संस्कारी मम्मी और चाची निकली बड़ी चुदक्कड़-3

Mummy aur chachi ka raaz 3:- पिछले पार्ट मे आपने पढ़ा कि मेरी मम्मी और चाची, सत्संग का बहाना करके पापा के दोस्तों के साथ रंगरेलियाँ मनाने आई थी। गलती से मैंने उनको देख लिया और मै भी उनके पीछे पीछे आ गया, फिर मम्मी और चाची ने सब अंकल लोगों को दारू पिलाई और मम्मी और चाची अलग अलग रूम मे चुदाई करवाने के लिए चली गयी। अब पढ़िये आगे..

संस्कारी मम्मी और चाची निकली बड़ी चुदक्कड़-2

अब हॉल में बचे थे राजेश अंकल और विनोद अंकल. दोनों ने एक-दुसरे की तरफ देखा और हंस रहे थे.

राजेश अंकल बोले: “अरे वाह… आज तो असली मज़ा आने वाला है यार. दोनों भाभी अपने-अपने पति छोड़ उनके दोस्तों के साथ बैडरूम में चुदाई करवा रही है.”

विनोद अंकल ने सिगरेट जलाते हुए कहा: “साली दोनों पटाखा है… अशोक (पापा) वाली मस्त मलाई और एक सतीश (चाचा) वाली फुल टाइट आइटम. अब देखना कौन पहले थक कर बाहर आता है अनिल या महेश.”

फिर दोनों एक साथ हंस पड़े. राजेश अंकल ने नॉटी टोन में बोला “बस यार… हम लोगों के लिए भी थोड़ा चांस बचा के रखे. नहीं तो सारा मज़ा ये दो दोस्त ही ले जायेंगे.”

विनोद अंकल ने अपने गिलास का सिप लेते हुए कहा: “अरे टेंशन मत ले… शाम तक टाइम है. जब दोनों गरम हो चुकी होंगी न… तब हमको भी बुलाएंगी. तब असली मज़ा शुरू होगा.”

और दोनों एक-दम हँसते हुए बेडरूम्स की तरफ देखने लगे जैसे अब बस अपनी बारी का इंतज़ार कर रहे हो. मुझे अब भी यकीन नहीं हो रहा था की मम्मी और चाची पापा के दोस्तों के साथ ऐसे चुदाई करवा सकती है. मेरा दिल और दिमाग दोनों इस बात को एक्सेप्ट नहीं कर पा रहे थे. मैं धीरे-धीरे खिड़की के पास गया. खिड़की थोड़ी सी खुली थी और अंदर की आवाज़े मुझे साफ साफ सुनाई दे रही थी. मैंने धीरे से देखा… और मेरी सांसें रुक सी गयी. अनिल अंकल मम्मी के होंठ ज़ोर से चूस रहे थे जैसे उनकी सारी प्यास वहीँ से बुझ रही हो. मम्मी ने भी आँखें बंद करके उनके लिप्स को अपने लिप्स से पकड़ लिया बेचैनी से उन्हें वापस चूसने लगी. हर किस के साथ मम्मी के होंठ से हलकी सी “मममहह…आह्हः” की आवाज़ निकल रही थी. Mummy aur chachi ka raaz 3

साड़ी के पल्लू को अंकल ने एक झटके में खींचा. अंकल के हाथ धीरे-धीरे मम्मी के ब्लाउज पर घूमने लगे. एक पल बाद उनके उँगलियों ने मम्मी के बूब्स को दबाया. मम्मी झटके से हिल गयी लेकिन अगले ही पल उन्होंने खुद अपना बदन उनकी तरफ और झुका दिया. धीरे-धीरे मम्मी का ब्लाउज का हुक खुल गया. सफ़ेद ब्रा के अंदर से उनके गोल-गोल बूब्स उभर आये. अंकल ने बिना देरी किये अपना मुँह वहां रख दिया और मम्मी ज़ोर से आहें भरने लगी-

मम्मी – “आह अनिल… रुको थोड़ा… कहीं भागी नहीं जा रही…”

लेकिन उनकी आवाज़ में न तो रुकावट थी न मना करने का इरादा – सिर्फ बेचैनी और सुकून मिला कर रखने वाली ख्वाहिश थी. अंकल ने मम्मी के बूब्स को दोनों हाथो में दबा लिया और उन पर अपनी जीभ घुमाने लगे.

