Mera pyara parivar:- मेरे घर में मेरे पापा सुरेश रॉय. उनकी एज 47 साल है. मेरे पापा की एक कंपनी है इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट की इसलिए हम लोग काफी रिच है. और मेरे पापा बहुत हैंडसम लगते है. उसके बाद मेरी मम्मी रीना रॉय. बहुत ही सेक्सी है. ये घर की हेड है. सब कुछ इनकी मर्ज़ी से होता है. उनकी एज 42 साल है. दिखने में ये सेक्स बम है. जिम जाने से बॉडी एक-दम शेप में है. माँ को देखने से नहीं लगता उनकी उम्र 42 है और 2 बच्चो की माँ है. वो घर को संभालती है और घर में सब उनकी बात मानते है और मेरी सबसे अच्छी दोस्त है. फिर मेरी बड़ी बहन अनामिका जो अभी ग्रेजुएशन कम्पलीट करके बैठी है. वो दिखने मम्मी से सुन्दर है. उसको देख के कॉलेज के सारे लड़के लार टपकाते है.
वो मुझसे 6 साल बड़ी है. लेकिन हम दोनों की मज़ाक-मस्ती देख कर कोई कह ही नहीं सकता था की ये दोनों भाई बहन है. हम गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड वाली मस्ती करते है. उसके बाद मेरे परिवार में 16 लोग है. मेरी 3 चाची विमला सीमा पुष्पा. उनके पति खत्म हो चुके है तो हमारे साथ रहती है. उनकी 4 बेटियां और मेरी कजिन सिस्टर्स निक्की नेहा शिवानी श्रेया. 3 बुआ भी हमारे साथ रहती है और उनकी 3 बेटियां रिया निम्मी मुनिया सब मिल कर साथ रहते है. ये मेरी फॅमिली है. यहाँ पर सब बड़े प्यार से रहते है. Mera pyara parivar
पर दो साल पहले कुछ ऐसा परिवर्तन हुआ जिससे हम लोगों की पूरी ज़िन्दगी ही बदल गयी. मैं अभी साइकोलॉजी करता हूँ लेकिन ये स्टोरी दो साल पहले स्टार्ट होती है जब मैं 19 साल का था और मैं कॉलेज में था. मेरी कसिन्स सिस्टर्स भी मेरी तरह कॉलेज में थी. एक दिन जब पापा और मैं नाश्ता कर रहे थे तो उन्होंने सोचा अब टाइम आ गया है. उन्होंने मुझे बुलाया और मुझे बोले-
पापा: बेटा ऑफिस जॉइन कब करेगा?
मैं: क्या हुआ पापा इतना बड़ा नहीं हुआ हु.
पापा: जी ठीक है. जब तेरी मर्ज़ी हो तब जॉइन कर लेना.
मैं: जी पापा.
ये कह कर मैं रास्ते में कार में सोचते-सोचते निकल गया. इतनी बड़ी बात और तभी अचानक मेरा ध्यान हट गया और मेरा एक्सीडेंट हो गया. उसके बाद मुझे कोई वहां से हॉस्पिटल ले गया और मेरे परिवार को बताया मेरे मोबाइल से. उसके बाद सब लोग हॉस्पिटल आ गए. Mera pyara parivar
रीना (माँ): डॉ सर क्या हुआ है मेरे बेटे को? कैसा है? बच तो जायेगा?
डॉक्टर: घबराने की कोई बात नहीं है. ज़्यादा चोट नहीं आयी है. अभी ऑपरेशन किया है जल्दी ही होश में आ जायेगा.
सब लोग ये सुन कर खुश हो गए और मेरी दीदी और बाकी कसिन्स वहीँ बैठ कर मेरे होश आने का वेट करने लगे. 8 घंटे बाद मुझे होश आया.
डॉक्टर: जाइये आपके बेटे को होश आ गया.
माँ और दीदी रूम में आयी और बोली: बेटा ये कैसे हुआ?
मैंने कहा: कार डिस्बैलेंस हो गयी और ये हो गया.
फिर मुझे 3 दिन बाद डिस्चार्ज मिला और में घर आ गया. नेक्स्ट डे सुबह-सुबह मैं जागा तभी दीदी मेरे रूम में एंटर हुई.
