बेटे का लंड मेरी अमानत है

Maa Beta Sexy Chudai Kahani:- ये कहानी एक गाँव की है जहाँ एक माँ अपनी चुदाई की आग बुझाना चाहती है अपने बेटे से. मगर कैसे? इसके लिए वह माँ एक अपनी दोस्त से सलाह लेती है की कैसे उसका बेटा उसे चोदे जैसे उसकी सहेली चुदती है अपने बेटे से. चलिये कहानी स्टार्ट करते है।

Maa Beta Sexy Chudai Kahani

सीमा: क्या करू काम्या आज तो सही से चल भी नहीं पा रही हु.

काम्या मेरी माँ का नाम है और ये दोनों मेरे घर पर आके बातें कर रही है, और हां माँ को पता है की उसकी सहेली अपने अपने बेटे से चुदती है.

काम्या: क्या हुआ तेरे को? जो तू सही से चल नहीं पा रही है.

सीमा: कल रात वह मेरे को खेत मे ले गए थे.

काम्या: कौन(और माँ हंसने लगती है.)

सीमा: क्या तुझे नहीं पता कौन?

काम्या: हां पता है (और माँ मन ही मन मुस्कुराने लगती है.)

सीमा: जो मुझे कल चोदा है न मेरे को हमेशा याद रहेगा काम्या.

काम्या: कैसे कैसे चोदा बता न मुझे भी? (माँ बहुत धयान से सुनने लगती है.)

सीमा: मेरे को तो वह पहले घर मे ही नंगी कर दी फिर कहा की अब घर के बहार चलो और खेत मे मेरा इंतज़ार करो.

काम्या: क्या सही मे.

सीमा: हाँ मै बहुत डर डर के घर से बहार निकली, फिर मै खेत मैं आ के इंतज़ार करने लगी. फिर थोड़ी देर बाद मेरा बेटा आता है और कहता है. जमीनन पर लेट जो और मै वही जमीनन पर नंगी लेट जाती हु और वही एक झोपड़ी है हमारी फिर वहाँ मेरा बेटा अंदर जाता है और अंदर से एक रस्सी लाता है.

काम्या: रस्सी वह किस लिए.

सीमा: वही तो में सोच रही थी की रस्सी क्यों ला रहा है. फिर मुझे बाद समझ आता जब वह मेरे पास आता है और मेरे हाथों को रस्सी के बांध देता है और मै वही नंगी जमीनन पर लेटी रहती हु और जहा लेटी हु वहाँ कुछ नहीं बिछाया होता है सिर्फ जमीनन ही रहती है. फिर मै पूछती हु की क्या करने वाला है बेटा? तो वह कहता है की अभी देखती जाओ माँ.

काम्या: फिर आगे बता.

सीमा: रुक बता रही हु मुझे सही से बैठ तो जाने दे. एक यह तेरी चारपाई है जो ढीली हो गयी है इससे टाइट क्यों नहीं करा देती है.

काम्या: कर दूंगी आगे बता न.

सीमा: हम्म सुन्न, फिर रस्सी को अपने कमर मे बांध लेता है बेटा और मेरे को घसीटने लगता है.

काम्या: क्या सही मे.

सीमा: हां सही मे, मेरा हाथ बांध कर और वह अपने कमर पर बंद कर घसीटने लगता है. वह आगे चल रहा था और मै जमीन पर लेती घिसट रही थी, मानो की मेरा बेटा बैल है और मै खेत को बराबर कर रही हु.

काम्या: तूने कुछ बोला नहीं? जब वह तेरे को घिसट रहा था.

सीमा: हां बोला था, मगर वह कह रहा था की आज तुझे दर्द करा के मजे दूंगा. यह देख मेरे शरीर पर कितने निशान है.

फिर सीमा अपनी ब्लाउज खोल के माँ को अपने शरीर पर लगे निशाँन दिखाने लगती है.

काम्या: हाय दय्या यह क्या किया उसने तेरे शरीर पर तो काफी निशाँन आ चुके है जमीन पर रगड़ने से.

सीमा: हम्म वही तो और कुछ देर खेत का चक्कर लगाने के बाद मुझे खड़ा होने को कहता है और मेरी एक टांग उठा के मेरी बुर पर चांटा मारने लगता है. उसका चांटा इतना तेज़ होता है की मेरा पूरा बदन हिल जाता है. Maa Beta Chudai Kahani

काम्या: क्या चांटा मारता है तेरे को दर्द हो रहा होगा न.

सीमा: हां और नहीं तो क्या? लगातार मारता रहता है और मै वही दर्द भरी आवाज़ निकालने लगती हु. फिर जब आखरी चांटा मारता है तो मेरी पिशाब निकल जाती है और मेरा बेटा तुरंत अपने घुटनों के बल बैठ के अपना मुँह मेरी बुर(चूत) पर लगा के मेरी पिशाब पीने लगता है.

