गलती से बेटी बनी बीवी-2

हेलो फ्रेंड्स कैसे हो आप सब लोग? आपका बहुत प्यार मिला मेरी पिछली स्टोरी में. और जिसने पिछली स्टोरी नहीं पढ़ी है वो जाके स्टोरी पढ़े. मेरा नाम कणिका है और मेरे पापा कम सेक्स पार्टनर का नाम समीर है. जैसे आपने पिछली कहानी में पढ़ा की एक पार्टी में लोगों ने हमें पति-पत्नी समझ लिया और समीर ने ये कन्फ़्यूसन कभी दूर नहीं किया. फिर हमारे बीच एक नए रिश्ते का आग़ाज़ हुआ. मैं और समीर काफी करीब आ गए इतने की एक-दुसरे को नंगा देख रहे थे. मैंने समीर को मुझे पत्नी जैसा प्यार देने के लिए हां बोल दी थी. अब आगे कहानी देखते है.

गलती से बेटी बनी बीवी-1

समीर मेरी मर्ज़ी से ही मुझसे बहुत करीब आके प्यार करना चाहते थे. उनकी तड़प और प्यार देख कर मेरा दिल पिघल गया और फाइनली मैंने एक खूबसूरत रिश्ते के लिए हां बोल दी. अब वो चुदाई का रिश्ता बनाने जा रहे थे. समीर मुझे मेरी मर्ज़ी के बिना छूना नहीं चाहते थे और मैंने उनको हां बोल दिया. मैंने मेरा शॉर्ट्स एंड टी-शर्ट निकाल कर फेंक दिया और मैं समीर के सामने पूरी नंगी खड़ी थी. 34-30-34 का फिगर समीर के सामने नंगा खड़ा था. समीर मेरे करीब आये और अपने हाथ से मेरे नंगे बदन को छूने लगे. उनका हाथ मेरे गले से नीचे जा रहा था और मेरी चूचियों पर आ गया और वो दोनों हाथ से मेरी चूचियां मसल दी.

फिर धीरे से नीचे मेरी नाभि तक ले आये और अपनी ऊँगली मेरी नाभि में घुसा दी. मेरे मुँह से आअह्ह्ह निकल गयी. वो ऊँगली घुमा रहे थे और मैं सिसकियाँ ले रही थी. समीर समझ गए थे की ये मेरे बदन का सबसे उत्तेजित हिस्सा था और यहाँ से वो मुझे कभी भी गरम कर सकते थे. समीर धीरे-धीरे मेरी चूत के हिस्से पर आ गए और आते ही पहले मेरी बालों वाली चूत पर किश कर लिया. जब मैं और समीर करीब आये मैंने तब तक मेरी चूत के बालों को साफ़ करना शुरू भी नहीं किया था. पापा ने मेरी बालों वाली चूत को खोला और अंदर एक ऊँगली डाल दी.

आअह्ह्ह्ह और मैं झट से उछल गयी. मुझे हल्का दर्द भी हुआ. समीर ने मुझे संभालते हुए कहा-

समीर: जान पहली बार है. तुम्हे जो एहसास हो रहा है उसका मज़ा लो. ये सब तुम्हारे लिए नया है और ये तुम्हारा पहला अनुभव है. और पहली बार बहुत ख़ास होता है. तुम्हारा ये दिन मैं यादगार बना दूंगा.

समीर एक ऊँगली मेरी चूत में घुमा रहे थे और मुझसे प्यार भरी बातें भी कर रहे थे. और मैं आह आह ऊहह आह करके मोअन कर रही थी. मैं बहुत ही ज़्यादा उत्तेजित थी.

मैं: अह्ह्ह आअह्ह्ह समीर बर्दाश्त नहीं हो रहा है. प्लीज ये फिंगर निकाल दो. समीर मेरी चूत में ऊँगली और ज़ोर से चलाने लगे और मुझे लिप किश किया और कहा-

समीर: जान एक ऊँगली बर्दाश्त नहीं हो रही है. पर आज तो पूरा लंड इसके अंदर जायेगा.

और वो 3 उँगलियों जितना बड़ा है.

ये सुन के सडनली मेरी चूत ने पानी छोड़ दिया और समीर मेरी चूत का सारा पानी पी गए. उन्होंने चाट-चाट के मेरी चूत को साफ़ कर दिया. समीर ने चूत को चूस कर पूरा सूखा कर दिया. फिर वो मेरे ऊपर आये और मुझे लिप किश किया और पुछा-

समीर: जान ज़िन्दगी के सबसे सुनहरे पल का अनुभव लेना चाहती हो?

