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नसीब की बरसात

प्रेषक : इमरान

हैल्लो दोस्तो मेरा नाम इमरान है और में दिल्ली का रहने वाला हूँ। में बीकॉम 2nd ईअर मे हूँ। मुझे ज्यादा फ्रेंड्स बनाना अच्छा नहीं लगता। मेरी उम्र 21 साल की है और मेरी हाईट 5’8 है और मेरे लंड का साईज़ 8 इंच है। में इस वेबसाईट का बहुत बड़ा फैन हूँ। में बहुत सालो से इसका नियमित पाठक हूँ। में भी चाहता था कि में भी अपनी एक स्टोरी आप लोगो से शेयर करूं लेकिन क्या करूं कुछ लिखने को होता ही नहीं था लेकिन अब में चाहता हूँ कि मेरे पहले सेक्स अनुभव को आप सभी के साथ शेयर करूं। मुझे ये भी पता है कि ये आप सभी लोगो को बहुत पसंद आएगी। ये मेरी पहली रियल सेक्स की कहानी है। जो इसी साल बारिश के मौसम में हुई थी।

तो दोस्तों बारिश का मौसम था। में अपने दोस्त को स्टेशन छोड़ने स्टेशन गया था। तभी मैंने वापस आते वक़्त स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर एक लड़की अपने सामान के साथ खड़ी देखी। दोस्तों क्या लड़की थी। फिगर के बारे मे तो ज़्यादा नहीं जानता लेकिन उसके बूब्स बहुत बड़े कोई सेक्सी मॉडल से कम नहीं थे। साँवला रंग, पतली क़मर, ब्लेक टी-शर्ट और टाईट जीन्स में उसके बूब्स और गांड बहुत मस्त लग रहे थे। फिर में जानबूझ कर उसके बहुत करीब से गुजरा ताकि नजदीक से उस सेक्सी नज़ारे का मज़ा लिया जाए। फिर जैसे ही में उसके पास से गुजरा एक मस्त सी आवाज़ आई एक्सक्यूज मी, तभी मुझे ऐसा लगा कि मेरे पूरे जिस्म मे 440 वॉल्ट का करंट दोड़ गया हो। फिर मैंने पीछे मुडकर रिप्लाई किया यस एनी प्रोब्लम? तभी उसने मुझे कहा कि क्या आप मेरी थोड़ी मदद कर सकते है? फिर मैंने कहा कि क्यों नहीं? फिर उसने बोला कि क्या आप मेरा सामान बाहर गेट तक ले चलोगे? मैंने अपने फ्रेंड को यहाँ पर बुलाया था लेकिन वो बहुत बीमार है और ऊपर से ये बारिश का मौसम, मुझे लगता है आप मेरी प्राब्लम समझ रहे हो।

फिर मैंने कहा क्यों नहीं ये तो एक अच्छे इंसान का फ़र्ज़ है और वैसे आप जैसी खूबसूरत लड़की की हेल्प तो हर कोई करना चाहेगा। फिर उसने मुस्कुराते हुए बोला मुझे अपनी तारीफ नहीं बस तुम्हारी हेल्प चाहिए। में फिर बोला अच्छा में तो बहुत लक्की हूँ और ये कहकर मैंने उसके दो भारी बेग ले लिये और वो अपना एक छोटा बेग और पर्स लेकर मेरे आगे चलने लगी। क्या बताऊ दोस्तो क्या गांड थी उसकी बिल्कुल दिल के शेप की तरह बाहर की तरफ़ उभरी हुई। दिल तो किया कि कोई जादू करूं और वो लड़की अपनी जीन्स निकाल कर मेरे 8 इंच के लम्बे और मोटे लंड को अपनी चूत के अंदर करके मेरे ऊपर बैठ जाए और इसी के साथ मेरा लंड नींद से जाग गया। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर हम दोनों जैसे ही बाहर की तरफ़ पहुंचे बहुत तेज बारिश शुरू हो गई। तभी मैंने उसे कहा कि हमे थोड़ी देर यहाँ पर रुकना पड़ेगा मेडम, फिर इस पर उसने जवाब दिया, में मेडम नहीं काजल। मैंने फिर बोला कि में अजय देवगन इस पर वो हंस पड़ी, अभी वो हंस ही रही थी कि मैंने अपना सही नाम उसे बताया। मेरा नाम इमरान है और में यही पास मे पीछे की तरफ की एक कॉलोनी मे रहता हूँ। तभी वो चौक पड़ी पीछे की कॉलोनी जहाँ पर एक पब्लिक पार्क भी है मुझे भी वहीं पर जाना है। फिर मैंने कहा ये तो बहुत अच्छी बात है अब में आपको आपके घर तक छोड़ सकता हूँ। तभी वो बोली घर नहीं में यहाँ पर किराये से रहती हूँ।

