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माँ और अंकल की मिलन रात

प्रेषक : सन्नी …

हैलो दोस्तों.. मेरा नाम सन्नी है और मेरी उम्र 19 साल है और में सी.ए फाईनल कर रहा हूँ और में लुधियाना से हूँ। हम फेमिली में दो ही लोग है एक में और मेरी माँ.. मेरी माँ की उम्र 44 साल है और उनका नाम इस दिलजीत कौर है और वो तलाकशुदा है। मेरे पापा और माँ का 5 साल पहले ही तलाक हो गया और तब से ही में माँ के साथ रह रहा हूँ और जब से ही मेरा मेरे पापा के साथ कोई सम्पर्क नहीं हुआ है। अब में आपका समय ख़राब ना करते हुये सीधा अपनी कहानी पर आता हूँ और में अपनी माँ का परिचय करता हूँ.. वो एक परफेक्ट पंजाबी औरत है उनका कलर बहुत गोरा है और 5.8 हाईट है और उनका बूब्स साईज 38 है और वेस्ट साइज 34 है। वो खुले विचारों वाली है.. उनका सब से बोलचाल है। वो बिल्कुल भी 44 साल की नहीं लगती। उनके सामने तो कोई जवान लड़की भी शरमा जाये। हम लोग बहुत अमीर है। माँ का इम्पोर्ट एक्सपोर्ट का बिज़नेस है और मेरी माँ ने अपनी जान से ज़्यादा मेरा ख्याल रखा है और बहुत प्यार भी करती है। माँ में कोई बुरी आदत नहीं बस सेक्स की प्यास की.. जो हर नॉर्मल औरत में होती है।

माँ ने मेरी खातिर दूसरी शादी नहीं की.. लेकिन सेक्स की ज़रूरत तो उन्हे भी होती है और इसके लिए वो बिना हिचकिचाहट के जिससे मन करता (वो केवल स्टैण्डर्ड अमीर लोग और जो उन्हे सही और इज़्ज़तदार लगते है) उनके साथ सेक्स किया करती है। माँ का शहर मे बहुत रुतबा है और हमारे बड़े बिज़नेस के कारण बहुत बड़ा सोशल सर्कल भी.. चलिये मैंने अपने बारे में आपको बहुत बता दिया अब सीधा स्टोरी पर आता हूँ। पहली घटना जो में आपको बताऊंगा वो है मेरी माँ और उनकी एक फ्रेंड के पति की.. ये आज से 4 साल पहले की बात है जब मैं 15 साल का था और माँ 40 साल की तब मुझे सेक्स के बारे में बस पता ही चला था।

फरवरी महीने की बात है शायद हम लोग माँ के किसी बिज़नस पार्टनर की पार्टी मे गये थे। वहाँ माँ ने मुझे काफ़ी लोगों से मिलवाया। उनमें से एक थे मिस्टर हर्ष वर्धन.. वो माँ के बिज़नस एसोसियट थे.. जो माँ की इम्पोर्ट एक्सपोर्ट मे मदद किया करते थे। उनका कन्सलटेन्सी का बिज़नस है। उनकी उम्र उस वक़्त 38 साल होगी.. वो मुझसे काफ़ी फ्रेंड्ली बात कर रहे थे। मैं वहाँ जाकर अपनी उम्र के ग्रुप वालों से मिला और पार्टी इन्जॉय की.. पार्टी के बाद जब हम घर लौटने के लिए कार में बैठे तो अंकल भी कार में आकर बैठ गये।

अंकल : हेल्लो बेटा।

मैं : हेल्लो।

माँ : बेटा हमें बिजनस के सिलसिले में कुछ बातचीत करनी है मुझे आशा है कि तुम्हे कोई प्रोब्लम नहीं होगी।

