Jeth bhabhi xxx sex story:- पिछले पार्ट मे आपने पढ़ा कि घर मे सब लोग एक शादी मे गए थे, मैने नही जाने का बहाना बनाया, क्यूंकी आज मै जेठ जी के साथ अपनी हवस को पूरा करना चाहती थी। जेठ जी अपने ऑफिस से जब आए तब मुझे अकेला घर मे देख खुश हो गए फिर धीरे धीरे हम एक दूसरे से खुलते गए। अब पढ़िये आगे…
जेठ जी के साथ वासना की गहराई तक – 4
Jeth bhabhi xxx sex story
उनका हर स्पर्श मेरे अंदर एक आग सी लगा रहा था और मैं बस उस पल में खो जाना चाहती थी। मेरे होंठो से धीमी-धीमी सिसकारियां निकल रही थी. उन्होंने मेरी पेटीकोट का नाडा खोल दिया और वो सरक कर मेरे पैरों में आ गया. उन्होंने मुझे बेड पर लिटा दिया और मेरी पैंटी को भी खींच कर घुटनों तक कर दिया. मैंने अपनी साफ़-सुथरी चूत छुपाने की कोशिश की पर उन्होंने मेरे हाथो को हटा दिया. वो नीचे बैठ गए और मेरी पैंटी खींच कर फेंक दी. फिर मेरी टांगें फैला कर मेरे चूत पर मुँह लाने लगे.
मैं उनका सर दूर कर रही थी. पर उन्होंने मेरे दोनों हाथ पकड़ लिए और मेरी टांगों के बीच आ कर मेरी चूत पर किस करने लगे और चाटने लगे. उनकी गरम जीभ मेरी चूत को जला रही थी और मैं तड़प उठी. मेरी सांसें तेज़ हो गयी और मेरे जिस्म में एक तेज़ करंट सा दौड़ गया. मेरा जिस्म कांप रहा था.
मैंने सिसकते हुए आवाज़ में लड़खड़ाहट हुए कहा “आप ये क्या कर रहे हो जेठ जी?”
जेठ जी मेरी चूत चाटते हुए मस्ती में बोले “मैं तुम्हे संतुष्ट कर रहा हूं सपना. तुम्हारी ये प्यास मैं ही बुझा सकता हु.”
उनकी जुबां में जैसे जादू था और मैंने खुद अपनी टांगें फैला दी और अपनी चूत मेरे जेठ जी से चटवाने लगी. मेरी सांसें उखड रही थी और मैं उनके हवाले हो चुकी थी हर एहसास में खो चुकी थी. मैं इतनी बेकाबू हो गयी की मैं उनका सर पकड़ कर अपनी चूत पर दबाने लगी. उनके बालों को अपनी उँगलियों में फंसा लिया. उन्होंने मुझे झड़ने पर मजबूर कर दिया और मैं तेज़ सिसकारी के साथ झड़ गयी. मेरी पूरी बॉडी में एक तेज़ करंट सा दौड़ा और मैं बिलकुल ढीली पड़ गयी. वो मेरी चूत का रस चाटने लगे हर बूँद का मज़ा ले रहे थे जैसे कोई रसीला फल खा रहे हो. Jeth bhabhi xxx sex story
मैंने हाँफते हुए कमज़ोर आवाज़ में कहा “उफ़… जेठ जी… ये… ये क्या जादू है आपकी जुबां में… मैं तो खुद को रोक ही नहीं पायी.”
जेठ जी ने मेरी चूत को सहलाते हुए मेरी आँखों में देखते हुए शरारती मुस्कान के साथ जवाब दिया “जादू तो तुम्हारी प्यास में है सपना. जो इतनी गहरी है की उसको बुझाते-बुझाते मेरा भी हाल बुरा हो गया.”
