होली पर भाभी की मस्त चुदाई

Holi par bhabhi ki mast chudai:- हैलो दोस्तो, मेरे चचेरे भाई की शादी हुए 4 साल हो गए थे. उनके 2 बच्चे थे. उनकी बीवी बहुत क्यूट थी. रंग गोरा और बहुत सुंदर थी. फिगर 32-30-34, चेहरा हसमुख और हाइट 5.2 फुट थी. भाई दिल्ली में जॉब करते थे. उनकी फॅमिली में गाँव में माँ और पापा रहते थे जो भाभी के साथ रहते थे. उस समय भाई छुट्टियों में घर आये थे. 1 हफ्ता हो गया था और मुझे उनसे मिलने का टाइम नहीं मिला. फिर मैंने सोचा क्यों न अभी मिल लिया जाये.

रात का समय था और मैं उनसे मिलने गया. कुछ देर बात कर ही रहे थे की लाइट चले गयी. तो भाई ने मोमबत्ती जला दी और अपनी अलमारी से एक व्हिस्की की बोतल निकाली और पेग बनाने लगे.

भाई बोले: अब चकने का क्या होगा?

मैंने बोला जब तक तुम चकने का इंतज़ाम करो मैं टॉयलेट जाके आता हु.

फिर भाई ने बोला ठीक है लाइट नहीं है ये मेरा मोबाइल ले जा.

तो मैं उनके फ़ोन में लाइट जला कर टॉयलेट में चला गया. मेरा फ़ोन चार्ज नहीं होने की वजह से घर पर स्विच ऑफ पड़ा था. तो मैं घर पर ही फ़ोन को चार्जिंग पर लगा आया. टॉयलेट में बैठे हुए मैं फ़ोन में फोटोज देखने लगा भाभी की बच्चो की भाई की. सभी की फोटोज थी. तभी मैं फोटोज के ट्रैश में पहुँच गया जहा deleted फोटोज और वीडियो होती है. जब मैंने ट्रैश खोला तो मैं दंग रह गया.

भाभी आधी नंगी लेटी थी और भाई उनके ऊपर नंगे उनकी गर्दन को किश कर रहे थे. भाभी कैमरा की तरफ देख रही थी. उनकी आँखें चमक रही थी फोटो में और भाभी के चूचे टाइट हुए पड़े थे. उनके निप्पल्स काले थे. उसमे भाभी की पतली कमर उफ़ मेरा लंड खड़ा हो गया पर वो हाफ फोटो थी. फिर मैं बैक आया तो देखा उसमे भाभी और भाई की बहुत वीडियोस थी. मैंने भाई की सभी वीडियोस और फोटोज रिस्टोर करी और अपने व्हाट्सप्प पर सभी वीडियोस और फोटोज सेंड कर दी. फिर व्हाट्सप्प से अपने नंबर की सारी हिस्ट्री मैसेज हटा दिए. उसके बाद मैं वापस भाई के पास आया और हम दोनों ड्रिंक करने लगे.

थोड़ी देर बाद लाइट भी आ गयी. फिर भाभी वहाँ आयी. भाभी ने साड़ी पहनी थी.

भाभी बोली: खाना बन गया है ले आउ?

तो मैंने मना कर दिया क्यूंकि मुझे तो भाभी की नंगी वीडियोस देखनी थी. अब मेरी नज़र भाभी से नहीं हट रही थी. मेरी नज़र भाभी के चूचो और गांड पर थी. फिर मैंने भी अपनी ड्रिंक ख़तम करी और घर आ गया और जल्दी से मैंने अपना फ़ोन देखा. फ़ोन 34% चार्ज हो गया था. फिर मैंने अपने फ़ोन का स्विच ऑन किया और नेट चलाया. सभी वीडियोस एंड फोटोज आ गयी और डाउनलोड होने लगी. फर्स्ट वीडियो मैंने चालु करी जिसमे भाभी घुटने मोड़ कर लेटी हुई थी. भाभी ने हरा सूट पहना था और ऊपर से नंगी थी और सलवार घुटनो तक थी. भाभी ने भाई की तरफ पीठ लगायी हुई थी. भाई भाभी को पीछे से चोदने के साथ वीडियो बना रहे थे. Holi par bhabhi ki mast chudai

