मै अपने जीजू की रंडी बन कर चुदी

Mai Jiju ki randi bankar chudi:- हेलो फ्रेंड्स मेरा नाम शिवानी है और मेरी उम्र 23 साल है. मैं नॉएडा की रहने वाली हूँ मैं आज आप लोगों को अपनी चुदाई का एक नया किस्सा सुनाने जा रही हूँ उम्मीद है आप लोगों को अच्छा लगेगा. ये कहानी 2 साल पहले की है जब में 21 साल की थी. इस कहानी में मुझे मेरे जीजू ने जम कर चोदा है. मेरी सोना दी और जीजू की शादी अभी 4 साल पहले ही हुई थी. वो लोग गाजियाबाद में जॉइंट फॅमिली में रहते थे.

दी के 2 जेठ-जेठानी उनके बच्चे सास-ससुर सब एक ही साथ रहते थे. मेरे जीजू थोड़े से ज़्यादा ही हवसी थे. ऐसा दीदी ने मुझे बताया था जब उनकी नयी-नयी शादी हुई थी. जॉइंट फॅमिली में रहने से जीजू दी की ज़्यादा चुदाई नहीं कर पाते थे शर्म के मारे. उन्हें गाजियाबाद से डेली नॉएडा आने में भी दिक्कत होती थी. वो रात में काफी लेट हो जाते थे आते-आते. दीदी भी जॉइंट फॅमिली में एडजस्ट नहीं कर पा रही थी.

तो इन्होने अपने घर में नॉएडा जा कर रहने की बात करि. पहले तो जीजू के मम्मी-पापा ने मना कर दिया. पर जब जीजू ने ज़्यादा ज़िद करी तब वो मान गए. अब दी और जीजू यहाँ नॉएडा हमारे घर के पास रहने आ गए. मतलब उनका – हमारे यहाँ से बस 4-5 किलोमीटर की दूरी पर ही है. जीजू का शुरू से ही मुझसे ज़्यादा ही लगाव रहा है. मुझसे बात करते रहते थे. पर मुझे लगा नहीं था कभी की जीजू के मन में मुझे चोदने का ख़याल भी आया होगा कभी.

खैर जीजू है तो बहुत हैंडसम. एक-दम गोरे उनकी बियर्ड से तो अलग लेवल प्यार है मुझे. पर मैंने भी जीजू के बारे कभी इतना नहीं सोचा. दीदी थोड़ी ज़्यादा ही मोटी थी तो मैं सोचती थी इन्होने शादी के लिए हां क्यों करी होगी. क्यूंकि ये उतने वेल सेटल्ड और दिखने में भी दीदी से बहुत सुन्दर है. इनकी गर्लफ्रेंड भी ज़रूर ही होगी और तो और न उनकी एज ज़्यादा थी वो बस 25 साल के थे तब. ये सब बातें भी मुझे बाद में पता चल गयी थी आप लोगों को भी बाद में ही बताउंगी.

अभी दीदी और जीजू यहाँ नॉएडा रहने आये. तब मेरे एक्साम्स शुरू होने वाले थे. मेरे एक्साम्स ख़तम हुए तो दीदी ने मुझसे बोला की “अब आजा पहले तो एक्साम्स की वजह से नहीं आ रही थी.” मम्मी पापा ने भी मुझसे जाने के लिए बोला तो मैंने हां बोल दी. फिर जीजू मुझे घर लेने आ गए. मैं जब जीजू के साथ बाइक पर जा रही थी. तो वो बहुत ब्रेक मार रहे थे.

जीजू- “ठीक से पकड़ लो शिवानी.”

मुझे अजीब लग रहा था पर मैंने पकड़ लिया. उन्होंने मेरे दोनों हाथो को पकड़ा और मुझे अपने करीब खींच लिया. फिर बोले “ऐसे पकड़ो नहीं तो गिर जाओगी तुम तो डर रही हो.” मैंने थोड़ी देर पकड़ कर रखा फिर अपने हाथ हटा लिए. जीजू ने फिर से साइड में बाइक रोकी और मुझे अपनी तरफ खींचा और टाइट पकड़ने को बोले. फिर मैंने भी पकड़ कर रखा क्यूंकि मुझे भी मज़े आ रहे थे. इतना हैंडसम लड़का खुद चिपका रहा है तो मैं क्यों ही पीछे हटूँ और इसमें कुछ गलत था भी नहीं.

