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भाभी और भैया का नौकर

प्रेषक : मनी ..

हैल्लो दोस्तों.. मेरा नाम मनी है और में पंजाब का रहने वाला हूँ.. मेरी उम्र 20 साल है। दोस्तों.. मुझे सेक्सी कहानियाँ पढ़ना बहुत अच्छा लगता है और में इस साईट पर कई सालों से सेक्सी कहानियाँ पढ़ रहा हूँ। में इस साईट का बहुत बड़ा फेन हूँ। आज में जो कहानी आप सभी को सुनाने जा रहा हूँ.. वो मेरे भैया और भाभी की है जो कि मेरे मामाजी के लड़के हैं। यह बात आज से लगभग दो साल पहले की है। में अपनी गर्मी की छुट्टियों में अपने मामा जी के घर गया था। वहाँ पर मामाजी, मामी और भैया, भाभी रहते है। भाभी के बारे में क्या बताऊँ? में तो शुरू से ही उनके साथ सेक्स करना चाहता था.. क्या फिगर है भाभी का? एकदम सेक्सी, पतली कमर, गदराया हुआ बदन.. उनकी हाईट 5.7 इंच है और उनके बड़े बड़े बूब्स का साइज़ 36 है और उनकी गांड 34 इंच की होगी और मुझे भाभी की गांड सबसे प्यारी लगती थी और भाभी भी अपने शरीर की बहुत देख रेख करती थी.. मुझे भाभी का शरीर एकदम सेक्सी लगता था।

दोस्तों.. अब में सीधे स्टोरी पर आता हूँ.. एक दिन में भाभी के रूम में बैठा टीवी देख रहा था और भाभी नहा रही थी और मेरी मामीजी ऊपर वाले कमरे में बैठी थी। तभी टीवी देखते देखते मेरी नज़र भाभी के सेंडल पर पड़ी और में सीधा ज़मीन पर लेटकर भाभी के सेंडल और हील्स के तलवे चाटने लग गया और में उनको सूंघ रहा था सच में मुझे बाड़ा मज़ा आया और करीब 10-15 मिनट तक में तलवे ही चाटता रहा और मुझे यह भी पता नहीं चला की भाभी कब नहाकर रूम में आ गई और उन्होंने मुझे ऐसा करते हुए देख लिया.. तो वो ज़ोर से चिल्लाई कि क्या कर रहे हो? में बहुत डर गया और में एक दो मिनट तक कुछ नहीं बोला तो भाभी ने फिर से बोला कि कुछ बोलोगे या नहीं? तो में चुप रहा और फिर भाभी ने कहा की रूको में मम्मा को बताती हूँ। यह सुनकर में रोने लग गया और मैंने भाभी के पैर पकड़ लिए। फिर उनसे सॉरी कहने लगा.. लेकिन भाभी मेरी एक भी नहीं सुन रही थी। मैंने भाभी के पैर नहीं छोड़े तो कुछ देर बाद भाभी ने बोला कि चलो कोई बात नहीं में किसी को कुछ नहीं बताती.. लेकिन जो में कहूंगी वो तुम्हें करना होगा? मैंने एकदम से हाँ कर दी। भाभी ने कहा कि तुम यह तलवे अच्छी तरह से चाटो और इन पर जो भी गंदगी लगी है उसे भी साफ करो।