मैं : ऑफ कोर्स नहीं माँ.. यह हमारे मेहमान है।

फिर अंकल मेरी पढाई और मेरी हॉबी के बारे में मुझसे बातचीत करने लगे.. फिर हम लोग रात के करीब 12 बजे तक घर पहुँचे और घर जाकर में मेरे रूम मे चला गया और माँ भी चेंज करने चली गई। में जब चेंज करके आया तो माँ और अंकल सोफे पर बैठे थे। माँ ने लाल 3 पीस नाईटी पहनी हुई थी और अंकल भी पजामे और टी-शर्ट में थे। वो शायद अपने साथ लाये होंगे। में नीचे आया और थोड़ी देर ऐसे ही बात चली.. फिर अंकल अपने लेपटॉप में घुस गये और मैंने और माँ ने थोड़ी इधर उधर की बातें की और फिर में दोनों को गुड नाईट बोलकर चला गया।

मैं ऊपर जाकर सोया नहीं और रूम बंद करके पॉर्न मूवी देखने लगा। मैंने रूम में मुठ मारा और सोने लगा। मैंने देखा की पानी की बोतल तो लाना ही भूल गया.. तो मैं पानी की बोतल लेने नीचे किचन की तरफ जाने लगा.. नीचे की लाइट बंद हो गई थी तो वापस रूम में आया और अपना मोबाइल उठाकर नीचे चल दिया। बोतल लेकर आते वक़्त मैंने सोचा माँ को देख लूँ कि सो गई या अंकल और वो अब तक काम कर रहे है। हॉल की लाइट तो बंद थी तो मुझे लगा माँ और अंकल उनके रूम मे काम कर रहे होंगे। में माँ के रूम की तरफ चल दिया और जैसे ही में गेट लॉक करने वाला था तो मेरा ध्यान आवाज़ों की तरफ गया जो माँ के रूम के अंदर से आ रही थी।

मैंने गौर किया तो ऐसा लगा जैसे किस हो रहा हो.. अंदर मैंने चुपचाप गेट खोलना चाहा पर गेट अंदर से बंद था। में आवाज़ पर ध्यान देने लगा तो कन्फर्म हो गया कि अंदर किस हो रहा है। बार तो मुझे झटका लगा कि कहीं में नींद में तो नहीं… मेरी माँ और हर्ष अंकल क्या सच में ये सब? फिर आवाज़ें आती गई किस्सिंग की और ये तो पक्का था कि कुछ हो तो रहा है। फिर उनकी बातें करने और हंसने की आवाज़ें आने लगी.. बातें उतनी साफ़ नहीं थी। मैं वहाँ खड़ा सब सुनता रहा और सोचा कैसे देखूं यह सब और फिर पागलों की तरह वहीं उनकी बातें सुनने लगा.. जो ज्यादा साफ़ नहीं थी। फिर एकदम से मुझे याद आया कि बगल वाले रूम का वेंटिलेशन एरिया और माँ के रूम का वेंटिलेशन एरिया कॉमन है और में वहाँ से सब देख सकता हूँ।

में भाग कर वहाँ गया और एक कुर्सी वेंटिलेशन के पास लगा दी.. मुझे वहां से माँ की पायल की छन छन की आवाजें आ रही थी और मैं नहीं बता सकता कि ये क्या हो रहा था? जिसकी वजह से छन छन की आवाज़ आ रही थी। फिर एकदम से माँ की आहें भरने की आवाज़ आई और मेरी सारी शर्म लिहाज़ टूट गई और मैं कुर्सी पर चढ़कर नज़ारा देखने लगा। साईड लेम्प जल रहा था.. तो थोड़ा बहुत दिख रहा था.. लेकिन एकदम क्लियर नहीं। अंदर का नज़ारा देख कर तो मेरे होश उड़ गये। अंकल माँ के ऊपर थे और माँ का राइट बूब्स दबा रहे थे और लेफ्ट चूस रहे थे और माँ आवाजें निकाल रही थी.. आ आ अम्म आ ये देखकर में जितना हैरान था उतना ही मुझे मज़ा भी रहा था। मेरा लंड भी खड़ा होने लगा था। अंकल ने 5 मिनट तक माँ के बूब्स मसले चूसे और फिर माँ के होंठो को चूमने लगे.. वाउ! क्या किस था यार?

