Jeth bhabhi ki chudai kahani:- पिछले पार्ट मे आपने पढ़ा कि जेठ जी भी मेरे साथ अब खुल चुके थे। अब वो मुझे और मेरे मादक अंगों को देखने का कोई मौका नहीं छोडते थे। एक दिन दोपहर मे जेठ जी टीवी देख रहे थे और टीवी पर सेक्सी गाने चल रहे थे। मुझे जेठ जी ने अपने पास आकर बैठने को कहा, लेकिन मै उनको टीज़ करते हुए अपने कमरे कि तरफ चल दी। अब पढ़िये आगे..
जेठ जी के साथ वासना की गहराई तक – 3
Jeth bhabhi ki chudai kahani
एक बार सभी लोग किसी शादी में गए हुए थे लेकिन मैं और जेठ जी नहीं जा पाए. मुझे पहले से पता था की सब लोग शाम तक ही लौट कर आएंगे. और वो मंथ एन्ड था तो जेठ जी का ऑफिस से थोड़ा जल्दी आना भी पक्का था. उसी सोच में मैंने अपनी अलमारी से एक ख़ास गहरी लाल जारजट साड़ी निकाली. पतला शेयर फैब्रिक जो मेरी हर कर्व को सोफ्टली हाईलाइट करता है. जब भी मैं इस कपडे को पहनती हूं मेरी अपनी बॉडी का हर कोना ज़िंदा हो जाता है.
मेरे मन में सिर्फ एक ख्याल था – “आज जेठ जी ज़रूर नोटिस करेंगे…” साड़ी मैंने जान के थोड़ी नाभि के नीचे बाँधी थी जिससे कमर का झुकाव और हिप्स का राउन्डनेस और ज़्यादा निकल के आ रहा था. ब्लाउज डीप कट था अंदर ब्रा नहीं पहनी थी. जब मैं खुद को आईने में देखि तो अपने उभरते बूब्स और ब्लाउज के टाइट फिटिंग से निकलती क्लीवेज को देख के मैं खुद ही थोड़ा थरथराई. मुझे लगा – “अगर मैं अपने आप से इतनी अफेक्टेड हो रही हु… तो जेठ जी पर क्या असर होगा?”
जब वो घर आये… उनकी आँखें मुझ पर अटक गयी. वो सीधे मुझे घूरते रहे. उनकी आँखों में शर्म नहीं थी… सिर्फ एक प्यासी सी चाहत थी. जैसे मेरी एक झलक ने उनके अंदर कुछ जगा दिया हो. मैं उनकी आँखों में आँखों डाल कर हलकी सी मुस्कुरायी. Jeth bhabhi ki chudai kahani
मैंने थोड़ा नज़ाकत से कहा “अच्छा हुआ आप जल्दी आ गए. कब से घर पर अकेली बोर हो रही थी.”
वो एक्साईटमेंट में बोले “कहाँ गए सब?”
मैंने धीमी सेडक्टिव आवाज़ में कहा- “आप भूल गए आज सब को शादी में जाना था.”
जेठ जी ने नॉटी आवाज़ में कहा “सपना… तुम क्यों नहीं गयी?”
मैं कुछ बोल नहीं पायी पर मेरी आँखें सब कह गयी थी. जब मैं खाना परोस रही थी तो हर बार झुकते वक़्त ब्लाउज का क्लीवेज और गहरा दिख रहा था. मैं जान कर उनकी तरफ झुकती थी और हर मूवमेंट में उन्हें टीज़ करती थी. जब वो खा रहे थे मैं उनके सामने स्लैब साफ़ करने लगी – बैक उनकी तरफ टाइट बैकलेस ब्लाउज और साड़ी में मेरी कमर सीधा उनकी आँखों के सामने थी. मुझे पता था… उनकी सांस रुकी हुई थी. और मुझे वो बेचैनी चाहिए थी.
खाना ख़तम करके वो मेरे बिलकुल पीछे आ गए… और मुझे जेंटली पकड़ लिया. उनका हाथ मेरी कमर पर गया उनका स्पर्श एक तेज़ बिजली जैसे जिस्म में दौड़ गया. मैं एक पल के लिए ठिठक गयी, मेरी सांसें तेज़ हो गयी. मैंने डर उत्तेजना और एक अजीब सी चुभन के साथ अपनी तेज़ सांसें को कण्ट्रोल करते कहा- “जेठ जी… ये… ये क्या कर रहे है आप? कोई आ जाएगा!”
जेठ जी ने मेरी कमर को कस कर पकड़ते हुए धीमी गरम आवाज़ में बोले- “आज कोई नहीं आएगा सपना. आज सिर्फ हमारी बारी है… तुम्हारी प्यास बुझाने की.”
