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बरसों पुरानी प्यास अब बुझी

थोड़ी सी परेशान हु; कि आप से ये बात करू के नहीं; काफी पुरानी बात है, जो मेरे सीने मे दफ़न हो चुकी है और मै उसे अपनी एक भूल समझकर भूल चुकी हु | तब मै एक स्कूल मे पढ़ाती थी और मेरी क्लास मे काफी बड़े-बड़े लड़के थे | मेरी क्लास मे सब बदमाश लड़के थे और तब मेरी उम्र भी कोई ३५ साल की होगी | मै अपने कॉलेज के दिनों से ही पटाखा माल थी और कॉलेज मे मेरे काफी दीवाने थे | लेकिन, मेरी शादी के बाद मेरी जिन्दगी ने ऐसे करवट ली, कि मैने जिन्दगी के सारे रंगों को भुला दिया | मेरी शादी के कुछ ही दिनों बाद मेरे पति गुज़र गये और मै अकेले हो गयी | मेरे जेठ जी मेरी खूबसूरती पर मेरी शादी के बाद से फ़िदा थे और उनके जाने के बाद तो मुझे भूखे शेरो की तरफ घूरते थे, हर समय मेरे जिस्म से खेलने की फिराक मे रहते थे |

मैने ये सब उनकी पत्नी को बता दिया और अपने लिए दुसरे शहर मे नौकरी ढूंढ़ ली |मुझे के स्कूल मे टीचर की नौकरी मिल गयी और मैने उस शहर मे शिफ्ट कर लिया | स्कूल वालो ने ही मुझे एक २ बेडरूम फ्लैट रहने के लिए दे दिया | फ्लैट स्कूल कैम्पस मे ही था, तो मुझे कभी किसी चीज़ की परेशानी नहीं होती थी | स्कूल का फर्स्ट टर्म था, मेरी काफी मेहनत के बावजूद एक लड़का पेपर मे फेल हो गया | वो स्कूल के टीम का कप्तान था; लेकिन पढना भी जरुरी था | उसका शरीर किसी नौजवान की तरह बलिष्ठ था और सारे स्कूल की लड्किया उस पर फ़िदा होती थी; लेकिन, मुझे नहीं मालूम था, कि उसकी नज़रे मेरे शरीर पर टिकी हुई है | उसका भविष्य ना ख़राब हो, उसके लिए मैने उसको स्कूल के बाद घर पर बुलाना शुरू कर दिया | मेरे पास स्कूल के बाद ज्यादा समय नहीं होता था, तो मैने घर के काम और जिम उसको पढ़ाते हुए करती थी | कुछ दिन सब ठीक चलता रहा, उसमे काफी सुधार भी आया |फ्रेंडशिप डे वाले दिन, वो मेरे लिए फूल लाया, मुझे काफी अच्छा लगा और मैने उसके गाल पर एक प्यार भरा तामचा लगा दिया | उस दिन शायद उसने मेरी उस हरकत को कुछ गलत ले लिया और उसने मेरा हाथ पकड़कर चूम लिया | मुझे उसकी हरकत का कुछ समझ नहीं आया और मैने उसको कुछ नहीं बोला |

उसकी हिम्मत और बड़ गयी | अगले दिन, जब मै जिम कर रही थी, तो वो मेरे पीछे आया और मेरे शरीर को पकड़कर मुझे कसरत करने का सही तरीका समझाने लगा | उस वक़्त उसने मेरे चूचो को छुकर और दबाकर मेरी पूरी मोटाई नाप ली और मेरी जांघो को भी नाप लिया | मुझे उसदिन कुछ अजीब सा महसूस हुआ और मैने उसको घर वापस भेज दिया | उसने उसने मैने मरे हुए अरमानो को जिन्दा कर दिया था और काफी समय बाद मैने एक प्यास भरा मर्दाना स्पर्श अपने शरीर पर महसूस किया था | मेरा दिल किसी काम मे नहीं लगा और मैने अपने कंप्यूटर पर एक ब्लूफिल्म देखनी शुरू कर दी | उसदिन मैने पहली बार अपने चूचो को मस्त अंदाज़ मे अपने हाथ मे लिया, दबाया और उनका रस चूसने की कोशिश की | फिर, मैने अपनी उंगलियों से अपनी चूत की जगी हुई प्यास को शांत किया |अगले दिन वो जब मेरे घर आया, तो मै जिम कर रही थी और वो पढाई छोड़कर मेरे पास आ गया | उस दिन, मैने भी उसे नहीं रोका और वो मेरे पीछे आकर मेरे चूचो को पकड़ने लगा | उसने अपनी हाथ मेरे चूचो के इर्द-गिर्द फस लिए और उसको दबाने लगा; मेरे मुह से भी कामुक सिसिकिया निकलने लगी | ये सब देखकर उसकी थोड़ी सी हिम्मत बड़ी और उसने अपने होठो को मेरी गर्दन पर रख दिया और मेरे शरीर को चूमना और चाटना शुरू कर दिया | मै अभी भी उसके हाथो मे थी और मेरा शरीर मस्ती मे कसमसा रहा था | अब मुझ से खड़ा नहीं हुआ जा रहा था, तो मै जमीन पर बैठ गयी और जमीन पर लेट गयी |