मैंने अपनी आँखों से हां बोल दिया और चूत में लंड डालने की अनुमति दे दी. समीर ने अपने लंड को हाथ से हिला कर एक-दम टाइट कर लिया. फिर मेरे दोनों पैरों को अलग किया और मेरी गांड के नीचे पिलो लगा दिया. मेरी दोनों टांगों के बीच समीर आ गए और लंड को मेरी चूत पर रखा.

मैं पहली बार लंड का टच फील कर रही थी. आज पहली बार चुदना भी चाहती थी पर डर भी लग रहा था. समीर अपना लंड मेरी चूत के ऊपर घुमा रहे थे और मैं उनके टच को फील कर रही थी. आह्हः अह्ह्ह्ह पहली बार लंड को चूत पर महसूस कर रही थी और पूरे बदन एक अजीब सिहरन दौड़ रही थी. उन्होंने लंड का सुपाड़ा मेरी चूत के होल पर रखा और हल्का सा अंदर घुसाने कोशिश की. उस टाइम मुझे हल्का सा दर्द हुआ और मैंने समीर का हाथ पकड़ लिया. फिर समीर ने मुझे फ़ोरहेड पर किश किया और कहा-
समीर: जान बस थोड़ी देर हल्का सा दर्द होगा बाद में बहुत एन्जॉय करोगी.
समीर का लंड अभी भी मेरी चूत के होल पर था और इस बार समीर ने पूरी ताक़त लगा के लंड को मेरी चूत में धक्का दिया. उसी के साथ मेरी ज़ोर से चीख निकल गयी आह अहह अहह. समीर का लंड मेरी चूत में था और मुझे बहुत तेज़ दर्द हो रहा था. मैं पूरी तरह से बेड में झटपटा रही थी. मैं: समीर बहुत दर्द हो रहा है. प्लीज इसे निकालो. समीर मुझे समझा रहे थे: जान बस हो गया है. एक बार अंदर चला गया अब तुम्हे दर्द नहीं होगा. थोड़ी देर बाद समीर ने लंड को थोड़ा सा बाहर खींचा क्यूंकि लंड अभी आधा ही मेरी चूत में गया था. फिर एक ज़ोर का धक्का दिया और इस बार लंड मेरी सील तोड़ते हुए सीधा अंदर जा चूका था. अहह अहह अहह मैं बहुत ज़्यादा दर्द में थी और मेरी आँखें दर्द के मारे बंद हो गयी थी.
समीर ने मुझसे कहा: जान आज तुम एक औरत बन चुकी हो. मेरी जान ये तो मीठा दर्द है.
मेरी आँखों से आंसू निकल रहे थे और समीर मुझे प्यार से संभाल रहे थे. थोड़ी देर बाद समीर ने पूरा लंड चूत से बाहर निकला और एक ही झटके में अंदर घुसा दिया. मेरे मुँह से निकला-
मैं: आआह्ह्ह अह्ह्ह्ह समीर प्लीज इसे बाहर निकाल दो. मैं नहीं ले सकती.
समीर अब बिना कुछ सुने मेरी चूत में लंड को पेलने लगे. वो ज़ोर-ज़ोर से लंड को अंदर-बाहर करने लगे और जम के बिना रुके समीर मेरी चूत को चोद रहे थे. मेरी चूत में एक-एक धक्का बहुत ज़ोर से लग रहा था और मैं आहह अहह करती जा रही थी. समीर कभी मेरी चूचियां मसलते और कभी पूरे बदन पर किश करते हुए मुझे चोदे जा रहे थे. मुझे चूत में बहुत तेज़ दर्द हो रहा था पर साथ एक अजीब सा एहसास था जो मुझे बहुत सुकून दे रहा था. काफी देर तक समीर ने मेरी चूत को पेला और अपना सारा माल मेरी चूत में खाली कर दिया. समीर थक के मेरे ऊपर ही लेट गए. मेरी चूत समीर के अमृत से भर चुकी थी और चरमसुख का जो अनुभव मैं कर रही थी जैसे मुझे लगा की मैं जन्नत में आ गयी थी. समीर का लंड अभी भी मेरी चूत में था और हम दोनों ऐसे ही लेटे रहे. समीर ने आज पहली बार मेरी चुदाई की थी
