Ghar ka maza 4:- पिछले भाग मे आपने पढ़ा कि, मै राज से भाभी को चोदने के लिए advise ले रहा था। राज को मैंने मेसेज किया, वो ऑफलाइन था तो मुझे माँ ने काम से बुलाया। उसी समय दीदी ने मेरे और राज के मेसेज पढ़ लिए। राज और दीदी मे बहस हुई और फिर दीदी ने राज के साथ एक चैलेंज लिया। अब पढ़िये आगे…
अगर आपने इससे पहले भाग नहीं पढ़ा है तो पढ़ें.. घर का मज़ा -3
मैंने डोर खोला तो सामने दीदी खड़ी थी. उन्होंने नीचे पायजामा पहना था और ऊपर से वो सिर्फ ब्रा में थी. उनके मुँह से बियर की बदबू आ रही थी. दीदी रूम के अंदर आ चुकी थी.
मैं: दीदी आप इस हालत में और आपने ये क्या पहना है?
दीदी: क्यों अच्छा नहीं लगा क्या? उतार दू मैं इसको?
और इतना बोलते ही वो ब्रा की हुक खोल देती है जिससे उनका ब्रा ढीली हो जाती है. अब उनका 32-28-34 का फिगर साफ़-साफ़ दिखाई दे रहा था. तभी वो मेरे पास आयी और बोली-
दीदी: तू आज कॉलेज से घर आया मुझे बहुत ख़ुशी हुई. इसी चक्कर में मैंने थोड़ी पी ली.
मैं: पर आपने इतनी क्यों पी?
दीदी: मैंने तुझे कुछ बताना है. (फिर वो मेरे कान के पास आयी और सेक्सी आवाज़ में बोली) आई लव यू. आज तू मुझे अपना बना ले.
ये सुनते ही मैंने दीदी को अपने से दूर किया और उनको देखने लगा. दीदी मन ही मन सोच रही थी की “देखा मैं सही थी मेरा भाई ऐसा नहीं हो सकता. अब कल मैं ये बात राज को बताउंगी और वो गौरव को मैसेज नहीं करेगा”. मैं दीदी को देख रहा था इस बात से अनजान की दीदी ये सब चैलेंज के लिए कर रही थी. दीदी की ख़ुशी कुछ क्षण की थी क्यूंकि ये बात सुन के मेरे दिल के अरमान भी जाग उठे थे. मैंने दीदी को अपनी तरफ लिया और उनके होंठो पर अपने होंठ रख कर उनको ज़ोर से किस किया. किस करते हुए मैं बोला-
मैं: दीदी मैं भी आपको यहीं बोलना चाहता था.
मैंने ये बोलते हुए उनकी जो ब्रा ढीली हुई थी वो उतार दी. अब दीदी उल्टा फंस चुकी थी. अब बात दीदी के हाथ से दूर जा चुकी थी. मैं अब दीदी को लिप किस कर रहा था. अब वो भी साथ देने लगी. अब मैंने लिप किस करना छोड़ा और उसकी नैक एंड फेस पर किस करने लगा. मैं साथ में दोनों हाथो से उसके बूब्स दबा रहा था. अब दीदी को भी समझ नहीं आ रहा था की क्या करे और वो गरम भी हो रही थी. फिर मैंने उनके दोनों बूब्स अपने मुँह में ले लिए थे और बारी-बारी उनके बूब्स चूस रहा था. दीदी: आह आराम से चूस उफ्फ्फ उमममम. फिर मैं नीचे बढ़ता गया. दीदी की कमर पकड़ी और पेट पर किस करने लगा. वो अब ज़ोर-ज़ोर से सांस लेने लगी. मैंने फिर एक झटके से पायजामा और पैंटी निकाल दिए. Ghar ka maza 4
मेरी दीदी की चूत अब मेरे सामने थी और मैंने बिना देरी किये उसमे अपना मुँह डाल दिया. दीदी सोच में थी की उनका भाई उनकी चूत में सर डाले बैठा था और उनको मज़े दे रहा था. वो ये सोच रही थी की राज के कहने पर उसने ये क्या कर दिया. 5 मिनट्स तक चूत चाटने के बाद उनकी चूत से पानी निकल गया. अब मेरा लंड मेरे शॉर्ट्स के अंदर पूरा टाइट हो गया था. दीदी मेरे सामने हांफ रही थी. अब मैं भी अपने सारे कपडे उतार देता हु. दीदी मुझे नंगा देख कर चौंक जाती है. Ghar ka maza 4
जो ये सब चल रहा था इस चक्कर में वो अब सही-गलत की परिभाषा भूल चुकी थी. अब उनको भी सेक्स करना था. काम वासना होती ही ऐसी चीज़ है की अच्छे अच्छे इसके सामने नहीं टिक पाते. अब मैं बेड पर लेट जाता हु और मेरे ऊपर दीदी मेरे लंड पर आ कर बैठ जाती है. उनकी चूत बहुत टाइट थी. वो थोड़ा ज़ोर लगाती है और आधा लंड उनकी चूत में चला जाता है. वो चिल्लाती है पर मैं उनको गले लगा कर उनका मुँह बंद कर देता हु. मैं पहले आहिस्ता-आहिस्ता से मूव कर रहा था. एक हफ्ते पहले तक मैं सोच भी नहीं सकता था की मैं अपनी ही बहन को चोदूँगा.