मैंने भी उनको कोई रेसिस्ट नहीं किया क्यूंकि उनका हर स्पर्श मुझे बेचैन कर रहा था और मैं उस पल को जीना चाहती थी. उन्होंने मेरी चूत को चाटना जारी रखा और फिर उन्होंने मेरे तरफ देखते हुए कहा “सपना तुम्हारी ये चूत तो… ये तो मेरी प्यास है. आज से ये सिर्फ मेरी है मेरी जान.”
उसके बाद जेठ जी धीरे से खड़े हुए और मेरे सामने अपनी पैंट खोलने लगे. मेरी नज़र बस उनके हाथो की हर हरकत पर थी… मैं उनका लंड बाहर आता देखना चाहती थी. जैसे ही उन्होंने पैंट के साथ अंडरवियर भी एक झटके में नीचे कर दिया मेरी सांस एक पल के लिए अटक गयी. मेरी आँखें बड़ी हो गयी… सामने उनका लंड था मोटा लम्बा मेरे हस्बैंड से भी कहीं ज़्यादा बड़ा. मैं उसे देख कर हैरान रह गयी… ऐसा लंड तो मैंने सिर्फ पोर्न में देखा था. Jeth bhabhi xxx sex story
उन्होंने मेरा हाथ पकड़ कर मुझे बिठा दिया. अब उनका लंड मेरे मुँह के बिलकुल सामने था. मेरे दिल की धड़कन तेज़ हो गयी. मैं शर्मा रही थी पर चोरी-चोरी उस पर नज़र डाल रही थी… उसकी हर रग जैसे मुझे अपनी तरफ खींच रही थी. जेठ जी ने मेरा थोड़ा सा चेहरा उठा कर मेरी आँखों में देखा. मैं समझ गयी… वो क्या चाहते थे. उनकी आँखों में एक भूख थी खुदगर्ज़ पर उतनी ही गहरी और मैं भी उस भूख का हिस्सा बन चुकी थी.
मैंने अपना हाथ आगे बढ़ाया… जैसे ही उनके लंड को छुआ मेरे जिस्म में एक तेज़ करंट सा दौड़ गया. वो बहुत सख्त और गरम था… जैसे किसी गरम लोहे का रोड. मैंने उस पर एक हल्का सा किस किया… फिर उनकी आँखों में देखा. उनकी नज़र में वहीँ हवस थी… एक भूखे शेर की तरह चमक जो मुझे अंदर तक हिला रही थी. मैंने अपनी आँखें बंद की… और बिना कुछ सोचे उनका लंड अपने मुँह में ले लिया. जैसे मैं किसी सपने में खो गयी हु… बेपरवाह हो कर बस चूस रही थी. उनका लंड गरम सख्त… बिलकुल मेरे मुँह में फिट हो रहा था.
Jeth ne bhabhi ko choda
मैं अपनी जीभ से उसका हर इंच महसूस कर रही थी… हर एक टेक्सचर का स्वाद ले रही थी. जेठ जी ने प्यार से अपना हाथ मेरे सर पर रखा उँगलियों से बालों को हलकी सी सहला दी. फिर धीरे-धीरे मेरा सर आगे-पीछे करने लगे. उनका लंड मेरी होंठो के बीच से अंदर-बाहर होने लगा. कभी पूरा गले तक घुस जाता तो कभी सिर्फ उनका सुपाड़ा मेरे होंठो के बीच थिरकता. हर धक्के पर मेरी सांस तेज़ हो जाती सिसकारियां निकल जाती. गले में उनकी गर्मी महसूस होती. मैं पूरी तरह उनके लंड के मज़ा में डूब गयी थी जैसे हर स्ट्रोक के साथ एक नशा चढ़ रहा हो. Jeth bhabhi xxx sex story
जेठ जी ने आँखें बंद करते हुए सिसकते हुए कहा “आह सपना… क्या चूसती हो तुम… मज़ा आ गया. तुमने तो मेरी जान निकाल दी.”