मैं पहुंची तो जीजू दीदी के सामने एक-दम नॉर्मल बीहेव कर रहे थे. पर कहीं न कहीं मैं समझ गयी थी की उनके दिमाग में क्या चल रहा था. जीजू मुझे रात को डेली मार्किट लेकर जाते कुछ न कुछ खिला कर लाते, दी भी हमारे साथ जाती. दीदी जीजू अपने रूम में और मैं दुसरे रूम में सो रही थी. तो मुझे रात में 2 बजे प्यास लगी तब भी जीजू दी को चोद रहे थे. उनकी आवाज़े सुन कर मेरा भी मन करने लगा. मैं वहीँ खड़ी ऊँगली करने लगी. खिड़की का पर्दा हल्का सा खुला था वो मुझे दिख रहे थे. मैंने 2 घंटे वहीँ खड़े हो कर उनकी चुदाई देखी. दीदी थक जाती पर जीजू नहीं थकते वो चोदते ही रहते बोलते “कुतिया मेरी रंडी. अभी मेरा मन नहीं भरा तुझे चोद कर चुद मेरी कुतिया. आज तेरी चूत फाड़ूंगा साली रुक तू.” ऐसा कह कर दीदी पूरी रात चुदी सुबह के 5 बज गए तब जा कर वो लोग सोये. Mai Jiju ki randi bankar chudi

मैं भी तभी वहां से गयी. अब मेरा भी जीजू से चुदने का बहुत मन कर रहा था. उधर से उनका लंड उतना नहीं दिखा था पर लग रहा था की बहुत मोटा और लम्बा है. एक बार दीदी थक गयी थी तो उन्होंने जाने से मना कर दिया था तब जीजू मुझे रेस्टोरेंट में लेकर गए. उधर हम बैठे थे तो उन्होंने मेरा हाथ पकड़ा और पकड़ कर बैठे रहे. वो मुझसे बोले “कितने मुलायम हाथ है तुम्हारे.” मुझे बहुत अजीब लग रहा था. मैंने जीजू से मज़ाक मज़ाक में बोल दिया “क्यों जीजी के हाथ मुलायम नहीं है और उनसे पूरा नहीं पड़ रहा क्या आपका?” वो हंस कर बोले “काफी जल्दी समझ गयी.” मुझे भी उनका मुझे छूना अच्छा लगने लगा था. मैंने उनसे कहा “जैसे आप दिन में रहते हो वैसे रात में नहीं रहते.”

जीजू बोले “मतलब?”

मैंने कहा “कुछ नहीं.”

जीजू बोले “कुछ देखा है क्या तुमने?”

मैंने मुस्कुरा कर मुँह फेर लिया. शायद वो समझ गए थे. अब उन्होंने मुझसे वहां पुछा।

जीजू – “क्या तुम कभी किसी से चुदी हो?”

तो मैंने उनसे मना कर दिया.

जीजू- “झूठी हो ही नहीं सकता की तुम अब तक चुदी न हो.”

मैंने तब भी उनसे मना कर दिया. हम वहां से निकल कर घर आ गए. तब दीदी अपनी बेस्ट फ्रेंड शिवांगी दीदी से बात कर रही थी. शिवांगी दीदी 2 दिनों के लिए नॉएडा आ रही थी. तो उन्होंने दीदी को अपने पास बुलाया था. जीजू के आने के बाद दीदी ने उनसे पुछा की वो शिवांगी से मिलने जाए या नहीं. तो जीजू ने उन्हें परमिशन दे दी. दीदी पहले मुझे भी ले जाने के लिए बोलती है. जीजू मुझे इशारे करके कहते है की मैं मना कर दू. मुझे पता था आज जीजू का मुझे चोदने का प्लान था. चुद तो मैं पहले भी काफी बार चुकी थी पर शादी-शुदा आदमी से आज पहली बार चुदूंगी. उनका लंड कितना बड़ा होगा ऐसा सब मैं मन ही मन सोच रही थी. और सच बताऊँ तो मुझे जाना भी नहीं था. Mai Jiju ki randi bankar chudi

