माँ को खेत मे चोदा – 1

Maa Ko Khet Mein Choda:- हैलो दोस्तों, मेरा नाम अजय है और मेरी उम्र 26 साल है. हम घर में 6 लोग है. मैंने 10वीं तक पढ़ाई करके छोड़ दी थी और अपने पापा के साथ खेती करता हु. मेरी शादी हो गयी है और मेरी वाइफ का नाम सीमा है. मेरी बहन का नाम प्रियंका है. उनकी उम्र 20 साल है. वो पढ़ने के लिए दिल्ली गयी हुई है. वहां हॉस्टल में रहती है.

Maa Ko Khet Mein Choda

इस सेक्स स्टोरी की मेन हीरोइन मेरी माँ है जिनका नाम कमला देवी है. उनकी उम्र 47 साल है. मेरी माँ हमेशा साड़ी पहनती है जिसमे उनका बदन काफी सेक्सी लगता है. उनकी चूचियां इतनी बड़ी है की देखते ही मन करता है की चूस लू. वो हमारे साथ खेतों में हमारी मदद करती है जिससे उनका बदन काफी सेक्सी है. मेरी माँ का फिगर 36-30-36 है. इससे आप पता लगा सकते है की मेरी माँ एक कडक माल है जिसका हर कोई दीवाना है मेरे पड़ोस में.

मैं अपने पिता जी के बारे में बता दू. उनका नाम रमेश है. उनकी उम्र 50 है. खेती में लगे रहते है वो. हमारा घर काफी अच्छा है. हमारे पास काफी पैसा है. अब आते है सेक्स स्टोरी पे.

एक दिन मेरे पिता जी खाद लाने के लिए शहर गए हुए थे. हर बार की तरह दोपहर में मेरी माँ खाना लेके खेतों में आयी. हमारा खेत काफी बड़ा है. इस समय खेतों में मक्की लगी हुई थी जो काफी बड़ी हो गयी थी. मैं अपने मक्के के खेतों में से जंगली घास निकाल रहा था. इतने में मेरी माँ खाना लेके खेतों में आ गयी और मेरे को देख के स्माइल की. खेतों में हमने फार्म हाउस बनाया हुआ है. वहां जा कर मैंने हाथ मुँह धोये और माँ के साथ बैठ गया. मैं पसीने से पूरा लथ-पथ था.

मेरी माँ बोली: बेटा धुप काफी तेज़ है. तेरे को इतना पसीना आ रहा है. जा जाके नहा ले फिर खाना खा लेना.

मैंने कहा: ठीक है माँ.

हमारे फार्महाउस में सारी चीज़ की व्यवस्था है. 3 रूम्स टॉयलेट बाथरूम सब है. मैं जाके बाथरूम में टंकी चालु करके टब में पानी भरने लगा. फिर मैंने अपने सारे कपडे उतार दिए और सिर्फ कच्चे में था. मैं नहाने लग गया. मेरे हाथ पीछे नहीं जा रहा था तो मैंने माँ को आवाज़ दी-

मैं: माँ माँ ज़रा यहाँ आना.

माँ जब आयी तो बोली: क्या हुआ बेटा?

तो मैंने कहा: माँ मेरी पीठ साफ़ कर दो. मेरा हाथ नहीं जा रहा है.

मेरी माँ बोली: अभी कर देती हूं पर मेरी साड़ी गीली हो जाएगी.

मैंने कहा: माँ उतार दो न साड़ी यहाँ कौन देख रहा है आपको?

मेरी माँ बोली: नहीं उतार सकती. अगर किसी ने देख लिया तो?

मैंने कहा: कोई नहीं देखेगा.

फिर माँ ने कहा: ठीक है.

और वो साड़ी उतार के बाथरूम में आ गयी और मेरी पीठ साफ़ करने लगी.

मुझसे माँ बोली: अपनी बीवी से साफ़ क्यों नहीं करवाता है? माँ को परेशान कर रहा है.

मैं बोला माँ वो करती नहीं है. मैं दुखी हूं उससे. उनका बाप हमसे काफी अमीर है इसलिए वो काफी घमंड में रहती है.

मैंने दुखी सा फेस माँ की तरफ किया. माँ ने मुझे देखा और बोली-

माँ: हां मैं जानती हूं मेरे बेटे. पर तू फ़िक्र न कर. मैं हूं न. मुझसे बोल दिया कर जो भी काम हो. मैं तेरी पूरी मदद करुँगी.

मैंने कहा: माँ ठीक है आगे से आपको बोलूंगा जो भी काम होगा.

माँ मेरे पीठ को साफ़ करने लगी. उनका साया गीला हो रहा था.

