संस्कारी मम्मी और चाची निकली बड़ी चुदक्कड़-4

Mummy aur chachi ka raaz 4:- इस कहानी के पिछले पार्ट में मैंने आपको मम्मी और चाची की आँखों देखि चुदाई का हाल सुनाया. अब आगे-

अगर आपने पिछला पार्ट नही पढ़ा है तो यहाँ से पढ़ें। संस्कारी मम्मी और चाची निकली बड़ी चुदक्कड़-3

मैं ये सब देख कर वहां से हट गया. मेरा दिमाग बिलकुल घूम गया था और दिल तेज़-तेज़ धड़क रहा था. मेरे दिमाग में ढेर सारे सवाल घूम रहे थे. मैं सीधा हॉल की तरफ गया और देखा की अनिल अंकल बाहर आ रहे थे सिर्फ अंडरवियर में. विनोद और राजेश अंकल उनकी तरफ देख कर मुस्कुराये जैसे ये सब उनके लिए नार्मल ही हो.

“अनिल क्या हाल है? मज़ा आया न?” विनोद अंकल ने थोड़ी हंसी के साथ पुछा.

अनिल अंकल ने हल्का सा स्माइल करते हुए कहा “भाई अनीता भाभी में ऐसा मज़ा है मैं शब्द में नहीं बता सकता.”

“और वो भी बिना किसी नखरे के राजेश अंकल ने हंसी रोक कर कहा.“ जब उन्हें चोदा उनका जिस्म एक-दम गरम हो गया था. लगता है की वो काफी दिन से प्यासी थी अनिल अंकल ने ऐड किया. Mummy aur chachi ka raaz 4

“वो तो है विनोद अंकल ने हां में सर हिलाया. अनिल अंकल थोड़ा हंस कर बोले “लेकिन वो काफी चुदक्कड़ है. अभी बोल रही थी किसी और को भेजो… तो अब आप दोनों में से कौन जा रहा है?”

इतने में महेश अंकल भी चाची का कमरा छोड़ कर बाहर आ गए. उनका चेहरा नॉटी स्माइल से भरा हुआ था और अंडरवियर में अभी भी हल्का सा खड़ा लंड दिख रहा था शायद वियाग्रा का असर था. विनोद और राजेश अंकल उनकी तरफ देख कर हंसी रोक नहीं पाए.

“महेश क्या बात है? आज काफी टाइम लगाया क्या?” राजेश अंकल ने छेड़ते हुए पुछा.

महेश अंकल ज़ोर से हँसे “भाई क्या बताऊँ सुलेखा में इतना मज़ा है की मन नहीं भरता. आज उसकी गांड मार कर इतना एन्जॉय किया की मैं खुद हैरान हो गया.”

“क्या बात कर रहा है?” विनोद अंकल ने हैरानी से पुछा.

“जब उसकी मटकती गांड देखता था मेरा मैं बेकाबू हो जाता था. आज साली की सारी गर्मी निकाल दी महेश अंकल ने हंस कर कहा.

“वो तो है यार ऐसे तगड़े माल अशोक और सतीश को कैसे मिल गए?” महेश अंकल ने हंसी के साथ ऐड किया.

राजेश अंकल खड़े होकर बोले “जैसे भी मिली हो हमें चोदने मिल रही है हमें और क्या चाहिए.” उनकी बात सुन कर सब अंकल ज़ोर-ज़ोर से हसने लगे.

महेश अंकल ने मुस्कुराते हुए कहा “चलो अब तुम दोनों जाओ और मज़ा करो. हम यहाँ आराम से बैठते है.

”अनिल और महेश अंकल सोफे पर बैठ गए पेग्स बना कर दारु पीने लगे. विनोद अंकल मम्मी वाले कमरे में और राजेश अंकल चाची वाले कमरे में चले गए.

मैं फिर से दबे पाँव चुपके से मम्मी और चाची के कमरे की तरफ बढ़ा. हर कमरे से आती सिसकारियां और थप-थप की आवाज़ों ने मेरे दिल की धड़कन तेज़ कर दी थी. मैंने धीरे से खिड़की से झाँका… और जो मैंने देखा उसने मेरी सांसें ही रोक दी. मम्मी जो अब तक अनिल अंकल के साथ चुदाई कर रही थी अब विनोद अंकल का लंड चूस रही थी. उनके होंठो पर नॉटी स्माइल थी और विनोद अंकल उनकी चूत में अपना लंड ज़ोर से घुसा रहे थे. हर धक्के के साथ मम्मी की सिसकारियां और तेज़ हो रही थी. Mummy aur chachi ka raaz 4

दूसरी तरफ चाची अब राजेश अंकल के साथ बिस्तर पर लेटी थी. राजेश अंकल उनके ऊपर थे और उनकी चूत में अपना लंड डाल कर ज़ोर-ज़ोर से धक्के मार रहे थे. चाची भी सिसकारियां ले रही थी और हर धक्का उनके लिए गरम और नॉटी थ्रिल लेकर आ रहा था. थोड़ी देर बाद महेश अंकल ने मम्मी की और अनिल अंकल चाची की चुदाई की. बैडरूम में मेरी मम्मी और चाची की सिसकारियों की आवाज़ गूँज रही थी. एक तरफ मम्मी और महेश अंकल का जोश हाई था और दूसरी तरफ चाची और अनिल अंकल अपनी चुदाई में खो गए.