अनामिका: कैसा है भाई? अब अच्छा लग रहा है.
मैं: हां दीदी अब मैं ठीक हु.
उस टाइम दीदी ने शॉर्ट्स और टी-शर्ट डाला हुआ था. बहुत ही सेक्सी लग रही थी. उनके खुले बाल बड़े-बड़े बूब्स मस्त गांड देख मेरा हाथ शॉर्ट्स में चला गया. मेरे और दीदी के बीच बॉयफ्रेंड-गर्लफ्रेंड वाली मस्ती चलती रहती थी. मतलब सिर्फ हग्स और खुल के बात कर लिया करते थे. अचानक मुझे टॉयलेट लगी और मेरे हाथ में प्लास्टर था. सो मैंने सोचा क्यों न दीदी को अपना लंड दिखाया जाये. Mera pyara parivar
मैं: दीदी मुझे टॉयलेट लगी है. मेरे हाथ में प्लास्टर है आप मुझे बाथरूम करवा दोगी.
अनामिका (दीदी): भाई ये भी कोई पूछे वाली बात है. एक काम कर तू खड़ा मत हो मैं उठा के ले जाती हु.
मैं (मन में): आज तो मज़ा आएगा.
अनामिका (दीदी) मुझे बाथरूम में ले गयी और शॉर्ट्स नीचे किया. फिर मेरा लंड बाहर निकाल लिया. उनकी नज़र मेरे लंड पर गयी और बोली-
अनामिका: बाप रे इतना बड़ा और मोटा!
फिर अनामिका दीदी ने लंड को पकड़ के टिप को ऊपर किया और मैं मूतने लगा. उसके बाद फिर कुछ ऐसा हुआ जिस पर मैं बिलकुल यकीन नहीं कर पाया. अनामिका दीदी मेरा लंड पकड़ कर हिलाने लगी. वह अपना एक हाथ अपनी चूत में डाले एक हाथ से मेरा लंड हिला रही थी. मैं कुछ बोलने की स्थिति में नहीं था. मुझे समझ नहीं आ रहा था क्या हुआ. फिर मैंने भी हिम्मत करके एक हाथ से उनका बूब्स दबा दिया. वो मुझे देखके स्माइल दी और बोली-
अनामिका: क्या हुआ दबा भी दे.
मैंने बूब्स दबाने चालु किये. अचानक दीदी ने मेरा लंड मुँह में ले लिया. जैसे ही उन्होंने मेरा लंड मुँह में लिया मुझे ऐसा लगा मुझे चरमसुख की प्राप्ति हुई. ऐसा करेगी वो मैं सोच भी नहीं सकता था. मेरा लंड बड़ा था इसलिए वो पूरा मुँह में नहीं ले पा रही थी. 20 मिनट चूसने के बाद मेरा लंड उनके मुँह में ही झड़ गया और दीदी ने सारा पानी पी लिया. फिर वो ऊपर आयी और मुझे किश करने लगी. फिर हम लोगों ने 5 मिनट किश किया और हम अपने रूम में आ गए.
दीदी बोली: तू तो बहुत जल्दी बड़ा हो गया. मुझे पता भी नहीं चला. मैंने कहा: आपने मौका कहाँ दिया साबित करने का.
अनामिका: चल तो फिर आज रात साबित कर देना.
हम दोनों बात कर रहे थे बीच में मम्मी आ गयी और बोली: क्या बातें चल रही है भाई-बहिन में?
दीदी ने बात को पलट के बोला भाई के साथ आज मैं सो जाउंगी. इसको किसी चीज़ की ज़रुरत होगी तो ध्यान रखूंगी. ऐसा कहते ही दीदी ने मुझे आँख मारी. मैं समझ गया और बोला हां दीदी रात को क्यों अभी से रहो. मुझे अच्छा लगेगा. इस पर दोनों हसने लगे.
रीना (माँ): ठीक है बेटा अभी डॉक्टर आये है तेरा प्लास्टर काटने चल नीचे.