माँ बोली: मेरा साया गीला हो रहा है.

मैंने कहा: माँ साया खोल लो ज़्यादा गीला हो गया है.

माँ बोली: बेटा तुम्हे शर्म आनी चाहिए. माँ को बोल रहे हो साया खोलने को.

मैंने कहा: सॉरी माँ पर आप ज़्यादा गीला हो रही हो इसलिए बोल रहा हूँ और हमें यहाँ देखने वाला भी कोई नहीं है. तो खोल लो.

मेरी माँ कुछ नहीं बोली और बाथरूम से निकल गयी.

मैंने कहा: माँ कहाँ जा रही हो?

माँ ने कुछ नहीं कहा और वहां से चली गयी. फिर उन्होंने साड़ी पहन ली और बाहर जाके बैठ गयी. मैं फिर नहा के बाहर निकला और मैंने उस समय तौलिया पहना हुआ था. मेरी माँ मुझे ही देख रही थी. मैं वैसे ही माँ के पास गया और उनसे कहा- Maa ki chudai

मैं: आप बाहर क्यों आ गयी?

माँ बोली: बेटा तुझे ऐसी बातें नहीं करनी चाहिए. मैं तेरी माँ हु.

मैंने कहा: माँ मैं तो बस आपसे मदद मांग रहा था. आपने ही कहा था जब मेरी ज़रुरत हो बुला लेना. इसलिए बोल रहा था.

माँ बोली: वो तो ठीक है. पर तेरे सामने मैं नंगी नहीं हो सकती और मैंने नीचे पैंटी भी नहीं पहन रखी है.

मैंने कहा: माँ आपने कच्छी क्यों नहीं पहन रखी?

माँ बोली: मेरी पैंटी खराब हो रखी है इसलिए. दूसरी लेने का टाइम नहीं मिल रहा है.

मैंने कहा: माँ मैं ला दूंगा आपके लिए नई पैंटी और आप कहो तो ऊपर की ब्रा भी ला दूंगा.

माँ बोली: नहीं बेटा किसी ने देख लिया तुझे मेरे लिए ब्रा पैंटी लाते तो लोग क्या कहेंगे?

मैंने कहा. माँ लोगों को नहीं पता लगेगा. ऐसे भी मैं बोल दूंगा मुझे मेरी बीवी के लिए चाहिए और लेके आ जाऊंगा. आपको यहाँ फार्महाउस पे दे दूंगा.

माँ बोली: ठीक है बेटा जैसा तू चाहे देख लेना. बस कोई देखे न.

मैंने कहा: ठीक है.

फिर माँ से मैंने माँ का साइज पुछा. माँ शर्माने लगी और सर नीचे झुका के बोली 36-30-36.

मैंने कहा: वाओ माँ आप काफी फिट और सेक्सी हो.

माँ ने कहा: कैसी बात कर रहा है? गन्दा क्यों बोल रहा है? मैं तेरी माँ हूं और वैसे भी अब मैं तो बूढ़ी हो गयी हु.

मैंने कहा: माँ आपको कौन बोलता है आप बूढ़ी हो? आप अभी भी जवान हो.

माँ बोली: तेरे पिता जी बोलते है.

मैंने कहा: उनको क्या पता है माँ मुझसे पूछो. मेरी पत्नी भी आपके जितनी सुन्दर नहीं है. आपके जैसी सुन्दर बीवी मेरी होती तो मैं उसको कभी बैडरूम से बाहर जाने ही नहीं देता पूरा दिन.

फिर मैं चुप हो गया. माँ शर्मा गयी और कुछ नहीं बोली. मैंने अपना खाना खा लिया. कभी-कभी मैं फार्महाउस पे सोता था. काम थोड़ा ज़्यादा था इसलिए मैंने माँ से कहा-

मैं: आप घर चले जाओ अँधेरा हो रहा है. मैं काम ख़तम करके आता हु.

माँ बोली: ठीक है पर जल्दी आना.

मैंने कहा: ठीक है माँ.

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फिर स्माइल करके माँ चली गयी. अगले दिन मेरे बापू खेतों में चले गए. मैंने अपने पिता जी को बोल दिया था की मैं शाम को आऊंगा खेतों में अभी शहर जा रहा हूं किसी अर्जेंट काम से. फिर उसके बाद मैं सुबह खाना खा रहा था. माँ मेरी बाहर आँगन में भैंसो को चारा डाल रही थी. मैं खाना खा के तैयार होकर पत्नी को बोला-

मैं: मुझे अर्जेंट काम से शहर जाना है तो मैं शाम को आऊंगा.

