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मेरी माँ चुदी गैस डिलवरी वाले से

प्रेषक : विक्रम …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम विक्रम है और में आज एक बार फिर से आप सभी लोगों के लिए अपनी माँ की चुदाई की एक सच्ची घटना लेकर आया हूँ। दोस्तों मेरी माँ का नाम सपना है हम एक मध्यमवर्गीय परिवार से है और फारुखाबाद में रहते है। मेरे घर पर में, मेरी मम्मी, मेरे पापा है। दोस्तों मेरे पापा का अपना काम है और में भी कभी कभी पापा के साथ काम पर चला जाता हूँ और मेरी माँ ग्रहणी है। उनकी उम्र 48 साल, उनके फिगर का साईज 36- 34-38 है और अब में सीधे अपनी आज की कहानी पर आता हूँ और आप सभी को पूरी तरह विस्तार से बताता हूँ कि इस बार मेरी माँ गैस डिलवरी बॉय से कैसे चुदी?

दोस्तों एक दिन में किसी जरूरी काम से अपने घर ही आ रहा था कि रास्ते में गैस डिलवरी बॉय का मेरे पास फोन आ गया। वो कोई नया लड़का था जो मुझसे मेरे घर का पता पूछ रहा था तो मैंने उसे अपने घर का पता और कैसे आना है वो सब बताने के बाद मैंने अपनी माँ को फोन करके कहा कि गैस वाला गैस लेकर घर पर आ रहा है, लेकिन वो कोई नया लड़का है तो शायद आपको गली से बाहर निकलना पड़े और वैसे मैंने उसे सब कुछ बता दिया है, तो माँ ने कहा कि कोई बात नहीं में देख लेती हूँ। माँ को पता था कि में तो उस समय काम पर हूँ और में भी उस समय अपने घर ही आ रहा था और में बहुत पास में पहुंच चुका था और जब में घर पर आया तो मैंने देखा कि दरवाजा अंदर से बंद था और बाहर दरवाजे पर एक जोड़ी चप्पल पड़ी हुई थी जिसको देखकर में तुरंत समझ गया कि यह चप्पल तो जरुर उस गैस वाले की ही होगी। दोस्तों मेरे पास दरवाजे की एक दूसरी चाबी हमेशा जेब में रखी रहती है मैंने बहुत आराम से दरवाजा खोल दिया और फिर में अंदर चला गया, लेकिन शायद दोस्तों उस लड़के को अभी आए हुए ज़्यादा समय नहीं हुआ था इसलिए वो चुपचाप मम्मी के रूम में बैठा हुआ था और मम्मी उसे पीने को पानी दे रही थी। उस लड़के की उम्र करीब 22-24 लग रही थी। फिर उस लड़के ने पानी पिया और मेरी मम्मी को धन्यवाद आंटी बोला और अब उसने मम्मी से गैस की डायरी माँगी तो मम्मी अलमारी से डायरी निकालने लगी और अब माँ ने उसे डायरी दे दी और वो उसे पैसे देने के लिए अपने ब्लाउज में हाथ डालकर पर्स निकालकर उसे देने लगी, लेकिन माँ ने उसे जानबूझ कर नहीं दिए और अब वो उससे बोली कि बाहर बहुत गरमी है तुम थोड़ा आराम कर लो फिर चले जाना। तो उस लड़के ने मम्मी से बोला कि नहीं आंटी मुझे बहुत काम है और मुझे बहुत सारी गैस घरों पर पहुंचानी है। फिर माँ उससे कहने लगी कि तो हाँ काम कर लेना पहले थोड़ा आराम भी तो कर लो, देखो बाहर कितनी गरमी है और इतना बोलते ही उन्होंने जानबूझ कर अपनी साड़ी का पल्लू नीचे कर दिया और अब वो लड़का माँ की इस हरकत से उनके बाहर झूलते हुए बूब्स को देखकर उनकी तरफ आकर्षित होते हुए बोला कि हाँ आंटी बाहर गरमी तो सच में बहुत है और फिर उसने माँ की पास में पड़ी हुई ब्रा पेंटी की तरफ इशारा करते हुए कहा कि आंटी यह आपकी ब्रा, पेंटी बाहर है शायद आप इसे रखना भूल गये थे। माँ ने बोला कि अरे कोई बात नहीं है, में उन्हें अभी रख दूंगी देखो गरमी भी तो इतनी हो रही है कि मैंने जो पहना है मेरा तो उसे भी अब उतारने का मन करता है। फिर उस लड़के ने भी हल्के से मज़ाक में बोल दिया कि हाँ तो आंटी घर में हम अकेले ही है तो आप उतार लो, अब आपको कौन रोक रहा है?