काम्या: क्या सही मे तेरा बेटा तेरी पिशाब पी रहा था.

सीमा: हां! और उसके बाद मुझे खेत मैं ही चोदने लगता है, और तब तक चोदता है जब तक सुबह नहीं होती.

काम्या: तभी तो तेरा चेहरा आज खिला खिला लग रहा है.

सीमा: धत तू भी ना(शरमाते हुए कहती है)।

तभी मै घर पर आता हु और मुँह हाथ धोने लगता हु.

सीमा: (धीमी आवाज़ मे) देख तेरा हस्बैंड आ गया.

काम्या: धत(और मुस्कुराने लगती है.)

सीमा: तू भी कुछ कर अपने बेटे के साथ कब तक मेरी आप बीती सुनेगी.

काम्या: कैसे करू मुझे कुछ पता ही नहीं है.

सीमा: एक काम कर अभी जब तू खाना देने जाएगी तो अपनी कच्छी उतार दियो, फिर वही उसके सामने अपने टांगे फैला के बैठ जाना ठीक है.

काम्या: मगर यार.

सीमा: मगर वगर कुछ नहीं आज से स्टार्ट कर दे तू. और तुझे मेरी कसम अगर तूने नहीं किया तो देख लियो.

काम्या: अच्छा बाबा ठीक है करुँगी अब ठीक.

सीमा: हां चल अब अपनी कच्छी उतार दे, देख अब उसने हाथ मुँह धो लिया है.

काम्या: रुक उतार रही हु.

माँ अपनी कच्छी उतार देती है और बेड पर रख देती है.

सीमा: यह हुई ना बात काम्या, चल अब मैं चलती हु.

काम्या: ठीक है.

तभी मैं देखता हु सीमा आंटी आयी होती है तो मैं उनसे बातें कर के खाना लगने को कहता हु.

बेटा: माँ खाना लगा दो.

काम्या: अभी ले के आई बेटा तू बैठ जब तक.

फिर खाना आता है और मैं खाने लगता हु. फिर मैं माँ को देखता हु की माँ बैठे बैठे हिल रही थी। मै कुछ नहीं कहता हु मुझे लगता है की ऐसे ही कर रही होगी.

काम्या(मन ही मन): क्या करू मुझे तो डर सा लग रहा है. फिर माँ अपना पेटीकोट थोड़ा सा हटाती है मगर माँ की बुर(चूत) सही से दिख नहीं रही होती है. और मै खाना खाने मे लगा था। फिर मेरी नज़र माँ के उस हिस्से पर पडती है, जो हर बेटा का सपना होता है. जब मैं माँ के उस हिस्से को देखता हु तो मेरी नज़र नहीं हटती है. Maa Beta Sex Story

तभी माँ कहती है. काम्या: और कुछ चाहिए बेटा.

बेटा: नहीं माँ.

मै तो एक दम से हिल जाता हु जब माँ की आवाज़ आती है.

काम्या(मन मे): लगता है जो सीमा ने बताया काम कर रहा है.

फिर माँ थोड़ा और ऊपर कर देती है अपनी साड़ी और पेटीकोट को. अब माँ की बुर(चूत) थोड़ा सही से दिखने लगती है. मै एक हाथ से खाना खा रहा था और अपनी निगाहें माँ की बुर(चूत) पर टिका रखा था.

काम्या(मन में): देख बेटा सही से देख अपनी माँ की बुर(चूत) को यह बस तेरे लिए बनी है.

बेटा(मन में): आह माँ क्या बुर(चूत) है रे तेरी, मन कर रहा है की अभी साड़ी के अंदर घुस के तेरी बुर चाटने लगू. तभी माँ मुझे देख बोलती है. जब मै उसकी बुर ध्यान से देख रहा होता हु.

काम्या: कहा खो गया है बेटा.

बेटा: कुछ नहीं माँ बस ऐसे ही.

काम्या(मन में): बोल न बेटा की मै तेरी बुर देखने मे खोया हु.

अब माँ अपनी दोनों टांगें फैला देती है, की मै और सही से देख सकू.

बेटा(मन में): आज क्या कर के मानेगी माँ. मै माँ की बुर(चूत) की लाइन देख रहा था. मै पेटीकोट को देख के कहता हु की. मै उस पेटीकोट की जगह होता माँ मुझे अपने बुर(चूत) पर लपेट रखी होती.

फिर माँ देखती है की मैंने खाना खा लिया है और माँ उठ जाती है और मेरे से थाली ले के चली जाती है. माँ अपने रूम मे आ के कॉल करती है सीमा आंटी को.

काम्या: हेलो सीमा.

सीमा: हां बोल.

काम्या: मैंने कर दिखाया.

सीमा: बहुत अच्छी बात है यार.

काम्या: हम्म.