मैंने दीदी से मना करा तो दीदी ज़िद करने लगी. तब जीजू बोले की “रहने दो इसे घर ही खा-मा-खा ये परेशांन हो जाएगी तुम दोनों बेस्ट फ्रेंड्स के बीच.” तब दीदी मान गयी और कहती “ठीक है तू घर ही रह.” अगले दिन दीदी को जाना था उस दिन संडे था. पर जीजू ने दीदी से बोला की “मैं भी ऑफिस जाऊंगा पर लेट जाऊंगा.” दीदी कहती है “ठीक है आप चले जाना मैं निकलती हु.” जीजू ने बहुत रोमांटिक किश करते हुए बोला “ओके सोना… ध्यान से जाना.” जीजू के घर मे 2 रूम थे. तो मैं दुसरे रूम में थी जब दीदी गयी. मैं सारी बातें वहीँ से सुन रही थी. दी के जाते ही जीजू ने दरवाज़ा बंद कर दिया. फिर मेरे पास आ गए. जीजू- “क्या हो रहा है?” मैंने कहा “कुछ नहीं मैं थोड़ा डर भी रही थी. पता नहीं क्यों मैं चाहती तो वही थी जो जीजू चाहते थे.

जीजू ने मेरा हाथ पकड़ लिया. फिर थोड़ी देर बाद मेरी कमर से मुझे पकड़ कर अपने ऊपर बिठा लिया. मैंने कहा “जीजू रहने दो, ये सही नहीं है.” जीजू- “सब सही है तुम घबरा क्यों रही हो? तुम्हे पाता है न तुम मेरी कौन हो और जीजू-साली के बीच इतना तो चलता ही है, तुम पर मेरी नज़र शादी से ही थी.” मैंने बोला “क्यों दीदी पर रखनी थी दीदी पसंद नहीं आयी?” जीजू- “तुम्हारी दीदी अच्छी है डेली चुदती भी है. पर मुझे तुम्हारी जैसी पतली और सेक्सी पार्टनर चाहिए थी.” मैंने कहा “चलो कोई नहीं जो मिल गया उसमे खुश रहो अब.” जीजू- “हां जो अब मिलेगा उसमे ज़रूर खुश रहूँगा मैं.” उन्होंने मुझे लिटा दिया. और मेरे गालों को चूमना शुरू कर दिया. वो मेरी गर्दन को जब चूमते तो मैं गहरी-गहरी सांसें भरने लगती. जीजू समझ गए की गर्दन पर किश करने से मै गरम हो रही थी. जीजू ने 5 मिनट मेरी गर्दन और गालों को ही चूमा.

उस टाइम जीजू एक शरीर के भूखे इंसान में बदल गए थे. एक-दम अलग उनकी नज़रें भी गन्दी नहीं थी. लेकिन बस ये था की उन्हें मुझे चोदना था और बहुत बुरी तरह चोदने वाले थे ये समझ आ रहा था. फिर उन्होंने मेरे गुलाबी होंठो को अपने होंठो में दबा लिया और उन्हें चूसने लगे. वो मेरे चुचो को टी-शर्ट के ऊपर से ही दबा रहे थे. जीजू मेरे ऊपर थे तो उनका लंड मुझे फील हो रहा था. मेरी चूत भी धड़कने लगी थी. वो अपने लंड को मेरी चूत पर दबा रहे थे. मैंने कहा “जीजू कपडे उतार दो पहले.” जीजू “रुका नहीं जा रहा? पहले चोद दू? अभी रुक न मेरी जान पूरे मज़े ले चोदूँगा भी खूब चोदूँगा तुझे अपनी रंडी बना कर जैसे तेरी जीजी को चोदता हूं हर रात.” Mai Jiju ki randi bankar chudi

मैंने कहा “हां वो तो मैंने सब देख लिया.” जीजू मुस्कुरा कर- “वो तो मैं कल तेरी बातों से ही समझ गया था, तो बता उस तरह ही चोदना है या उससे भी बुरी तरह?” मैंने कहा “जितनी बुरी तरह आप मेरी चूत फाड़ोगे उतनी ही शांति मिलेगी मुझे.” जीजू- “तब बढ़िया है. अब से तू जब तक तेरी दीदी नहीं आती तब तक मेरी रंडी है. मैं जब चाहु तुझे तब चोद सकता हूँ और तब तक चोदता ही रहूँगा तब तक मेरी दूसरी रंडी नहीं आ जाती.”