उसने मुझे मेकअप करने के सामान की लिस्ट दी और बोली लेके आना. मैंने कहा ठीक है और मैं तैयार हो कर बाहर निकल गया. आँगन में माँ के पास गया और माँ मुझसे बोली-

माँ: बेटा कहाँ जा रहा है तैयार होके?

मैं बोला माँ मैं शहर जा रहा हूँ वहां कुछ काम है और आपकी बहू के लिए मेकअप किट भी लानी है. आपके लिए भी लेके आउ क्या?

माँ बोली: बेटा मुझे नहीं ज़रुरत है.

मैंने कहा: माँ आपके लिए लेके आऊंगा आप और भी सुन्दर हो जाओगी.

माँ कुछ नहीं बोली. फिर मैंने घर में देखा मेरी पत्नी किचन में काम कर रही थी. मैं माँ के कान की तरफ धीरे से गया और पास जाके बोला-

मैं: माँ आप काफी सुन्दर लग रही हो. आज मैं आपके लिए सेक्सी ब्रा और पैंटी लेके आऊंगा और आज मैं रात में फार्महाउस पे रुकूंगा क्यूंकि रात में खेतों में खाद डालनी है. आप चाहो तो रात में आ जाना आपको ब्रा पैंटी वहीँ दे दूंगा और मैं वहां से निकल गया.

मैं अपनी माँ को अलविदा कह के अपनी गाडी थार में बैठ के शहर की तरफ चल दिया. वहां पहुँच के मैं सबसे पहले खाद की शॉप पे गया. वहां से मैंने नयी फसल तैयार करने के लिए बीज लिए. बीज लेने के बाद उसी शॉप से बढ़िया वाला खाद खेतों के लिए लिया. ये सब करते हुए मुझे ज़ोरों की भूख लगी. उस वक़्त टाइम 12 बज रहे थे. मैं होटल की तरफ गाडी में सामान लोड करके निकल गया. फिर मैं वहां के बढ़िया रेस्टोरेंट में गया और फुल प्लेट वेज थाली का आर्डर दिया. खाना खाने के बाद मैंने कुछ स्वीट्स भी खायी.

उसके बाद फिर मैं वहां से निकल गया. फिर मुझे सामने रोड पे एक औरत दिखी जो की मेरी माँ की उम्र की थी. वो काफी सेक्सी थी और उसके चूचे इतने गोल थे की क्या ही बताऊ. फिर मुझे मेरी माँ का ख़याल आने लगा की कैसे अपनी माँ को पटा के चोदूँ. उस ख़याल से मेरा लंड खड़ा हो गया जिसे मैं अपने हाथ से सहला रहा था. फिर मुझे ध्यान आया की मुझे अपनी वाइफ के लिए श्रृंगार का सामान लेना था. ये ध्यान आते ही मैं एक लेडीज शॉप पे गया. फिर वहां से मैंने अपनी वाइफ के लिए श्रृंगार के सामान लिया जैसे की बिंदी लिपस्टिक और भी बहुत कुछ. Maa ki chudai khet me

उसके बाद मैं लेडीज गारमेंट की शॉप पे गया. वहां से मुझे अपनी माँ के लिए सेक्सी ब्रा पैंटी भी तो लेना था. मैंने एक जोड़ी ब्लैक ब्रा पैंटी और एक येलो ब्रा पैंटी और एक रेड ब्रा पैंटी लिया. साथ में मैंने स्माल ट्रांसपेरेंट नाइटी भी लिया माँ के लिए और ब्लैक साड़ी लिया और एक रेड साड़ी लिया. इतना सब लेने के बाद मैंने कुछ ब्रा पैंटी अपनी वाइफ के लिए भी लिया. फिर उस शॉप पे पेमेंट करके मैं अपने घर की तरफ निकल गया. घर जाते-जाते मुझे रात के 9 बज जाते है.

गाडी मेन गेट पे से जब घर के अंदर आँगन में लेके जाता हूं तो देखता हूं माँ खटिया पे बैठ के गाओं की कुछ औरतों जो की चाची लगती है उनसे बात कर रही होती है. मेरी नज़र माँ पे जाती है. मैं उनको गाडी में बैठ के देखता रहता हु. माँ भी छुप-छुप के मुझे ही देख रही थी. फिर मैं गाडी से बाहर निकलता हूं और सारी खाद निकाल के बाहर रख देता हूँ उसके बाद घर के अंदर जाके वाइफ को उसका सामान देता हूँ माँ मुझे अंदर जाते देखती है. मैंने माँ के लिए लाया हुआ सामान नहीं निकला था. वो गाड़ी के अंदर ही रखा हुआ था.