फिर मैं अपना प्लास्टर कटवा के रूम में आ गया. मैं लेटा हुआ सोच रहा था आज तो मज़ा ही आ गया. कुछ देर बाद माँ रूम में आती है. मेरे पास बैठ के माँ ने धीरे से अपना हाथ मेरे बालों में फेरा. इससे मेरे लंड में एक करंट सा दौड़ गया. मैं पलट कर उनकी तरफ देखा. वो थोड़ा झुकी हुई थी. उनकी क्लीवेज मेरे सामने थी और उनकी आँखों में एक शरारती चमक थी.
मैं: माँ आप कितना ख़याल रखती हो मेरा.
ऐसा कहते ही माँ को गले लगा लिया. माँ मेरे ऊपर आ गयी. उन्होंने अपना हाथ मेरे गाल पर रखा और सहलाया. मैं जानता था वो मुझे टीज़ कर रही थी. मेरा खड़ा लंड शॉर्ट्स के अंदर और ज़्यादा तन गया था. माँ नॉटी स्माइल के साथ मुझे देखि. उनकी आँखों में जो चमक थी वो चमक थी एक माँ की जो अब अपने बेटे में अपना सब कुछ ढूंढ रही थी. उन्होंने अपने होंठो को मेरे होंठो से मिला दिया. इस किश में मम्मी ने अपने होंठो को मेरे होंठो पर मसला और उनकी जीभ मेरे मुँह में आ गयी. मैंने भी उनकी जीभ को चूसा हमारी जीभ आपस में लड़ रही थी. मैं उनके बूब्स को अपने हाथो से सहलाता रहा. फिर 15 मिनट्स के बाद मम्मी ने होंठ अलग किये.
रीना (माँ): मैं तुझसे इतना प्यार करती हूँ तू मेरा सबसे प्यारा बेटा है. माँ मेरे पास ही बैठी थी. उसकी सारी बात मैं सुन रहा था. माँ ने मेरे सर पर हाथ फेरा और पानी दिया.
रीना (माँ): बेटे तेरे पापा को ब्रेन कैंसर है. उनके साथ नहीं कर पाती. मैं तो ये ढूंढ रही थी. आह्हः अपने ही घर में इतना बड़ा लंड है और मैं देख ही नहीं पायी. मैं माँ के बूब पर हाथ घुमा रहा था. वो लेटती हुई मज़ा ले रही थी. मैंने माँ को अब कई जगह किश किया. उनकी चूत पर हाथ फेरने लगा. वो टांगें चौड़ी कर मज़ा ले रही थी. Mera pyara parivar
मैं: माँ क्या ये हम सही कर रहे है? आप मेरी माँ हो और ये सब मुझे नहीं करना.
रीना (माँ): बेटा मैं और तुम्हारे पापा सब पहले ही सोच चुके है. तू मुझे प्यार नहीं करता वरना ऐसा बोलता ही नहीं.
माँ का आंसुओं से पूरा चेहरा भीग चुका था. कुछ देर तक वो हिली नहीं.
मैं: नहीं माँ. ऐसी बात नहीं है. मैं बहुत प्यार करता हूं आपसे. मैंने दूसरी तरफ के गाल पर किश किया और एक साथ बहुत किस्सेस कर दिए. हम दोनों एक-दुसरे से चिपके थे. तभी गेट पे कोई खड़ा हो कर हमें देख रहा था. मेरी चाची विमला हम दोनों की बातें सुनते हुए चूत में ऊँगली कर रही थी. इधर माँ मेरी तरफ आ कर लेट गयी. मैंने माँ को सीधा लिटा लिया. माँ मेरी पीठ पर अपने हाथ फेरने लगी. मुझे अब अच्छा लग रहा था. मैं कुछ देर बाद माँ के लिप्स चूसने लगा. लिप्स चूसते हुए बूब्स को दबाने लगा. वो भी चूस रही थी. हम दोनों लिप्स चूसने में बिजी हो गए.
रीना (माँ): ओह्ह्ह्ह मिन्टी मेरे जानु मेरे डार्लिंग. आह्ह्ह्ह ओह्ह्ह माय गोड यू आर माय रियल हब्बी. ओह्ह्ह आह्ह्ह्ह चूसो यार आह यार आज रात तुम को बहुत मज़ा दूँगी. यार आज सारी रात मुझे जी भर कर चोदना आह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह. तुम बहुत अच्छे हो तुम्हारी वाइफ बन कर मैं बहुत खुश हूं डार्लिंग. आआह्ह्ह मेरी चूत में तुम्हारा ही लंड होगा आआअह्ह्ह मेरे राजा ऊऊह्ह्ह आह्ह्ह्ह मिन्टी ओह्ह्ह.