उनकी तारीफ सुन कर मुझे और हिम्मत मिली. मैं और तेज़ी से उनका लंड चूसने लगी जैसे कोई प्यासा पानी पी रहा हो. मेरी जीभ उनके लंड के हर हिस्से को चाट रही थी और मैं उसकी नसों को भी महसूस कर रही थी हर चूसने में और गहरा उतार रही थी.
जेठ जी ने मेरा सर पकड़ा और अपने लंड को मेरे गले में और गहरा उतार दिया और सिसकते हुए तेज़ी से बोले “सपना… आह मेरी जान… मेरा निकलने वाला है… सब पी जाओ मेरी जान… सब पी जाओ… ये मेरा अमृत है.”
मैंने भी बिना सोचे समझे उनका पूरा रस मुँह में ले लिया और उसे पी गयी. वो मेरे मुँह में ही झड़ गए. उसके बाद वो धीरे से मेरे सर से हाथ-हटा कर पीछे हो गए. मैं हाँफते हुए उनकी तरफ देखा. मेरे मुँह में अभी भी उनके लंड का स्वाद था और एक अजीब सा नशा चढ़ा हुआ था. मेरे मुँह में अभी भी उनके रस का स्वाद था और मैं हलकी सी मुस्कान के साथ हाँफते हुए उनकी तरफ देख रही थी. जेठ जी अपनी सांसें संभाल रहे थे उनके चेहरे पर एक गहरी संतुष्टि और आँखों में शरारत की चमक थी. Jeth bhabhi xxx sex story
वो मुस्कुराते हुए बोले “तो सपना… कैसा लगा मेरा टेस्ट? क्या ख़याल है अब? और पिलाऊँ या इतना ही काफी है?”
मैं शरमाते हुए पर आँखों से उनका मज़ाक उड़ाते हुए बोली “आप तो बहुत… बहुत शैतान हो गए हो जेठ जी.”
वो मेरे बिलकुल पास आ गए उँगलियों से मेरे गालों को सहलाते हुए धीमी आवाज़ में बोले “शैतानी तो अब शुरू हुई है मेरी जान… और अब जब तुमने मेरा स्वाद चख लिया है तो क्या ये शेर ऐसे ही सो जायेगा? या तुम्हारा इरादा इसे फिर से जगाने का है?”
उनकी बातों से मेरे होंठो पर हंसी आ गयी पर दिल में एक नयी आग भड़क उठी. उनका लंड अभी थोड़ा नरम था पर अब भी इतना बड़ा की मेरी नज़र उसी पर अटक गयी. मैं नॉटी स्माइल के साथ उनके लंड की तरफ इशारा करते हुए बोली “आपको लगता है की मैं अपने इस शेर को ऐसे ही सोने दूँगी? अभी तो इससे बहुत काम करवाना है.”
जेठ जी की आँखों में जोश का बिजली सा चमक उत्तरी. “तो क्या करोगी मेरी जान? कैसे जगाओगी इससे?”मैंने उनका हाथ पकड़ा उन्हें बेड पर अपने पास बिठाया. धीरे से उनका लंड अपनी उँगलियों में लेकर जैसे कोई अनमोल चीज़ हो प्यार से सहलाया. “इससे तो अभी बहुत काम लेना है जेठ जी… आपकी आज की हर बूँद सिर्फ मैं ही पियूँगी.” Jeth bhabhi xxx sex story
मैंने उनका लंड अपने हाथो में ले लिया धीरे-धीरे उसकी गर्मी महसूस करते हुए सहलाने लगी. उसका नरम और भारी एहसास मेरे हाथो में जैसे आग जला रहा था. मैं अपना मुँह उसके करीब ले गयी और सुपाड़े पर हलकी सी किस दी. फिर अपनी जीभ से ऊपर से नीचे तक उसकी लम्बाई को चाटना शुरू किया. जेठ जी की पलकें बंद हो गयी एक गहरी सांस उनके सीने से निकली और उनके होंठो से हलकी सी सिसकी.
