Chacha ji ne meri seel todi:- माया का आज 20th बर्थडे था. लेकिन उसके पापा काम से बाहर गए थे. इसीलिए माया का बर्थडे उसके दोस्तों ने मनाया. लेकिन घर वापस आने के लिए उसने अपने पापा के दोस्त चौहान अंकल को फ़ोन किया और वो उनकी बाइक लेकर माया को ड्राप करने आये. माया एक सलवार-सूट पहनी थी जिससे की उसके 34 के बूब्स और उसकी क्लीवेज क्लियर दिख रही थी. उसकी पतली कमर और सॉफ्ट 34 की गांड के अच्छे से कर्व्स दिख रहे थे.
थोड़ी गेहुंवे रंग की स्किन टोन की है माया। माया को मर्दों को लुभाना अच्छा लगता है इसीलिए थोड़े revealing कपडे पहनती है. वो आज मेकअप में और भी चमक रही थी. चौहान अंकल 45-46 साल के सावले आदमी थे. वो स्विमिंग करते थे इसीलिए एनर्जी काफी अच्छी थी. लेकिन देसी अंकल जैसी बॉडी टाइप थी उनकी. हल्का पेट भी निकला हुआ था. उनकी बड़ी-बड़ी मूछे भी थी.
उनकी नज़र माया पे कई सालों से थी. लेकिन आज जा कर उसके पापा बाहर गए थे. माया के बाइक पे बैठते ही चौहान अंकल जान-बुझ के ब्रेक लगाते ताकि माया के मम्मे उनकी पीठ से आके चिपक जाये. और ऐसा हो भी रहा था. वो झटके लगा रहे थे.
चौहान: अरे यार ये सड़कें भी इतनी खराब है हमारे यहाँ की!
माया: चाचा आप थोड़ा धीरे चलिए न.
चौहान ने थोड़ी स्पीड बढ़ायी और बाइक फिसल रही है ऐसा नाटक करके उन्होंने अचानक से पीछे से माया की कमर पकड़ ली.
चौहान: तुम ठीक हो न? बाइक फिसल रही है बारिश के पानी से. बाइक पुरानी भी हो गयी है काफी.
माया ने कुछ नहीं बोला. चौहान अंकल ने हाथ हटाया नहीं. एक हाथ उनका हैंडल पे था तो दूसरा माया की पतली नरम कर्वी वाली कमर पे. और माया भी चुप बैठी थी. उन्होंने फिर से ऐसा किया और तुरंत माया की मस्त-मस्त गांड पर अपना हाथ रख दिया. Chacha ji ne meri seel todi
चौहान: अरे बेटा सम्भालो. फिसल मत जाना. और थोड़ा गांड को दबा भी दिया.
माया: हम्म.
फिर माया का घर आते ही बोले-
चौहान: बेटा थोड़ी चाय मिलेगी? आज ठण्ड बहुत है न इसीलिए बाइक चलाते वक़्त ठण्ड लगेगी. चाय पी लूँगा तो सही रहेगा.
माया बाइक से उतरती है. तो उसके निप्पल्स कमीज से बाहर आ रहे थे इतने हार्ड हो गए थे. वो शर्म से लाल भी हो चुकी थी.
माया: हम्म (बस हम्म करके वो घर के अंदर चली गयी).
वो समझ रही थी क्या होने वाला था उसके साथ. उसके निप्पल्स से चौहान को भी इशारा मिल रहा था की माया ने भी चौहान के हाथ को अपनी गांड पे काफी एन्जॉय किया था. दोनों घर के अंदर चले जाते है और लिविंग रूम में बैठ जाते है सोफे पे. माया चाय बनाने अंदर जाने लगती है.
चौहान: अरे बेटा कोई बात नहीं आ जाओ. बैठ जाओ थोड़ा रेस्ट कर लो. बाद में चाय बना लेना. अभी-अभी तो आयी हो.
माया उनके बगल में आके बैठती है. चौहान अंकल सरक के थोड़ा माया के पास जाते है और कहते है-
चौहान: बेटा थकी हुई हो? थोड़ा मसाज कर दू? हम स्विमर्स को अच्छी मसाज आती है.
माया ने मना भी नहीं किया और हां भी नहीं बोला. तो चौहान अंकल माया का हाथ पकड़ के उसको थोड़ा पास लाये. फिर उसके कंधे की मसाज करने लगे. वो काफी अच्छी मसाज सच में करते थे. माया को सच में बहुत अच्छा लगने लगा. उसकी हेड मसाज होने लगी तो माया को और आनंद आने लगा. फिर धीरे से पीठ पे हाथ सहलाते हुए माया की बॉडी मसाज शुरू हुई. चौहान अंकल माया की कमीज की बटन्स खोलने लगे. Chacha ji ne meri seel todi
चौहान: बेटा अगर कमीज खोल दोगी तो पीठ पे अच्छे से कर पाउँगा.
माया को इतना मज़ा आ रहा था की उसने कुछ सोचा नहीं और अपनी कमीज उतारने लगी. अब माया की गोल्डन स्किन चौहान के सामने थी. माया के सुन्दर सुडौल मम्मे चौहान के हाथो के सामने थे. लेकिन चौहान पक्का खिलाडी था. उसने पीठ पे मसाज करना शुरू किया और माया को पेट के बल सोफे पे लिटा दिया. फिर वो धीरे-धीरे नीचे गया और गांड दबाने लगा. चौहान के मसाज स्किल्स इतने अच्छे थे की 20 साल की सारी थकान माया अभी भूल रही थी.
