घर का मज़ा -2

Ghar ka maza 2 Bhabhi sex story- पिछले पार्ट मे आपने पढ़ा कि मुझे पता चला कि मेरे भाई का स्पर्म काउंट कम है, जिस वजह से भाभी माँ नही बन पा रही है तो मैंने भाभी को चोदने का सोचा। इसके लिए मुझे हेल्प चाहिए थी, तो मैंने अपने ऑनलाइन फ्रेंड को मेसेज किया। अब पढ़िये आगे..

अगर आपने पहला पार्ट नही पढ़ा तो यहाँ पढ़िये.. घर का मज़ा -1

तो मैंने राज को मैसेज किया

मैं: भाई एक हेल्प कर दे मेरी.

राज: कैसी हेल्प?

मैं: यार भाभी को चोदना है कुछ टिप्स दे दे.

राज: कौन है बता तो सही?

मैं: अरे वो कोमल भाभी है.

राज: कल तो तू गुस्सा कर रहा था. अब मन कैसे बदला?

मैं: वो सब छोड़! हेल्प करेगा या नहीं वो बता?

राज: हां मैं तेरी हेल्प करूँगा, पहले बता तो सही हुआ क्या?

फिर मैंने उसको मेरी बात जो मम्मी और बहन से हुई थी वो बताई.

राज: अच्छा ऐसी बात है! एक बात तो बता भाभी तेरी दिखने में कैसी है?

मैं: यार देखने में भाभी गोरी-चिट्टी है. उनका फिगर लगभग 36-30-34 है. वैसे उनकी शादी को 2 साल हो चुके है. मेरे डैड की आखरी इच्छा थी की मरने से पहले बड़े बेटे की शादी देख जाए. कोमल उनकी फ्रेंड की बेटी थी.

राज ये सब ध्यान से पड़ रहा था. मैंने उसको ये भी बताया की मैं कल घर जा रहा था. कल संडे था परसो से मेरी जॉब भी स्टार्ट होने वाली थी. ये बात मैंने दीदी को बताई थी और बाकियों को मैं सरप्राइज देने वाला था. Ghar ka maza 2

राज: ठीक है ऐसा कर तू कुछ दिनों तक भाभी से बात-चीत कर. ट्रस्ट बढ़ा और इतना होना चाहिए की जो बात तेरी बहन ने बताई वो भाभी तुझे खुद बताये.

मैं: ठीक है समझ गया.

राज: देख भाभी के लिए मान गया, बाकी दो का क्या ख़याल है?

मैं: यार अभी भाभी पे कंसन्ट्रेट करते है, बाकियों का बाद में देखते है.

मैंने राज को मना नहीं किया और इस बार गुस्सा भी नहीं आया. पर ये सोचता रहा की क्या ये सब पॉसिबल होगा या नहीं? ये सब सोचते-सोचते मैंने तैयारी की और रात 12 बजे की ट्रेन पकड़ के सुबह 8 बजे अपने होम टाउन पहुँच गया. फिर कैब करके अपने घर पहुँच गया. घर पहुँचते ही मुझे परांठे की खुशबू आने लगी. मुझे उस खुशबू से भूख लगने लगी. मैंने डोर नॉक किया पर कोई नहीं आया. तो मैं डायरेक्ट अंदर चला गया. लिविंग रूम में कोई नहीं था. किचन में मम्मी ब्रेकफास्ट बना रही थी. दीदी अपने रूम में सो रही थी. भाई-भाभी का रूम खाली था और बाथरूम से शावर की आवाज़ आ रही थी. Ghar ka maza 2

मैंने देखा बाथरूम का डोर ओपन था. फिर मुझे ध्यान आया की सिर्फ दीदी को पता था की मैं आने वाला था और सब के लिए सरप्राइज था. शायद भाई अभी घर में नहीं थे और बहन और मम्मी से क्या शर्माना. ये सोच के की भाभी ने डोर लॉक नहीं किया था मेरी दिल तेज़ी से धड़क रहा था. मैंने डोर को बिना आवाज़ किए ओपन किया और देखा अंदर भाभी का कातिलाना बदन पूरा नंगा गीला हुआ था. उनके बड़े-बड़े बूब्स और क्लियर शेव चूत जो की शावर के पानी से गीली थी. उनकी गीली गांड. मन कर रहा था वहीँ पकड़ के चोद दू. उन्होंने अपने शरीर को साफ़ किया और एक सेक्स टोय निकाल लिया और उस टोय से अपनी चूत रगड़ने लगी.