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वो बंदा मेरे ऊपर आ गया और उसने मेरी गर्दन को चाटना जारी रखा और फिर उसने अपना पूरा शरीर मेरे शरीर पर डाल दिया और मेरे होठो को अपने होठो के बीच मे दबा लिया और चूसने लगा | उसने अपनी पूरी जीभ मेरे मुह के अन्दर डाल दी और मेरे मुह को चूसने लगा | इतना मज़ा तो तो कभी मेरे पति ने भी मुझे नहीं दिया थे | मेरे हाथो ने अपने आप ही उसकी शर्ट के बटन खोलने शुरू कर दिये और उसकी शर्ट को उतार फेका | उसका लंड उसकी पेंट को फाड़कर मेरी चूत मे घुसना को बेताब था और मेरी चूत मे खुजली हो रही थी और पानी ने भी रिसना शुरू कर दिया था |उसने जल्दी से अपने और मेरे कपडे उतार फेके और मेरे ऊपर लेट गया | मै पूरी तरह गरम हो चुकी थी और अपनी सालो की प्यास बुझना चाहती थी | मैने उसको धक्का दिया और उसके ऊपर चढ़ बैठी | मैने अपने होठो को उसके शरीर पर रगड़ना शुरू कर कर दिया और अपने होठो और जीभ की प्यास को बुझाने लगी | मेरे उसके पुरे शरीर को चाट डाला और अपनी लार से गीला कर दिया | फिर, मैने उसके लंड को अपने हाथो मे लेकर उससे खेलना शुरू कर दिया | मैने किसी ललचाये बच्चे की तरह उसके लंड से खेल रही थी और खेलते हुए मैने उसके लंड को पाने मुह मे ले लिया | उसका शरीर मस्ती मे मचलने लगा और उसकी गांड ऊपर उठने लगी |

मुझे लगने लगा था, कि वो ज्यादा देर तक कामक्रीडा को झेल नहीं पायेगा, तो मैने उसके लंड को अपने मुह से निकाल लिया और अपने चूत को पाने हाथ से खोलकर उसके लंड के ऊपर रख दी | मैने अपनी गांड को हिलहिलकर उसके अपनी चूत को रगड़ने शुरू किया और उसके लंड को उकसाना शुरू कर कर दिया |उसका लंड काफी गीला हो चुका था, मैने अपनी चूत को एक झटके के साथ ही पूरा उसके लंड के ऊपर रख दिया और अपने आप को नीचे की और धक्का देने लगी | मेरी चूत भी काफी सालो बाद लंड घुसवा रही थी, तो उसके दीवारे सुख चुकी थी | उसका लंड मेरी चूत मे जाकर चिपक गया था और उसकी सारी खाल नीचे हो गयी और उसके मुह से चीख निकल गयी |
दो ही झटको मे, मैने अपने चूत की दीवारों पर एक गरम धार महसूस की | वो लड़का झड चुका था और उसका लंड सुकड़कर मेरी चूत मे किसी मूंगफली के दाने जितना छोटा हो चुका था | उसके साथ-साथ मेरी चूत ने भी पानी छोड़ दिया था और उसके बगल मे गिर पड़ी | उस दिन मेरे बरसो की काम पिप्सा शांत हो गयी |मैने थोड़ी देर उसके लंड से और खेला और फिर उसको घर वापस भेज दिया | उस दिन मै पुरे दिन और रात नंगी घुमती रही और अपने अंगो को छुकर मज़ा लेती रही | लेकिन, साथ-साथ मैने ये भी सोचा, कि वो एक बच्चा है और मुझे उसके साथ सेक्स सम्भोग शोभा नहीं देता | फिर, मैने स्कूल के मनेजमेंट से अपना तबादला करवा लिया और अपने लिए एक हम उम्र साथी के तलाश शुरू कर दी | मै आज तक बहुत मर्दों के साथ सोई हु, लेकिन मुझे आज भी एक साथी की तलाश है | क्या, आप मुझे पसंद आयेंगे?

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