मैं उनके लंड को कपड़ों पर से ही सहला रही थी. वो मेरे होंठो को चूस रहे थे और अब ये सब बातें सुन्न कर मैं भी फुल मस्ती में खुश हो कर उनका साथ देने लगी. हम दोनों ने अपनी-अपनी जीभ एक-दुसरे के मुँह में डाली हुई थी अब हम उसे चूस रहे थे. जीजू ने टी-शर्ट ऊपर करके हाथ मेरी टी-शर्ट के अंदर डाल लिया, अब वो ब्रा के ऊपर से मेरी चूचियों को दबा रहे थे. उन्होंने 1 सेकंड रुक कर टी-शर्ट ऊपर करी और देखा की मेरे चुचे काली ब्रा के अंदर कैसे लग रहे थे. वो देख कर खुश हो गए गोरे गोरे चुचे काली ब्रा में. उन्होंने अपने दोनों हाथों का इस्तेमाल करा और मेरे चुचो को खूब दबाया. बीच-बीच में वो मेरी टाइट ब्रा के अंदर भी ऊपर से हाथ डाल कर चुचो को दबा रहे थे. Mai Jiju ki randi bankar chudi

होंठो का तो हम दोनों ने एक-दुसरे का सारा रस पी ही लिया था. मुझसे रुका नहीं गया तो मैंने उन्हें रोक कर उनके कपडे उतार दिए. जीजू- “हाय रे मेरी जान मेरी कुतिया रुका नहीं जा रहा न मादरचोद. तू सच में ही मेरी रंडी बनने लायक है मेरी शादी तुझसे होनी चाहिए थी.” मैंने कहा “मज़े तो ले ही रहे हो.” जीजू “डेली नहीं ले सकता न मुझे तेरी चूत को डेली चोदना है. तुझे हर रात अपनी रंडी बनाना है.” उन्होंने मेरी ब्रा और पैंटी दोनों उतार दी. अब हम दोनों एक-दुसरे के सामने एक-दम नंगे थे. उन्होंने मुझे लिटाया और मेरी चूत को सूंघने लगे.

जीजू- “बढ़िया महक है और लग भी बढ़िया रही है लेकिन शायद चुदी हुई है.” मेरी मुस्कराहट देख कर समझ गए.

जीजू- “कोई दिक्कत नहीं. जैसी तू अब चुदेगी वैसी आज से पहले कभी नहीं चुदी होगी. बस तू मज़ा देख.” और ये बात उन्होंने सच ही कही थी. मेरी नज़र में वहीँ मेरी पहली और सबसे बढ़िया और यादगार चुदाई है जिसने मुझे अंदर तक संतुष्ट किया था. उन्होंने मेरी चूत में अपनी 3 ऊँगली डाल दी और उसे अंदर-बाहर करना शुरू कर दिया. उनकी स्पीड बहुत फ़ास्ट थी आखिर एक्सपेरिएंस्ड जो थे. जीजू “अब देख तेरी चूत में से कैसे पिचकारी की तरह पानी निकलता है.” मैंने कहा “इतनी जल्दी न निकले तो?” जीजू- “देखियो तू.” वो बहुत बुरी तरह जैसे लंड ही हो ऐसे ऊँगली को चला रहे थे. “आआह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हह सशह्ह्ह्हह्ह्ह्ह “धीरे!” मैं चूत को दबा रही थी बार-बार उनका हाथ पकड़ रही थी. बार-बार बोलती “रुक जाओ.”