मेरा घर तो चेन्नई मे है और में यहाँ पर सीए की पढ़ाई के लिए रहती हूँ। अभी घर पर भाई की शादी अटेंड करके ही आ रही हूँ। फिर मैंने कहा गुड फिर उसने पूछा कि तुम क्या करते हो? फिर मैंने बता दिया कि में बीकॉम 2nd ईयर मे हूँ और मेरी फेमिली गाँव मे है और में यहाँ पर एक अपने फ्लेट मे अकेला रहता हूँ। मेरे ख्याल से फ्लेट का नाम सुनकर वो थोड़ी सोचने लगी। फिर हम ऐसे ही एक दूसरे के बारे मे बाते करने लगे करीब 15 मिनट तक बाते करते रहे। फिर वो मुझसे पूछने लगी कि तुम्हारा फ्लेट कैसा है? मकान मालिक कैसा है?

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फिर में बिलकुल भी समझा नहीं कि वो ये सब क्यों पूछ रही है लेकिन फिर मैंने एक दोस्त के नाते उसको अपने बारे मे सब कुछ बता दिया बताया कि 6000 रेंट है। मकान मालिक बेंगलोर रहते है और यहाँ पर सिर्फ उनके पेरेंट्स रहते है, जो कि बहुत बूढ़े है। में उनको दादा दादी कहकर बुलाता हूँ, वो बहुत अच्छे है, मुझे घर की तरह लगता है यहाँ पर। तभी वो बोली कि क्या तुम बोर नहीं होते अकेले? मैंने कहा कि टीवी है, लेपटोप है, टाईम कट जाता है। फिर मैंने पूछा कि बोर तो आप भी हो जाती होंगी। फिर उसने जवाब दिया हाँ कभी कभी पढ़ते पढ़ते।

तभी अचानक उसने बोला पापा से बोलो तुम्हारी शादी कर दे तुम्हारा अकेलापन ख़त्म हो जाएगा। फिर मैंने हिम्मत करके बोला कि क्या करूं काजल तुम्हारी जैसी लड़की मिलती कहाँ है। तभी वो शरमा गई, फिर वो पूछने लगी कि अच्छा बताओ क्या खास है मुझमे? तभी मैंने उसकी तारिफ कर दी। में बातो बातो मे उसके बूब्स को देखे जा रहा था, वो समझ गई में कहाँ देख रहा था, हमे ऐसा लग ही नहीं रहा था कि हम पहली बार मिले है। फिर हम एकदम फ्रेंक बाते करने लगे, फिर उसने पूछा कि तुम्हारी गर्लफ्रेंड तो आती होगी फ्लेट पर?