वो मुझे पीछे से पकड़ कर मेरी गर्दन और मेरी नंगी बैक पर किश करने लगे. हर एक छुअन से मेरा जिस्म कांप उठता, लेकिन मन का एक कोना गिल्ट से भर गया था. आँखों में आंसू आ गए… पता नहीं वो डर के थे या इस रिश्तों के बंधन के टूटने की चुभन के. मैं अपने आप से लड़ रही थी. मैं रुकने की कोशिश कर रही थी और आँखों से आंसू टपक रहे थे. मैंने धीमी सहमी हुई आवाज़ में कहा “नहीं… ये… ये गलत है… मैं आपके भाई की बीवी हु… ये रिश्तों की मर्यादा तोड़ रहा है…”
Jeth ne bhabhi ko choda
जेठ जी ने मेरे कान के पास अपनी गरम सांस भेजते हुए हल्का सा कांपते हुए कहा- “सपना मैं भी जानता हूं ये आसान नहीं है. पर जो तेरी आँखों में दर्द और प्यास देखि है न… वो सिर्फ कोई अपना ही समझ सकता है. तुम अकेली हो… और मैं भी…” मुझे सीधा कर दिया उन्होंने. मेरी आँखों में आंसू थे – शर्म के दर्द के… और हां प्यास के भी. आज पहली बार किसी गैर मर्द ने मुझे इस तरह छुआ था और वो भी मेरा जेठ… लेकिन मेरा जिस्म… वो सारा विरोध भूल गया था.
उन्होंने मेरा सर अपनी तरफ उठाया और मेरे होंठो को चूसने लगे. मैं रोकती रही अपने आप को पर जैसे मेरी बॉडी उनके होंठो के आगे पिघल गयी थी. जब उन्होंने साड़ी के ऊपर से मेरे बूब्स को दबाया तो एक ज़बरदस्त झटका मेरी रीढ़ की हड्डी तक गया. मेरे होंठो से एक गहरी सिसकारी निकल गयी. मैं
उनके किस में खो गयी थी। मेरी जीभ उनकी जीभ से टकरा रही थी गिल्ट के साथ एक अनजानी सुकून भी था जैसे अंदर की सारी भूख सारी प्यास आज बुझने वाली हो. कुछ 10 मिनट बाद जब हमारी किस टूटी तब मैं उनसे लिपट कर शर्मा गयी. मेरी सांसें उनके सीने पे पड़ रही थी और दिल बहुत तेज़ धड़क रहा था… जैसे कुछ गलत कर दिया हो पर मैं उस गलती में ही खो गया हो.
उन्होंने मुझे धीरे से गोदी में उठाया मैंने अपनी बाहें उनके गले में डाल दी. मेरी आँखें उनकी आँखों से नहीं मिल पा रही थी. वो बिना कुछ बोले मुझे बैडरूम ले आये. अंदर एक अजीब सी घबराहट थी लेकिन उससे ज़्यादा एक गहरी प्यास. उन्होंने मुझे बेड पर लिटाया. उनकी आँखें मेरी तरफ एक अलग ही नज़र से देख रही थी. धीरे से उनका हाथ मेरे पेट पर फिर… एक हलकी सी कांप उठी मैं. फिर वो मेरे गला गर्दन पीठ और कमर पर किस करने लगे. हर टच में जैसे मेरी साँसों की स्पीड बढ़ रही थी. मैं कभी अपने पैर जोड़ लेती कभी उनके हाथ पकड़ने लगती… पर रोकती नहीं थी. Jeth bhabhi ki chudai kahani
मेरी आँखें बंद थी लेकिन हर जगह उनका स्पर्श महसूस कर रही थी. उनकी किस्सेस के साथ मेरी सिसकारियां निकल रही थी. दिल कह रहा था की बस यहीं पल रुक जाए. फिर वो मेरे पास लेट गए. उन्होंने मुझे अपने ऊपर खींच लिया. उनका चेहरा मेरे बिलकुल सामने था. उनके होंठ मेरे लिप्स को चूसने लगे. मैं अब उन्हें पूरा सपोर्ट कर रही थी. अपने हाथो से उनका चेहरा पकड़ के उन्हें चूमना शुरू किया. कभी हलकी सी बाईट तो कभी गाल पे नरमी से किस.
मेरी हर सांस उनके साथ जुड़ती जा रही थी. मुझे समझ आ रहा था. मैं उनके लिए पूरी तरह से रेडी थी. अंदर गिल्ट था पर अब उससे ज़्यादा एक औरत का प्यासा तन था जो सिर्फ प्यार नहीं पर अब चूत में लंड मांग रहा था. वो पलट गए और धीरे से मेरे ऊपर आ कर बैठ गए. उनकी आँखों में कुछ अलग ही था जैसे मुझे पूरा का पूरा समेत लेना चाहते हो. उन्होंने अपने हाथो से मेरा पल्लू हटा दिया. मेरे ब्लाउज के अंदर कुछ नहीं था और ब्लाउज खुद इतना टाइट था की मेरी सांसों के साथ सीने का हर उभार उनके सामने स्पष्ट हो गया था.
