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साले की बीवी की चूत खोली- Sale ki biwi ki chut kholi

प्रेषक : विक्रम …

हैल्लो दोस्तों.. आज में आप सभी लोगों से साथ एक अपनी एक सच्ची प्राईवेट बात शेयर करने जा रहा हूँ जिसे शायद आप पड़कर सोचोगे कि काश आपको भी ऐसा अवसर मिले। दोस्तों में भी AntarvasnaSEX.Net का बहुत बड़ा फेन हूँ और मुझे सेक्स करने और इस पर सेक्सी कहानियाँ पढ़ने में बहुत मज़ा आता है। दोस्तों मेरी शादी 2003 में जयपुर में एक बहुत अच्छे पारिवर में हुई और मेरी बीवी बहुत सुंदर और मस्त जवानी वाली और सेक्सी है। उसे कोई भी देखकर चोदने की इच्छा कर सकता है.. क्योंकि उसके बड़े बड़े बूब्स, पतली कमर, बड़ी गांड, गदराया हुआ बदन उसके कामुक जिस्म की सुन्दरता को और भी बड़ा देता है। दोस्तों मेरी शादी के बाद मेरे साले अरविंद की शादी 2004 में हुई और उसके लिए लड़की देखने हम दौसा गये। दोस्तों उस लकड़ी का नाम मोनिका है और वो लड़की बहुत ही सेक्सी थी.. पतली दुबली, बड़े बूब्स, अच्छी खासी गांड.. लेकिन वो हमारे साले साहब को पसंद नहीं आई क्योंकि वो बहुत ही तेज स्वभाव की थी.. लेकिन घर वालों के आगे उसे भी हाँ करनी पड़ी और साले की शादी के बाद उन दोनों में कुछ ही दिन बात बनी और वो दोनों अक्सर किसी ना किसी बात को लेकर हमेशा बहुत लड़ते थे।

तो एक दिन उन दोनों में फिर से लड़ाई हो गई और मोनिका अपने भाई के घर चली गई। फिर जब में और मेरी बीवी उसका हाल चाल पूछने उसके घर गये तो में उसके कमरे में गया तो मैंने देखा कि वहाँ पर एक लिफाफा पड़ा था और वो किस्मत से मेरे हाथ लगा.. उसने जो अपनी सहेली को लिखा था और उसे पढने के बाद मेरे होश उड़ गये.. उसने उस कागज़ पर लिखा था कि अरविंद उसे एक मर्द का पूरा सुख नहीं दे पता जो कि औरत को मिलना चाहिए और उसने अपनी सहेली को लिखा कि जिस तरह से एक औरत को मर्द शादी के बाद चोदता है वैसे वो आज भी उस चुदाई के लिए तरस रही है और यहाँ तक कि उसने कभी उसके बूब्स भी नहीं चूमे और ना ही कभी चूत को किस किया और वो 2-3 मिनट के बाद ही पानी छोड़ देता है और थककर सो जाता है.. में आज तक उससे उस चुदाई की उम्मीद में अब बहुत थक चुकी हूँ।

दोस्तों मैंने उस पेपर को पूरा पढ़कर किसी को बताने की जगह उसे अपनी जेब में रख लिया और किसी को कुछ भी नहीं बताया.. यहाँ तक की मेरी अपनी बीवी को भी कुछ नहीं बताया और कुछ देर वहाँ पर रुकने के बाद हम दोनों वहाँ से चले आए और उसके बाद मुझे अपनी बीवी से पता चला कि अरविंद अपनी बीवी को समझाकर घर ले जा चुका है। फिर कुछ दिनों के बाद मेरे सास ससुर चार धाम की यात्रा पर चले गये और मुझे किसी काम से तीन दिन के लिए जयपुर जाना था और जब में जयपुर घर पहुँचा। तो मैंने देखा कि मोनिका घर पर अकेली थी और उससे पूछने पर पता चला कि अरविंद एक सप्ताह के लिए बीकानेर गया हुआ है। मोनिका ने सलवार सूट पहन रखा था और मैंने मोनिका से पूछा कि आज तुम सलवार सूट में कैसे हो? तो वो बोली कि क्यों क्या में आपको इसमे अच्छी नहीं लगती? तो मैंने कहा कि नहीं मुझे तो हर तरह से तुम वो दिखती हो। वो बोली कि क्या दिखती हूँ बोलो ना? तो मैंने कहा कि सेक्सी? वो सुनकर एकदम हंस पड़ी और अपने कमरे में चली गई। वो गर्मी का समय था और में दोपहर में सो गया.. शाम को चार बजे मोना चाय लेकर आई और मेरे पास बेड पर बैठकर मेरी नाक पकड़ कर मुझसे बोली कि उठिए ना जीजू क्या और कुछ बात नहीं करेंगे अपनी साली से? तो में एकदम नींद में डरकर उठा और उठते वक्त मेरा सर उसके मुलायम बड़े बड़े बूब्स को छुता हुआ निकला और मुझे बहुत अच्छा लगा.. लेकिन उसने मुझसे कुछ नहीं कहा। फिर में बिना बनियान के सो रहा था और मैंने अपनी बनियान इधर उधर देखी.. लेकिन मुझे आस पास कहीं भी नहीं दिखी। तभी मोनिका बोली कि आप तो बिना बनियान के भी बनियान में लगते हो। तो मैंने बोला कि वो कैसे? तो वो हंसकर बोली कि आपकी छाती के बाल बहुत बड़े-बड़े हैं और बिल्कुल वनमानुष की तरह है.. क्या यह आपकी बीवी के नहीं चुभते? तो मैंने सेक्सी स्माईल के साथ पूछा कि क्यों उसे क्यों चुभेगें? तो वो बोली कि अब आप ज्यादा मत बनो और उसके इतना कहने पर मैंने उसे अपनी बाहों में भर लिया और बड़े पर पटककर उसके होंठो को पागलों की तरह किस करने लगा.. उन्हे चूसने लगा। तो वो बोली आप अपनी नियत अपने साले की बीवी पर रखते हो.. जीजू यह बहुत गलत बात है।