तभी मैंने कहा कि आम है ही नहीं और गुटली की बात करती हो। फिर उसने बोला कि क्या रियली तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है? फिर मैंने कहा कि क्या तुम्हें स्टाम्प पेपर पर लिख कर दूँ? तभी वो मुस्कुराई फिर अचानक से पूछने लगी कि क्या तुम्हारे फ्लेट पर कोई लड़की जाएगी तो तुम्हारे मकान मलिक को एतराज तो नहीं होता है? अब में समझ गया कि मेरी अब बात बनने वाली है। फिर मैंने तो बता दिया कि कोई नहीं है एतराज करने वाला वो दादा, दादी तो हमेशा ऊपर ही रहते है।

फिर बाते करते करते 11:30 हो गये थे और बारिश जो कि रुक ही नहीं रही थी, इतने में अचानक काजल ने कपकपाती हुई आवाज़ मे बोला चलो तुम्हारे फ्लेट पर चलते है। अब बहुत रात हो गई है और इस पर रूम का गेट भी इस बारिश मे खुलवाना थोड़ा मुश्किल है। अगर तुम्हे एतराज नहीं हो तो। ये सुनते ही में तो शॉक हो गया। मेरा लंड फनफना उठा मानों मुझे कह रहा हो जल्दी से हाँ कर दो और ले चलो इसे ताकि में इसकी जवानी का रस चख लूँ। फिर मैंने तुरंत हाँ कर दी और ऑटो लेने थोड़ा बाहर आया इतने में हम गीले हो गये थे। फिर भी ऑटो करके हम वहाँ से चल दिये।

क्या करे दोस्त बारिश का मौसम ही ऐसा है जो अच्छे अच्छे को लाईन पर ला देती है। में उसके बिलकुल पास ही बैठा था और हर बार मेरा हाथ उसके बूब्स को छू रहा था लेकिन वो कुछ भी नहीं कह रही थी, बस एक हल्की सी इस्माइल दे रही थी। तभी कुछ देर बाद वो और करीब आ गई शायद उसे बहुत ठंड लग रही थी। फिर हम 20 मिनट में घर पर आ गये। तभी मैंने जल्दी से मेन गेट खोला और काजल को अंदर बुलाया काजल बहुत कांप रही थी। दोस्तो क्या दिख रही थी काजल बता भी नहीं सकता वो गीले कपड़ो में और भी ज्यादा सेक्सी लग रही थी। फिर में जल्दी से उसके सामान को अपने रूम के अंदर लाया और बेडरूम में काजल के लिए कपड़े और टवल लेने चला गया। तभी इतने में वो आई और मुझे पीछे से कसकर पकड़ लिया। मैंने उसे अपने आगे खींचा और फिर मैंने उसे कसकर पकड़ लिया। उसके होंठ दोस्तो मस्त गुलाबी वो भी कपकपा रहे थे। तभी मैंने तुरंत उसको अपने बेड पर लिटा दिया और आओ देखा ना ताव मैंने अपने होंठ उसके होंठो से सटा दिये। फिर क्या था हम दोनों भेडियों की तरह एक दूसरे के होंठ पर टूट पड़े। पूरे बेड पर नाग की तरह हम घूमते रहे। फिर करीब दस मिनट तक किस करने के बाद मैंने मौका देखकर उसकी टी-शर्ट निकाल दी, दोस्तो क्या बूब्स थे उसके जैसे ब्लेक ब्रा ने दोनों को जकड़ कर रखा हो।

फिर मैंने तुरंत उसके ब्रा के हुक को तोड़ दिया और दोनों बूब्स अब आज़ाद थे। मैंने उसके बूब्स को हाथ और सर सीने से मसलने लगा, इतने मस्त बूब्स मैंने ब्लू फिल्म मे भी नहीं देखे थे, एकदम सॉफ्ट, लाईफ में पहली बार मैंने किसी के बूब्स छुए थे। मुझे तो यकीन ही नहीं हो रहा था, ये सपना था या हक़ीकत। फिर मैंने उसके बूब्स को करीब 20 मिनट तक जी भरके चूसा। फिर अब बारी थी उसकी मस्त रसीली चूत की। अब में धीरे धीरे उसकी जीन्स निकालने लगा। मैंने जिन्स निकाल कर दूर हटा दी, फिर उसके बाद मैंने उसकी पेंटी भी निकाल दी अब वो पूरी नंगी थी। मैंने अपनी लाईफ मे पहली बार एक नंगी लड़की को देखा था। मेरे तो तोते उड़ गये थे मस्त दिख रही थी लेकिन उसके बाल से उसकी चूत दिख नहीं रही थी।