मम्मी के मुँह से निकला: “आहह… बस करो अनिल… तुम तो मुझे पागल बना दोगे…”

उनके सुरीली आहों ने पूरा कमरा मदहोश कर दिया था. मम्मी की साड़ी और ब्लाउज नीचे गिरा हुआ था अब वो सिर्फ पेटीकोट में थी. अंकल ने उनके होंठ वापस पकड़ कर किस किया इस बार और भी गहरा और लम्बा. मम्मी ने भी उनकी गर्दन कस के पकड़ ली और किस में खो गयी. फिर अंकल नीचे झुक गए और मम्मी का पेटीकोट उठा कर उनकी नंगी जाँघों को चूमने लगे. मम्मी का बदन कांप उठा. उनके मुँह से निकला- Mummy aur chachi ka raaz 3

मम्मी- “आहहह… बस करो… तुम्हे तो हमेशा जल्दी रहती है…”

लेकिन उसी वक़्त मम्मी ने खुद ही अपना पेटीकोट नीचे कर दिया जैसे उनके अंदर का रोका हुआ जूनून अब बाहर आना चाह रहा हो. अंकल ने मम्मी की पैंटी को एक झटके में खींच कर निकाल दिया और अपनी जीभ उनकी चूत पर रख दी और मम्मी की सांसें तेज़ हो गयी. वो अपनी कमर हिला-हिला कर और भी ज़्यादा फील लेने लगी. मम्मी की आवाज़ निकल रही थी: Mummy aur chachi ka raaz 3

आहह… और… थोड़ा और… आह… कितना मज़ा आ रहा है…”

कुछ देर बाद मम्मी ने ही अंकल का सर अपने पैरों के बीच दबा लिया. और कुछ समय बाद मम्मी का जिस्म कांपने लगा और मम्मी ने एक झटके से अनिल अंकल का सर अपनी चूत से दूर कर दिया और मुस्कुराने लगी. अंकल ने अपना पैंट खोला और अपना मोटा लंड बाहर निकाला. मम्मी की आँखों में चमक आ गयी वो झुक कर उससे अपने होंठो में ले गयी. एक एक बार वो पूरा अंदर तक ले रही थी फिर छोड़ कर गन्दी सी आवाज़ के साथ वापस चूस रही थी.

मम्मी ने उनकी तरफ देखते हुए कहा: “कंडोम लगाओ… आज मैं पूरी तरह से चुदना चाहती हु…”

अंकल ने तुरंत कंडोम खोला और लंड पे चढ़ा लिया. मम्मी बिस्तर पर पलट गयी अपनी चूत को तैयार कर के खोल दिया. और अगले ही पल अंकल ने एक झटके में अपना लंड मम्मी की चूत में घुसा दिया. “आआह्ह्ह्हह… अनिलल… मम्मी ज़ोर से चिल्लाई. अंकल ने मम्मी के अंदर घुसते ही एक झटके से स्टार्ट लिया. मम्मी के होंठ खुले और उनकी आहें हर एक धक्के के साथ तेज़ हो गयी. “आहह… अनिल… बस… और…” उनके मुँह से निकलता जा रहा था. अंकल तेज़-तेज़ लंड घुसा रहा था और मम्मी अपनी कमर हिला रही थी और कहती थी “पूरा अंदर डालो… मुझे ज़ोर से चोदो… आहहहह…” Mummy aur chachi ka raaz 3

अंकल ने एक हाथ से उनके बूब्स को दबाया और उनके होंठ चूमे. मम्मी के होंठ से हलकी सी चीख निकली और उनके सीने की हिलती अदा हर एंगल से अंकल के लिए कयामत ला रही थी. मम्मी ने अपने हाथ से अंकल का सर पकड़ कर और ज़ोर से घुमाया और उनकी आँखों में जो चमक थी वो पूरे लस्ट और कण्ट्रोल का मिक्स था. हर धक्के के साथ उनकी चूत टाइट और मॉइस्ट फील कर रही थी.

अंकल ने एक तेज़ झटका दिया और पूरा लंड मम्मी की चूत में घुस गया मम्मी की आहें और तेज़ हो गयी. “आह्ह्ह… अनिल… मज़ा आ रहा है और… पूरा अंदर तक…” अंकल के होंठ उनके सीने से नीचे गए और उनकी निप्पल्स को चूमा और काटा हर चुम्बन और टच के साथ उनकी बॉडी और भी गरम होती गयी. उनकी सिसकियाँ अब लाउड और अनकंटरोल्ड हो गयी थी. हर धक्के के साथ मम्मी की गांड और कमर का कर्व अंकल के लिए और ज़्यादा टेम्पटिंग लग रहा था.

