जेठ जी के साथ वासना की गहराई तक – 2

Jeth Bhabhi ki chudai story:- पिछले पार्ट मे आपने पढ़ा कि मेरे पति नेवी मे होने कि वजह से साल मे 1-2 बार ही आते थे। उनके पीछे मै तड़पती रहती थी। एक दिन गलती से मैंने जेठ भाभी कि सेक्स स्टोरी पढ़ ली। तब से ही मुझे मेरे जेठ जी अच्छे लगने लगे। मै हर टाइम बस जेठ जी को ही देखती रहती थी। जेठ जी भी मेरी नजरों को भाँप गए थे। अब पढ़िये आगे..

जेठ जी के साथ वासना की गहराई तक – 1

एक दिन सब को एक रिश्तेदार के घर फंक्शन में जाना था. मैं तैयार होने के लिए थोड़ा ज़्यादा टाइम लिया क्यूंकि मैं था कुछ अलग पहनने का सोच रही थी। जीमे मै शर्मीली भी लगूँ और थोड़ी सयानी भी. मैंने एक डीप वाइन कलर की ऑर्गेंजा साड़ी निकाली और उसको पहना। वह साड़ी मैंने ऐसे बांधी जिससे वो ट्रांसलूसेंट सॉफ्ट और बॉडी के हर कर्व पर हलकी सी लिपटी हुई लगे.

Jeth Bhabhi ki chudai story

साड़ी में छोटी-छोटी जरी की कढ़ाई थी जो लाइट में शिम्मरी लग रही थी। उसमे न ज़्यादा चमक न धमक थी बस इतनी की आँखें अटक जाए. ब्लाउज सिल्क का था बोट नैक और एल्बो स्लीव्स पर बैक में वी-कट डिज़ाइन जिसमे मेरी स्मूथ बैक का कर्व ज़्यादा सेंसुअल लग रहा था.

ब्लाउज थोड़ा टाइट था जिसमे से मेरे बूब्स की राउंड शेप ब्लाउज के कपडे को थोड़ा उभार रही थी बिना ज़्यादा कुछ दिखाये. जैसे छुपा के भी सब कुछ दिख रहा हो. साड़ी मैंने फ्रंट पल्लू स्टाइल में बांधी थी, प्लेट्स टाइट और पल्लू लूस जो एक साइड से मेरी बूब्स के कर्व पर हलकी सी बेचैनी के साथ गिर रहा था. मेरी कमर पर्फेक्ट्ली एक्सपोज़ हो रही थी और नीचे से साड़ी का कपडा मेरी राउंड और फर्म गांड से चिपक के हर कदम में हिल रहा था बिना कोई बदतमीज़ी के बस एक स्लो पाइजन जैसे.

ये लुक मेरे दिल के काफी करीब है. क्यूंकि जब मैं रेडी हो कर हॉल में आयी तो मेरे जेठ जी बस मुझे कुछ पल के लिए तकते ही रह गए. उनकी आँखों में एक अजीब सी चुप्पी थी न जाने कैसी भूख जो आँखों से झलक रही थी. पहली बार उस दिन मुझे महसूस हुआ की वो मुझे सिर्फ भाभी की नज़र से नहीं एक औरत की तरह देख रहे है. एक ऐसी औरत जिसे वो कभी छू नहीं सकते पर देख कर भी सब कुछ महसूस कर सकते थे. Jeth Bhabhi ki chudai story

पूरे फंक्शन के दौरान हम एक-दुसरे को चोरी-चोरी देखते रहे. जैसे आँखों का खेल चल रहा हो. उनकी नज़र कभी मेरी कमर पर टिक जाती तो कभी ब्लाउज के वी-कट पे. मैं भी छुप-छुप कर उनकी तरफ देखती थी. लेकिन हर बार मेरी जेठानी का ख़याल आ जाता जो मेरी हर मूवमेंट पे नज़र रखे थी. उन्हें शक न हो इसलिए मैंने बैठने की जगह बदल ली पर मेरी आँखों का क्या? वो तो हर पल अपने जेठ जी को ही ढूंढती रही.

