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दोस्त की बहन की चुनमुनिया फाडी- Dost ki bahan ki chunmunia fadi

दोस्तो मैं जय शर्मा एक मस्त कहानी लेकर आया हूँ मुझे खुशी है Hindi Sex Stories Antarvasna Kamukta Sex Kahani Indian Sex Chudai मेरी कहानियाँ आपको पसंद आ रही हैं
मेरा नाम अनिल है, आयु तेईस साल और कद पांच फ़ीट सात इंच है।
मेरा रंग गोरा है, मैं कुँवारा हूँ और एक टीचर हूँ।
मैं आप लोगों के लिए अपनी एक सच्ची कहानी लेकर हाज़िर हूँ।
दोस्तो, मैं कुँवारा हूँ और मेरी एक गर्ल फ्रेंड है, लेकिन उसके साथ मिल पाना थोड़ा मुश्किल होता है इसलिए यहाँ-वहाँ चूत की तलाश में रहता हूँ।
हालाकि जब भी मौका मिलता है, मैं अपनी गर्ल फ्रेंड को चोद लेता हूँ।
काफी दिनों से मैं उससे नहीं मिला था इसलिए मैं चूत के जुगाड़ में घूम रहा था। रास्ते में कई सेक्सी खूबसूरत लड़कियों को देख कर ही मन को तसल्ली दे रहा था।दोस्तो चुनमुनिया डॉट कॉम पर हज़ारों कहानियाँ हैं
मेरा एक दोस्त है जिसका नाम प्रशांत है। वह मेरे साथ ही पढ़ता था, हम काफी वक़्त से अच्छे दोस्त थे।
मैं अक्सर उसके यहाँ आता-जाता रहता था। एक दिन संडे को मैं प्रशांत के यहाँ गया, वहाँ थोड़ी देर बैठ कर उससे बातें करता रहा।
मैंने उसको कहा, अरे यार कब से बैठा हूँ, पानी तो पिला चाय तो तू पिलाने से रहा।
वह बोला, नहीं यार! अभी पिलाता हूँ। उसने आवाज़ दी, रश्मि दीदी पानी दीजिए, चाय भी बनाइए।
मैंने कहा ये रश्मि दीदी कौन है? उसने बताया की ये उसकी बुआ की लड़की है, शादी होने के दो साल बाद उनके पति की मृत्यु हो गई थी।
मैंने कहा, ओह!
तभी मेरी आँखें खुली की खुली रह गयीं। सामने से एक चौबीस-पच्चीस साल की लड़की आई, भरे बदन वाली और चुस्त सलवार-कुरता पहने।
उसने झुक कर जब ट्रे सामने की तो मैं उसके चेहरे को देखता रह गया। गोरे गाल, गुलाबी होंठ, बड़ी-बड़ी आँखें और कसा हुआ बदन।
फिर थोड़ा नीचे को देखा, जब उसके दूध का उभार टाइट कुरती में दिखा तो लगा की सेक्स की देवी हो। वह नज़ारा तो मेरी आँखो से हट ही नहीं रहा था।
वह चली गई, मैं प्रशांत से बातें करने लगा लेकिन मुझे बार-बार रश्मि का चेहरा दिख रहा था।
मैंने सोचा, यार अनिल ये तो कमाल की लड़की है। ये अगर मिल जाए तो मज़ा आ जाए।
जैसे ही मैं घर आया मैंने बाथरूम में जा कर मूठ मारी। फिर मैं योजना बनाने लगा की कैसे जुगाड़ हो?