हर धक्का हर टच हर नॉटी टीसिंग साफ दिखाई दे रही थी. इस बीच राजेश अंकल ने मम्मी के साथ और विनोद अंकल ने चाची के साथ चुदाई की. पूरे दिन में हर अंकल ने अपनी हवस मिटाई और मम्मी और चाची दोनों एक ही दिन में चारो अंकल के साथ चुद गयी. हर मोमेंट में उनकी चीखें, स्माइल्स नॉटी एक्सप्रेशंस और हर चुदाई का rythem सब कुछ एक फोर्बिडन और लस्ट का मिक्स क्रिएट कर रहा था. Mummy aur chachi ka raaz 4

मेरा दिल ज़ोर से धड़क रहा था और आँखें बस उनसे हट नहीं रही थी. मम्मी और चाची दोनों अब कपडे पहने हुए हॉल में आयी. उनके चेहरे पर अब भी एक अलग ही चमक थी—जैसे अभी-अभी जन्नत से लौट कर आये हो. विनोद और राजेश अंकल भी कपडे पहन कर हॉल में आ गए. अब चारों अंकल और मम्मी- चाची एक साथ सोफे पर बैठे थे.

विनोद अंकल ने मम्मी की तरफ देख कर एक नॉटी स्माइल दी और कहा “क्या भाभी मज़ा आया न?”

मम्मी शर्मा कर हंसी और बोली “तुम लोगों से मज़ा आता है… इसलिए आते रहते है.”

राजेश अंकल ने चाची की तरफ देखते हुए कहा “ये तो हमें पता ही था… तुम दोनों को देख कर ही लगता है.”

चाची ने भी एक नॉटी स्माइल दी और बोली “तुम सब शैतान हो… हम देवरानी-जेठानी को बस निचोड़ के रख देते हो.”

महेश अंकल ने हंसी रोकते हुए कहा “आज तुम दोनों से मेरा मन ही नहीं भरा.”

चाची ने उनके लंड की तरफ इशारा करते हुए स्माइल दी “मुझे पता है आज ये इतना फॉर्म में क्यों है.”

अनिल अंकल भी हंसी रोक नहीं पाए “तुम दोनों ने आज हम सब का दिन बना दिया.”

सब लोग हसने लगे और एक-दुसरे की तरफ नॉटी नज़र डाल कर टीज़ करने लगे. हर एक ग्लांस हर एक स्माइल और सटल हिंट से रूम का माहौल और भी गरम हो गया. मम्मी और चाची के एक्सप्रेशंस और नॉटी स्माइल, सबको लस्ट और एक्साईटमेंट के मूड में डाल रहे थे. उनके चेहरे पर वो कॉंफिडेंट और शैतानी चमक उनकी आँखों में नॉटी स्पार्कल और उनकी बॉडी लैंग्वेज सब कुछ एक-दम बोल्ड और टीसिंग था. जैसे पूरा हॉल उनके कामुक ऊर्जा से जीवित हो गया हो. Mummy aur chachi ka raaz 4

सब अंकल भी इस एनर्जी को एन्जॉय कर रहे थे एक-दुसरे से मस्ती करते हुए और छुप-छुप के नॉटी बातें करते हुए. और मैं बस चुपके से ये सब देख रहा था. जिस माँ और चाची को मैं मंदिर की देवी मानता था वो आज पूरी तरह से पापा के दोस्तों की रंडियां बन चुकी थी.

महेश अंकल मुस्कुराते हुए बोले “चलो मेरी प्यारी भाभियों अब देर हो रही है. मैं तुम दोनों को घर के तरफ छोड़ देता हूँ वैसे तुम दोनों का संस्कारी रूप देख कर तो मुझे भी पहली बार डर लगा था की उनको कैसे हैंडल करू.”

मम्मी ने छेड़ते हुए जवाब दिया “अरे महेश भाई ऐसे मत बोलिये. आप में और डर? एक-एक करके कितने दोस्तों के साथ हमें चुदवा लिया.”

उनके होंठो पर स्माइल और आँखों में वही नॉटी चमक थी.

चाची भी हंसी के साथ बोली “हां भाभी सच कह रही हो. शुक्र मनाओ की आज सिर्फ चार ही थे वर्ना मेरी जान निकल ही जाती.”

उनकी बात सुन के मेरी धड़कन रुक सी गयी. “मम्मी और चाची और कितने लोगों के साथ…” ये सोच कर मेरा दिमाग हिल गया.

विनोद अंकल मुस्कुराते हुए बोले “ऐसा थोड़ी ने तुम्हे परेशान करते आज तुम दोनों ही आने वाले थे इस लिए किसी को बताया नहीं था.”

