जीजू कोई देख लेगा। फिर मैंने कहा कि सब सो गये है कोई नहीं देखेगा। तो वो नहीं मानी और मैंने उससे कहा कि में ऊपर वाले बाथरूम में जा रहा हूँ, तुम भी आ जाना, जब गर्मी के दिन थे। फिर में ऊपर बाथरूम में चला गया, तो वो भी कुछ देर के बाद आ गई। फिर मैंने उसे वहाँ पर पकड़ लिया और उसकी बॉडी के पार्ट को चूमने और सहलाने लगा। अब वो नाइटी में थी और उसने ब्रा नहीं पहनी थी। अब मुझे तो जैसे जन्नत ही मिल गई थी, लेकिन में उससे वहाँ पर चोदूं कैसे? ये समझ में नहीं आ रहा था, क्योंकि कोई भी वहाँ आ गया तो मेरी तो वॉट लग जाती और वो भी डरी हुई थी।

अब में ये मौका जाने भी नहीं दे सकता था, तो में उसके बूब्स को अपना एक हाथ उसकी नाइटी में डालकर दबाने लगा और उसकी नाइटी को ऊपर करके चूसने लगा। अब इस दौरान में उसकी पेंटी में अपना एक हाथ डालकर उसकी चूत को रगड़ने लगा था, जो पहले से ही गीली थी और मस्त हो गई थी। फिर तब उसने कहा कि जीजू अब रहा नहीं जा रहा है। फिर मैंने उसे मेरी गोद में दोनों तरफ टाँगे करके बैठा लिया। फिर मैंने मेरा लंड बाहर निकालकर उसकी चूत पर लगा दिया और धीरे-धीरे अंदर करने लगा, लेकिन मेरा 8 इंच का लंड उसकी चूत में घुस ही नहीं रहा था, लेकिन मुझे पता था कि धीरे-धीरे लंड कुंवारी लड़की की चूत में नहीं जाता है, उसे दर्द होता है। फिर मैंने एक तूफ़ानी झटका मारा तो मेरा लंड पूरा उसकी चूत में घुस गया और उसकी आँखों से पानी और चूत से खून बहने लगा। फिर 2 मिनट के बाद उसने सिसकना बंद किया और अब वो उूउउ, आआ कर रही थी। फिर मैंने 15 मिनट तक उसके लगातार धक्के मारे, तो वो कांप उठी। फिर मैंने उसकी चूत में अपना माल छोड़ दिया। अब मैंने अभी अपना लंड बाहर निकाला था, तो उसकी नजर मेरे 8 इंच के खून से सने लंड पर पड़ी तो उसके मुँह से हाए दैय्या निकल गया। अब तो मौका मिलने पर में अपनी साली को जरूर चोदता हूँ ।।

धन्यवाद …

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