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फिर मैंने बोला कि तुम भी तो अपनी नियत मुझ पर रखती हो मेरी जान और मैंने मौका देखकर उससे उसकी दिल की बाद पूछ ली। मैंने उससे कहा कि मोना में तुमसे एक बात पूछना चाहता हूँ। तो वो बोली कि हाँ पूछो क्या पूछना चाहते हो? तो मैंने कहा कि तुमने एक दिन एक खत अपनी सहेली को लिखा था कि तुम अरविन्द से सेक्स में संतुष्ट नहीं हो क्या यह बात सच है? तो वो बोली कि अगर में संतुष्ट होती तो क्या आपके चूमने, चाटने, बाहों में जकड़ने पर नाराज़ नहीं होती? फिर उसका इतना कहना था कि मैंने उसे फिर से अपनी बाहों में लेकर चुम्बन शुरू कर दिया और मोना भी मस्त होकर मुझे किस पर किस देने लगी। फिर मैंने अपना पाजामा खोल दिया और उसकी साड़ी और ब्लाउज भी उतार दिया वो अब मेरे सामने सिर्फ़ काली कलर की ब्रा में थी और में उसके बूब्स के आकार को देखकर पागल हो गया और हम दोनों 10 मिनट तक एक दूसरे को चूमते रहे और सेक्सी सिसकियों से उत्तेजित होते रहे। दोस्तों ये कहानी आप AntarvasnaSEX.Net पर पड़ रहे है।

फिर मैंने जैसे ही मोना के पेटिकोट में हाथ डाला तो मोना बोली कि जीजाजी आज की रात में एक नई सुहागरात आपके साथ मानना चाहती हूँ और अभी कुछ ऐसा मत करना। फिर मैंने भी उसकी बात मान ली और रात को हम खाना खाने बाहर गये और आते समय एक किलो गुलाब के फूल लिए और घर पर आए। मोना ने बिस्तर पर नई बेडशीट बिछा दी और मैंने पूरे एक किलो गुलाब के फूल बिस्तर पर डाल दिए। फिर करीब आघे घंटे बाद मोना एक लाल सेक्सी पेटिकोट ब्लाउज पहनकर कमरे में आई.. वो क्या चीज़ दिख रही थी उसके बड़े बड़े बूब्स मस्त लग रहे थे और में सिर्फ वी आकार की अंडरवियर में था। फिर मोना बिस्तर पर लेट गई और में भी उसके साथ लेटकर उसे चूमने लगा और उसके होंठो को किस करने लगा। तभी मोना ने अपना एक हाथ मेरे लंड पर रख दिया और बोली कि यह कितना बड़ा है इसको छूने से लगता है कि यह कोई डंडा है। तो मैंने कहा कि जान आज चुदवाएगी तब पता चलेगा और मैंने मोना को पूरी तरहा से नंगा कर दिया.. उसकी क्या मस्त चूत थी? में उसकी देखते ही पागल हो गया और उसकी मस्त जवानी देखकर अपनी बीवी की चूत से बराबरी करने लगा। वाह क्या मस्त चूत थी साली की? में उसकी चूत को किस करने लगा ही था कि वो बोली कि नहीं आज मेरी बारी है और मुझे खड़ा करके मेरा लंड चूसने लगी.. उसने लंड को बड़ी मस्ती से चूसा जिससे में सिसकियाँ ले रहा था आईईईई अहह मेरी जान मेरा लंड चूस ले ओइईईई और फिर वो पर लेट गई और में उसकी चूत को चाटने लगा। क्या मस्त थी वो.. फिर करीब 30 मिनट तक चूत चूसने के बाद उसकी चुदाई का समय हो गया। तो वो मस्त होकर लेट गई और में अपना लंड उसके दोनों पैरों के बीच रखकर उसे दबाने लगा.. वो गरम हो रही थी। तो उसने मुझे लंड चूत में डालने के लिए कहा और मेरे 8 इंच का लंड खड़ा हो गया और फिर मैंने उसके दोनों पैरों को पूरा खोल दिया और लंड को चूत पर रखकर डालने लगा और फिर जैसे ही लंड अंदर गया तो मैंने महसूस किया कि मोना की चूत शायद अब तक एकदम कुँवारी थी और मेरे धीरे धीरे धक्के से ही वो रोने लगी और उसकी चूत से कुछ खून भी निकला और में धक्के देने लगा। तो वो मुझे अपनी बाहों में जकड़ कर मुझसे चुदवाने लगी उसने मेरी कमर पर अपने नाख़ून से मुझे खरोंचा और वो कह रही थी कि जीजू प्लीज धीरे करो और मस्त होकर मेरे लंड का मज़ा ले रही थी और शायद आज मोना अपनी पहली पूरी चुदाई का मज़ा ले रही थी और बोल रही थी कि आह्ह्ह उह्ह्ह आज चोद जीजाजी और चोद मुझे और इसी लंड से जीजी भी चुदती होगी.. जीजी धन्य है जो रोज तेरा लंड लेती है।