पहली चुदाई होने के बाद मैं काफी थक गयी थी. समीर (पापा) ने मुझे गोद में उठाया और बाथरूम ले गए. मेरी चूत उनके वीर्य से भर गयी थी जो उन्होंने साफ़ की और नंगा ही मुझे बिस्तर पर सुला दिया. मैं नंगी ही कब सो गयी मुझे पता भी नहीं चला. सुबह जब उठी तो मैं और समीर ब्लैंकेट में नंगे सोये हुए थे और समीर का हाथ मेरी चूचियों पर था. मैं नंगी ही उठ कर बाथरूम में चली गयी और मूतने के बाद मिरर में देखा. मेरी चूत की झांटे बहुत बढ़ी हुई थी. मैंने उसको कभी साफ़ नहीं किया था. मैंने सोचा की उसको क्लीन कर देती हूं पर कैसे करती वो मुझे पता नहीं था. फिर मैंने सोचा की मैं पार्लर हो आती हूँ वही पर बिकिनी वैक्स करवा लूंगी.
समीर भी उठ कर बाथरूम में आये और उनकी नज़र मेरी चूत पर गयी.
समीर: जान (मैं) चूत के बाल साफ़ करवा लो.
मैंने समीर से कहा: मुझे खुद से करना नहीं आता है तो मैं पार्लर जाके करवा लेती हु.
समीर मेरी चूत पर हाथ फेरते हुए बोले: इतनी प्यारी चूत को बालों में छुपा के रखा है.
समीर ने एक ऊँगली मेरी चूत में घुसा दी और अंदर-बाहर करने लगे.
में: अह्ह्ह्हह्हह… आह्ह्ह्ह… समीर क्या कर रहे है?
समीर: बस तुझे नंगा देख मेरा लंड खड़ा हो गया है. मेरे लंड को तो अब चूत चाहिए. समीर ने मुझसे कहा: मैं तुम्हे चोदना चाहता हु.
मैं समीर की तड़प समझ रही थी और मैंने भी चुदाई के लिए हां कर दी. समीर ने मुझे मुझे बाथरूम की दीवार के सहारे खड़ा किया और मैं थोड़ा झुक गयी. मेरी गांड बाहर की तरफ आ गयी.
फिर समीर ने कहा: मुझे चोदते टाइम पापा बोलो बहुत अच्छी फीलिंग आती है.
पापा ने अपना लंड मेरी चूत के छेद पर लगाया और एक ही झटके में अंदर घुसा दिया और मेरे मुँह से चीख निकल गयी आअह्ह्ह्ह… आह्ह्ह्हह… आह्ह्ह्ह…
में: पापा बहुत दर्द हो रहा है.
पापा ने बोला: मेरी जान प्यार का दर्द है सहना पड़ेगा.
पापा ने पूरा लंड बाहर निकाला और फिर से चूत में एक झटके में घुसा दिया. आअह्ह्ह्ह… आह्ह्ह्ह.. और मैं दर्द के मारे तड़प रही थी. पापा बिना रुके ज़ोर-ज़ोर से मेरी चूत को पेलने लगे और मैं आह अहह की मॉनिंग कर रही थी. पापा ने काफी देर चोदने के बाद मुझे अपनी तरफ घुमा लिया. फिर मेरा एक पैर ऊपर किया और मेरी चूत में लंड घुसा दिया और ज़ोर-ज़ोर से मेरी चूत चुदाई होने लगी. साथ में पापा मेरी चूचियां भी चूस रहे थे. मुझे लिप किश करते हुए उनका लंड तेज़ी से लंड मेरी चूत को फाड़ रहा था. पापा ने फिरसे मुझे कुतिया बनाया और लंड मेरी चूत में डाल दिया. फिर ज़ोर से बिना रुके लंड मेरी चूत में चला रहे थे.
पापा दोनों हाथ से मेरी चूचियां मसल रहे थे और चूत को लंड से पेल रहे थे. फिर ऐसा करते हुए वो मेरी चूत में झड़ गए. इस बार की चुदाई में दो बार मेरी चूत ने पानी छोड़ दिया था. चुदाई के बाद समीर यानि मेरे पापा बहुत खुश थे. हम लोग साथ में नहाये और मैं बेड में आके लेट गयी. पापा ने बोला: सब घूमने जा रहे है. पर मैंने मना कर दिया की तुम्हारी तबियत ठीक नहीं है. आज मुझे सिर्फ तुम बिस्तर में चाहिए. पापा ने पार्लर वाली को होटल में ही बुला लिया. पार्लर वाली ने आके मेरा बॉडी वैक्स फेसिअल एएब्रो सब कर दिए.
3 घंटे बाद पापा आये मुझे देखा तो देखते ही रह गए. वैक्सिंग के बाद मैं नहा कर पापा का दिया हुआ गिफ्ट पहन कर बाहर गयी. पापा ने मुझे ट्रांसपेरेंट नाईटी दी थी. मेरी चूत गांड चूचियां सब उसमे से नज़र आ रही थी.