मैंने माँ का पल्लू हटा दिया और ब्लाउज भी खोल दिया. मैंने उसकी ब्रा और पैंटी खोल कर एक-दम नंगी कर दिया. माँ मेरे सामने खड़ी एक अप्सरा लग रही थी. मैंने भी अपने कपडे खोल दिए और नंगा हो गया. मेरा लंड खड़ा हो कर दर्द करने लगा था. मैंने अपना लंड माँ को पकड़ा दिया. वो बैठ कर चूसने लगी. कुछ देर चूसने के बाद उसने लंड को इतना गीला कर दिया की एक झटके में लंड घुस जायेगा. मैं अब माँ की चूत पर हाथ फेरने लगा. चूत पर हाथ रखते ही माँ गरम होने लगी. Mera pyara parivar
फिर मैंने उनकी चूत पर अपने होंठ रख दिए और चूसने लगा. कुछ देर चूसने के बाद मैंने माँ को एक-दम सीधा लिटा लिया और लंड को चूत पर आराम से रखा. फिर एक ज़ोरदार शॉट मारा और थोड़ी ही देर में लंड उसकी चूत में चला गया.
रीना (माँ): चोद चोद आह्ह्ह्ह मेरे बेटे तुझसे चुद-चुद कर आह्ह्ह्ह आज की चुदाई वाली रात मुझे हमेशा याद रहेगी. आह्ह्ह्ह तू बहुत मस्त चोदता है आह्ह्ह्ह. अगर पहले पता चल जाता तो पहले ही तेरी रंडी बन जाती मैं. आआह्ह्ह आआअह्ह्ह्ह यार मेरी चूत आआह्ह्ह थोड़ा दर्द हो रहा है पर मज़ा भी बहुत आ रहा है. आआअह्ह्ह मर गयी यार. मेरी जांघ माँ की गांड से लग कर आवाज़ कर रही थी. मुझे माँ चोदते हुए मज़ा आ रहा था. मैं माँ को खूब मज़े से चोद रहा था.
कुछ देर चोदने के बाद मैंने स्पीड बढ़ा दी. फिर 10-15 मिनट बाद माँ झड़ गयी थी. मैं भी कुछ देर बाद झड़ गया.
रीना (माँ): बेटा वादा करो ऐसे ही प्यार करते रहोगे.
मैं: प्रॉमिस माँ ऐसे ही प्यार करूँगा.
रीना (माँ): आप मेरी मांग भर कर अपनी बना लो. मैं हमेशा आपके पैरों में रहना चाहती हूँ बोल बेटा बनाएगा न मुझे अपनी वाइफ?
मैं: आज से तुम मेरी पत्नी हो. तुम जो चाहोगी सब मिलेगा. पापा का तुम पर से हक़ मेरा हो गया. वो अब न तो तुझे छू सकता है और न ही प्यार करेगा. बस तू मेरी है. मैं ही रात को तेरे साथ बैडरूम में तेरा पति बन कर सोया करूँगा. मैंने वाइफ को अपनी बाहों में अपनी तरफ किया और उसके होंठो पर होंठ रख दिए. उसकी आह निकाल गयी. मैं नीचे वाले लिप्स को चूसने लगा. फिर मेरी वाइफ (माँ) ने मेरे पैर छुए और नीचे चली गयी. बहुत ही खुश लग रही थी वो. फेस पे अलग ही ग्लो था उनके. Mera pyara parivar
और जो चाची गेट से हम दोनों को देख रही थी वो भी अपने रूम में चली गयी और मैं भी नंगा बेड पर लेटा हुआ था. ऊपर रजाई डाल रखी थी. तभी मेरी कजिन शिवानी मेरे रूम में किसी काम से आयी. शिवानी मेरी सेम एज की है तो हमारी बॉन्डिंग बहुत अच्छी है. उसका फिगर 34-30-34 है. गांड एक-दम मोटी है बूब्स तो टाइट है एक-दम शेप में.