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तो मैंने कहा कि मेरी रानी तू भी तो आज इस लंड को ले रही है और यह कहकर मैंने 40-50 धक्के लगा दिए और अब मोना चुदने को तैयार थी और मैंने भी एक ही बार में पूरा वीर्य उसकी चूत में डाल दिया और फिर कुछ देर बाद मोना भी झड़ गई। करीब 20 मिनट तक हम दोनों वैसे ही पड़े रहे। तभी मोना उठी और बाथरूम में जाकर अपनी चूत धोने लगी में भी उसके पीछे-पीछे चला गया और फिर से उसे चूमने लगा.. पानी हम दोनों के शरीर पर गिर रहा था। फिर मैंने मोना से कहा कि तुम्हारी चूत पर इतने बाल है इसे साफ क्यों नहीं कर लेती? तो वो बोली कि आप ही करो ना जीजू.. मैंने तुरंत रेज़र लिया और साबुन मसलकर उसकी चूत के बाल साफ कर दिए और बाल हटने के बाद चूत और भी मस्त लग रही थी और हम दोनों भीगे हुए कमरे में जाने लगे तो मोना डाईनिंग टेबल पर से पानी की बॉटल लेकर पानी पीने लगी और मैंने मौका देखकर उसकी गांड में लंड लगा दिया।

तो मोना को बहुत अच्छा लगा इसलिए उसने विरोध नहीं किया और मैंने मोना से कहा कि में उसे एक बार डाईनिंग टेबल पर चोदना चाहता हूँ और फिर मेरे इतना कहने पर मोना तैयार थी। फिर मैंने उसे डाईनिंग टेबल पर लेटा दिया और उसकी चूत पर फ़्रीज़ से मक्खन लाकर लगाया और थोड़ा उसके बूब्स पर भी मसल दिया और ज़ोर से उसके बूब्स को मसलने, चूसने लगा और फिर ज़ोर से लंड उसकी चूत में डालकर धक्के लगाने लगा। तो मेरे हर धक्के से मोना ज़ोर ज़ोर से चिल्ला रही थी अहह उईईईईई माँ मर गई उईईईई और में उसके दोनों बूब्स को मसल रहा था और फिर में झड़ने लगा और मैंने बहुत सारा वीर्य उसकी चूत में डाल दिया। यह मेरी पहले से भी ज्यादा जबर्दस्त चुदाई थी.. अब हम दोनों नंगे ही एक दूसरे से लिपट कर सो गये।

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फिर मोना सुबह 5 बजे उठी.. उसने जैसे ही लाईट चालू की तो में भी उठ गया और मैंने देखा कि मोना पूरी नंगी थी और वो अपनी ब्रा पहन रही थी। तभी मैंने उसे फिर से बिस्तर पर खींच लिया और फिर से उसको चूमने लगा। अब शायद मोना चुदने को तैयार नहीं थी इसलिए उसने मना कर दिया और उठकर अपने कपड़े पहनकर चली गयी। करीब 7 बजे मोना बाथरूम में नहाने चली गई.. लेकिन उसने दरवाजा बंद नहीं किया और में भी उसके पीछे पीछे अंदर चला गया और फिर देखा कि मोना एकदम नंगी होकर नहा रही थी और शावर का पानी उसके बूब्स से गिरकर चूत से होता हुआ नीचे जा रहा था। फिर मोना मेरे लंड को देखकर उसे अपनी चूत से रगड़ने लगी और मैंने मोना को गोद में लेकर फिर से एक बार लंड उसकी चूत में डाल दिया। करीब 30 मिनट तक मैंने उसकी चूत में धक्के दिए और फिर झड़ गया। फिर मोना और हम दोनों नहाकर बाहर निकले और अगली रात का प्रोग्राम बनाया। दोस्तों इन तीन दिनों में मैंने उसकी चूत को चुदाई का पूरा सुख दिया। मैंने उसको दिन रात जब भी मौका मिला चोदा। तो दोस्तों यह थी मेरी कहानी ।।

धन्यवाद …