मम्मी की आँखें बंद थी सर झुका हुआ और सिसकियों के साथ उनके चेहरे पर एक बोल्ड और लस्टि एक्सप्रेशन था. “आहहहह… और… और… मम्मी के मुँह से निकला. अंकल ने उनका बॉडी होल्ड किया और तेज़-तेज़ धक्के मारे. मम्मी के पैर भी हिलते हुए उनके कमर के आस-पास लिपट गए जैसे उनका कण्ट्रोल भी ग्रेजुअली फेल हो रहा हो. मम्मी की आहें और तेज़ हो गयी थी. “आहहहह… और… और… पूरा अंदर तक…” वो अपने होंठ चबा रही थी और उनकी आँखों में एक अजीब सी चमक थी. उन्होंने अनिल अंकल की पीठ को ज़ोर से खुरचा. Mummy aur chachi ka raaz 3

अंकल भी अब पूरी स्पीड में धक्के लगा रहे थे. बैडरूम में “थप थप थप” की आवाज़ गूँज रही थी. मम्मी के मुँह से निकल रहा था “अह्ह्ह… अनिल… ओह्ह… मैं… जा… रही… हु…” उनका जिस्म कांपने लगा और वो एक ज़ोरदार सिसकारी के साथ झड़ गयी. अनिल अंकल ने भी उनकी चूत में और दो-तीन तेज़ धक्के मारे और ज़ोर से “आह्ह्ह!” करके मम्मी के अंदर ही झड़ गए. दोनों हाँफते हुए एक-दुसरे पर गिर गए. अनिल अंकल ने अपना लंड मम्मी की चूत से बाहर निकाला और मम्मी की बगल में लेट गए. मम्मी उनकी बाहों में सिमट गयी. मम्मी ने आँखें खोल कर उनकी तरफ देखा और उनके होंठो पर एक गीली सी मुस्कान थी.

उन्होंने अनिल अंकल के बालों को सहलाया और उनके सीने पर सर रख कर लेट गयी. दोनों के नंगे जिस्म एक-दुसरे से चिपक कर बेड पर लेट गए. उनकी सांसें अब भी तेज़ थी. अनिल अंकल ने आराम से मम्मी की कमर पर हाथ रखा और उन्हें अपनी तरफ खींचा. “वाह सुनीता उन्होंने धीमी आवाज़ में कहा. “तुमने तो बस आज पूरा निचोड़ ही डाला.” मम्मी शर्मा कर हस्सी “अनिल तुम भी… हमेशा इतनी जल्दी रहती है तुम्हे.” “जल्दी नहीं सुनीता अनिल अंकल ने उनकी कमर पर हाथ फेरते हुए कहा “ये तो तुम्हारा असर है जो मुझे इतना बेचैन कर देता है.”

मम्मी ने उनके होंठो पर एक हल्का सा किस किया. “बस अब हो गया है तो बाहर जाओ आपके और दोस्त मुझे चोदने के लिए बेचैन होंगे.” अनिल अंकल ने उनकी बात सुनी और थोड़ी ही देर में मम्मी की बाहों में सोते हुए उनके होंठ चूम लिए. मैं उन्हें ऐसी हालत में देख कर हैरान था. जिस माँ को मैं मंदिर की देवी मानता था वो आज पापा के एक दोस्त से चुदवाने के बाद दुसरे के लिए तड़प रही थी. मेरा दिमाग घूम गया. Mummy aur chachi ka raaz 3

मैं खिड़की से ये सब देख कर वहां से हट गया. मैं बिलकुल पागल हो गया था. मेरे दिमाग में ढेर सारे सवाल घूम रहे थे. मैं सीधा बाजू वाले कमरे की खिड़की के पास गया जहाँ मुझे चाची और महेश अंकल की चुदाई देखना था. मैंने धीरे से अंदर झाँका… और जो मैंने देखा चाची बिलकुल नंगी हो कर बिस्तर पर लेटी थी और महेश अंकल उनके ऊपर झुके थे. महेश अंकल ने उनके पेट पर अपना लंड रखा था और उनकी गांड को सहला रहे थे. महेश अंकल के चेहरे पर एक नॉटी स्माइल थी और उनके होंठ चाची की गर्दन पर चल रहे थे.