बातों-बातों में ये पता चला कि वह दो हफ्तों के लिए रहने आई है।दोस्तो चुनमुनिया डॉट कॉम पर हज़ारों कहानियाँ हैं
मेरे पास वक़्त कम था, सारा दिन उसके बारे में सोचते-सोचते गुजर गया, रात में मैंने फिर से मूठ मारी।
अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था, बस लग रहा था कि रश्मि मिल जाए।
उसको पाने के लिए मैं बिल्कुल बेताब था, उस रात मैंने तीन बार मूठ मारी। रश्मि के लिए हर बार आग बढ़ती जा रही थी।
मैं सुबह देर से जागा, तुरंत तैयार होकर प्रशांत के यहाँ पहुँच गया।
मैं जानता था कि वह दफ्तर (ऑफिस) गया होगा। दरवाज़ा खटखाटने पर रश्मि ने दरवाज़ा खोला।
मेरे मुँह से निकल गया कि प्रशांत चला गया क्या? रश्मि ने कहा, हाँ वह चला गया।
उसने कहा, आइए बैठिये। मैं चाय बनाती हूँ। मैं अंदर जा कर बैठ गया वहाँ प्रशांत की मम्मी से बात करने लगा।
वह कल की तरह चाय लायी और झुक कर मुझे दी। तब मैंने उसके जिस्म का पूरा जायजा लिया, वह किसी तरह से विधवा या शादीशुदा नहीं लग रही थी।
मेरे ऊपर तो कयामत तब बरसी जब वह मुड़ कर जा रही थी, उसके कूल्हों के बीच में सूट फसा हुआ था जिससे उसकी गांड का आकार जबरदस्त तरीके से दिख रहा था।
जब वह चल रही थी तब मटकती हुई गांड देख कर मैं तो उसको पाने के लिए तड़प उठा।
मैंने सोचा कि ये तो कयामत है, कुछ भी हो मैं इसको चोद के रहूँगा। मैंने प्रशांत के घर की निगरानी शुरु की तो पाया कि वह रोज सुबह मंदिर जाती है।
मैंने उसको मंदिर में ही मिलने की योजना बनाई, मैं पहले से मंदिर में जा कर उसका इंतजार करने लगा।
जब वह नारंगी (ऑरेंज) रंग के सूट में आई तो मैं देखता रह गया। जब वह जाने लगी तो मैंने उसको कहा, रश्मि! उसने मुझे देखा और कहा, अरे! आप मंदिर आते हो?
मैंने कहा, हाँ मंदिर भी आता हूँ, देवताओं को मानता हूँ, देवियों को देखता हूँ।
वह हंस कर बोली, बहुत बढ़िया। मैंने कहा, आप मेरे घर आइए ना कल शाम को मैं इंतज़ार करूँगा।
उसने कहा, देखो टाइम मिलेगा तो ज़रूर आऊँगी।
मैं घर जा कर शाम को उसका इंतज़ार करने लगा, पर वह नहीं आई। बहुत उदासी हुई, मेरा मन दिन भर बच्चों को पढ़ाने की जगह उसमें लगा रहा।
मुझे बहुत बुरा लगा। मैं प्रशांत के घर से सिर्फ़ सात घर दूर ही रहता था, ऐसे में मैं और ज्यादा परेशान था। लगातार दो दिन तक उसका इंतज़ार किया पर वह नहीं आई।
दूसरे दिन सुबह जब मैं उसके घर पहुंचा तो वहाँ ताला लगा देखकर हैरान रह गया। मैंने प्रशांत को कॉल लगाया, उसका मोबाइल बंद था।
मैं घर आया, दिन भर घर में ही रहा। कहीं पढ़ाने भी नहीं गया। मैं अकेला रहता हूँ इसलिए सब कुछ बहुत बुरा लग रहा था।
दोपहर में मैं सोता रहा, चार बजे करीब मैंने चाय बनाई।
जैसे ही चाय पीना शुरु किया दरवाज़े की घंटी बजी, मैंने दरवाज़ा खोला तो सामने रश्मि सफेद कसा हुआ सलवार-कमीज़ पहने खड़ी थी।
मैं हाथ में कप लिए था। वह बोली, अरे वाह! मुझे दरवाज़े से ही चाय पिला कर भेजोगे क्या?
मैंने कहा, आइए बैठिये। मैं बहुत खुश हो गया। मैंने कहा, आप दो मिनट बैठो, मैं आया।
मैंने जा कर चाय बनाई, उसको दी और कहा कि इतने दिन बाद आयीं आप, मैं उस दिन आपका इंतज़ार करता रहा।
वह बोली, क्यों? मैंने कहा, आपको बुलाया था इसलिए मैं तो जिंदगी भर इंतज़ार करता।
वह एकटक मुझे देखने लगी। मैंने मौका जान कर उसको बोल दिया, आप बहुत ही खूबसूरत हो।
वह बोली, धन्यवाद। मैंने ना जाने क्या सोच के बोलना शुरु किया और पता नहीं कहां से मेरे अंदर इतनी ताक़त आ गई।
मैंने कह दिया, आप मुझे बहुत अच्छी लगती हो। उस दिन से मैं दिन-रात आपके बारे में सोचता रहता हूँ। मैं लगातार बोले जा रहा था, पता नहीं क्या-क्या बोल रहा था?