जीजू- “अभी शुरू भी नहीं किया अभी से रुक जाऊ. अभी तो तुम्हे अपनी चूत फड़वानी है. थोड़ा सेहन करो मज़े आएंगे मेरी कुतिया.” और सच में बहुत जल्दी ही उन्होंने मेरी चूत झाड दी अपनी ऊँगली से ही. इस बीच वो मेरे चुचो को भी बीच-बीच में चूस रहे थे. मैं आह उह्ह्ह करते नहीं थक रही थी. अब वो रुके और उन्होंने मेरी चूत पर अपना मुँह लगाया. जीभ को चूत पर टच किया. मैंने उनसे कहा की “बस यहाँ से मत हटाना. एक-दम सही जगह है.” उन्होंने जीभ को अंदर चूत के पंखों को खोल कर मुझे अपनी जीभ से कुत्ते की तरह चोदना शुरू किया. मुझे इतना मज़ा आ रहा था की मैं “आह्हः उह्ह्हह्ह” और “अंदर और अंदर” ऐसा कह कर उनके सर को चूत में दबाये जा रही थी. दुसरे हाथ की उँगलियों से चूत के ऊपर वाले भाग को सहला रही थी. वो जैसे ही मुँह हटाते मैं फिर से उनके मुँह को चूत पर दबा देती और बोलती “रुको मत न जीजू प्लीज बहुत अच्छा लग रहा था चाट-ते रहो और अंदर तक डाल कर चाटो. ” Mai Jiju ki randi bankar chudi

मज़े इतने आ रहे थे की वो चूत की फलको को काट भी रहे थे, बीच-बीच में पर दर्द महसूस नहीं हो रहा था. बस तब तो ऐसा था की चूत पर से उनका मुँह न हट्टे. अब मेरे कहने पर वो 3-4 मिनट रुक गए. जीभ को चूत के अंदर डाल कर बस जीभ को ही हिला रहे थे हल्का-हल्का जैसे चोद रहे थे धीमे-धीमे. मुझे इसमें इतना मज़ा आ रहा था बस क्या बताऊँ. आज मुझे लग रहा था की मैं पहली बार चुदी हूँ. अब जीजू थक से गए थे और लेट गए. मैंने उनका लंड अपने मुँह में ले लिया और उसे चूसने लगी. जैसे ही मैं उनके टोपे पर जीभ फिराती, वो आह्हः ओह्ह्ह बहुत धीमे-धीमे करने लगते. वो मेरी मुंडी को अंदर की तरफ दबा रहे थे.

उनका लंड इतना ज़्यादा बड़ा था, की मैं उसे पूरा मुँह में नहीं ले पा रही थी. वो पूरा गले तक पहुँच गया था. मेरे गले में दर्द भी होने लगा था. जीजू मेरे बालों को पकड़ कर लंड पर मेरा मुँह दबा रहे थे. मैंने जीजू का लंड चूस कर उन्हें बहुत मज़े दिए. वो कहते “और चूस साली अंदर तक ले मुँह में. अब रंडी अब मज़े ले तू मेरे लंड के. तब से तड़प रही थी तू इसके लिए मादरचोद. मेरी माल है तू और मज़े दे मुझे चूस अच्छे से चूस चाट भी. मेरे अण्डों को भी चाट एक-एक करके.” अब मैंने जीजू के अण्डों को भी चाटा. उन्हें बड़ा मज़ा आ रहा था आँड और लंड दोनों को चुसवाने में. जैसे ही मैं अपना मुँह निकालती वो मुझे गाली देते हुए बोलते “साली बहनचोद कुतिया डाल इसे मुँह में निकाल मत अभी मन नहीं भरा मेरा अच्छे से चूस. अभी 10 मिनट और चूस, माल निकाल कर पी मेरे माल को अच्छे से. तब ही चुदेगी तू इससे, उससे पहले नहीं. चूस इसे अंदर तक मुँह में भरके चूस.”

थोड़ी देर चूसने के बाद लंड झड़ने लगा. पूरा माल मेरे मुँह में झड़ा, मैंने उनका माल पिया. अभी लंड मुरझा गया और मुझे चुदना था. मेरे मुँह में दर्द हो गया था लंड को चूसते-चूसते क्यूंकि उनका लंड बहुत मोटा था. पर उसके बाद भी मैंने जीजू का लंड चूसा उसे चूस-चूस कर मुझे चोदने लायक बनाया. जीजू- “वाह कुतिया फुल ट्रेंड हो गयी, एक ही बार में इतनी उतावली हो रही है मेरी रांड, मुझसे चुदने के लिए. अब मेरी रांड के इंतज़ार की घडी ख़तम होगी. अब मैं अपनी रांड को एक अच्छी रंडी की तरह चोदूँगा पूरा सुख मिलेगा तुझे मेरी कुतिया मेरी बीवी की बहन.” अभी मैंने कहा “बातें बंद कर दो और मेरी चुदाई शुरू करो जल्दी से.” अब उन्होंने मेरी चूत पर अपना लंड रखा. मेरी चूत खुली हुई थी पर इतनी नहीं और उनका लंड भी मोटा था तो उन्होंने जब एक धक्का मारा तो मुझे काफी दर्द हुआ और मेरी चीख निकली.“ आआअह्हह्ह्ह्ह” फिर उन्होंने बिना रुके एक और शॉट मारा तो पूरा लंड चूत में चला गया.