वो होठ से मुस्कुराते हुए बोले “आह सपना… बस ऐसे ही… तुम्हारे हाथो का जादू अलग ही है… तुम तो मेरी चाहत बन गयी हो.”
मैंने उनके लंड को और प्यार से चूमना चाटना शुरू किया कभी टिप पर अपनी जीभ घूमते हुए कभी उसे अपने मुँह में लेकर आगे-पीछे करती. धीरे-धीरे उसकी नरमी सख्ती में बदल गयी और कुछ ही पलों में वो बिलकुल तन चुका था मोटा लम्बा एक फौलादी रोड की तरह… जो अब मेरी गरम चूत में उतरने को बेचैन था. जेठ जी का मोटा लंड पूरी तरह तन चुका था. उन्होंने मेरी टांगें धीरे से फैलाई और मेरी चूत पर थोड़ा सा थूक गिरा कर ऊँगली से फैला दिया जिससे वो और ज़्यादा चमक उठी. Jeth bhabhi xxx sex story
मेरी चूत अभी भी उनके ओरल pleasure से गीली थी और अब उनका लंड उसमें घुसने को बेचैन था. उसकी गर्मी मैं अपने अंदर तक महसूस कर रही थी. जेठ जी ने एक नॉटी स्माइल दी “अब मैं छोटे की कमी पूरी कर रहा हूं सपना… आज तुम्हे असल मज़ा चखने को मिलेगा. जो तुमने कभी सोचा भी नहीं होगा.
”उनकी बात सुन कर मेरी नज़र अपने आप उनके लंड पर चली गयी. मेरे दिल में एक अजीब सा डर और एक्साईटेमेंट दोनों साथ-साथ चल रहे थे. मैं उनकी आँखों में देखते हुए हलकी सी सांस ले कर बोली “आपका तो बहुत बड़ा है… उनका तो आपके सामने कुछ भी नहीं. क्या मैं इसे पूरा अंदर ले पाऊँगी?”
मेरी बात सुन कर जेठ जी के होंठो पर एक और भी नॉटी मुस्कान आ गयी. वो मेरी चूत को घूरते हुए बोले “लंड चाहे जितना भी बड़ा हो… औरत की चूत उसे निगल ही लेती है. और आज तुम्हे वही मिलेगा जो तुम हमेशा से चाहती थी. देखना… ये पूरा अंदर जायेगा… और तुम्हे जन्नत का मज़ा दिखायेगा.
उन्होंने मेरी गीली चूत पर अपना मोटा लंड धीरे-धीरे रगड़ना शुरू किया. हर रगड़ के साथ मेरी साँसों की रफ़्तार तेज़ होती जा रही थी और मेरे अंदर एक मीठी तड़प उठ रही थी. लगता था जैसे वो जान बुझ कर मुझे तड़पा रहे हो मेरे जिस्म को अपने लंड की प्यास से बेहाल करते हुए. Jeth bhabhi xxx sex story
मेरे होंठो से बेकरारी निकल ही गयी मैं उनकी गर्दन पकड़ कर बोली “क्यों इतना तड़पा रहे हो? अब चोदो मुझे… मुझसे और इंतज़ार नहीं हो रहा.” वो सिर्फ मुस्कुराये. एक गहरी सांस लेकर उन्होंने अपना लंड धीरे से मेरी चूत के दरवाज़े पर रखा… और हल्का सा धक्का दिया. जैसे ही उनका मोटा सुपाड़ा अंदर घुसा एक तेज़ दर्द ने मेरी सारी साँसें खींच ली.
“आह्हः…” मेरी चीख निकल गयी मेरी आँखों से आंसू टपक पड़े. जेठ जी ने मुझे अपनी बाहों में संभाला मुझे करीब खींच कर धीरे-धीरे अपना पूरा लंड अंदर उतार दिया. इसके आगे क्या हुआ वो आपको अगले पार्ट में पता चलेगा.
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