वह मुझे देखे जा रही थी। बीच में ही मुझे रोक कर वह बोली, ये बकवास करने के लिए मुझे बुलाया था?
घर में अकेली बोर हो रही थी, सोचा तुम्हारे पास आकर बातें करूँगीं, मैं जा रही हूँ। वह उठ कर चली गई। मैं रोक भी नहीं पाया।
रात में करीब साढ़े-ग्यारह बजे मेरे मोबाइल में घंटी बजी, देखा प्रशांत का कॉल था। मैं डर गया, कहीं रश्मि ने जा कर उसको बता तो नहीं दिया? मैंने फोन नहीं उठाया।
दोबारा घंटी आई, जब तीसरी बार घंटी आई तो मैंने कॉल रिसीव किया, हैलो बोला, वहाँ से प्रशांत की जगह रश्मि बोल रही थी।
वह बोली, सॉरी, मुझे ऐसे नहीं आना था मैं कल आऊँगी। मैंने कहा, तुम एक काम करो फ़ोन काटो, अपने मोबाइल से मिस्ड कॉल दो और मैं कॉल करता हूँ। उसने ऐसा ही किया।
मैंने फ़ोन किया पर उससे बातें करने में बैलेंस खत्म हो गया, तो उसने फ़ोन किया और बोली, कल मैं पक्का आऊँगी।दोस्तो चुनमुनिया डॉट कॉम पर हज़ारों कहानियाँ हैं
अगले दिन मैंने सुबह घर की सफाई की, सब व्यवस्थित किया और वह ठीक तीन बजे आ गयी। मैंने उसको चाय पिलाई और मैं उसके काफी करीब बैठ गया।
मैंने उसको आई लव यू बोला, वह चुप थी। फिर वह बोली तुम मेरे बारे में जानते हो, ये मैं नहीं कर सकती।
मैंने उसको लुभाना (सिड्यूस) करना शुरू किया। उसकी हर बात को मैं अपने तरीके से बोल रहा था ताकि वह मन जाए।
बातों में मैंने उसका हाथ पकड़ लिया, मैंने उसको दोबारा आई लव यू बोला और जल्दी से चूम लिया। वह हाथ छिटक कर दूर हो गयी बोली, ये गलत है।
मैंने कहा आई लव यू, वह जो भी बोलती मैं जवाब में आई लव यू बोलता।
अंत में उसने भी आई लव यू बोल दिया। बस फिर क्या था, अगले ही पल हम दोनों एक दूसरे की बाँहो में लिपट गये थे।
मैंने उसको कस कर पकड़ रखा था। मैं उसके जिस्म को महसूस कर रहा था। थोड़ी देर में जब हम अलग हुए वह बोली, जानू अब जाती हूँ, भैया आने वाले है।
उसने कहा रात में बात करेंगे। मैंने कहा, रात में बातें करते है या वह करते है?
रश्मि बोली, हटो जाने दो। वह जाने लगी, मैं उसके पीछे-पीछे दरवाज़े तक गया, जैसे ही उसने दरवाज़ा खोलने की कोशिश की मैंने पीछे से उसकी कमर को पकड़कर खींचा और गर्दन में चूम कर आई लव यू बोला।
वह बोली जाने दो ना, कल आऊँगी ना। मैंने उसके कूल्हों में थपकी दे कर कहा, आना पर वापस मत जाना। वह हँसती हुई चली गयी।
ये मेरी जीत थी। मैंने दरवाज़ा लगाया और वहीं खड़े होकर मूठ मार दी। रात में उसका फ़ोन आया, थोड़ी देर यहाँ-वहाँ की बातें करने के बाद अचानक उसने पूछा, जानू तुमने मेरे पीछे हाथ क्यों मारा था?
मैंने नाटक किया, कब मारा? कहां मारा? क्यों झूठ बोलती हो?
