प्लीज जीजू थोड़ा धीरे धीरे करिए ना

Jija sali ki kamuk chudai story:- दोस्तों मेरा नाम है डीके है और मेरी उम्र इस समय यही कोई 30 साल है. जो जीजा साली की चुदाई कहानी मैं आपको सुनाने जा रहा हूँ वो आज से 7 साल पुरानी है. मेरी शादी को हुए अभी एक साल ही हुआ था. मैं अपनी बीवी से बहुत खुश था और होता भी क्यों नहीं वो थी ही इतनी सेक्सी. पर एक साल बाद क्योकि वो पेट से थी तो हम दोनों के बीच सेक्स तो एक दम से ख़तम सा हो गया था. बस यही से एंट्री हुई मेरी साली ध्वनि की।

Jija sali ki kamuk chudai story

उस टाइम वो बस अपनी जवानी में आयी ही थी. उसे 18 साल की हुए अभी 2 महीने ही हुए थे. अपनी दीदी यानि मेरी बीवी की मदत के लिए वो हमारे घर आयी थी. अंदाजे के लिए मैं आपको उसके बारे में ज्यादा और बता दूँ की वो उस टाइम एक दम श्रद्धा कपूर जैसी दिखती थी. एक दम वैसी ही बॉडी, बस उसका रंग थोड़ा सा सावला था. जैसे गेहू रंग होता है वैसा ही पर उसे देख कर लोग उसके रंग से नही बल्कि उसके जिस्म से आकर्षित होते थे. शुरू में जब वो आयी तो उससे पहले या उस टाइम मैंने उसके बारे में कोई गलत ख्याल नहीं सोचा था.

वो बस मेरे घर में मेरी बीवी की मदत के लिए आयी थी. उसे मेरे घर आये यही कोई 2 हफ्ते हो चुके थे. हर रोज सुबह जहा मैं जो कुछ भी करते अपनी बीवी को देखता था. अब अचानक से मैं उसे देखने लगा था. जैसे सुबह की चाय हो या नाश्ता और ऑफिस से घर आओ, तो किचन में वो बस हर जगह वो ही वो. क्योकि वो मेरे आस पास रहती तो मुझे वो अच्छी लगने लगी थी. हम देर रात तक अक्सर कोई फिल्म टीवी पर देखते रहते थे. मेरी बीवी तो जल्दी सो जाती थी पर ध्वनि मेरे सोने के टाइम ही सोती थी. कभी कभी जब वो ज्यादा थकी होती तो वो थोड़ी जल्दी भी सो जाती थी.

ऐसी ही एक रात जब वो जल्दी सो गयी मैं उसे देखने उसके रूम में गया जो मेरे बैडरूम के साथ ही था. जैसे ही मैं अंदर घुसने लगा तो मुझे अंदर से कुछ आवाजे सुनाई दी. मैं एक दम से चौकन्ना सा हो गया और मैंने कान लगा कर अच्छे से सुनने की कोशिश करि. अगले ही पल मैं कामयाब हो गया और अंदर मेरी साली मजे से भरी हुई सिसकारियां ले रही थी. वो धीरे धीरे खुछ बड़बड़ा भी रही थी. जब मैं हल्का सा दरवाजा खोल कर अंदर झाँका तो पाया की वो किसी के साथ फ़ोन पर बात कर रही थी. उसने चादर अपने ऊपर ओढ़ रखी थी और साफ़ पता चल रहा था की वो अपनी चूत सहला रही है.

इतना देख कर ही मैं से रोमांचित सा हो गया. पता नहीं मेरे दिमाग में क्या आया और मैं फ़ौरन उसके कमरे में दाखिल हुआ और मैं फटाक से लाइट ऑन कर दी. मेरे इस तरह से अचानक कमरे में आ जाने से ध्वनि तो जैसे हड़बड़ा सी गयी. उसी हड़बड़ाहट में वो फ़ोन काटने लगी शायद और इसी दौरान चादर जो उसके ऊपर थी वो खिसक कर साइड में हो गयी. अगले ही पल मेरी कमसिन साली का सब कुछ मेरे सामने था. मैं हैरान रह गया देख कर की वो एक दम नंगी थी.

उसे इस रूप में देख कर मैं तो जैसे पुतला सा बन गया. ध्वनि भी काबू में आयी और उसने मुझे उसे यु ताड़ते हुए देखा. उसने फौरन चादर अपने शर के ऊपर ओढ़ ली पर मैं तो जैसे किसी शॉक में चला गया था. मैं बस ऐसे ही उसे ताड़ रहा था. कुछ पल तक हम दिनों की नजरे आपस में टकराई और फिर वो हुआ जिसका मुझे अंदाजा भी नहीं था. ध्वनि ने मेरी आँखों में देखते देखते चादर को अपने हाथो से हटा दिया. उसकी जवानी एक बाद फिर मेरी आँखों के सामने आ गयी.

ध्वनि का इतना करना ही मेरे लिए ग्रीन सिग्नल था. यह समझ आ गया था की जीजा साली की कहानी में अब बहुत कुछ होने वाला है. मैं भी पलक झपकते ही उसके बेड पर कूद गया और मेरे होंठ सीधा उसके होंठो से जा टकराये. वो मेरा ऐसे साथ दे रही थी. जैसे वो मेरी बीवी हो और मेरा इन्तजार कर रही थी की कब उसका पति आएगा और उसकी ठुकाई करेगा. उसकी तरफ से मिला ये रिस्पांस इतना आकर्षक था की उसे किश करते करते मेरे हाथ उसके जिस्म पर किसी सांप की तरह घूमने लगे. मैं अभी उसकी छोटी छोटी सी चूचियां दबाता, तो कभी उसकी हल्के बालो वाली चूत को सहला देता. वो पहले ही गरम थी पर मेरे दवारा किये इस हमले से उसके जिस्म की आग और भड़क गयी थी.