पापा मेरे पास आये और कहा: किसका कतल करने वाली हो?
में (मस्ती में कहा): आपका ही कतल करना चाहती हु.
पापा: कतल से पहले आखरी इच्छा तो पूछ लो? मरने वाले की आखरी ख्वाहिश पूरी करना उसका हक़ है.
में: क्या है आखरी ख्वाहिश?
पापा: तुम्हे अपने बच्चे की माँ बनाना चाहता हु.
मैं ये सुन कर शर्म से पानी-पानी हो गयी. पापा मेरे पास आये और बोले-
पापा: जान तुम्हारी चूत की भूख है क्या वो मिल सकती है?
मैंने हां कर दी. पापा ने मुझे बाहों में भर लिया और मेरे होंठो को चूमने लगे. मैंने पापा के सारे कपडे निकाल दिए और पापा ने मेरी नाईटी फाड़ दी.
पापा: जान मेरे और तुम्हारे बीच मुझे ये कपडे भी नहीं चाहिए.
उन्होंने सीधा मुझे बेड में धक्का दिया और मेरे दोनों पैर एक झटके में अलग कर दिए. फिर पापा मेरी चूत में हाथ फेरने लगे. मेरी चूत एक-दम गुलाबी रंग की और फूली हुई थी. मेरी चूत की पंखुड़ी डबल रोटी जैसी एक-दम फूली हुई लग रही थी. पापा ने मेरी चूत पर किश किया और अपनी जीभ मेरी चूत में घुसा दी और मुझे एक-दम झटका महसूस हुआ. पापा ने अपने हाथ से मेरी चूत को खोला और चूसने लगे. वो बिना रुके अपनी जीभ से मेरी चूत चाट रहे थे. वो इतने अच्छे से चूत चूस रहे थे की मैं बिस्तर में मचल रही थी.
में: अहह अहह जान नहीं बर्दाश्त होता.
पापा ने एक ऊँगली और जीभ दोनों मेरी चूत में घुसा दिए और मैं बहुत बुरी तरह से मचल रही थी अहह अहह अहह.
पापा ने पुछा: जान दर्द हो रहा है चूत में?
मैंने हां कहा और पापा ने चूत चूसना बंद कर दिया.
में: पापा बहुत दुःख रहा है मुझे. आपने चूसना क्यों बंद किया?
पापा ने कहा: जान झड़ने वाली हो पर दर्द में ही तो मज़ा है.
ये कहते हुए मेरे दोनों पैरों के बीच बैठ गए.
पापा: जान लंड चाहिए?
मैंने कहा: जल्दी से डालिये रुका नहीं जा रहा बहुत दर्द हो रहा है.
पापा: जान बस इसी पल का इंतज़ार कर रहा था की कब तुम भी चुदाई की प्यासी बनोगी. मेरे लंड से ज़िन्दगी भर चुदोगी?
में: हां पापा मैं और मेरी चूत आपकी ही है.
ये सुनते ही पापा ने लंड चूत में घुसा दिया और तेज़-तेज़ झटके देने लगे.
में: अहह अहह पापा चोदो न. पापा का लंड तेज़ी से चूत में चल रहा था और मैंने उनको लिप किश किया.
में: जान तेज़ झटके दो न.
पापा ने अपनी चुदाई स्पीड और बढ़ा दी. ऐसे लग रहा था की लंड नहीं मेरी चूत में मशीन चल रही हो. पापा मेरी चूचियां चूसते हुए लंड को तेज़ी से अंदर-बाहर कर रहे थे.
पापा ने कहा: कुतिया बन जाओ मैं पीछे से तेरी चूत में डालना चाहता हु.
फिर उन्होंने एक ही झटके में लंड घुसाया और चोदना शुरू कर दिया. पापा के दोनों हाथ मेरी चूचियों पर थे और लंड मेरी चूत में. वो बिना रुके अपना हथियार मेरी चूत में चला रहे थे. इस बार पर पापा भी मोअन कर रहे थे.
पापा: आअह्ह्ह मेरी रानी बहुत अच्छी चूत है. मुझे ये रोज़ चाहिए आअह्ह्ह्ह.
और सारा माल मेरी चूत में खाली कर दिया. मैं उलटी बेड में लेट गयी और पापा मेरे ऊपर ही सो गए. उनका लंड मेरी चूत में ही था.
तो कैसी लगी आपको मेरी ये स्टोरी कमेंट मे ज़रूर बताइएगा।

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