शिवानी: भैया मुझे आपसे पूछना था कल कॉलेज में एक इवेंट है. तो आप मेरे साथ जा सकते हो?
मैं: ठीक है तू सुबह तैयार हो जाना हम जल्दी ही चलेंगे.
उसने मुझे एक गुड नाईट किश दी और एक सेक्सी स्माइल के साथ मेरे को एक किश किया. फिर मेरे लंड को ऊपर से दबा कर बोली-
शिवानी: भैया आप नंगे लेटे हो?
मैं: हां मैं डेली ऐसे ही सोता हु.
शिवानी: इट्स ओके. तेरी कोई गर्लफ्रेंड है?
मैंने तुरंत कहा: नहीं दीदी.
वो बोली: झूठा.
मैंने कहा: सच दीदी आपकी कसम.
वो बोली: ओके तू कैसी लड़की चाहता है?
मैंने कहा: आपके जैसी.
वो ज़ोर से हंसी और बोली: मुझमे तुझे क्या अच्छा लगा?
मैं: तू तो मेरी जान है.
दीदी बोली: मैं भी एक बात पूछू?
मैंने बोला हां पूछ.
वो बोली: तूने कभी किया सेक्स किया है?
मैंने कहा: नहीं.
वो बोली: तो तेरा अभी से इतना बड़ा कैसे है?
मैंने कहा: ये तो नैचुरली है.
मेरा 9 इंच का लौड़ा उसके हाथो में तन्ना हुआ था.
फिर शिवानी दीदी बोली: मेरे पीरियड्स चल रहे है वरना आज तुझे सोने न देती.
और मुझे एक लिप्स पर किश देके चली गयी. उसके जाते हुए मैं उसकी मोटी गांड को देखने लगा जो मटक रही थी. वो पीछे मुड़ी और मेरे को उसकी गांड देखते हुए देख लिया.
फिर बोली: थोड़ा और इंतज़ार कर ले मेरे भाई. कल तुझे सब मिलेगा.
और एक सेडक्टिव स्माइल दे कर चली गयी. उसके बाद मैं सो गया. अगले दिन मैं उठ गया और फ्रेश हो कर बाहर आया. माँ किचन में थी. मैंने उनको पीछे से हग किया और आगे से उनकी चूत पे हाथ रब करते हुए गुड मॉर्निंग बोला. Mera pyara parivar
माँ: गुड मॉर्निंग बेटा. क्या बात है अपनी माँ से कल रात इतना प्यार किया. फिर भी पेट नहीं भरा?
मैं: आप बहुत हॉट हो. मन करता है दिन रात तुम्हारी चूत में लंड डाल के रखू.
माँ: ना बाबा तेरा बहुत बड़ा है. मेरी चूत अभी तक दर्द कर रही है.
फिर मैं वहां से निकला और मैंने देखा की शिवानी दीदी रेडी हो चुकी थी. उन्होंने एक ब्लैक कलर की हाफ टॉप पहनी थी. नीचे उन्होंने एक ब्लू जीन्स डाल रखी थी जो बहुत टाइट थी. उसमे से उनकी गांड का साइज कोई भी पता कर सकता था. बहुत ही खूबसूरत लग रही थी. उनको देख कर ही शॉर्ट्स में लंड खड़ा हो गया. फिर वो मेरे पास आयी और बोली-
शिवानी: भाई तूने लेट करवा दिया. मैं कल तुझे बोल कर गयी थी. रेडी हो जा जल्दी लेट हो जायेंगे.
उसके बाद मैं रेडी हुआ. फिर हमने नाश्ता किया. उसके बाद हम कार से कॉलेज के लिए निकल गए.
मैं: दीदी आज आप बहुत ही खूबसूरत लग रही हो. आज क्या इरादा है?
शिवानी: मैं तो डेली ऐसे ही तैयार होती हूँ तू देख आज रहा है.
ऐसे ही बातें करते-करते हम कॉलेज आ गए. उसकी फ्रेंड भी आयी हुई थी. फिर शिवानी दीदी ने मुझे सबसे मिलवाया।
इसके आगे की कहानी अगले पार्ट में.
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