मैंने तुम्हारा कुछ नहीं मारा ना मारी। वह बोली, झूठे मेरी कमर के नीचे आते वक़्त हाथ नहीं मारा था।
मैंने कहा, हाँ यार! मारा था। वह अच्छे लग रहे थे इसलिए मारा।
उसने कहा और क्या-क्या अच्छा लगता है? मैंने सब कुछ विस्तार से बताया। वह सुनती रही।
आखिर में बोली, तुम तो काफी ज़्यादा अच्छा लगा रहे हो मुझ में। मैंने कहा, कल आओ तो और भी अच्छा लगने लगेगा।
उसने कहा, मैं नहीं आऊँगी। क्यों आऊँ और फ़ोन काट दिया।
कुछ देर बाद उसका मैसेज आया, कल दिखना क्या दिखाओगे? मैं भी देख लूंगीं।
मैंने वापस मैसेज किया की जो देखना है वह हाथ में है लंड।
अगले दिन मैंने सारी ट्यूशंस की छुट्टी कर दी। वह तीन बजे आ गई।
मैंने दरवाज़े को बंद करते ही उसको दरवाज़े से ही सटा कर चूमना शुरु कर दिया।
वह भी ज़ोर-ज़ोर से साँसे लेने लगी। मैं चूमना बंद ही नहीं कर रहा था।
वह बोली, तुम जो शुरु करते हो बंद क्यों नहीं करते, यहीं सब करोगे। दरवाज़े से सटा रखा है, बिस्तर में चलो प्लीज।
मैंने उसको गोद में उठा लिया और बिस्तर में ले जाकर चूमने लगा। बेतहाशा चूमने से वह जोश में आ गई।
उसने भी मुझे चूमना शुरु कर दिया। मैंने कहा, तुमको मैं सारी रात चूमने में बिता सकता हूँ।
वह बोली, सारी रात चूमोगे तो करोगे कब? मैंने कहा, अभी करूँगा।
मैंने उसका सूट उतारने के लिए पकड़ा, वह काफी टाइट था। मैंने कहा, तुम इतने टाइट कपड़े पहनती हो कि सारा साइज़ दिख जाता है।दोस्तो चुनमुनिया डॉट कॉम पर हज़ारों कहानियाँ हैं
उसने सूट उतार के कहा, क्या-क्या साइज़ दिखता है? मैंने कहा कि तुम कमाल की हो, हर अंग तराशा हुआ है। तुम बड़ी मस्त चीज़ हो यार।
अगले ही पल जब मैंने उसे ब्रा-पैंटी में देखा तो झट से ब्रा खोल दी। दो चमकते हुए दूध देख कर मैं पागलों की तरह उनको चूसने लगा।
वह अपने दूध को खुद पकड़ कर मेरे मुँह में दे दे कर पिला रही थी। मैंने, उसकी पैंटी में हाथ डाला तो चूत एकदम चिकनी थी, एक भी बाल नहीं था और एकदम गीली थी।
मुझे तो यकीन ही नहीं हो रहा था कि मैं उस लड़की के साथ हूँ जो एक सपना सी हो गई थी।
मैंने उसकी पैंटी को हटा दिया, उसकी चूत को देख कर लगा मानो जम कर चुदी हो, लेकिन उसकी चूत थी अच्छी।
मैंने उसकी चूत में उंगलिया डालनी शुरु की तो वह बोली, अपना पिलाओ ना।
मैंने कहा, ठीक से बोलो। वह बोली, अपना लंड पिलाओ न। मैंने अपने सारे कपड़े हटाए और उसके मुँह में लंड दे दिया।
वह मस्ती से लंड चूस रही थी। मैं पीछे हाथ कर उसकी चूत में उंगलिया कर रहा था।
फिर मैंने अपना लंड निकला और उसकी टांगें खोल कर चूत में लंड रख कर घुसा दिया। वह म्म्म्ममममममममममह हहाननाना आहहाहहहा. करने लगी।
मैंने उसे चोदना शुरु कर दिया वह आपने दूध दबाते हुए आहहाहहा. करने लगी। मैं उसके दूध चूसने की कोशिश कर रहा था।
मैंने उसको कहा कि तुम जितनी सुंदर बाहर से दिखती हो उस से कहीं ज़्यादा तो तुम कपड़ो के अंदर से सुंदर लगती हो और बिस्तर में तो तुम अच्छी खिलाड़ी महसूस हो रही हो।
उसने कहा, दो साल से लंड नहीं मिला था आज बहुत दिनों बाद मिला है। चुदने में मज़ा आ रहा है वह बोली, जल्दी से चोद दो फिर गांड मारना।