तभी में भाभी के मुहं की तरफ देखने लगा तो उन्होंने मुझे इशारा किया और बोला कि जो मैंने कहा वो जल्दी से करो। मैंने कहा कि ठीक है और में अंदर ही अंदर बहुत खुश हो रहा था.. क्योंकि में अपनी भाभी का नौकर बन रहा था और वो मेरी मालकिन। मैंने सेंडल चाटकर साफ कर दिए तो भाभी ने कहा कि में अपनी अंडरवियर में जमीन पर लेट जाऊ। तो में लेट गया और भाभी ने अपनी सॅंडल पहनी और मेरे ऊपर खड़ी हो गई और मेरे खड़े लंड को अपने पैरों से मसलने लगी.. उस टाईम मेरी हालत बहुत खराब हो गई थी और में सिर्फ़ आहाह्ह्ह अहाह्ह्ह कर रहा था। फिर भाभी ने कहा कि खड़े हो कर मेरे पैर चाटो.. तो में अच्छी तरह से उनके पैर चाटने लगा और अब मेरी हिम्मत भी थोड़ी थोड़ी बढ़ रही थी। मैंने भाभी को कहा कि क्या में आपकी चूत भी चाट सकता हूँ? उन्होंने कहा कि कुत्ते कमीने क्या तू अपनी भाभी से ऐसे बात करेगा? तो मैंने फिर से सॉरी कहा.. तभी उन्होंने कहा कि आजा में तुझे चटवाती हूँ.. तू अब नीचे लेट जा। तो में नीचे जमीन पर लेट गया.. भाभी ने अपनी सलवार और पेंटी को नीचे सरकाया.. वाह क्या नज़ारा था? गोरी मोटी मोटी जांघे और उन पर एक भी बाल नहीं था। में तो जैसे जन्नत के नज़ारे ले रहा था और उनकी चूत पानी से गीली हो चुकी थी और चूत पर हल्के हल्के बाल थे। भाभी अभी मेरे सामने नंगी खड़ी थी.. में भाभी से कहने लगा कि भाभी प्लीज़ मुझे अपनी चूत टेस्ट करने दो.. तो उन्होंने बोला कि कुत्ते और भीख माँग में तुझे इतनी आसानी से चूत चाटने को नहीं दूंगी.. फिर में और भीख माँगने लगा.. उनके पैर चाटने लगा तो भाभी ने कहा कि चल ठीक है और फिर भाभी सीधे मेरे मुहं पर आ कर बैठ गई और चूत की जगह उन्होंने अपनी गांड मेरे मुहं पर रख दी.. मुझे बहुत अच्छा लग रहा था और में चाटने लग गया और भाभी आवाज़े निकालने लगी उफफफफफ्फ़ कुत्ते अच्छी तरह से चाट आहा हम्म अहहाा चाट और ज़ोर से चाट.. मैंने भी अपनी जीभ उनकी गांड के छेद में डाल दी और ज़ोर ज़ोर से चाटने लगा.. वो अब सातवें आसमान पर थी।