उनकी नज़र मेरी क्लीवेज पर जा टिकती जैसे वहां ही डूब जाना चाहते हो. वो झुक कर ब्लाउज के ऊपर से मेरी सीने के बीच किस करने लगे. उनके होंठो का गरम स्पर्श मेरे रोम-रोम को जगा रहा था. मैं आँखें बंद करके बस उनके होंठो की गर्मी महसूस कर रही थी. मेरे अंदर की बेचैनी बढ़ चुकी थी. Jeth bhabhi ki chudai kahani
फिर वो धीरे-धीरे नीचे की तरफ सरक गए. उनका चेहरा मेरे पेट पर था अब. उन्होंने वहां भी किस करना शुरू किया हलकी-हलकी जीभ से मेरी नाभि के आस-पास घूमने लगे और फिर एक पल में उनकी जीभ मेरी नाभि के अंदर… आहह… मैं एक थरथराहट से भर गयी थी. जैसे हर नरमी में उनका जूनून छुपा हो. ये सब तो मैंने कभी महसूस ही नहीं किया था. ये तो कोई अलग ही दुनिया थी. अपने पति के साथ कभी इतना पैशन नहीं देखा था. ये तो एक बेशरम सी चाहत थी जो मुझे अंदर तक गीला कर रही थी.
मैं भी अब उनके बालों में हाथ फिरने लगी. कभी उनके सर को अपनी नाभि पर दबाने लगती जैसे मैं भी उन्हें अपने अंदर घुसा लेना चाहती थी. मैं अपनी साँसों से सुलग रही थी… पूरी तरह उनकी चाहत में भीग चुकी थी. और फिर… उन्होंने मुझे धीरे से खड़ा किया. उनकी उँगलियाँ मेरी साड़ी के पल्लू तक पहुँच चुकी थी और बिना कुछ बोले उन्होंने साड़ी खोलनी शुरू कर दी. मैंने भी उनका साथ दिया. मेरे हाथ हलके-हलके कांप रहे थे पर उनकी छाती की गर्मी के सामने मेरी झिझक पिघलने लगी थी. Jeth bhabhi ki chudai kahani
अब मैं उनके सामने सिर्फ एक टाइट ब्लाउज और साटन सिल्क का पेटीकोट पहने खड़ी थी. मेरी साँसों का उतर-चढाव मुझे खुद सुनाई दे रहा था. इतनी नंगी सी कभी किसी के सामने नहीं खड़ी हुई थी वो भी जेठ जी के सामने. शर्म से मेरी आँखें झुक गयी थी. लेकिन मेरी चूत में जो गर्मी थी वो मेरी शर्म से कहीं ज़्यादा तेज़ थी. वो आगे बढे और उन्होंने मुझे कमर से पकड़ के अपनी तरफ खींच लिया. उनका हाथ मेरे पेटीकोट के ऊपर से मेरी गांड की गोलाई पर फिसलने लगा जैसे हर कर्व को महसूस करना चाहते हो.
मेरे जिस्म में बिजली सी दौड़ गयी. मेरी कमर हलकी सी थरथरा गयी. सिसकारियां मेरी ज़बान तक आ चुकी थी पर मैं चुप थी. बस आँखें बंद करके उनके टच में खो गयी थी. फिर उन्होंने मुझे धीरे से बेड पर लिटा दिया मेरी आँखों में झांकते रहे जैसे कुछ पूछना चाहते हो. मैं बस उन्हें देख रही थी आँखों से हां कह रही थी. वो अपनी शर्ट के बटन खोलने लगे एक-एक करके. और मैं बिना झिझक उनकी बॉडी को घूर रही थी. उनके छाती के मसल्स, उनके हाथ और वो छुपी हुई मर्दानगी सब कुछ मुझे खींच रहा था अपनी तरफ. उनके जिस्म से एक अलग ही गर्मी निकल रही थी जैसे बस मुझे अपने अंदर समां लेना चाहते हो. Jeth bhabhi ki chudai kahani
वो मेरे पास आये उनकी आँखों में शिद्दत थी और उन्होंने मेरी तरफ देखते हुए कहा “सपना तुम बहुत खूबसूरत हो. तुम्हारी ये फिगर… ये आँखें… मुझे पागल कर रही है. सच में तुम मेरी हर रात की ख्वाहिश बन गयी हो.”
उन्होंने मेरे ब्लाउज का हुक खोला और मुझे ऊपर से नंगा कर दिया. मैंने शर्मा कर दोनों हाथो से अपने बूब्स छुपा लिए पर उन्होंने मेरे हाथो को हटा दिया और अपना मुँह मेरे बूब्स पर दबा दिया और किस करने लगे. वो मेरे बूब्स मसल रहे थे और साथ में निप्पल चूस रहे थे जैसे कोई भूखा बच्चा अपनी माँ का दूध पी रहा हो. मैं मदहोश हो गयी थी. मेरी आँखें बंद हो गयी और मैंने अपने आप को पूरी तरह उनके हवाले कर दिया. इसके आगे क्या हुआ वो आपको अगले Jeth bhabhi ki chudai kahani पार्ट में पता चलेगा.
जेठ जी के साथ वासना की गहराई तक – 5
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