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बुआ से लिया पिटाई का बदला- Bua se liya pitayi ka badla

प्रेषक : राहुल ..

हैलो फ्रेंड्स.. मेरा नाम राहुल है और यह मेरी पहली स्टोरी है। इस वेबसाईट पर बहुत सी कहानियाँ पढ़कर लगा कि क्यों ना में भी स्टोरी लिखूं। में आपको जो बात बताने जा रहा हूँ वो है 7 साल पुरानी है। मेरी पढ़ाई दिल्ली में हुई है और में वहाँ अपनी बुआ और फूफा जी के साथ पढ़ता था। पढ़ाई तो चल ही रही थी मगर बड़ी बात ये थी कि में बड़ा भी हो रहा था और क्लास में सेक्स शब्द सुन कर बड़ा मज़ा आता था। मगर क्लास 12वीं में तो बस पागल ही हो गया था कि कब सेक्स करें। एक दिन में घर पर था और नया नया कंप्यूटर और इंटरनेट लगा था। मेरे दोस्त ने और मैंने सबसे पहले पॉर्न साइट ही खोली और पागल हो गये। रोज़ यही चलता रहा.. नेट पर में हमेशा पॉर्न ही देखता रहता। मेरे मन में सेक्स बस गया था और सेक्स किसके साथ करूँ? वो सबसे बड़ा सवाल था। कई बार फूफा जी घर से बाहर चले जाते थे और 2-3 दिन में ही आते थे तो बुआ मुझे हमेशा अपने पास सोने को ही बोलती थी।

एक दिन में उनके पास सोया तो रात को मुझे सेक्स करने का सपना आ रहा था। मैंने रात को एक टांग अपनी बुआ के ऊपर रख दी थी और धीरे धीरे उनसे चिपकने लगा था। एकदम से उन्होनें मुझे झटका दिया तो में उठ गया.. बुआ ने उसी वक़्त बहुत डांटा। अगले दिन बुआ ने मेरे मम्मी पापा को बोला कि ये गलत हरकतें करता है और बाथरूम में एक एक घंटा लगाता है। मुझे बहुत गुस्सा आया क्योंकि मेरी बेइज्जती हो गई थी और मुझे बदला तो लेना ही था। मैंने मन में ठान लिया था कि कैसे उनको चोदना है। ये बड़ा काम था मगर मुश्किल भी नहीं था।

में रोज़ स्कूल से आता और बुआ के पास ही सोता था। में ये दिखाता था कि में सो रहा हूँ और उनसे चिपकने की कोशिश करता था। बुआ ने 3 या 4 बार मुझे थप्पड़ भी मारा और कहा कि अगली बार ऐसा हुआ तो घर से निकाल दूँगी। मुझे बड़ा मज़ा आया.. कुछ पाने के लिये कुछ खोना भी पड़ता है। एक दिन ऐसा आया कि जब रात को मैंने जानबूझ कर बुआ के ऊपर अपनी टांग रखी और उनके बूब्स पर हाथ फेरा। बस फिर क्या था? बुआ ने जो मेरी पिटाई की और रात भर में लाल मुँह करके बैठा रहा और वो दूसरे कमरे में सो गई। फिर अगली रात को में दूसरे कमरे से आया और बुआ के पास सो गया। इस बार उनकी छाती मेरी तरफ थी.. मेरे मन में पता नहीं कहाँ से इतनी हिम्मत आई और में आँखे बंद करके उन्हे कसकर स्मूच किया। वो एकदम से उठी और रोने लगी और मुझे थप्पड़ भी मारा और कमरे से उठकर चली गई और एक घंटे बाद वापस आई और कहा कि तू क्या चाहता है?

