Mummy aur bahan ki chudai story:- हेलो रीडर्स मई विक्रम. मैं वापस आ गया हूं आप सब के लिए ये माँ बेटा बहन भाई की चुदाई स्टोरी का अगला पार्ट लेकर. आपने मेरी स्टोरी के लास्ट पार्ट को बहुत अच्छा रिस्पांस दिया है. और मैं आज इसी स्टोरी का आगे का पार्ट है वो लेकर आया हूँ तो उम्मीद करता हूं की आप इसको भी बहुत पसंद करेंगे और अपनी फीडबैक कमेंट मे देंगे.
Part 3 => बहन की मदद से मम्मी को चोदा -3
Mummy aur bahan ki chudai story
अभी तक आपने पढ़ा की कैसे आज मम्मी ने सुबह-सुबह मुझे और दीदी को नंगा देखा. और मेरे लंड को देख कर उसके साथ क्या-क्या किया. मम्मी ने मुझे तेज़ आवाज़ में रोका था की तू दीदी के रूम में मत जाना उसको उठाने. अब आगे-
फिर मम्मी से पूछता हु: क्या हुआ क्यों नहीं जाऊ?
मैं (मन में): मुझे तो पता है की आपने दीदी को देखा है की आज तो वो नंगी होकर सो रही है. तो आपको डर है की कहीं मैं आज अपनी प्यारी नेहा दीदी को इस नंगे रूप में न देख लू. लेकिन मम्मी आपको क्या पता की आपके बेटे ने क्या-क्या देखा है और क्या-क्या कर चुका है.
मम्मी: बेटा वो क्या है की उसकी तबियत ठीक नहीं लगी मुझे, अभी उठाने गयी थी तो देखा. तो तुम उसको सोने दो वो खुद उठ कर आ जाएगी.
मैं: ठीक है मम्मी जैसा आप बोलो.
फिर मम्मी नीचे चली जाती है और उनके जाने के बाद में मैं जाता हूं दीदी के रूम में. दीदी अभी भी सोने की एक्टिंग कर रही होती है की कभी मम्मी आये तो उनको लगे की वो सो ही रही थी. फिर मुझे थोड़ी सी आँख खोल के देखती है की आया कौन था. उसके बाद मुझे देख कर वो उठ जाती है.
नेहा दी: क्या हुआ विक्रम मम्मी गयी क्या?
मैं: हां दीदी अभी ही गयी है नीचे.
नेहा दी: जो मैंने बोला था वो किया था?
मैं: हां दीदी सब किया था और देखा भी था. लेकिन आप पहले ये बताओ की ये सब आपको कैसे पता था?
नेहा दी: बेटा आज मम्मी तुझसे पहले मुझे उठाने आयी थी और तुझे तो पता ही है मैं न्यूड ही सोती हूँ तो आज वो मुझे ऐसे देख कर सीधे बाथरूम में गयी और फिंगरिंग करि. इसलिए तो तुझे भी बोला था की तू भी कर जल्दी बात आगे बढ़ेगी.
मैं: अच्छा दीदी तो ये बात थी.
नेहा दी: अब बता तेरा लंड देख कर मम्मी ने फिंगरिंग की या नहीं?
मैं: दीदी जब वो आपकी चूत देख कर फिंगरिंग कर सकती है तो लंड देख कर तो ज़रूर करेगी न, और सिर्फ इतना ही नहीं उन्होंने तो मेरे लंड की फोटो भी ली और साथ में उसको टच भी किया.
नेहा दी: क्या बात है लगता है मम्मी भी एडवांस है.
मैं: हां और हो भी क्यों न मम्मी किसकी है! अपन दोनों की है न. अच्छा दीदी अब जब इतना कुछ हो गया सुबह-सुबह. मम्मी ने अपन दोनों के नाम की फिंगरिंग की है. तो अब मुझे भी कुछ करना है.
नेहा दी: क्या करना है? अब तुझे भी क्या मम्मी की चूत देख कर हिलाना है?
मैं: वो भी होगा बहुत जल्दी ही. लेकिन अभी तो आपके साथ करना है.
नेहा दी: सुबह-सुबह सेक्स नहीं कर सकते. अभी मम्मी अपने बारे में ही सोच रही है कभी भी आ सकती है.
मैं: हां तो सेक्स नहीं तो फोरप्ले तो कर ही सकते है एक-दुसरे को डिस्चार्ज करके?