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वो मुझे बहुत गालियाँ दे रही थी और अपनी चूत में उंगली अंदर बाहर कर रही थी। 15 मिनट चाटने के बाद वो झड़ गई और अपना सारा पानी मेरे ऊपर गिरा दिया मैंने उनका सारा पानी पी लिया और फिर वो बोली कि चल कुत्ते आज के लिए बहुत हुआ और आज रात को 11 बजे मेरे रूम में आ जाना। मैंने कहा कि रात को तो रूम पर भैया भी मौजूद रहेंगे। उन्होंने कहा की तू टेंशन मत ले.. मैंने तुझसे जितना कहा है उतना कर। मैंने कहा कि ठीक है और भाभी की चूत को चाट चाटकर अच्छी तरह से साफ करके बाहर आ गया। फिर में बड़ी बेसब्री से रात के होने का इंतज़ार कर रहा था और जैसे ही रात के 11 बजे में उनके रूम में गया और जैसे ही मैंने रूम का दरवाजा खटखटाया तो अंदर से भाभी की आवाज आई कि अंदर चले आओ.. दरवाजा खुला है। मैंने दरवाजा खोला और जैसे ही अंदर जाकर देखा तो भाभी बेड पर लेटी हुई थी और भैया, भाभी की चूत को कुत्ते की तरह अपनी जीभ से चाट रहे थे। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर में रूम से बाहर आने लगा.. तो भाभी ने बोला कि अबे कुत्ते कहाँ चला? इधर आ जा तो में बहुत दंग रह गया और फिर भैया मुझे देखकर हंस रहे थे और में उनके पास गया और भैया, भाभी को देखने लगा। फिर भाभी बोली कि कुत्ते क्या वहाँ पर खड़ा ही रहेगा या कुछ काम भी करेगा? तो मैंने कहा कि जी हाँ.. जो आप कहो तो उन्होंने कहा कि चल अब जल्दी से अपने सारे कपड़े उतार। में भैया के कारण थोड़ा शरमा रहा था तो भैया ने भी बोला कि चल कोई बात नहीं उतार दे और जैसा तेरी भाभी बोल रही है.. तू वैसे ही कर और देख आज तुझे हम कैसे मज़े देते है। तभी में यह बात सुनकर दंग रह गया और अपने कपड़े उतार कर एक साईड पर खड़ा हो गया तो भाभी ने मेरा खड़ा लंड देखा.. लंड पूरा तनकर खड़ा था। भाभी ने भैया से बोला कि देखो तुमसे बड़ा लंड तो इसका है.. तो भैया ने बोला कि देर किस बात की है ले लो इसका भी लंड और दिखा दो इसको भी अपने नज़ारे। में उनकी यह बात सुनकर हैरान रह गया और वो दोंनो ऐसे बोलते हुए हंसने लगे। फिर भाभी ने कहा कि ठीक है.. लेकिन इतनी जल्दी नहीं और उन्होंने मुझसे कहा कि में भैया की गांड को चाटू। मैंने उनसे साफ मना कर दिया तो भाभी ने सीधे मेरी गांड पर ज़ोर से एक लात मारी और मुझे गलियाँ देने लगी। तभी में अपने आप को बिल्कुल मजबूर महसूस कर रहा था। मैंने कहा कि ठीक है और फिर में अपने भैया की गांड चाटने लगा और धीरे धीरे भैया भी अपनी गांड उठा उठाकर चटवा रहे थे और फिर कुछ समय बाद मुझे भी मज़ा आने लगा। तभी भाभी ने कहा कि उन्हें मेरा लंड टेस्ट करना है.. तो हम 69 पोज़िशन में आ गये में भाभी की चूत चाट रहा था और भाभी मेरा लंड और भैया बीच बीच में कभी भाभी के बूब्स चूस रहे थे।

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जैसे ही भाभी ने लंड मुहं में डाला वाह वो क्या अहसास था और वो लंड को काट भी रही थी.. तो मेरी चीख निकल रही थी और फिर 5 मिनट के बाद में झड़ गया और भाभी ने मेरा सारा वीर्य पी लिया और फिर से मेरा लंड मुहं में डालकर चूसने लगी जैसे ही लंड फिर से खड़ा हुआ उन्होंने कहा कि चल अब यह लंड मेरी चूत में डाल। मैंने कहा कि ठीक है और मैंने एक झटका मारा और अपना पूरा लंड भाभी की चूत में डाल दिया। तभी भाभी बहुत ज़ोर से चिल्लाई और बोली कि हरामी थोड़ा आराम से कर.. क्या मुझे मार ही देगा? तू रुक तुझे तो में अभी बताती हूँ और भाभी ने भैया को कहा कि वो अपना लंड मेरे मुहं में डाल दे। मैंने अपना मुहं खोलने से मना कर दिया.. लेकिन भाभी और भैया ने ज़बरदस्ती मेरे मुहं में लंड डाल दिया और भाभी मेरे लंड पर ऊपर नीचे उछल रही थी और भैया ने मेरे सर के बालों को पकड़कर पूरा लंड मेरे मुहं में अंदर तक डाल दिया.. जिससे मेरी साँसे रुक गई.. लेकिन कुछ टाईम बाद जाकर थोड़ा आराम हुआ और भैया का लंड अभी में अच्छी तरह से चूस रहा था और उधर भाभी अपने जलवे दिखा रही थी।