अंकल केवल चड्डी में थे और माँ भी शायद पेंटी में थी। अंकल माँ के ऊपर से हटे और साइड में होकर अपनी चड्डी निकाल दी और फिर माँ की पेंटी उतारने लगे.. क्या नज़ारा था वो? अंकल ने माँ की पेंटी उतारी और साईड में फेंक दी और अब मुझे माँ की चूत दिखाई दे रही थी.. साफ साफ नहीं पर माँ इतनी गोरी है कि उनका बदन अंधेरे में भी चमक रहा था। सॉरी में पूरी तरह से तो बता नहीं सकता कि माँ की चूत कैसी है? क्योंकि मुझे सही सही दिख नहीं रहा था.. लाईट कम होने की वजह से। अंकल दोबारा माँ पर चड़े और उनके गाल पर किस किया.. होंठ चूसे और बूब्स दबाते चूसते हुये नीचे आते गये। उन्होंने नाभि पर भी किस किया और माँ की चूत पर उन्होंने 1 मिनट तक हाथ फेरा और फिर माँ की चूत को चाटने लगे। वो धीरे धीरे माँ की नाभि और फुली हुई चूत चाट रहे थे और माँ उनके बालों में हाथ फेर रही थी और उन्हे अपनी चूत में घुसा रही थी। दोस्तों ये कहानी आप AntarvasnaSex.net पर पड़ रहे है।

माँ : आह आह उम्म्म्म आह उम्म्म आहें भर रही थी। करीब 10-15 मिनिट बाद अंकल ने अपना मुँह माँ की चूत से हटाया।

अंकल : मज़ा आ गया तुम्हारी चूत का रस पी कर।

माँ : वो कुछ नहीं बोली और लंबी गहरी साँसे ले रही थी।

अंकल ने फिर अपना लंड मसलते हुये माँ की चूत पर रखा तो माँ ने अंकल को रोका और कहा कि..

माँ : कंडोम लगा लो।

अंकल : क्यों मज़ा ख़राब कर रही हो।

माँ : नहीं नहीं बिना कंडोम के नहीं।

अंकल : मुझे कौन सा एड्स है यार.. बिना कंडोम के तो असली मज़ा है।

माँ : मेरी अलमारी खोलो और उसमे से कंडोम का पैकेट है.. निकाल लो। अंकल कंडोम निकालने के लिये उठे और अलमारी खोलकर पैकेट में से कंडोम निकाला।

अंकल : इतने सारे कंडोम कौन इस्तेमाल करता है यह चक्कर क्या है? और नॉटी स्माइल देने लगे।

माँ : शटअप.. बकवास मत करो यार।

अंकल ने कंडोम लगाया और माँ के ऊपर आकर लेट गये। उन्होने अपना लंड माँ की चूत पर टिकाकर थोड़ा ऊपर नीचे रगड़ा और फिर एक ज़ोरदार झटका मारा और अंकल के लंड का ऊपरी हिस्सा माँ की चूत में चला गया। ओह सॉरी मैं आपको अंकल का परफेक्ट साईज़ तो नहीं बता सकता लेकिन ये ज़रूर बोल सकता हूँ कि मेरे लंड से छोटा था। मेरा लंड 7 इंच का है तो अब आप खुद सोच लें.. शायद 6 या 6.5″ इंच का होगा। अंकल ने माँ के होंठ पर अपने होंठ रखे और उनकी जीभ आपस में लड़ने लगी। वो दोनों बहुत ही सेक्सी किस कर रहे थे और अंकल ने इतने मे दूसरा झटका मारा.. लगभग पूरा लंड माँ की चूत में चला गया। फिर अंकल आगे पीछे होने लगे। और इधर मेरा भी वीर्य निकल गया था। अंकल ने धीरे धीरे स्पीड बड़ा दी और पूरा रूम उनके बदन के टकराने और माँ के चिल्लाने की आवाजों से भर गया और ये आवाजें मुझे मदहोश कर रही थी।