चूत एक-दम गीली अंदर से. इस बार दर्द भी ज़्यादा नहीं हुआ. वो धीरे-धीरे चूत में लंड को अंदर-बाहर कर रहे थे. मैं मुस्कुराते हुए “आआह्ह्ह आह्हः मज़े आ रहे है जीजू. ऐसे ही चोदते रहो मुझे थोड़ा सा तेज़ चोदो” जीजू मुझे मज़े दे रहे थे. धीरे-धीरे मुझे चोद रहे थे बीच-बीच में अपनी स्पीड को बढ़ा भी रहे थे, तो मुझे मज़ा आ रहा था. Mai Jiju ki randi bankar chudi

“आआह्ह्ह ओह्ह्ह्ह उफ़्फ़ शह्ह्ह्ह चोदो और चोदो” जीजू- “हां-हां मेरी रंडी कुतिया चोद तो रहा हूँ मज़े कर तू आज तक कभी नहीं चोदा होगा तुझे ऐसे. पता है मुझे.” मैंने कहा “हां जीजू बस चोदते रहो मेरी चूत फाड़ दो आज.” जीजू- “हां कुतिया सबर कर ले अभी शुरुआत है. अभी मज़े लेले बाद में रात रात भर चुदेगी.” वो 1 मिनट के लिए रुके तो मुझसे सबर नहीं हुआ मैंने खुद ने ही लंड को चूत में हिलाना शुरू कर दिया. वो गाली देते हुए बोले “मादरचोद रुक जा कैसे करेगी. सांस तो ले लेने दे कम से कम.” उन्होंने पानी पिया और ज़ोर से चूत में लंड को पेलना शुरू करा. अब मै चिल्ला रही थी मज़े आ रहे थे पर मेरी हंसी रुक गयी थी. क्यूंकि अब दर्द भी बहुत हो रहा था. अब जीजू मुझे एक जानवर की तरह “चुद मेरी रंडी कुतिया चुद मेरे लंड से लेले इसे अपनी चूत में.”

मैं “Aahhhhhhhhhh स्स्स्सह्ह्ह्ह मम्मी धीरे छोड़ो बहुत दर्द हो रहा है. अह्हह्ह्ह्ह ओह्हःसशह्ह्हह्ह.”“क्यों क्या हुआ? अब कैसे दर्द हो रहा है? चुद अब अब तो सबसे ज़्यादा मज़े आने चाहिए. अब तू बस मज़े ले.” वो मेरी चूत में लंड को पेले ही जा रहे थे. बहुत ज़ोर-ज़ोर से अंदर-बाहर करके. मुझे दर्द भी हो रहा था और मज़े भी आ रहे थे. उन्हें देख लग रहा था की उन्हें बहुत मज़े आ रहे थे.“चुद मेरी रंडी चुद…” “किसकी रंडी है तू?” बार-बार मुझसे पूछ रहे थे. अब उन्होंने पोजीशन बदली और मुझे कुतिया बना दिया. मुझसे मेरी पीठ नीचे और गांड को ऊपर उठाने करने बोले. मैंने गांड ऊपर उठा ली तो उन्होंने मेरी चूत में लंड एक बन्दूक की तरह सेट कर दिया. अब वो मुझे कुतिया बना कर चोद रहे थे.