लगता था उनकी भी यही हालत थी क्यूंकि हर बार जब मैं उनकी तरफ देखती वो मुझे ही देखते मिलते. आँखों में वही अधूरा सा जूनून वो अधूरा सा हक़ जैसे हम दोनों किसी खिंचाव में बंधे हो जिसे हम छुपाना भी चाहे और महसूस भी करते रहे. उस फंक्शन के बाद सब कुछ अंदर ही अंदर बदल गया था. मेरे और जेठ जी के बीच अब सिर्फ आँखों का रिश्ता नहीं रहा था. अब मैं चाहती थी की उनकी आँखों से कुछ और भी निकले कुछ बेपनाह हवस जिसे मैं महसूस कर सकू. Jeth Bhabhi ki chudai story

एक बार सुबह का वक़्त था. मैं बाथरूम में नहा रही थी और उस दिन गलती से मैंने डोर का लॉक ठीक से नहीं लगाया था. नहा कर निकलते वक़्त मैंने बस एक टॉवल अपने आस-पास लपेटा था. हाथ में अपनी ब्रा थी की अचानक से बाथरूम का डोर खुल गया. दरवाज़ा जेठ जी ने खोला था. हम दोनों एक पल के लिए जैसे फ्रीज हो गए. मेरी आँखें उनसे मिली उनकी आँखें तुरंत नीचे झुक गयी. वो हक्के-बक्के हो कर बस “सॉरी!” कह कर डोर बंद कर गए.

लेकिन उस एक लम्हे में सब कुछ कह दिया गया था. मेरा दिल ज़ोर-ज़ोर से धड़क रहा था और मेरी सांसें कुछ देर तक रुकी सी थी. मैं एक सेकंड के लिए हिल नहीं पायी. पता नहीं शर्म ज़्यादा थी या कुछ और… लेकिन मेरे गाल लाल हो चुके थे. थोड़ी देर बाद जब मैं नार्मल कपडे पहन के बाहर आयी वो हॉल में सोफे पर बैठे थे. उनकी आँखों में एक अजीब सी शर्म और बेचैनी थी. मैं उनके पास से गुज़री तो उनका चेहरा देख के मुझे हंसी आ गयी. वो जैसे स्कूल के बच्चे की तरह ब्लश कर रहे थे. Jeth Bhabhi ki chudai story

मैं हंस पड़ी और उन्होंने भी आँखों से मेरी तरफ देखा. फिर हम दोनों के बीच एक छुपी हुई मुस्कराहट ने सब कुछ कह दिया. उस दिन एक नया एहसास एक अंजाना रिश्ता शुरू हुआ था. एक बार जेठ जी और जेठानी उनके एक रिश्तेदार की शादी में जाने वाले थे. जेठानी तैयार हो रही थी. उन्हें साड़ी पहनने में हेल्प चाहिए थी. उन्होंने मुझे बुलाया था क्यूंकि ब्लाउज पहनने के बाद पल्लू सेट करने में हमेशा मैं ही उनकी मदद करती थी.

मैं उनके रूम में गयी तब वो बाथरूम में थी ब्लाउज और पेटीकोट पहने हुए. “सपना एक मिनट रुक न… पल्लू सेट करवाना है उन्होंने अंदर से आवाज़ दी. मैं हां कह कर बेड के पास खड़ी हो गयी. तभी मेरी नज़र जेठ जी पर पड़ी. रूम में सिर्फ मैं और जेठ जी थे. वो अपनी अलमारी के पास खड़े हो कर शर्ट्स निकाल रहे थे और एक-एक करके देखते जा रहे थे की शादी के लिए क्या पहना जाये. उन्होंने मुझे देखा बस एक पल के लिए. लेकिन उस पल में ही आँखों से एक हल्का सा सवाल छुप कर निकल आया.