भाभी की बड़ी गांड मस्त लग रही थी. फ़ोन की लाइट से भाभी की गांड चमक रही थी. भाई ने उसके बाद भाभी की गांड खोली और उनकी गांड का छेड़ दिखाया जो काला और छोटा था. पीछे से चूत भी दिखाई जो अंदर से पिंक थी. मेरे से रहा नहीं गया. मेरा लंड भाभी की चूत और गांड के दर्शन के बाद पैंट से बाहर निकलने को तैयार था. फिर मैंने दरवाज़ा लॉक करा. उसके बाद बिस्तर पर जा कर अपनी पैंट उतार कर नंगा हो गया.

मैंने वीडियो चलायी जिसमे भाभी टांगे उठा कर चुदवा रही थी और भाभी की चूत पर बहुत बाल थे. उस रात मैंने भाभी के नाम पर 3-4 बार मुठ मारी और नंगा ही सो गया. उसके बाद फिर जब भी भाभी को चोदने का मन करता मैं भाभी की वीडियो देख कर अपने लंड को शांत कर लेता. फिर होली आ गयी. मैं उनके घर होली खेलने गया. भाई बैठ कर दारु पी रहे थे और वो थोड़े नशे में भी थे. फिर हम दोनों ने एक-दुसरे को रंग लगाया. Holi par bhabhi ki mast chudai

मैंने पुछा: भाई घर वाले कहाँ है?

तो वो बोले: माँ पापा आज सुबह अपने ससुराल गए है होली वही मना कर कल आएंगे. और तेरी भाभी अंदर रसोई में खाना बना रही है.

मैं बोला ठीक है. फिर उन्होंने मेरे लिए पेग बनाया तो मैंने कहा: अपने लिए भी बनाओ.

तो कहने लगे: मैंने बहुत पी रखी है तू लगा ले.

फिर मैंने अपने मन में सोचा भाई नशे में थे और घर पर कोई नहीं था. इससे अच्छा मौका नहीं मिल सकता था भाभी के ऊपर ट्राई मारने का. फिर मैंने ज़बरदस्ती भाई के लिए हार्ड पेग बना दिया और बोला-

मैं: भाई तुम नहीं पियोगे तो मैं भी नहीं पियूँगा.

फिर वो मान गए. कुछ देर बात करने के बाद मैं उनके लिए पेग बना देता. अब भाई की आँखें झूमने लग गयी और बात करते-करते वो सो गए. फिर मैंने उनको हिलाया पर उनको नींद आ गयी थी. फिर मैंने अपना काम शुरू किया. मैंने अपनी जेब से कलर निकाला और रसोई में चला गया जहा भाभी प्याज काट रही थी. भाभी की पीठ मेरी तरफ थी. मैं चुपके से भाभी के पीछे गया और एक हाथ भाभी के चूचो पर रख कर चूचे दबाये और दुसरे हाथ से उनके मुँह पर रंग लगाया. भाभी के चूचे दबाने की वजह से भाभी थोड़ी झुक गयी जिसकी वजह से भाभी की गांड मेरे लंड पर टच होने लगी. मेरा लंड खड़ा हो गया था. फिर भाभी ने मुझे धक्का मारा और कहने लगी- Holi par bhabhi ki mast chudai

भाभी: तुमने तो डरा ही दिया था (शर्म से).

मुझे लगा भाभी गुस्सा करेंगी चूचे दबाने वाली बात पर. लेकिन उन्होंने उसे इग्नोर कर दिया. फिर मेरी हिम्मत बढ़ गयी. भाभी ने मुझे हैप्पी होली कहा और मैंने भी हैप्पी होली कहा भाभी ने भैया के बारे में पुछा की वो कहा है तो मैंने बोला-

मैं: भाई को थोड़ा नशा हो गया था तो वो सो गए है.

तो वो बोली: तुमने सारा प्याज रंग डाल कर खराब कर दिया है. मैं बाथरूम में जा कर मुँह धो के आती हूँ तब तक प्याज कटा होना चाहिए.