अनिल अंकल पूछ गए “आज रचना भाभी क्यों नहीं आयी?”

मम्मी ने हल्का सा स्माइल देते हुए कहा “आज सुबह वो पीरियड में आ गयी.”

मैं ये सुन कर और हैरान हो गया. रचना आंटी मेरी मम्मी की अच्छी दोस्त और उनके हस्बैंड सुनील अंकल भी पापा के ग्रुप में है. और वो दोनों भी काफी भोले है. लेकिन पापा के दोस्त उनकी बीवियों के साथ… बिलकुल हरामी! और मेरी मम्मी और चाची और न जाने कौन सी आंटी उनके साथ अपनी प्यास बुझा रही थी.

कार में बैठते वक़्त मम्मी ने अपनी साड़ी ठीक करते हुए महेश अंकल की तरफ देखा और आँखों से एक नॉटी सिग्नल दिया. चाची ने भी सीट पर झुकी हुई महेश अंकल को लिप्स किश दे रही थी. महेश अंकल ने किश तोड़ कर बोला Mummy aur chachi ka raaz 4

“चार-चार लोगों से चुदने के बाद भी तेरा मन नहीं भरा?”

मम्मी ने हस्ते हुए बोला “इसकी आग तो आपने ही भड़कायी है अब आप ही सम्भालो.”

मैं चुपके से उन्हें देखता रहा और सोच रहा था की ये दोनों कितनी बड़ी रंडिया है. जैसे ही कार निकल गयी मैं वही दिमाग में हिलते इमोशंस और गुस्से के साथ खड़ा रह गया.

घर वापस आके जब मैं अंदर गया तो मम्मी और चाची बिलकुल नार्मल लग रही थी. डिनर टेबल पर सब बैठे थे जैसे कुछ भी हुआ ही न हो. पापा ने पुछा “सत्संग कैसा था अनीता?”

मम्मी ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया “बहुत सुकून मिला और मन को एक अलग ही शांति मिली.” चाची ने कहा “हां जेठ जी.” उन्होंने अपनी बातें बिलकुल भोले और विनम्र अंदाज़ में कही जैसे पहले वाला मस्ती भरा रूप बिलकुल छुप गया हो.

दादी खुश होते हुए बोली “अच्छा है दोनों इस उम्र में सत्संग में जा रही है. मुझे तो जाने का मन करता है पर तबियत ऐसी है की घर से निकल नहीं पाती.”

अब मुझे बुरा फील हो रहा था की बेचारी दादी को क्या पता की उनकी दोनों बहु किसी सत्संग में नहीं पर चुदाई करवाने जाती है. मैं ये सब सुन कर हैरान था. जो मम्मी और चाची थोड़ी देर पहले रंडीपना कर रही थी अब बिलकुल संस्कारी और धार्मिक लग रही थी. उनके चेहरे पर वही भोली और प्यारी मुस्कान थी जैसे कुछ हुआ ही न हो. Mummy aur chachi ka raaz 4

मैं चुप-चाप खाना खाता रहा और दिमाग में बस एक ही ख़याल: “ये मेरी माँ और चाची है या कोई और?” उस दिन मुझे सिर्फ अपनी माँ और चाची का असली रूप ही नहीं बल्कि पापा के दोस्त कितने गंदे और हरामी है ये भी पता चला. ये सब अपनी सीधे-साढ़े दोस्तों की बीवियों के साथ चुदाई करते है और पापा को इसकी भनक तक नहीं है.

आज भी पापा का उनके दोस्तों के साथ बहुत अच्छा रिलेशन है. रोज़ मिलते है हंसी-मज़ाक करते है लेकिन मैं अब उन सब को अलग नज़र से देखता हूँ एक तरफ वो पापा के भोले दोस्त है और दूसरी तरफ वो लस्टि और शैतानी ग्रुप है अपने दोस्तों की बीवियों के साथ चुपके से मज़े लेते रहते है. Mummy aur chachi ka raaz 4

मेरी आँखों के सामने अब भी वो नंगे जिस्म वो चुदाई वो नॉटी बातें और वो सिसकारियां जाग रही है. हर एक गेश्चर हर एक नॉटी स्माइल मेरे दिमाग में चिपक गयी है. मैं ये सब भूल नहीं सकता और शायद कभी भूल भी नहीं पाउँगा. ये मेरी ज़िन्दगी की कड़वी सच्चाई है। Mummy aur chachi ka raaz 4

एक दुनिया जहाँ प्यार मस्ती और लस्ट एक साथ चलती है और जहाँ सिर्फ मेरी माँ और चाची ही नहीं बल्कि उनके साथ पापा के दोस्तों का असली चेहरा भी मेरे सामने आ गया. और सच कहु मेरी माँ और चाची घर वालों की आँखों में धुल झोंक कर आज भी पापा के दोस्तों से चुदवाने जाती है.

Mazedar Family sex stories

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Scroll to Top