फिर माँ ने उससे बोला कि हाँ तुम बिल्कुल सही बात कह रहे हो, में यह साड़ी उतारकर मेक्सी पहन लेती हूँ, वो मेरे लिए बिल्कुल ठीक रहेगा। फिर उस लड़के ने बोला कि हाँ आंटी क्या में भी आपकी मदद कर दूँ? तो माँ उससे कहने लगी कि ना ना में तेरे सामने यह सब नहीं करूंगी, तो उस लड़के ने पूछा कि ऐसा क्यों आंटी? अब माँ उससे बोली कि मुझे गरमी लग रही है तो अपने कपड़े उतार दूँ और तुम खुद तो अपने कपड़े पहनकर ही रहोगे। फिर उस लड़के ने बोला कि आप मेरे कपड़े उतारने में मेरी मदद कर दो और में आपकी मदद कर देता हूँ। अब माँ ने तुरंत कहा कि हाँ यह तो हम जरुर कर सकते है और बस जैसे ही उस लड़के को आगे बढ़ने का मौका मिल गया। वो अब जल्दी से माँ के पास आ गया और वो माँ के ब्लाउज के हुक खोलने लगा और माँ उसकी शर्ट के बटन खोलने लगी और इस बीच मौके का फायदा उठाकर उसने माँ के बूब्स हल्के से दबा दिए, लेकिन माँ ने उसकी इस हरकत को बिल्कुल अनदेखा कर दिया। फिर उसने माँ को पकड़ा और होंठो पर किस करने लगा और अब वो ज़ोर ज़ोर से माँ के बूब्स दबाने लगा और माँ भी उसे उसके किस का जवाब देने लगी, उसने माँ का ब्लाउज पूरा उतार दिया और वो अब ब्रा में हाथ डालकर बूब्स दबाने लगा और लगातार किस करता रहा और थोड़ी देर बाद उसने ब्रा को भी उतार दिया और माँ के एक एक बूब्स को दबाने, मसलने और चूस चूसकर निचोड़ने लगा। दोनों बूब्स को बारी बारी से पीने लगा। अब माँ ज़ोर ज़ोर से मोन करने के साथ साथ उसके सर पर अपना हाथ घुमा रही थी और थोड़ी देर ऐसे ही करने के बाद उसने मम्मी की साड़ी को पूरा उतार दिया और माँ ने भी उसके पूरे कपड़े उतार दिए और उस लड़के को बिल्कुल नंगा कर दिया और तब तक उस लड़के ने भी मेरी माँ को पूरा नंगा कर दिया था। दोस्तों ये कहानी आप AntarvasnaSEX.net पर पड़ रहे है।

अब वो मेरी माँ की चूत पर हाथ घूमा रहा था जिसकी वजह से मेरी माँ अब धीरे धीरे गरम हो रही थी और उनकी चूत से थोड़ा थोड़ा पानी बहने लगा था। दोस्तों मैंने उसी समय देखा कि मेरी माँ की चूत पर हल्के हल्के से बाल थे जिनको देखकर लगता था कि शायद कुछ दिन पहले ही उन्होंने अपनी चूत के बालों को साफ किया होगा इसलिए छोटे छोटे बाल आ गये होंगे। अब माँ उसके लंड पर हाथ लगा रही थी और उसे मसल रही थी। फिर उस लड़के ने मेरी माँ से बोला कि प्लीज आंटी इसे एक बार आप अपने मुहं में लो ना। तो माँ उसकी तरफ देखकर हंसी और लड़के ने माँ के सर को पकड़कर हल्का सा नीचे किया और माँ ने बहुत आराम से नीचे आकर उसके लंड को अपने मुहं में ले लिया। दोस्तों उसका लंड करीब 7 इंच लंबा होगा और वो थोड़ा सा मोटा भी था। अब माँ उसे अपने मुहं में लेकर लोलीपोप की तरह चूस रही थी और वो लड़का मेरी माँ के सर को अपने एक हाथ से पकड़कर दबा रहा था और वो उनसे कह रहा था हाँ आंटी उह्ह्ह्ह और ज़ोर से चूसो कर रहा था।