चाची की आँखें बंद थी और वो धीमी आवाज़ में आहह…आह्ह्ह कर रही थी जैसे उन्हें बहुत मज़ा आ रहा हो. महेश अंकल ने चाची की गांड पर हाथ रख कर उसे ज़ोर से दबाया “चल मेरी रानी अब बारी तेरी है वो धीरे से बोले. “खोल अपनी टांगें मैं तुझे और तड़पाना नहीं चाहता.” चाची ने भी धीरे से अपनी टांगें फैला दी. महेश अंकल ने अपना लंड उनकी चूत पर रखा और एक ही झटके में पूरा लंड अंदर घुसा दिया. चाची ज़ोर से चीख उठी “आह्ह्ह्हह… महेश… भैया.. आहहहह…”

महेश अंकल ने अब तेज़ धक्के लगाना शुरू कर दिया. चाची भी अपनी गांड उठा-उठा कर उनका साथ दे रही थी. दोनों के जिस्म से “थप थप थप” की आवाज़ आ रही थी. चाची की आँखों में अब दर्द नहीं बल्कि एक अलग ही हवस की चमक थी. वो अपने होंठ चबा रही थी “और… ओह्ह आराम से!” चाची उनको धीरे से करने को बोल रही थी पर महेश अंकल उनकी हार्ड चुदाई कर रहे थे. Mummy aur chachi ka raaz 3

कुछ देर बाद महेश अंकल ने अपना लंड चाची की चूत से बाहर निकाला और चाची को डोगी स्टाइल में होने के लिए कहा. चाची भी ख़ुशी से तैयार हो गयी. वो घोड़ी की तरह हो गयी और महेश अंकल ने उनके पीछे आ कर उनकी गांड को सहलाना शुरू कर दिया. “अब तेरी गांड की बारी है मेरी रानी वो बोले. “मैं आज तेरी गांड का भोसड़ा बना दूंगा.” चाची ने बस एक तिरछी स्माइल दी. महेश अंकल ने अपना थूक उनकी गांड पर लगाया और धीरे-धीरे अपना लंड उनकी गांड में घुसाना शुरू कर दिया.

चाची ज़ोर से चीखी “आह्ह्ह… भैया… आराम से… दर्द हो रहा है.” “दर्द नहीं मेरी रानी महेश अंकल ने हंस कर कहा. “ये तो सजा है.” महेश अंकल ने एक ही झटके में पूरा लंड अंदर घुसा दिया. महेश अंकल ने चाची की गांड में धक्के लगाना शुरू कर दिया. चाची की आँखों से आंसू निकल गए लेकिन उनके चेहरे पर अब भी एक अजीब सी ख़ुशी थी. महेश अंकल ने अब तेज़ धक्के लगाना शुरू कर दिया. चाची भी अब ज़ोर-ज़ोर से “आह्ह्ह आह्ह्ह” कर रही थी. Mummy aur chachi ka raaz 3

उन्होंने महेश अंकल से हाँफते हुए पुछा “आज आपको क्या शौंक हुआ गोली खा कर चुदाई करने का?” महेश अंकल ने एक तेज़ धक्का मारा और हंस कर कहा “पिछली बार मेरा जल्दी निकल गया था न तो तू मुझे ताना मार रही थी. रंडी आज मैं तेरी सारी गर्मी निकाल दूंगा.” महेश अंकल के मुँह से चाची के लिए “रंडी” शब्द सुन्ना मुझे अजीब लगा. वो चाची की गांड में ज़ोर-ज़ोर से धक्के मार रहे थे. चाची अब दर्द से नहीं बल्कि मज़े से चीख रही थी

“आह्हः… महेसस… आअह्ह्ह… और तेज़… मुझे और दर्द दो…” महेश अंकल ने उनकी गांड को दोनों हाथो से पकड़ कर और भी तेज़ धक्के लगाने शुरू कर दिए. चाची की सिसकारियां पूरे कमरे में गूँज रही थी. उनकी गांड पर अब लाल निशान पड़ गए थे. “आहह… महेसस… मैं… झड़… रही… हूं चाची ने कहा और उनका जिस्म कांपने लगा. महेश अंकल ने भी दो-तीन तेज़ धक्के मारे और चाची की गांड में ही झड़ गए. इसके आगे क्या हुआ वो अगले पार्ट में पढियेगा.

संस्कारी मम्मी और चाची निकली बड़ी चुदक्कड़-4

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