इसमें उनकी स्पीड कुछ ज़्यादा ही फ़ास्ट थी. कहते “तेरी दीदी की फेवरेट पोजीशन है ये. ज़्यादा इसी में चोदता हूं इसे. तू भी मज़े ले मेरी कुतिया चुद और चुद.”“आआह्ह्ह्हह…… सशह्ह्ह्ह…..” मैंने कहा “जीजू अपने दीदी से शादी क्यों की? अपनी कोई गर्लफ्रेंड नहीं थी क्या?” जीजू- “थी तो पर घर वालो ने ज़बरदस्ती शादी करवा दी. अंजलि भी तेरी तरह ही पतली थी बहुत ज़्यादा सेक्सी उसे चोदने में बड़े मज़े आते थे मुझे. और ये मुझे इतना हवसी भी उसी ने बना दिया. अब मेरा कोई दिन नहीं बीतता बिना चोदे.” बोलते हुए वो मुझे चोदे जा रहे थे. बहुत बुरी तरह चोद रहे थे. लग रहा था चोदते-चोदते उनकी एनर्जी बढ़ रही थी.

“चुद कुतिया मेरी रंडी मेरी कुतिया चुद मुझसे.” मैं “आह्ह्ह्ह सशह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हहो आई” करके चिल्ला रही थी. जीजू- “अभी और चोदूँगा तुझे इतने में ही परेशांन हो गयी.” मैंने कहा “परेशांन नहीं हुई दर्द हो रहा है.” उन्होंने थोड़ी स्पीड को कम करा और मुझे खुश करने के लिए आराम-आराम से चोदा. मेरे बूब्स भी दबा रहे थे बीच-बीच में मेरी गांड दबा-दबा कर थप्पड़ बजा रहे थे. मैंने बाद में देखा तो मेरी गांड लाल कर दी थी उन्होंने थप्पड़ मार-मार कर. अब उन्होंने फिर से पोजीशन चेंज की मतलब मुझे अपने लंड पर बैठने को बोले. मैंने उनके ऊपर जा कर अपने हाथ से उनके लंड को चूत का रास्ता दिखाया.

अब मैं उनके लंड पर उछल रही थी. इस पोजीशन में उन्हें काफी मज़े आ रहे थे. ऐसे में वो मेरे चुचो को अच्छे से दबा पा रहे थे. मेरा मुँह नीचे करके मेरे होंठो को चूस पा रहे थे. और चोदने का स्वाद तो उन्हें आ ही रहा था. “उछल कुतिया अच्छे से उछल मेरे लंड को ठीक से अंदर ले.” मुझको भी काफी मज़े आ रहे थे क्यूंकि इसमें लंड अंदर तक छू रहा था. अच्छा लग रहा था. मैं उनके लंड पर ही बैठी रही. उन्होंने मुझे पलट दिया अब हम – काउगर्ल की पोजीशन में थे. मतलब मेरी गांड उनकी तरफ थी और मैं चुद रही थी गांड को उठा-उठा कर. वो मेरी कमर पर हाथ फेरते कभी मेरी गांड पर तो कभी थप्पड़ मार कर कहते “उछल रांड रुक क्यों गयी चुद और चुद.”

अभी मैं थक गयी थी तो उन्होंने अपनी कमर उठा-उठा कर चूत में लंड के धक्के मारने शुरू करे. अब मुझे मज़े आ रहे थे मैं भी उनका साथ देने लगी नीचे की तरह बैठ कर. हमने बहुत देर तक ऐसे ही चुदाई की अब हम दोनों ही थक गए थे. तो वो रुके और उन्होंने मुझे अपनी गोद में बिठा लिया. फिर मुझे चूमना शुरू कर दिया. धीरे-धीरे हम दोनों एक-दुसरे की बाहों में लेट गए और होंठो में होंठ लेकर एक-दुसरे को देख कर चूसते ही रहे. बीच में वो बोले “आ अब तेरी गांड मारु.”

मैंने मना करा तो वो कहने लगे “नहीं मुझे मारनी है.” मैंने उनसे बोला “अभी तो मैं काफी दिन हूं यहाँ और आती-जाती रहूंगी बहुत मौके आएंगे. आज रहने दो न थक भी गयी हु.” जीजू- “ठीक है मेरी जान.” ऐसा बोलते हुए उन्होंने मेरे माथे पर किश किया. फिर लेट गए. “लेकिन तुझे अब हमेशा मुझसे चुदना होगा जब भी तू यहाँ आएगी.” मैंने कहा “हां-हां जीजू मैं यहाँ आपसे चुदने ही तो आउंगी.” अब जीजू मुझसे लिपट कर सो गए.

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