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क्या में तुझे घर से निकाल दूँ? तो मैंने कहा नहीं.. में क्या चाहता हूँ इससे आपको क्या मतलब? बस आपको प्यार करना चाहता हूँ और बुआ रो पड़ी और बोली साले सोचकर बोल.. क्या बोल रहा है कमीने हरामी.. तेरे मन में क्या चल रहा है। क्या अपनी बुआ को अपनी रांड बनायेगा? अपनी ही बुआ को चोदना चाहता है तू साले हरामी तेरा लंड काट कर तुझे हिजड़ा बना दूँगी कमीने। उन्होंने ज़ोर से मुझे मारा तो मेरे बाजू पर निशान पड़ गया। मुझे गुस्सा आया और मैंने उन्हे अपनी और खींचा और ज़ोर से गले लगा लिया। मैंने उन्हे गले पर किस करना शुरू कर दिया और बूब्स दबाने लगा और पागलो की तरह उन्हे किस करने लगा वो कुछ नहीं कर पा रही थी बस मुझे नोच रही थी। 5 मिनिट बाद वो चुप हो गई और बेड पर लेट गई और रोने लगी। में उनके पास लेटा और उन्हे गले लगा लिया और बोला बुआ तू मेरी बन जा.. में तुझे कभी परेशान नहीं करूँगा। में तुझे बहुत प्यार करता हूँ.. वो मेरी तरफ मुड़ी और बोली ले कर ले जो करना है.. अब बचा ही क्या है।

मैंने कहा नहीं ऐसे नहीं जब तक तेरा मन नहीं करता। ऐसे ही 3 महीने गुजर गये मगर उसने कुछ नहीं कहा एक दिन में उनकी उतरी हुई पेंटी को सूंघ रहा था और मूठ मार रहा था और उन्हे पता था कि में यह सब रोज करता हूँ। वो मेरे पास आई और मुझे पकड़कर अंदर वाले कमरे में ले गई और बोली कि वहाँ क्यों बर्बाद कर रहा है इधर मेरे सामने कर तो कुछ बात भी बने.. में खुश हुआ और ज़ोर से उन्हे गले लगा लिया। फिर उन्होंने मुझे दूर किया और बोला चल मेरे सामने कर जो तू कर रहा था। मैंने अपना पजामा उतारा और उनके सामने हिलाने लगा वो दूर बैठे यह सब देख रही थी। उन्होंने कहा जो चीज़ तेरे हाथ में थी वो भी ले आ। मैंने कहाँ बुआ फ्रेश उतार कर दो तो और मज़ा आयेगा। फिर उन्होने मेरे सामने अपनी सलवार खोली और अपनी अंडरवियर खोलकर मुझे दी।

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मैंने उसे अपनी नाक से लगाया और ज़ोर ज़ोर से हिलाने लगा। बुआ की आँखो में पता नहीं चमक क्यों थी। वो एकदम मेरे पास आई और मेरा लंड अपने हाथों में ले लिया और मुझे किस करने लगी और बोली तेरा लंड टेड़ा है तूने कभी बताया नहीं और हम बेड पर लेट के एक दूसरे को चूमते रहे और सो गये। फिर एक दिन फूफा जी का ट्रान्सफर हो गया और वो कानपुर चले गये। बस अब शिकार मेरे हाथ में था। में अगले दिन स्कूल जाने के लिए उठा और बुआ के कमरे में गया बुआ से बोला कि आज में स्कूल नहीं जाऊंगा। में आज पूरे दिन तुझे देखूँगा.. बुआ सो कर उठी और बोली तू तो इतना कमीना है हरामी.. चल कोई बात नहीं है अब तो तेरी बात सुननी ही पड़ेगी.. फिर बुआ नहाने गई और उन्होंने दरवाज़ा खुला रखा हुआ था। बुआ ने कहा मुझे अज़ीब लगेगा तो मैंने उनका मुँह पकड़ा और किस किया और बोला साली कमीनी मेरी रांड.. में जो बोलता हूँ वो कर। वो हंसी और बोली ठीक है.. फिर वो नहाने लगी। उन्होंने साबुन लगाया तो मैंने उनके बूब्स पर हाथ लगाया और मसलने लगा। दोस्तों ये कहानी आप AntarvasnaSEX.Net पर पड़ रहे है।