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फिर उसने मेरी टी-शर्ट निकाली और अब वो मेरी जीन्स निकालना चाहती थी लेकिन मैंने उसे मना कर दिया दोस्तों। मैंने ऐसा इसलिए किया ताकि में उसकी चूत के बालो को पहले शेव करना चाहता था, ताकि में उसे जी भर के चाटू और उसको खुश कर दूँ और उसे आज पता चले कि चुदाई क्या होती है और वो मुझसे बार बार चुदे। फिर में उसके ऊपर लेट गया और उसको चूमने लगा चूमते चूमते मैंने उसके कान मे बोला कि जान चलो पहले हम नहा लेते है तुम थक गई होगी। फिर मैंने उसे अपनी बाँहों मे उठाकर बाथरूम मे ले गया। वहाँ पर ले जाकर मैंने रेज़र ली और उसकी चूत के बाल की तरफ़ इशारा किया। वो अपनी दोनों टांगे को फैला कर खड़ी हो गई और में उसके बाल को अच्छी तरह से शेव कर दिया।

वो जब से घर पर आई थी हम दोनों इशारो इशारो मे ही बाते कर रहे थे। पता नहीं हमारी ज़ुबान से आवाज़ क्यों नहीं निकल रही थी। फिर हम दोनों नहाने लगे उसके बाद वापस में उसको उठाकर कमरे मे लाया और बेड पर लेटा दिया और फिर मैंने अपने लेपटोप पर एक ब्लू फिल्म चला दी हम दोनों देखने लगे। दोस्तो मेरे पास ब्लू फिल्म का बहुत कलेक्शन है में अक्सर उन्हे देखकर मुठ मारा करता हूँ। फिर देखते ही देखते वो मेरे लंड पर अपना हाथ फैरने लगी।

में बता नहीं सकता कितना मज़ा आ रहा था। तभी वो नीचे गई और मेरे लंड के चारो तरफ जीभ से चाटने लगी में तो बहुत ही मस्त हो गया था। फिर मैंने बोला जान मुहं मे लो फिर कहना क्या था। उसने तुरंत पूरा लंड अपने मुहं मे ले लिया और चूसने लगी करीब पांच मिनट तक वो चूसती रही। फिर में अब उसकी दोनों टाँगो को फैला कर उसकी चूत को चाटने लगा। वो बिल्कुल मदहोश हो चुकि थी और तरह तरह की आवाजे निकाल रही थी। फिर अब हम 69 पोज़िशन मे आ चुके थे।

फिर मैंने बहुत चूत चाटी, अब क्या था लंड और चूत को दूरी बर्दाश्त नहीं हो रही थी। तभी मैंने उसको कुतिया बना कर पीछे से चोदने के लिए पोज़िशन में ले लिया तभी जैसे ही में उसकी चूत के अंदर लंड डालने जा रहा था कि मुझे याद आया की मेरी अलमारी में मेरे दोस्त का कंडोम का पॅकेट है, (वो फेमिली के साथ रहता था इसलिए मेरे घर पर रखा हुआ था।) फिर मैंने तुरंत अलमारी खोल कर कंडोम ले लिया और काजल से बोला इसे लगाओ मेरे लंड पर वो जैसे ही लगाने लगी मेरे लंड से सफेद धार निकल गई, वो मुस्कुराने लगी। मुझे बहुत गिल्टी फील हुई। क्योंकि मैंने अभी तक किसी लड़की के साथ किया नहीं था इसलिए जल्दी ही में झड़ गया। लेकिन में फिर से उसे लिटा कर उसके पूरे बदन पर किस करने लगा। मैंने उसे बोला कि में मसाज कर दूँ वो बोली नेक़ काम मे देरी कैसी, में तुरंत किचन मे गया और एक मसाज ऑयल ले आया और आकर उसकी गांड मे ऑयल गिरा कर मसाज करने लगा।