तभी शायद उसने पेण्ट के ऊपर से मेरे लंड को पकड़ लिया और उसे दबाने लगी. मैंने भी देर न करे हुए अपने शरीर से कपड़ों को उतार फेंका और देखते ही देखते मेरा खड़ा हो चुका 7 इंच का लंड मेरे साली की आँखों के सामने झूल रहा था. इससे पहले की वो कुछ करती मैंने उसकी टांके पकड़ कर चौड़ी करी और अगले ही पल उसके निचले होंठ मेरे ऊपर वाले होंठो की गिरफ में थे. मैं उसकी चूत को चूस कर जैसे दीवाना सा हो गया. उसकी चूत आउटर चूत थी जैसे कुछ चूतें होती जिनमे से थोड़ा मांस बाहर लटका होता है.

जैसे जैसे मैं उसकी चूत चूसने लगा उसके हाथ मेरे बालो को नोचने लगे. वो तो रह रह कर हटके खा रही थी. ये सब 5 मिंट तक चला और इसी दौरान वो 2 बार झड़ चुकी थी. तभी मैंने आगे बढ़ कर उसे निचे लेकर कर उसकी टांगों को फैलाया और अपना लंड उसकी चूत के मुहाने पर सत्ता दिया. वो मेरे आँखों में झांक कर ये कह रही थी जी प्लीज जीजू थोक दो अब अपना मुसल मेरी चूत की जड़ो में.

मैंने भी उसकी बात को समझा और सतररररर से अपने लंड को अंदर की और सरका दिया. जैसे जैसे मेरा लंड उसकी चूत में घुसता गया. वैसे वैसे उसका मुँह खुलता गया पर इससे पहले की उसकी कोई चीख निकलती! मैंने उसके मुँह पर हाथ रख दिया. उसका मुँह ढकते ही मैंने एक धक्के में अपने लंड जड़ तक उसकी चूत में उतार दिया. मेरे इस प्रहार से वो थोड़ी तिलमिला सी गयी और बिस्तर पर किसी मछली की तरह छटपटाने लगी.

इसी से उत्तेजित होकर मैंने ठपा ठप एक के बाद एक धक्के उसकी चूत में लगाने शुरू कर दिए. उसकी चूत वर्जिन नहीं थी पर मेरे लंड के लिए वो बहुत टाइट थी. इसलिए मुझे बहुत मजा आ रहा था उसे चोदने में. कुछ पलो के बाद असल चुदाई शुरू हो गयी. मैंने हाथ उसके मुँह से हटा लिया और उसकी आँखों में देखते देखते अपनी बाजुओं को अपने बगलों के पास बेड पर सटा कर. एक तरह से उसके ऊपर चढ़ कर उसकी चुदाई करने लगा.

वो मेरी आँखों में देख रही थी की मैंने जोरदार धक्कों की बारिश शुरू कर दी. मैं इतनी तेज धक्के लगा रहा था की पुरे कमरे में धक्को की आवाज और उसके मुँह से निकल रही सिसकारियां गूंजने लगी थी. मैं पूरी गति से जा उसे चोदने लगा तो देखते ही देखते उसकी आँखों से आँसू आ गए और वो रोते रोते बोलने लगी

“प्लीज जीजू थोड़ा धीरे धीरे करिये न”.

तभी मैंने अपनी स्पीड थोड़ी धीमी करी और पहले की तरह उसे चोदने लगा. फिर मैंने उसे घोड़ी बनाया और उस पोज़ में मैंने उसे 5 मिंट तक चोदा. इसी दौरान वो 3 बार झड़ चुकी थी. उसके बाद जब मेरा झड़ने का टाइम आया. तो मैंने लंड उसकी चूत से निकाला और उसकी गांड पर सारा माल गिरा दिया. लंड से निकली वीर्य की पिचकारियां उसकी पीठ पर भी जाकर गिरी. इस सब में 30 मिनट बीत चुके थे. 2 मिंट बाद मैंने उसे उठाया. और उसी रूम के बाथरूम ले गया और वही उसके साथ शावर लिया.

फिर हम दोनों ने एक टॉवल से अपने शरीर साफ़ कर लिया. मैंने अपनी गोदी में उठा कर उसे बेड पर नंगी ही लिटाया और उस पर चादर ओढ़ के कमरे की लाइट बंद करि. और अपने कमरे आकर अपनी बीवी के साथ सो गया. उसके बाद वो डेढ़ महीना हमारे घर रही और उसे दौरान मैंने उसे खूब चोदा. एक बार एक तरफ उसने अपने बॉयफ्रेंड से फ़ोन सेक्स किया और इधर मेरे साथ रियल चुदाई. अब उसकी शादी हो गयी है और बच्चे भी है जिसमे से एक तो शायद मेरा ही है. पर जब कभी भी हमे एक साथ अकेले होने का मौका मिलता है. तो हम चुदाई जरूर करते है. हमारी जीजा साली की कहानी आपको किसी लगी? कमैंट्स में जरूर बताना मुझे आपके फीडबैक का इंतजार रहेगा धन्यवाद्.

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