मैंने कहा, सच में तुम मुझसे गांड मरवाओगी। वह बोली हाँ। मैंने खुशी के मारे और जल्दी-जल्दी चोदना शुरु कर दिया, वह भी जोश में साथ दे रही थी।
मैंने कहा, तुम तो मस्त हो, तुमने गांड मरवाई है इसीलिए तो इतना शानदार शेप है।
वह मुस्कुराई तभी मैं जल्दी-जल्दी चोदने लगा और शायद उसका भी चरम बिंदु आ चुका था, मेरा काम तमाम हुआ तो साथ में उसका भी काम खत्म हो गया।
मैंने उसकी चूत के अंदर ही अपना माल गिरा दिया।
फिर हम दोनों लिपट कर लेट गये, बिस्तर में थोड़ी देर लेटे रहे, फिर कुछ देर बाद मैं फिर से जोश में आने लगा। मैं उसके ऊपर लेट गया और उसके बालों से खेलते-खेलते कहा, तुम बहुत प्यारी, खूबसूरत और सेक्सी हो।
काश तुम हमेशा मेरे साथ रहो। वह बोली, हम दोनों का साथ रहेगा चिंता मत करो।
उसने मुझे नीचे लिटा दिया और खुद मेरे पैर के पंजे का अंगूठा चूसने लगी। फिर वह धीरे-धीरे चूमती हुई ऊपर को आई और उसने जब लंड को मुँह में लेकर चूसा तो वह पहले से ज़्यादा कड़क हो गया।
उसने कहा, तुम अब तैयार हो गये हो, अंदर जाने दो और वह मेरे लंड को पकड़ कर अपनी गांड में लगा कर बैठ गयी। बड़े आराम से लंड अंदर घुस गया।
मुझे अहसास हुआ कि इसकी जबरदस्त चुदाई की गई है।
वह खुद ही उठ-बैठ कर चुदने लगी मैं उसके तने हुए दूध पकड़ कर खींचने लगा। वह बोली, तुम भी कम नहीं हो चोदने में।
मैंने कहा, तुम्हारी चुदाई करने में मज़ा आ रहा है। वह बोली, पीछे से आओ ना ऐसे में दिक्कत हो रही है।
मैंने उसको कुतिया बना कर (डॉगी स्टाइल में) पीछे से उसकी गांड में घुसा दिया। वह उउम्म्म्मममममममममह.. की आवाज़ निकालने लगी, उसके दमकते हुए कूल्हे देख कर मैं जोश में आ गया।
मैंने कहा, तुम्हारे जैसी गांड मारने को मिले तो जोश कितना बढ़ जाता है। क्या शानदार गांड है तुम्हारी, मज़ा आ गया।
वह भी आगे-पीछे हो कर साथ दे रही थी, काफी देर तक हम दोनों लगे रहे फिर जब मेरा माल उसकी गांड में गिरा तो वह ऐसे ऊपर को होने लगी मानो उसके अंदर दो लंड समा जाए।
फिर हम अलग हुए अपने-अपने कपड़े पहने। उसने जा कर चाय बनाई। पांच बजने वाले थे तो जब वह घर जाने लगी मैंने कहा, यार! मत जाओ। वह बोली, जाना तो होगा लेकिन कल आऊँगी।
मैंने उसको गले लगा कर जाने दिया। रात में हम दोनों ने काफी देर तक बात की। अगले दिन फिर वह आई और हम दोनों ने चुदाई का मज़ा लिया।
जब तक वह रही लगभग हर रोज़ मैंने उसको चोदा, हर तरह से मज़ा लिया।
जब वह बोली कि कल मैं जा रही हूँ तो मैंने कहा यार! ऐसा कैसे चलेगा। तो उसने कहा, एक आइडिया है यहाँ से मेरा शहर 68 किलोमीटर दूर है, अगर तुम चाहो तो हर संडे को तुम आ जाया करो।
वहाँ हम लोग किसी होटल में दो घंटे तक मिल लिया करेंगे तब से मैं हर संडे को वहाँ जाता हूँ और वह सब्जी लेने या कोई और बहाना बना कर मेरे पास आ जाती है।
होटल में हम लोग दो घंटे तक चुदाई का मज़ा लेते है। अब तो वह होटल वाला भी जानता है की हम लोग किसलिए आते है इसलिए वह भी हमेशा हम दोनों के लिए रूम का इंतज़ाम कर के रखता है।
सच में मेरे दोस्त की बहन रश्मि जैसी लड़की जिसकी जिंदगी में होगी वह सबसे खुशनसीब होगा।
दोस्तो, आप लोगों को कैसी लगी ये कहानी

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