Beta ka first sex maa ke sath:- हेलो दोस्तों मैं कामिनी याद तो हूं न? इस बार मेरे एक रीडर की स्टोरी लेके आयी हूँ तो स्टोरी अब उसी की ज़ुबानी. हैलो मेरा नाम हरी है. ये स्टोरी मेरे पहले सेक्स की है जो मेरी माँ के साथ हुआ. मेरा इंट्रोडक्शन दे देता हूँ मेरे घर में हम 3 लोग है – मैं हरी 19 साल उम्र, लंड का साइज करीबन 7 इंच, मेरे पापा किशन उम्र 45 साल लंड ऑलमोस्ट सेम साइज़ 7 इंच, मेरी माँ अलिशा उम्र 42 साल फिगर 36-32-38. हमारी फॅमिली ओपन माइंडेड है. मैंने बहुत बार माँ-डैड की चुदाई देखि है इसलिए मुझे उनके साइज पता है.
Beta ka first sex maa ke sath

एक दिन मॉर्निंग में मेरी आँख खुली तो लंड फुल टाइट था, मॉर्निंग बौनर होता ही है न यार. मेरा मूड भी हो रहा था तो लंड बाहर निकाला और हिलाने लगा. 2 मिनट ही हुए होंगे की अचानक माँ ने दरवाज़ा खोला और सीधे अंदर आ गयी. हमारे घर में कोई डोर लॉक करके नहीं सोता. जैसे ही माँ आयी उनकी नज़र मेरे लंड पे पड़ी. मेरी नज़र उनपे पड़ी तो मैंने शर्मा के चादर लंड पे डाल दी. माँ हसने लगी और बोली-
माँ: इट्स ओके बेटा कोई बात नहीं. इट्स नार्मल. अब टाइम आ गया है तुम्हे सब कुछ अच्छे से सीखने का.
मैंने पुछा: क्या सीखने का माँ?
तो वो बोली: आज रात डिनर के बाद रेडी रहना सब पता चल जायेगा.
अब मैं बेसब्री से रात का वेट करने लगा. हम सब डिनर करने साथ ही बैठे. माँ मुझे देख के नॉटी स्माइल कर रही थी. डिनर खत्म होते ही पापा ने गिलास में व्हिस्की डालते करते हुए कहा
पापा – “हरी… आज तेरी माँ बहुत ख़ास लग रही है! है ना?”
मैंने देखा. सच में माँ आज ब्लैक सिल्क का एक व्रैप ड्रेस पहने थी जो उनके कर्व्स को बिलकुल टाइट व्रैप किये हुए था. नेकलाइन इतनी डीप थी की उनके दूध का ऊपरी हाफ साफ़ दिख रहा था, उनका शेप उनकी गोलाई. ड्रेस का बेल्ट बिलकुल कमर के पास बंधा था जिससे उनकी नैरो वैस्ट और वाइड हिप्स का कंट्रास्ट और भी ज़्यादा हाईलाइट हो रहा था. वो सोफे पर बैठी थी एक पैर ऊपर करके, ड्रेस थोड़ी सी ऊपर खींच गयी थी और मैं उनकी स्मूथ गोल्डन थाइस देखता रह गया.
माँ ने मेरी तरफ देखा एक धीमी सी स्माइल के साथ. उनकी आँखें कुछ कह रही थी.
“क्या देख रहा है इतनी गौर से बेटा?” माँ ने पुछा अपना गिलास उठाते हुए. उनकी उँगलियों का तरीका… लिप्स का हाथ से टच… सब कुछ इतना सेंसुअल था.
पापा ने मेरी साइड आ कर मेरे कंधे पर हाथ रखा. “हरी तुम दोनों बात करो. मैं थोड़ी देर के लिए स्टडी रूम में हूँ.” वो मुस्कुरा कर चले गए जैसे कोई सीक्रेट प्लान हो.