कुछ समय बाद वो भी कम्फर्टेबल हो गयी. मैंने नीचे देखा तो मेरे लंड पर खून लगा हुआ था. वो वर्जिन थी और उनकी वर्जिनिटी मैंने तोड़ी थी मुझे ये जान कर अच्छा लगा.
दीदी: आह और ज़ोर से चोद आह उफ्फ्फ.
दीदी सोचा की अब इतना हो गया है तो आज मज़े ले ही लेती हु. बाकी की अब कल देखि जाएगी. फिर मैंने उनको अपनी बाहों में लिया और ज़ोर से चोदने लगा. उनकी चूत टाइट होने के वजह से मैं भी अब झड़ने वाला था. तो मैंने उनकी चूत से लंड निकाला और उनके मुँह में डाल दिया. अब वो मेरा लंड चूस रही थी. मैं झड़ने वाला था तो मैंने अपना लंड निकाला और सारा वीर्य उनके फेस पर डाल दिया. वो मेरे ऊपर लेटी हुई थी और मैंने उनके नीचे हम को ऐसे ही नींद आ गयी.
जब मैं सुबह उठा तो वो रूम में नहीं थी. मैं कल रात के बारे में सोच सोच कर खुश हो रहा था. फिर याद आया आज मेरे ऑफिस का पहला दिन था. मैं तैयार होता हूँ और ऑफिस के लिए निकल जाता हु. दीदी मुझे इग्नोर कर रही थी पता नहीं क्यों. ऑफिस का पहला दिन बड़े अच्छे से बीत गया. ऑफिस में मेरी बॉस काव्य थी और मेरे से थोड़ी सीनियर मनीषा. फिर मैं घर आया और मैंने राज को सब चीज़ बता दी. Ghar ka maza 4
राज: भाई परसों ही मुझपे गुस्सा कर रहा था और कल ही अपनी बहन के साथ कर दिया?
मैं: वो सब ठीक है पर अब वो इग्नोर कर रही है.
राज: चिंता मत कर कुछ समय करेगी. फिर नार्मल हो जाएगी, देख लेना.
मैं: चल ठीक है तू बोलता है तो मैं वेट करता हु.
राज: भाभी के साथ सीन सही है?
मैं: वहां वर्क ऑन प्रोग्रेस है.
राज: चल ठीक है.
यूँ ही दिन बीत-ते गए और फ्राइडे नाईट आ गयी. आज फिर 10 बजे दीदी मेरे रूम में आयी. अब वो मेरे सामने बैठी थी मेरी आँखों में आँखें डालते हुए देखा और बोली-
दीदी: मुझे माफ़ कर दे मैंने तुझे इग्नोर किया. इन दिनों में तुझसे दूर रही तो मुझे तेरी कमी खली.
मैं: अरे दीदी आप ये क्या बोल रही हो?
दीदी: उस रात जो हुआ मैं डर गयी थी. मैं नशे में थी और मुझे माफ़ कर दे (इतना बोलते हुए वो रोने लगी).
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