वो एक-एक शर्ट को छू कर मेरी तरफ देख रहे थे. मैं थोड़ा सा रुकी फिर बिना कुछ कहे एक शर्ट की तरफ इशारा किया. उन्होंने मेरी तरफ नज़र टिकाये-टिकाये वही शर्ट उठायी. फिर बटन लगाते-लगाते फिर से एक बार देखा. पता नहीं क्यों लेकिन उस मोमेंट में मुझे एक बीवी जैसा महसूस हुआ जैसे मैं उनकी बीवी हु. मेरे अंदर कुछ हलके से गीला सा हुआ एक अनजानी सी कसक एक अजनबी सी ख़ुशी. वो कुछ नहीं बोले पर जैसे उनकी मुस्कान ने सब कुछ कह दिया. Jeth Bhabhi ki chudai story

अगले ही पल बाथरूम का डोर खुला और जेठानी बाहर आयी. उनकी आवाज़ ने मुझे हक़ीक़त में वापस ला दिया. मैं तुरंत मुस्कुराते हुए उनकी तरफ गयी जैसे कुछ हुआ ही न हो.

“आओ इसे अच्छे से पिन कर देती हु” मैंने कहा और पल्लू उठा कर उनके कंधे पे सेट करने लगी.

जेठानी मिरर में खुद को देखती जा रही थी. मैं उनका लुक सेट कर रही थी पर मेरा मन अभी तक पिछले कुछ पलों में अटका हुआ था. मैं बिलकुल नार्मल थी बिलकुल एक संस्कारी बहु जैसे. लेकिन दिल के कोने में अब भी उन आँखों की मुस्कान बसी हुई थी. वो हल्का सा पल जैसे दिल की छोटी सी डायरी में छुप हो गया हो.

एक दिन जेठ जी के मोबाइल में मेरी ननद का कॉल आया. मैं ड्राइंग रूम में थी. मुझे भी एक काम था तो मैंने जेठानी से कहा “आपकी बात हो जाए तो मुझे फ़ोन दे देना.” उन्होंने फ़ोन मुझे पकड़ा दिया. मैं फ़ोन लेकर अपने बैडरूम में चली गयी और भूल गयी की ये मेरा नहीं जेठ जी का फ़ोन था. रूम लॉक करके मैं बेड पर लेट गयी. कॉल ख़तम हुआ तो मैंने हाथ में फ़ोन चलाते-चलाते वेब ब्राउज़र खोला. तब मुझे याद आया की ये तो जेठ जी का फ़ोन था. Jeth Bhabhi ki chudai story

जैसे ही ब्राउज़र ओपन हुआ एक अजीब सी गर्मी मेरे अंदर उठने लगी. कुछ टैब्स आलरेडी खुले हुए थे. क्यूरोसिटी में मैंने एक क्लिक किया, भाभी की चुदाई छोटी भाभी को जेठ ने चोदा, इंडियन मैरिड वुमन सेक्स स्टोरीज और कुछ देसी पोर्न क्लिप्स भी आलरेडी बफर हो चुकी थी. मेरे हाथ कांप गए लेकिन आँखें स्क्रीन से हट नहीं रही थी. एक वीडियो प्ले हुआ जिसमे एक औरत अपने ब्लाउज उतारते हुए मर्द के सामने खड़ी थी. उसका फिगर बिलकुल मेरे जैसा था. उसके मेरे जैसे बड़े बूब्स और कमर पे टाइट लेग्गिंग्स थी.

मुझे लगा जैसे जेठ जी मुझे ही इमेजिन करके ये सब देखते हो. मेरे अंदर एक अजीब सी आग भड़क उठी. मुझे उस मोमेंट पे कोई शर्म नहीं महसूस हुई. बस एक कसक जाग उठी थी जो कब से दबा के रखी थी. मैंने लेग्गिंग्स के अंदर हाथ डाल दिया. मेरी चूत आलरेडी गीली हो चुकी थी. हर ऊँगली की हलचल से मेरी सांसें तेज़ होने लगी. मेरी कमर उठने लगी. मेरी अंगड़ाई एक-दम से और सेंसुअल हो गयी थी. Jeth Bhabhi ki chudai story

तभी ‘नॉक नॉक नॉक’ किसी ने दरवाज़ा खटखटाया. मैं झट से उठी और हाथ संभालते हुए सारे टैब्स क्लोज किये. हिस्ट्री क्लियर की पूरा फ़ोन साफ़ कर दिया. बस ये भूल गयी की ब्राउज़र अभी भी बैकग्राउंड में ओपन था. कपड़ों को ठीक करके नार्मल सा लुक बना के दरवाज़ा खोला तो सामने जेठ जी खड़े थे.

आगे क्या हुआ पढ़िये अगले भाग मे

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