मेरी वाइफ सामान लेके खुश हो जाती है. फिर मेरे लिए चाय लेके आती है. मैं चाय पीते-पीते बाहर आ जाता हूं और माँ को देखता रहता हूँ बाहर चाची सब पूछ रही थी कहाँ गया था बेटा. मैं उनको बताता हूं की शहर गया था खाद लाने.

उसके बाद वाइफ अंदर से आवाज़ देती है “सुनिए जी खाना लग गया है खा लो.”

मैं बोलता हूं “नहीं मैं गाडी लेके खेत में जा रहा हूँ वहां खाद लेके जाना है और रात में मक्के में पानी भी देना है. तो मेरा खाना माँ के हाथो भेज देना.”

और मैं ये बोल के निकल जाता हूँ रास्ते में ये सोचता रहता हूं की क्या माँ खाना लेके आएगी या नहीं. बापू जो की खेत में ही मुझे मिलते है मैं उन्हें देख के स्माइल करता हूँ रात के 10:30 बज गए थे. फार्महाउस में लाइट की वजह से चारों तरफ हरियाली दिख रही थी. बापू मक्के के खेत में पानी लगाने के लिए मोटर चालु करते है. मैं उनको बोलता हु-

मैं: बापू आप घर जाओ. सुबह से काम कर रहे हो थक गए होंगे.

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बापू मेरी बात सुनते है. मैं उनको समझा देता हूं की मैं पानी लगा दूंगा. फिर बापू घर चले जाते है क्यूंकि मैं रात में फार्महाउस पे रुकने वाला था. बापू के चले जाने के बाद मैं पानी लगाने लगाता हूं खेतो में. 12 बजे जाते है काम करते-करते. उसके बाद मुझे नहीं लगा की माँ आएगी खाना लेके. फिर मैं उदास मन से खेत के किनारे फार्म पे बैठा था. थोड़ी देर बाद मेरी दोनों आँखों पे पीछे से कोई हाथ रखता है. मैं डर जाता हूं और तभी माँ ज़ोर-ज़ोर से हंसने लगती है. माँ आ गयी थी और खाना साइड में रख के ऐसा कर रही थी.

माँ ने हरे रंग की साड़ी पहनी थी. उनके बूब्स मोटे-मोटे काफी सुन्दर लग रहे थे. फिर मैं भी उठा और माँ को गोद में उठा लिया. मैं उनको लेके गोल-गोल घूमने लगा.

माँ बोली: नीचे उतार मुझे चक्कर आ रहे है.

फिर मैं माँ को नीचे उतारता हूं और फिर माँ खाना लेके फार्महाउस में जाती है. मैं गाडी की तरफ जाता हूं माँ के लिए लाये हुए सेक्सी कपडे लेने. फिर मैं कपडे का थैला लेके फार्महाउस में जाता हूँ माँ मुझे ही देख रही थी. मैं फिर वो थैला माँ को दे देता हूँ वो उसे हाथ में लेती है और साइड में रख देती है.

मैं माँ को बोलता हु: ये आपके लिए लाया हु.

माँ बोलती है: पहले खाना खा ले उसके बाद देखते है.

मैं फिर खाना खाने लग जाता हूँ माँ को मैं खाना खाते-खाते देखता रहता हूँ वो मुझे ही देख रही थी.

माँ बोलती है: ऐसा क्या देख रहा है?

मैं बोलता हु: अपनी सुन्दर माँ को देख रहा हु.

माँ कहती है: अब मैं सुन्दर नहीं हूँ मैं तो बूढ़ी हो रही हु.

मैं बोलता हु: ऐसी बातें मत करा करो माँ. आप बहुत सुन्दर और सेक्सी हो.

माँ बोलती है: चुप बदमाश खाना खा चुप-चाप.

मैं बोलता हु: ठीक है.

उसके बाद मैं खाना ख़तम करके हाथ धोने के बाद माँ को बोलता हु: माँ आप अब तो देखो मैं आपके लिए क्या लाया हु.

माँ बोलती है: ठीक है.

वो फिर थैला उठा के देखती है. उसमे 5 पैकेट्स थे. फिर माँ उसमे से 1 पैकेट निकालती है जिसमे ब्लैक ब्रा और ब्लैक पैंटी होती है. उसे देख के स्माइल पास करती है और कहती है-

माँ: ये क्या लेके आया है?

मैं उन्हें बोलता हु: माँ आपके खराब हो रखे थे इसलिए बढ़िया वाला लाया हूँ एक बार पहन के दिखाओ कैसा लगता है.

माँ मना करती है पर मैं ज़ोर देता हूँ फिर माँ मान जाती है. उसके बाद क्या होता है ये आपको अगले पार्ट में पता चलेगा.

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