फिर कुछ देर बाद लंड को तुरंत मुहं से बाहर निकालकर उसने माँ को उठाया और फिर सीधा लेटा दिया और अब वो दोनों 69 की पोजीशन में आ गए और अब वो माँ के मुहं में अपना लंड डालकर वो खुद उनकी चूत को चाट और चूस रहा था। फिर करीब दो तीन मिनट ऐसा करने के बाद वो लड़का मेरी माँ के मुहं में झड़ गया और में दरवाजे के पास लगी उस खिड़की से यह सब कुछ देख रहा था और अब में जल्दी से अपनी जगह से हट गया क्योंकि में अब समझ गया था कि माँ वीर्य को थूकने के लिए उठकर बाहर जरुर आएगी। फिर कुछ देर बाद माँ ने वैसा ही किया वो बाहर आई थूककर अंदर चली गयी और उस लड़के के लंड को दोबारा से अपने मुहं में लेकर चूसने लगी और वो लड़का भी मेरी माँ की चूत को बहुत मज़े लेकर चाट रहा था। फिर थोड़ी देर बाद उसका लंड एक बार फिर से तनकर खड़ा हो गया और अब माँ ने अलमारी से एक कंडोम निकाल लिया और उसके लंड पर लगा दिया। उस लड़के ने भी तुरंत मेरी माँ की चूत के मुहं पर अपना लंड लगा दिया और उसने हल्का सा धक्का देकर उसे पूरा अंदर कर दिया और चूत पूरी तरह से गीली थी इसलिए लंड अंदर चला गया, लेकिन थोड़ा मोटा और बड़ा होने की वजह से माँ को हल्का हल्का सा दर्द जरुर हुआ और अब वो लगातार अंदर बाहर करने लगा और माँ उससे उह्ह्ह्ह आईईईइ प्लीज थोड़ा आराम से करो बोल रही थी। दोस्तों वो लड़का पहले तो बहुत आराम से करने लगा, लेकिन करीब दस मिनट के धक्को के बाद वो बहुत तेज़ तेज़ धक्के देकर उनकी चुदाई करने लगा जिसकी वजह से माँ बस अह्ह्ह्हह उफ्फ्फफ्फ्फ़ थोड़ा और करो उईईईइ और करो कर रही थी। फिर करीब दस मिनट तक लगातार ताबड़तोड़ धक्कों के साथ चुदाई करने के बाद वो झड़ गया और थककर माँ के ऊपर ही लेट गया वो दोनों पसीने से पूरी तरह भीग चुके थे और अब वो लड़का उठा और वो माँ से बोला कि आंटी आज पहली बार मैंने इतनी अच्छी गैस की डिलेवरी की है इसके बाद से आपकी गैस ऐसे ही सही समय पर आया करेगी और अब वो अपने कपड़े पहनने लगा। माँ ने उसके लंड को एक बार फिर से मुहं में लिया और वो उसे चूसने लगी और अब माँ ने उससे कहा कि तुम्हे आज के बाद जब कभी भी समय मिले आ जाना तुम्हारे अंदर भी गरमी बहुत है। फिर लड़का मेरी माँ की यह बात सुनकर हंसकर बोला कि हाँ क्यों नहीं ऐसी गरमी तो निकालनी ही है? अब में बाहर से ऊपर चला गया और वो लड़का भी पैसे लेकर वहां से कुछ देर बाद चला गया ।।

धन्यवाद …

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