फिर मैं जाती हुई भाभी की बड़ी गांड हिलते हुए देखने लगा. मैं उनके पीछे चुपके से जाने लगा. भाभी जैसे ही बाथरूम में गयी मैं जल्दी से बाहर गया और टेबल में से एक गिलास उठाया. उसमे आधा गिलास व्हिस्की डाली. फिर उसमे कोल्ड ड्रिंक डाल कर फुल गिलास कर दिया और रसोई में जाके रख दिया. फिर मैं प्याज काटने लगा. कुछ देर बाद भाभी आ गयी.

भाभी बोली: अभी तक प्याज नहीं काट पाए? हटो मैं खुद ही काट लेती हु.

मैंने बोला मुझे प्याज काटना नहीं आता.

भाभी: हां वो तो दिख ही रहा है.

मैं: अरे भाभी तुम्हारे लिए कोल्ड ड्रिंक लाया था मैं तुम्हे देना भूल गया.

भाभी: अच्छा रंग लगाने से फुर्सत मिले तो तब याद रहेगा न तुम्हे.

भाभी ने गिलास उठाया और एक सिप पिया तो कहने लगी: ये कुछ अलग टाइप की लग रही है. कुछ इसमें मिलाया तो नहीं है?

तो मैंने बोला भाभी ये दूसरी कोल्ड ड्रिंक है. ये ऐसी ही होती है.

भाभी मेरी बात समझ गयी और सारा गिलास खाली कर दिया पी कर. वो उसके बाद प्याज काटने लगी. भाभी ने ब्लैक सारी पहन रखी थी. मैं उनके बूब्स की गोरी-गोरी बीच की लकीर को देख रहा था. तभी भाभी की नज़र मेरे पर पड़ी तो वो बोली-

भाभी: क्या देख रहे हो?

ये सुन कर मैं घबरा गया. फिर मैं बोला-

मैं: कुछ नहीं भाभी.

भाभी: पता नहीं अजीब सा लग रहा है. अभी तक तो ठीक थी मैं.

मैं: अरे गर्मी की वजह से हो रहा होगा.

भाभी: हां शायद.

मुझे पता चल गया था की उन्हें नशा होने लग गया था.

फिर भाभी ने बोला सच बताओ तुम क्या देख रहे थे उस समय?

तो मैंने कहा: कुछ नहीं देख रहा था भाभी.

भाभी: मुझे सब पता है रंग लगाने के बहाने तुम मेरे चुचो को दबा रहे थे और अभी तुम मेरे चुचो को ही देख रहे थे.

भाभी के मुँह से ऐसे शब्द सुन कर मैं हैरान हो गया. लेकिन मुझे पता था दारु अपना काम करने लग गयी थी. तभी भाभी ऐसे खुल्ला बोल रही थी.

फिर मैं बोला ऐसा नहीं है भाभी.

भाभी: सब पता है है मुझे.

फिर भाभी वहाँ से चली गयी और चूल्हे के ऊपर कढ़ाई रख दी. भाभी की ऐसी बात सुन कर मुझमे जोश आने लगा था और मैंने उनके पीछे जा कर उनकी कमर कस के पकड़ ली. फिर मैं उनकी गर्दन पर किश करने लगा.

भाभी पलट गयी और बोली: ये क्या कर रहे हो?

मैं: सब पता है भाभी तुम्हे. फिर भी मुझसे पूछ रही हो.

मैंने अपना लोवर घुटनो तक उतार कर भाभी को अपना लंड दिखा दिया जो कि बैठा हुआ था. भाभी ने जल्दी से अपनी आँखों को अपने हाथो से ढक दिया और बोली-

भाभी: अपना लोअर क्यों उतार दिया? तुम्हारे भैया आ जायेगे तो बेकार हो जायेगा.

मैंने उनसे बोला वो सो रहे है कोई नहीं आएगा. देखो भाभी ये तुम्हारे लिए तड़प रहा है. हाथ हटाओ आँखों से.

भाभी: तुम किसी को बताओगे तो नहीं?

मैं: नहीं.