फिर कब चौहान ने माया की ब्रा की हुक खोल दी पता ही नहीं चला (पक्के खिलाडी जो थे).
चौहान: सीधी लेट जाओ.
माया सीधी लेट जाती है और उसके नरम गोल्डन पेट पर चौहान अंकल सहलाने लगते है. माया को बहुत अच्छा लगाता है. फिर धीरे से माया की ब्रा को वो उठाते है और गोल्डन ब्राउन निप्पल्स बाहर आ जाते है. उसके सुन्दर नरम सुडौल मम्मे अब नंगे थे. माया को पता भी नहीं चला और अचानक से माया को फील हुआ की उसके बूब्स की मसाज हो रही थी. Chacha ji ne meri seel todi
माया: अरे चौहान चाचा ये क्या कर रहे है आप (बोल कर वो थोड़ी घबराई)?
लेकिन चौहान के मसाज की ताक़त से वो बेहोश सी नहीं ऐसा मानो जैसे नशा सा हो गया हो माया को. माया ने आहें भरनी शुरू की-
माया: ओह आह आह चाचा जी बस भी करो अब. उफ्फ्फ कुछ ज़्यादा ही अच्छे नहीं हो आप? छोड़ भी दो अब तो! आह.
फिर चौहान माया की नाभि को चूमने लगता है और क्या ‘सुर्र सुर्र’ करके आवाज़ आती है. लगता है माया का सारा रस नाभि से निकाल लेगा. माया को इतना अच्छा लगाता है वो लेटे-लेटे vibrate करने लगती है और आहें तेज़-तेज़ भरती है और तेज़-तेज़ सांसें लेती है. फिर मम्मे दबाते-दबाते माया की सलवार का नाडा चौहान अंकल अपने मुँह और दांत से खोल देते है. उसके बाद धीरे से चूमते हुए माया की जाँघों को पकड़ लेते है.
माया चौंक उठती है और समझ जाती है की आज तो वो चौहान अंकल के साथ सुहागरात मनाएगी. चौहान अंकल ऐसे माया की सॉफ्ट-सॉफ्ट जाँघों पर चूमते है की माया मदहोशी से पड़ी रहती है सोफे पर. माया की पैंटी अब धीरे-धीरे अंकल अपने कड़क हाथो से उतारते है. अब माया पूरी नंगी उसके चौहान चाचा के सामने लेटी हुई थी.
चौहान चाचा ने अपनी कमीज और पैंट उतारी तुरंत और उन्होंने अंडरवियर भी नहीं पहनी थी. ऐसे जैसे उनको पता ही था की आज यही करने वाले हो वो. फिर वो माया की चूत को सूंघे और उसकी चूत में अपनी जीभ डाल कर चाटने लगे ऊपर-नीचे अंदर-बाहर दाए-बाए उसकी चूत को अच्छे से वो चाट गए. फिर उन्होंने अपना कड़क 7 इंच लम्बा मोटा लंड माया की चूत पे सेट किया और उसकी गीली चूत में डाल दिया एक ही बार में. Chacha ji ne meri seel todi
माया चीख उठी और बोली-
माया: आह चाचा नहीं निकालो मर गयी. बहुत बड़ा है चौहान चाचा. वो आह आहह आहह ओह ओह उफ्फ्फ ऐसे ही करती रह गयी.
लेकिन चौहान चाचा बेरहमी से उसकी चुदाई करते रहे जब तक माया बोली नहीं की-
माया: आह मज़ा आ रहा है और ज़ोर से.
तब तक चाचा एक की स्पीड से करते रहे. फिर उन्होंने स्पीड बधाई. वो पेशे से स्वीम्मर थे तो एनर्जी भरपूर थी उनमे. और अब उनकी स्पीड का कोई मुक़ाबला नहीं. उनमे हवस का जानवर जाग गया था. वो हैवान जैसे माया की चूत को चोद रहे थे. माया बेहोश ही होने वाली थी की चौहान ने लंड निकाल के माया को उल्टा किया.
फिर वो डोगी स्टाइल में माया को चोदने लगे. नयी पोजीशन में माया को और भी मज़ा आने लगा. माया भी ऐसे साथ दे रही थी जैसे कितनी चुदती होगी. लेकिन ये माया का पहली बार था क्यूंकि माया की चूत से खून आ रहा था. लेकिन चौहान अंकल को कुवारी चूत का मज़ा इतना भा गया की वो बेरहमी के साथ उसको चोदते जा रहे थे. उसे कोई रेस्ट नहीं मिल रहा था. फिर माया को गोद में उठा कर उछाल-उछाल कर उसके अंदर लंड डालते रहे. Chacha ji ne meri seel todi
इससे लंड माया की चूत के सबसे अंदर तक ठुक रहा था और माया की आँखों से आंसू आने लगे. लेकिन माया इस परम आनंद के नशे में मस्त चौहान चाचा के काले लंड पर अपने गोल्डन ब्राउन शरीर को उछाल रही थी. फिर ऐसे ही डेढ़ घंटे तक चोदने के बाद माया के मुँह के अंदर चौहान अंकल ने अपने बीज का सारा पानी छोड़ दिया.
उन्होंने उसे पूरा पानी पिलाया और माया का छोटा शरीर चौहान अंकल के लम्बे चौड़े शरीर के ऊपर पड़ा हुआ देख कर चौहान अंकल को बहुत ख़ुशी हुई. फिर सारी रात दोनों नंगे लेटे रहे और बहुत बातें की. उनकी बहुत अच्छी दोस्ती हो गयी और चौहान अंकल से माया आगे और भी अनोखे तरीके से चुदने वाली थी.
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