माँ : आह उम्म।

अंकल : आई लव यू सेक्सी और 5 मिनट तक अंकल ने इसी पोज़िशन में माँ को चोदा और एक ज़ोरदार आह के साथ अंकल माँ के ऊपर गिर गये। मुझे तो देखकर झटका लगा कि 5 मिनिट में ही अंकल का हो गया.. लेकिन माँ का नहीं हुआ था।

2 मिनट दोनों ऐसे ही लेटे रहे और फिर अंकल साईड में लेट गये। माँ अंकल की तरफ पलटी और दोनों ने फिर चुम्मा चाटी शुरू कर दी। अंकल साईड से ही माँ के बूब्स दबा रहे थे। फिर माँ अंकल के ऊपर चड़ गई और उनके गाल चूमने लगी। फिर होंठ पर किस किया और गले पर चूमती हुई अंकल की छाती पर आई और उनकी निपल्स चूसने लगी। ये देखकर तो में हैरान हो गया। मुझे नहीं पता था कि लड़कियाँ भी इतनी तेजी से यह करती है और ऐसा भी कुछ करती है। माँ ने अंकल के बालों भरी छाती पर हाथ फेरा और पूरी छाती को चूमा। धीरे धीरे माँ अंकल के लंड की तरफ बड़ी और उसे हिलाने लगी। 5 मिनट में अंकल का लंड फिर सलामी दे रहा था और हमले के लिये तैयार हो गया था।

माँ अंकल के लंड के ऊपर बैठी और धीरे धीरे ऊपर नीचे होने लगी। में तो बयान नहीं कर सकता कि मुझे कितना मज़ा आ रहा था। माँ की गांड मेरी तरफ थी और मैं गांड देखकर पागल हो जाता हूँ.. मुझे नशा हो जाता है और माँ की गांड तो आह कितनी सफ़ेद मोटी और सॉफ्ट थी.. शायद इसलिये अंकल भी अपने आपको नहीं रोक पा रहे थे और बार बार माँ की गांड दबा रहे थे। माँ फिर से आहें भर रही थी और अंकल के लंड पर कूद रही थी।

माँ : अहह उम्म्म या या या और 5 मिनट बाद इस बार माँ झड़ गई और अंकल के ऊपर गिर गई.. लेकिन अंकल नहीं रुके और माँ को उठाकर पलट दिया और अब अंकल माँ के ऊपर थे और उन्हे चोद रहे थे। माँ का पूरा बदन कांप रहा था शायद इसलिये क्योंकि वो अभी अभी झड़ी थी। माँ ने अंकल को अपनी तरफ किया और लंबा किस किया आहह 2 मिनिट बाद ही अंकल भी झड़ गये और साईड में गिरकर लेट गये। दोनों ने फिर थोड़ी चुम्मा चाटी की और अंकल ने माँ के बूब्स दबाये और फिर माँ उठी और बाथरूम में चली गई। अंकल भी उनके पीछे गये.. मुझे लगा बस अब शो ख़त्म.. इसलिये मैं कुर्सी को उसकी जगह पर रख कर जाकर सो गया। उम्मीद है कि आपको ये सच्ची घटना पसंद आई होगी ।।

धन्यवाद …

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9 Comments
  1. Prajyot says

    muje chudi ki story pasand aaye

  2. sneha Sharam says

    nice story like it

  3. Aryan says

    Bhabhi,girl or vido chut chatwana ho ya chut me lund lena chahti ho to call kare 7505904477 sari bate gupt rakhi jayengi ak bar awsar ka moka de

  4. Goutam says

    H koi jo lund lena chati ho9814675013

  5. Anuradha says

    Muje lund chahiye 979321xxx

    1. Anonymous says

      Nero lele

    2. Anonymous says

      Hi

    3. raj says

      Mera land lelo

    4. rk says

      Mera land lelo