फिर जैसे ही लंड अंदर जाकर चूत की दीवार से टकराता तो भाभी लंड को अंदर ही जकड़ लेती भाभी बहुत बड़ी चुदक्कड़ है.. भाभी आवाज़े निकाल रही थी और मुझे गलियाँ भी दे रही थी। मैंने भाभी का ऐसा रूप पहली बार देखा था वो बोल रही थी और ज़ोर से चोद कुत्ते हरामी मदारचोद भोसड़ा बना दे मेरी चूत का और में उनको फुल स्पीड से चोद रहा था। उधर भैया ने 5 मिनट के बाद सारा वीर्य मेरे मुहं में डाल दिया.. तो मुझे बहुत गंदा लगा। में जैसे ही थूकने लगा तो भाभी ने मुझे किस करना शुरू कर दिया और बड़े ही आराम से सारा वीर्य मुझे पिला दिया.. लेकिन मुझे उस टाईम बहुत अच्छा लगा और फिर हम दोनों ने 5 मिनट तक किस किया और उधर मेरा भी वीर्य निकलने वाला था और भाभी भी दो बार झड़ गई थी। मैंने भाभी को पूछा कि कहाँ गिराऊँ? तो उन्होंने बोला कि मेरी चूत के अंदर ही डाल दे.. तो में अपना सारा वीर्य उनकी चूत के अंदर ही डाल दिया और भैया हम दोनों को देखकर अपना लंड मसल रहे थे।

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फिर भाभी जैसे ही उठी तो बोली कि चल अब मेरी चूत चाट चाटकर साफ कर में पहली बार अपना ही वीर्य टेस्ट कर रहा था। क्या चूत थी भाभी की एकदम मस्त और में चाट ही रहा था की पीछे से भैया ने अपना लंड मेरी गांड पर रख दिया और जैसे ही उनके लंड का टोपा मेरी गांड के अंदर गया तो मेरी चीख निकल गई.. तो भाभी ने मेरे मुहं पर हाथ रख दिया और मेरी आँखो से आंसू भी निकल गये। लेकिन वो दोंनो नहीं हटे और मेरी गांड मारते गये और कुछ टाईम बाद भाभी मेरे नीचे आ गई और मेरा लंड चूसने लगी और जैसे ही मेरा लंड फिर से तनकर खड़ा हो गया तो भाभी ने फिर से उसे अपनी चूत में डाल लिया और अब मुझमें बिल्कुल भी जान नहीं थी। जो भी कर रही थी वो भाभी ही कर रही थी वो अपनी गांड को उठा उठाकर मेरे लंड को अपनी चूत में आगे पीछे करने लगी। उधर भैया ने करीब 15 मिनट तक मेरी गांड मारी और अपना सारा वीर्य मेरी गांड में छोड़ दिया और भाभी अभी भी चूत में लंड अंदर बाहर कर रही थी। फिर कुछ देर बाद में भी झड़ गया.. लेकिन भाभी ने लंड को अपनी चूत से बाहर नहीं निकलने दिया और अंदर ही रहने दिया और जब मेरा सारा वीर्य भाभी की चूत के अंदर चला गया और लंड धीरे धीरे सिकुड़ कर अपने आप ही बाहर निकलने लगा।

तभी भैया आकर भाभी की चूत चाटने लगे और कुछ टाईम बाद भाभी खड़ी हुई और मेरे मुहं पर सूसू कर दिया में उनका सारा पेशाब पी गया। दोस्तों वो बहुत नमकीन था.. लेकिन मेरी चुदाई बहुत हॉट और स्वीट थी। फिर उस रात के बाद मैंने, भैया और भाभी ने लगातार तीन चार दिन तक सेक्स किया। फिर जब मुझे दिन में मौका मिलता तो में भाभी के कमरे में चला जाता और उनकी चूत चाटता और चुदाई भी करता.. उनके बूब्स चूसता और रात को हम तीनों एक साथ सेक्स करते थे। में जब तक वहाँ पर रहा हमारी चुदाई लगातार चलती रही भैया और भाभी ने मुझे चुदाई करना और गांड मरवाना सिखा दिया था.. वो मेरे काम से खुश थे और में उनके काम से ।।

धन्यवाद …