उसके लिए फिर नेहा दी हां बोलती है. और उनकी हां सुनते ही मैं उनके होंठो पे किश करने लग जाता हूँ मैं अपनी टी-शर्ट उतार के उनके निप्पल्स से खेलता हूं और अलग-अलग तरह से हम दोनों एक-दुसरे के होंठो का मज़ा ले रहे थे. फिर हम 69 पोजीशन में आते है और दीदी मेरे लंड को हिलाती है. मैं भी उनकी चूत में ऊँगली करने लगता हूँ फिर 2 मिनट में मैं चूत चाटने लग जाता हूं तो दीदी भी साथ में लंड चूसना शुरू कर देती है.
अब आज की सुबह ही अलग थी जो भी हुआ उसके बाद आज दीदी फील ही नहीं हुई. ऐसा लग रहा था की मैं मम्मी की चूत चाट रहा था और ऊपर वो मेरा लंड चूस रही थी. आज ये सब सोच कर ही हम दोनों का दिन बहुत अच्छा होगा और मम्मी को सेड्यूस करने की इच्छा और बढ़ गयी. फिर हम दोनों रेडी होकर कॉलेज के लिए निकल जाते है. लेकिन दोनों का ही मैं नहीं लगता है तो अब सोचते है की मम्मी को कैसे जल्दी-जल्दी हमारे साथ सेक्स के लिए मनाये.
फिर अब हम शाम को मिलते है तो दीदी से मिल के यही बात करता हु.
मैं: नेहा दीदी ऐसा क्या करे की मम्मी भी मान जाये (अभी दीदी मेरी गोद में बैठी होती है और मैं उसकी कमर और बूब्स पे हाथ घूमते हुए पूछता हु)?
नेहा दी: हां यार समझ नहीं आ रहा की मम्मी इंटरेस्टेड तो है. लेकिन उनको पूरी तरह से कैसे खोले?
मैं: हां दीदी यही तो सोचना है. आपके टाइम तो अच्छा था आपकी मालिश करते-करते ही अपन दोनों में सब हो गया.
तभी दीदी एक-दम से पलट के मुझे देखते हुए बोलती है: हां विक्रम मिल गया आईडिया.
मैं पूछता हु: क्या आईडिया दीदी बताओ न मुझे भी?
फिर दीदी बोलती है की: आईडिया तो आ गया है. लेकिन तेरी वजह से आया है न इसलिए मैं तुझे पहले गिफ्ट दूँगी.
और दीदी मुझे बहुत सेडक्टिव तरह से किश करने लगती है. फिर मेरा हाथ अपने बूब्स पे रखती है और मैं भी दीदी के बूब्स दबाने लगाता हूँ फिर उसके बाद दीदी बोलती है-
नेहा दी: विक्रम जैसा की तूने अभी बोला की मैं तो मालिश में ही मान गयी थी. तो जब मेरे जैसी बेटी मान सकती है तो मेरी मम्मी क्यों नहीं? उनपे भी यही आईडिया ट्राई करे तो कैसा रहेगा?
तो मैं बोलता हु: हां दीदी ये तो बहुत अच्छा आईडिया है. लेकिन ऐसा करेंगे कैसे? मम्मी की मालिश कैसे कर पाउगा मैं?
नेहा दी: उसका भी आईडिया है मेरे पास. वो आईडिया लेकिन मैं तुझे एक ही शर्त पे बताऊगी.
मैं पूछता हु: वो क्या दीदी?
तो बोलती है: अब इस आईडिया से मम्मी भी तैयार हो जाएगी तो मुझे तुझे शेयर करना पड़ेगा. इसलिए आज तुझे मुझे खुश करना पड़ेगा फिर ही बताउंगी.
मैं उसके लिए तैयार हो जाता हूं और बोलता हूं की: दीदी अभी खाना खा के मिलते है. फिर आपको खुश करूँगा.
तो दीदी भी हां करती है. फिर हम दोनों लिप किश करते है की तभी मम्मी की आवाज़ आ जाती है खाना खाने बुलाने के लिए. फिर एक डीप किश करते है और खाना खाने के लिए चले जाते है. अभी तक के लिए इतना ही. अगले पार्ट में पता चलेगा की मैं दीदी को कैसे खुश करता हूं और क्या है उनका आईडिया. क्या रात से पहले भी कुछ होता है? वो सब पता चलेगा अगले पार्ट में. अगर कोई हमसे बात करना चाहता है या कुछ पूछना चाहता है तो कमेंट मे पूछ सकता है।
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