अब रूम में सिर्फ हम दोनों थे. माँ ने अपना ड्रिंक फिनिश किया और मेरे पास आ कर बैठ गयी. उनकी बॉडी की गर्मी और उनकी खुशबू… वो परफ्यूम मेरे दिमाग को चक्कर दे रहा था. “तुझे पता है हरी माँ ने कहा अपना हाथ मेरे जांघों पर रखते हुए “आज कल मैं जिम जा रही हूँ तुमने नोटिस किया?” उनका हाथ हल्का सा ऊपर स्लाइड हुआ. मैं सिर्फ हाँ में सर हिला सका. फिर उन्होने अपना व्रैप ड्रेस खोलना शुरू किया. पहले बेल्ट फिर धीरे… धीरे… ड्रेस के दोनों साइड्स. वो कुछ नहीं कह रही थी बस मुझे देखती रही. जब ड्रेस पूरा खुल गया तो वो एक ब्लैक लास ब्रा और मैचिंग पैंटी में थी. उनका बदन… यार… वो 42 की उम्र में भी किसी 25 साल की लड़की जैसा था. उनके दूध ब्रा में बिलकुल भरे हुए थे टाइट और राउंड. ब्रा के लास के थ्रू उनके निप्पल्स दिख रहे थे… हार्ड हो गए थे.
“कैसी लग रही हु?” उन्होने पुछा अपने आप को डिस्प्ले करते हुए.
“माँ… तुम… बहुत खूबसूरत हो मैं असहज होता हुआ बोला.
उन्होने हंस कर कहा “सिर्फ खूबसूरत? बेटा आज तुम बड़े हो गए हो. तुम समझ सकते हो एक औरत को.” उन्होने अपना हाथ उठाया और मेरे गाल पर फेर दिया.
फिर उन्होने मेरे लिप्स को अपने ऊँगली से टच किया. “तुझे पता है तेरे पापा को भी पसंद है की तुम मुझे appreciate करो.” ये सुन कर मेरा लंड पैंट में ही टाइट हो गया. माँ ने मेरी situation देखि और उनकी आँखें चमक उठी. उन्होने अपने हाथ से मेरे जीन्स के ऊपर लंड के उभार को टच किया. “हम्म… लगता है तुम्हे भी पसंद आ रही हु.”
Maa beta first sex experience
उन्होने मेरे सामने अपना cleavage कर दिया. धीर धीरे उन्होने मेरे जीन्स का बटन खोला ज़िप नीचे की. उनकी उँगलियाँ जैसे हर मूव में मज़ा ले रही थी. जब उन्होने मेरी अंडरवियर नीचे खींची तो मेरा लंड बाहर आया… बिलकुल टाइट. माँ ने उसको अपने दोनों हाथो में पकड़ लिया. “वाह बेटा… काफी बड़ा है तुम्हारा.” उन्होने अपना फेस क्लोज किया और अपने होंठो से मेरे लंड के टिप को छुआ. एक लाइट सी किश दी. उनकी सांस गरम थी और मेरे ऊपर आ रही थी. फिर उन्होने अपना माउथ खोला और धीरे से मेरे लंड को अंदर ले लिया. आह्ह्ह्ह… वो कितना गहरा चूस कर रही थी! उनकी जीभ मेरे लंड के नीचे वाले हिस्से को चाट रही थी जबकि वो ऊपर नीचे हो रही थी.
मैं मज़े मे सीईईईई कर उठा. उनकी आँखें ऊपर उठी मुझे देखती हुई… जैसे वो ये सब देखना चाहती थी की मैं कैसा फील कर रहा था. थोड़ी देर ब्लोजॉब के बाद वो उठी. “अब बेड पर चलो उन्होने कहा. वो मेरे बैडरूम की तरफ चल दी उनकी गांद चलते हुए स्विंग हो रही थी. उन्होने अपनी पैंटी उतार दी बेड पर लेट गयी अपने पैर फैला दिए. मैं उनके सामने खड़ा था उसे देख रहा था. उनकी चूत बिलकुल क्लीन थी थोड़ी सी हेयर थी और वो आलरेडी वेट थी… पिंक और ओपन हो रही थी.