फिर एकदम से मेरे लंड का पानी निकल गया तो में बाहर चला गया। फिर कुछ देर बाद बुआ नाश्ता बना रही थी। में अंदर गया वो सलवार कमीज़ पहन कर खड़ी थी तो मैंने बुआ को पीछे से पकड़ा तो वो मेरी तरफ मुड़ी मैंने कहा कि मेरी रांड उसी तरफ मुड़ी रहे। मैंने पीछे से उसे किस किया और अपना लंड उसकी बड़ी गांड में लगाने लगा। वो मज़े ले रही थी। फिर मैंने कहा तू खाना बना में खुद करूँगा जो करना है तो उसने कहा कि ठीक है। वो खाना बनाने लगी और में नीचे बैठकर उसके पजामे का नाडा खोल रहा था। एकदम से पजामा ज़मीन पर गिर गया और उसकी कमीज उसकी गांड छुपा रही थी मैंने उससे कहा कमीज़ भी खोल दे और बुआ ने कमीज़ भी खोल दी। उनके बूब्स और गांड देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया। मैंने कहा अब खाना दे मुझे। वो खाना लेकर बाहर आई और वो नंगी थी। मैंने कहा कि में खाना खा रहा हूँ तब तक तू नंगा डांस कर मेरे सामने और वो करने लगी.. पता नहीं क्यों? वो मेरी बात मान रही थी तो मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था।

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फिर उसी दिन ही मुझे पूरा मन हो गया कि अब तो चोद ही दूँगा। मैंने ब्लू फिल्म मंगाई और बुआ के साथ देखने लगा और उनके बूब्स भी दबाने लगा। वो खुश हो गई और मज़े लेने लगी। मैंने कहाँ तू भी करेगी ऐसे। मेरा लंड चूसेगी तो वो बोली तेरा लंड तो छोटा है.. तू क्या चोदेगा मुझे और मुझे गुस्सा आया और मैंने उसे उल्टा लेटा दिया और एक सेकेंड में उसकी गांड में अपनी बड़ी उंगली डाल दी.. वो ज़ोर से चिल्लाई आआहह और बोली कमीने क्या दर्द नहीं होता मुझे? आराम से कर। मैंने कहा अब बोल रंडी मुझसे बोल रही है तो उसका क्या? में काफ़ी देर तक उसकी गांड में उंगली करता रहा। फिर मैंने कहा चल तेल लगा अपनी पूरी बॉडी पर.. उसने तेल लगाया और मैंने कहा बेड पर लेट जा टाँगे खोलकर। बुआ टाँगे खोलकर लेट गई.. फिर उसने मेरा लंड पकड़ा और धीरे धीरे हिलाने लगी।

मैंने मुँह की तरफ इशारा किया तो उसने थोड़ा थोड़ा मुँह में लंड लिया और फिर थूक लगाने लगी। फिर में उसके उपर लेट गया और बूब्स चूसने लगा। हम दोनों को मज़ा आ रहा था.. फिर उसने मुझे बताया कि लंड कहाँ डालना है। पहली बार करते हुये मुझे दर्द तो बहुत हो रहा था लेकिन जब थूक लगाकर डाला तो ऐसा लगा कि बस जन्नत यहीं है। मैंने बुआ से कहा कि बुआ देखा में ग़लत नहीं था और आज मेरा बदला पूरा हुआ। वो हंसने लगी और हम सेक्स करते रहे.. वो ज़ोर ज़ोर से वो अपनी गांड हिला रही थी और फिर थोड़ी देर में में झड़ गया। उसकी गांड में अपना सारा वीर्य गिरा दिया। दोस्तों यह मेरा पहला अनुभव था ।।

धन्यवाद …