फिर मैं भाभी को गले पे किश करने लगा. भाभी ने अपने चेहरे से हाथ हटा कर मेरी गांड पकड़ ली और मुझे अपनी तरफ खींचने लगी. फिर मैं उनके होंठो को किश करने लगा. भाभी की आँखें बंद थी. फिर मैंने भाभी को ऊपर उठा कर चूल्हे की साइड में खाली जगह पर बिठाया. भाभी ने तब आँखें खोली और सीधे मेरे लंड पर उनकी नज़र गयी. लंड देख कर उनका मुँह लाल हो गया था शर्म से. फिर मैंने भाभी के ब्लाउज को खोला. Holi par bhabhi ki mast chudai

भाभी ने ब्लैक कलर की ब्रा पहनी थी. उसके बाद मैंने उनकी ब्रा को भी उतार दिया. भाभी ऊपर से पूरी नंगी थी. उनके चूचे गोल थे और निप्पल लाल मैरून. फिर मैंने भाभी के चुचो को अपने हाथो में लिया और दबाने लगा. भाभी के चूचे टाइट हो गए थे. उसके साथ मैंने भाभी की साड़ी धीरे-धीरे ऊपर कर दी. भाभी चुप-चाप बैठी थी. उनकी सफ़ेद जांघ देख कर मेरा लंड बहुत टाइट हो गया. भाभी मेरे लंड को चोरी से देख रही थी. भाभी को बहुत पसीना भी आ रहा था.

फिर मैंने भाभी की पिंक पैंटी खोली और भाभी की टांगो को फैलाया. उनकी चूत के लिप्स लम्बे थे और झांटे बिलकुल साफ़ थी. उसके बाद मैंने भाभी के होंठो पर किश किया और उनकी चूत में ऊँगली करने लगा. अब भाभी भी मेरा साथ देने लगी. पता ही नहीं चला की उनका हाथ मेरे लंड पर कब गया और वो लंड को हिलाने लगी. फिर मैंने अपना लंड उनकी चूत पर रखा और धीरे से अंदर घुसा दिया.

भाभी: उम्मम्म. मैंने फिर धीरे-धीरे स्पीड बढ़ा दी आहह आह्ह्ह. भाभी की फैली हुई टाँगे चुदते हुए कड़ी हो गयी थी. लेकिन भाभी ने आँखें अपनी बंद करी हुई थी. फिर कुछ देर चोदने के बाद भाभी की गांड पकड़ी जो की बहुत मुलायम थी. मैंने उनको गोद में उठा कर और एक-दो झटके मारे और उन्हें खड़ा कर दिया. फिर मैं भाभी को डोगी पोज़ में लाया. भाभी की गांड देख कर मैं तो पागल सा हो गया. उसके बाद मैंने उनकी गांड फैलाई और उनकी गांड का छेद देखा. छेड़ उनका भूरा और गांड के हिसाब से छोटा था.

मेरा मन उनकी गांड मारने का हुआ पर जैसे ही मैंने अपना लंड उनकी गांड के छेड़ पर रखा तो उन्होंने मना कर दिया.

वो कहने लगी: मैंने अभी तक अपने पती से भी गांड नहीं मरवाई है.

तो मैं कुछ नहीं बोला. मैं चुप-चाप उनकी गांड दबा-दबा कर उनकी चूत मारने लगा. थोड़ी देर बाद उनकी गांड भी लाल हो गयी. भाभी अब अपनी गांड आगे-पीछे करने लगी थी और रसोई में भी फुच फुच की आवाज़ आ रही थी. मैंने भाभी की कमर पकड़ के जम कर उनकी चुदाई करि. कुछ देर चोदने के बाद मेरा लंड झड़ने वाला था. मैंने जल्दी से भाभी के मुँह में लंड घुसा दिया. भाभी लंड निकालना चाह रही थी पर मैंने भाभी का सर पकड़ लिया और लंड अंदर-बाहर करने लगा.

कुछ देर में मेरा सारा माल उनके मुँह में चला गया. भाभी ने मुझे देखा और कहा: किसी को ये बात बताना मत. तो मैं बोला नहीं भाभी मैं क्यों बताऊंगा. फिर वो अपने कपडे उठा कर वैसे ही नंगी बाथरूम चली गयी और मैं अपने घर आ गया.

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