“क्या इंतज़ार कर रहा है हरी?” उन्होने पुछा. “आजा… माँ के अंदर आजा.” मैं बेड पर गया उनके ऊपर पोजीशन लिया. माँ ने अपने दोनों हाथों से मेरे मुँह को पकड़ कर एक पैशनेट किश दी. उनकी जीभ मेरे मुँह में घुस गयी. फिर उन्होने अपना हाथ नीचे किया और मेरे लंड को पकड़ कर अपनी चूत के ओपनिंग पर रखा. “धीरे से डालना बेटा… पहली बार है उन्होने कहा लेकिन उनकी आँखें एक्साईटेड थी. मैंने अंदर डाला. आह्ह्ह! वो कितनी टाइट और गरम थी! माँ ने एक शार्प सांस ली और अपनी आँखें बंद कर ली.
मैं धीरे धीरे अंदर करने लग गया उन्होने अपनी टांगें मेरे कमर के अराउंड व्रैप कर ली. “आह्ह्ह हरी… बेटा… यस वो कर रही थी. मैंने धक्के लगाना शुरू किया. हर धक्के के साथ उनकी चूत का साउंड आता था. वो सिसकारियाँ भर रही थी, मेरे कान में बोल रही थी “और हार्ड बेटा… चोद अपनी माँ को चोद… तेरी माँ है वो. ”मैं ज़ोर से धक्के लगाने लगा. मेरा लंड उनकी गहराई में जा रहा था. मैं उनके दूध को दबोच कर किश करने लगा उनके निप्पल्स को अपने दांतों से हल्का सा काट कर. वो चिल्लाती हुई “हां! वहां भी!”
तभी दरवाज़ा खुला. पापा अंदर आये. वो कुछ नहीं बोले बस एक चेयर पर बैठ गए और हमें देखते रहे. उनकी आँखें प्राउड थी. माँ ने उनकी तरफ देखा और एक और ज़ोर की सिसकारी ली जैसे उनके लिए परफॉरमेंस दे रही हो. “किशन… देखो… हमारा बेटा… कैसे चोद रहा है मुझे!” माँ चिल्लाई. पापा ने मुस्कुराकर कहा “बहुत अच्छा बेटा. तेरी माँ को अच्छा फील करा. ”ये सुन कर मेरा कॉन्फिडेंस और बढ़ गया. मैं माँ को डोगी स्टाइल में टर्न करवा कर पीछे से चोदना शुरू किया. अब मैं उनकी गांड भी देख सकता था जो हर धक्के के साथ हिलती थी. मैं अपना एक हाथ आगे लेकर उनकी चूत को रब करने लगा। जब की दुसरे हाथ से उनके बाल पकड़ कर उनकी गांड की तरफ ज़ोर से धक्के मार रहा था. रूम की हवा सिसकारियों और स्लैपिंग साउंड्स से भर गयी थी. माँ बिलकुल वाइल्ड हो गयी थी. “हरी! मैं आ रही हु! आह्ह्ह्हह!” उन्होने चिल्ला कर अपना ओर्गास्म किया उनकी चूत टाइट हो कर मेरे लंड को स्क्वीज़ करने लगी. थोड़ी देर बाद मैं भी अपना लिमिट फील करने लगा. “माँ… मैं निकलने वाला हूं मैंने कहा. “अंदर निकाल बेटा पापा ने कहा. “अपनी माँ के अंदर ही निकाल.
”माँ ने भी हां कहा “हां बेटा… माँ के अंदर ही निकाल. सारा माल अंदर डाल दे. ”ये सुन कर मैं एक लास्ट ज़ोर का धक्का मारा और अपना गरम गरम माल माँ की चूत के अंदर रिलीज़ कर दिया. मैं उनके ऊपर गिर गया दोनों सांस ले रहे थे. पापा उठ कर आये उन्होंने हम दोनों पर हाथ फेर दिया. “बहुत अच्छा दोनों ने एन्जॉय किया. अब सो जाओ.” वो चले गए. माँ ने मुझे एक प्यार भरा किश दिया. “गुड नाइट बेटा. तुम बहुत अच्छे हो.” मैं उसे लेकर सो गया जैसे कोई सपना हो.
कैसी लगी स्टोरी फ्रेंड्स अपना फीडबैक ज़रूर देना और कुछ गलती हो तो माफ़ कर देना.
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