मुझे लगा सही मौका था इसको रिकॉर्ड कर लेता हूँ बाद में हिलाने के काम आएगा. मम्मी किचन में थी. उनको वहां टाइम लगता और बहन अभी तक नहीं उठी थी. मैंने एक हाथ से फ़ोन निकाला और रिकॉर्डिंग स्टार्ट की. दुसरे हाथ से मैंने पैंट नीचे की और अपना लंड हिलाने लगा. अंदर भाभी अब उस सेक्स टोय को अपनी चूत के अंदर-बाहर करते हुए… Ghar ka maza 2

भाभी: आह संजू. ऐसे ही करते रहो. आहहहहहहह… जब से रिपोर्ट्स आयी है तब से तुम मेरे साथ करते नहीं हो. मुझे इस टोय का यूस करना पड़ता है. आह ओह येह बेबी फ़क मी लाइक देट बेबी.

ऐसा बोलते हुए उन्होंने टोय की स्पीड बढ़ा दी और मैं भी अपना लंड ज़ोर-ज़ोर से हिलाने लगा. फिर एक ही टाइम में मैं और भाभी दोनों झड़ गए. अब भाभी देख न ले, तो मैंने अपनी पैंट ठीक की और वहां से चला गया. जल्द-बाज़ी में मैं डोर पहले जैसा करना भूल गया और अपना माल डोर के पास से साफ़ करना भी भूल गया. मैं सीधे किचन में आया. वहां मम्मी गाना गुनगुनाते हुए अपना काम कर रही थी. मैं पीछे से जाके उनको हग कर लेता हु.

मम्मी: आ गया बदमाश हर बार बिना बताये ही आ जाता है.

मैं: आपको कैसे पता लगा की मैं ही हु? दीदी ने आपको बताया क्या? कुछ बात नहीं पचती उनके पेट में.

मम्मी: मैं तुम दोनों की सब बात जान जाती हूँ कल जब तूने बताया तो वो बहुत खुश हो गयी. मुँह से कितनी भी गाली देती है पर तेरे आने से बहुत खुश हो जाती है. कल तो और भी ज़्यादा खुश लग रही थी तो मैंने सोचा की मेरा लाल आने वाला है.

मैं: तो है कहाँ महारानी?

मम्मी: तू आ रहा है करके एक्साइटमेंट में रात भर नहीं सोई होगी और अभी सो रही होगी.

तभी पीछे से आवाज़ आयी.

दीदी: माँ आप किसके साथ बात कर रहे हो?

पीछे देखा तो दीदी नींद में आँख मलते-मलते किचन में आयी. उन्होंने मुझे देखा और बोली-

दीदी: कुत्ते तू आ गया! और भुक्कड़ साले आते ही किचन में आ गया. न कपडे चेंज करने का, फ्रेश होने का सीधे किचन में आ गए महाराज जी.

मैं: मम्मी मुझे तो नहीं लगता जो आप बोल रहे थे सही है.

दीदी: मम्मी क्या बोल रहे थे आप?

मम्मी ने दीदी का कान पकड़ा और बोली “उसको एक सेकंड के लिए भी अच्छे से नहीं रहने देना. अभी आ ही रहा है और तू उस पर राशन लेके चढ़ पड़ी.”

ये सुन कर दीदी मम्मी को हग कर लिया. और मैंने भी उन दोनों को हग कर लिया.

दीदी: ये देखो हॉस्टल में रह के कब से नहीं खाया. जा पहले नहा के आ.

ये सुन कर तीनो हसने लगे. तभी बाहर से भाभी किचन की तरफ आयी और वो बोल रही थी।

भाभी- मम्मी जी कोई आया है क्या? लिविंग रूम में बैग्स रखे हुए है.

तभी वो अंदर आती है और मेरे को देखती है. मेरे को देख कर चौक जाती है क्यूंकि जब वो नहा के आयी तो डोर थोड़ा सा ओपन था और डोर के पास बाथरूम में सीमन गिरा हुआ था और संजू भैया नहीं थे घर में.

मैं: हेलो भाभी कैसी है आप? भैया कहाँ है दिखाई नहीं दे रहे?

भाभी सोच में लगी थी की क्या उनका देवर था जो उनको बाथरूम में देख कर मुठ मारा था? तभी भाभी मेरी आवाज़ सुनकर होश में आयी थी. वो रियली सरप्राइस्ड लग रही थी. Ghar ka maza 2

भाभी: अरे आप आ गए? आपने तो इस बार सरप्राइज ही दे दिया. और हां आपके भैया साइट में गए है वर्क प्रोग्रेस देखने. ऑफिस से अर्जेंट कॉल आया था न तब.

भाभी मेरे से 3 साल बड़ी थी पर फिर भी ‘आप-आप’ करके बात करती थी. फिर मैंने भी अपना सामान रूम में रखा और फ्रेश होकर आया और सब ब्रेकफास्ट टेबल पर आये. आगे क्या हुआ, क्या मै भाभी को चोद पाया? पढ़िये अगले भाग मे।

घर का मज़ा -3

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