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दोस्तों कैसे बताऊँ उसकी गांड का शेप एकदम मस्त कर देने वाला था। में तो पागल हो गया था। मैंने उसके पूरे बदन पर ऑयल लगाकर मसाज किया और उसको सीधा करके उसके बूब्स पर आधी बोतल ऑयल डाल दिया और मसाज करने लगा। पूरा बदन ऑयल ही ऑयल से भर गया। उसे मज़ा आ रहा था और मुझसे तो पूछो ही मत फिर उसने मुझे भी मसाज किया और बाकी का ऑयल अपने बूब्स पर डाल कर मेरे बदन को मसाज करने लगी। वो क्या वक़्त था दोस्तो अब मेरा लंड बिल्कुल रेडी हो चुका था और फिर वो मेरा लंड अपने मुहं मे लेकर चूसने लगी।

अब वो लंड पर कॉन्डोम लगा कर मेरे ऊपर बैठने लगी बहुत ही टाईट चूत थी उसकी। इतना ऑयल था कि लंड जल्दी से अंदर चला गया और फिर क्या था, पूरा रूम उसकी आवाज़ से गूंज उठा अहह इमरान क्या मस्त लंड है तुम्हारा। फिर में उसको घोड़ी बनाकर चोदने लगा और वो गांड पीछे की तरफ करके मेरा साथ दे रही थी। दर्द तो मानो उसे हुआ ही नहीं। ये सब ऑयल का कमाल था।

वो अहहहा हहाहा की आवाज़े निकाल रही थी। ये सब आवाज़े सुनकर मुझे और जोश चढ़ गया और में उसे और तेज़ चोदने लगा। करीब दस मिनट तक चोदने के बाद मैंने उसे बहुत सारी पोज़िशन मे चोदा और लास्ट में उसके ऊपर चड गया और उसने मुझे बहुत टाईट पकड़ लिया अब में झड़ गया और हम दोनों 30 मिनट तक चुदाई करते रहे रुक रुक कर। इतनी ही देर में मेरा लंड फिर से तैयार हो गया। और हाँ उसकी गांड का ही तो दीवाना हो गया था में।

फिर मैंने उसको पेट के बल लिटा दिया और अपना लंड उसकी गांड के छेद पर टिका कर एक धक्का मारा तो थोड़ा सा अंदर चला गया वो बोली रूको में रुक गया। लेकिन अब वो धीरे धीरे खुद ही अपनी गांड उठाकर मेरे लंड को अंदर ले रही थी। में अपने लंड को उसकी गांड के अंदर जाते हुए महसूस कर रहा था। फिर क्या था मैंने एक हल्का सा झटका मारा पूरा लंड उसकी गांड के अंदर और मैंने अपने लंड को बिना हिलाए उसके ऊपर लेट गया उसको टाईट पकड़ कर।

वो सेक्स का मज़ा लेना जानती थी। वो मेरा बहुत अच्छी तरह साथ दे रही थी। फिर जब उसने अच्छा महसूस किया तो में अंदर बाहर करने लगा। करीब दो तीन मिनट बाद में उसकी गांड में झड़ गया फिर उसके बाद मैंने फिर उसकी चूत मारी और हम दोनों एक दूसरे से लिपट कर सो गये। फिर सुबह 8 बजे में उठा और काजल को कम्बल उड़ा कर दूध और ब्रेकफास्ट की चीज़े लेने चला गया। फिर मैंने वापस आकर कॉफी बनाई और फिर हम दोनों फ्रेश हुए और उसके बाद दोनों ने एक साथ बैठकर ब्रेकफास्ट किया।

फिर हमने उस दिन चार बार सेक्स किया। फिर शाम को पांच बजे मैंने उसको अपने घर से रिक्शे पर बैठा दिया और वो अपने रूम पर चली गई। में उसके रूम के बारे में ज़्यादा नहीं जानता था और में उसका नंबर जल्द बाजी में लेना भूल गया और वो मुझे अभी तक दोबारा नहीं मिली ।।

धन्यवाद …