सीमा: और उसकी नज़र तो हट नहीं रही होगी न तेरे बुर(चूत) पे से.

काम्या: हां सही कह रही है.

सीमा: अब आगे का क्या प्लान है.

काम्या: मुझे नहीं पता तू ही बता दे.

सीमा: ठीक है सुन्न.

सीमा: अभी तेरा बेटा खेत पर जायेगा.

काम्या: हां.

सीमा: तो तू भी उसके साथ जाना और अपने साथ एक पानी वाला बोतल ले के जाना.

काम्या: ठीक है और आगे.

सीमा: रुक मैं भी चलती हु तेरे साथ.

काम्या: हां तू भी चल और मेरे को बताते रहना.

सीमा: ठीक है मै आ रही हु.

मै अभी चारपाई पर लेट के आराम कर रहा था और माँ का दिखा दृश्य दिमाग मे देख रहा था. तभी खेत पर जाने का टाइम हो जाता है और माँ मेरे पास के खेत है की मै भी चलूंगी और हम दोनों घर से निकल जाते है और रास्ते मे सीमा आंटी भी मिल जाती है और अब हम सब खेत पर पहुँच जाते है. और अब मै खेत मे काम करने लगता हु और माँ और सीमा आंटी पेड़(ट्री) के नीचे छाया मे बैठी होती है। फिर दोनों उठ के बोलती है.

माँ: अभी आ रहे है बेटा हम.

बेटा: कहा जा रही हो.

माँ: बस यही सीमा के खेत पर.

बेटा: ठीक है.

और दोनों वहाँ से चली जाती है और एक जगह थी जहा वह दोनों जा रही थी, घनी झाड़ियों मे.

झाड़ियों मे:-सीमा: बोतल कहा है दे.

काम्या: (बोतल निकाल के देती है) ले क्या करना है इसका.

सीमा: तुझे पिशाब करना है इस बोतल मे.

काम्या: क्या.

सीमा: हां चल अपनी साड़ी उठा और पिशाब कर इस बोतल मे.

माँ अपनी साड़ी उठा के और बोतल को अपनी बुर(चूत) मे लगा के पिशाब करने लगती है.

काम्या: यह क्या करवा रही है तू.

सीमा: तू देखती जा न, जो कह रही हु वह कर बस.

माँ वही खड़ा हो के पिशाब कर रही थी. इसलिए क्यों की बोतल मे सही से पिशाब भर सके.

काम्या: ले हो गया.

सीमा: चल अब चलते है.

बोतल का ढक्कन लगा के झाड़ियों के बहार आती है और मेरे पास आ के सीमा आंटी कहती है.

सीमा: बेटा आजा पानी पी ले बहुत मेहनत कर रहा है.

काम्या(सीमा की और देखते हुए): क्या तू मेरी पिशाब पिलाएगी.

सीमा(अपने मुँह पर एक ऊँगली रख माँ को शांत करते हुए काम्या को कहती है.)

मै अब उन् दोनों के पास आता हु. सीमा आंटी मुझे बोतल देती है.

सीमा: ले पानी पि ले.

बेटा: लाओ दो बहुत प्यास लगी है.

मै बोतल खोल के माँ की पिशाब पि रहा होता हूँ और वह दोनों मुझे देख रही होती है. तभी मुझे पानी का टेस्ट अलग लगता है.

बेटा: कैसा पानी है इसका टेस्ट अलग लग रहा है.

सीमा: पानी का टेस्ट नहीं लग रहा है.

बेटा: हां कुछ अलग ही लग रहा है.

सीमा: क्या मिलाया है इसमे काम्या.

माँ एक दम घबरा जाती और कहती है.

काम्या: वो मैंने इसमे ORS मिलाया था.

सीमा( काम्या को देखती है)

बेटा: उह अच्छा तभी मै कहूँ की पानी का स्वाद नहीं आ रहा है.

मै पानी पी के वहाँ से चला जाता हु, या ये कहूँ की माँ की पिशाब पी के.

सीमा: क्या बात है काम्या ORS.

काम्या: धत( मुस्कुराते हुए).

सीमा: देख तेरा बेटा कैसे तेरी मूत पी के काम कर रहा है.

काम्या: अब तो मैं डेली पिलाऊंगी इसको अपना ORS का पानी. (और हंसने लगती है.)

सीमा: और हां सुन्न अब से तू घर मे पेटीकोट और ब्लाउज मे रहना शुरू कर दे, ताकि तेरा बेटा तेरी भारी भरकम गांड के उभार को देख सके और तेरी गोलाकार चूचियों को भी.

काम्या: ठीक है सीमा अब से यही करुँगी.

सीमा: अब से तू घर मे नहाने जायगी तो खुले मे नहाना ताकि तेरा बेटा तेरे को देखे.

काम्या: ठीक है.

कहानी जारी रहेगी

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