जीजू की बहन को रंडी की तरह चोदा

Jiju ki bahan ki chudai kahani:- दोस्तो, मेरा नाम विशाल है और मैं पंजाब का रहने वाला हूँ। मैं एक एवरेज बिल्ड का हूँ और मेरा लंड सात इंच का है। मेरी स्टोरी पर जरूर कमेंट कीजिएगा

दोस्तो मैं पंजाब का रहने वाला हूँ और मेरी दीदी की शादी दिल्ली में हुई है। जीजू ने मुझे भी जॉब के लिए यहीं पर बुला लिया था। मैं उन्हीं के घर में उनके साथ रहता था। उसी दौरान उनकी बड़ी बहन पूजा और उसके पति के बीच कुछ अनबन हुई थी इसलिए वो भी वहीं पर रहती थी। अब घर में मेरी दीदी, जीजू, उनके मम्मी-पापा, मैं और पूजा रहते थे।

Jiju ki bahan ki chudai hindi sex kahani

आपको पूजा के बारे में बता दूँ, वो तैंतीस साल की कमाल की सेक्सी लेडी है। उसके बूब्स अड़तीस के हैं और उसकी गाँड देखकर कई लोगों ने मुठ मारी होगी। वो हमेशा डीप गले के सूट पहनती थी। उसे देखकर मैंने कई बार उसके नाम की मुठ मारी पर कभी भी उसे चोदने का प्लान नहीं बनाया।

उन दिनों मैं जॉब ढूँढ रहा था और गर्मियों के दिन थे। जीजू और उनके पापा सुबह काम पर चले जाते थे और उनकी मम्मी भी कहीं कहानी चली जाती थीं। घर में दीदी और पूजा होते थे। मैं पूजा को भी बड़ी दीदी कहता था। एक दिन मैंने पूजा को कपड़े बदलते हुए देखा। दोस्तो क्या बताऊँ, मैं तो पागल हो गया। उसके मस्त बूब्स को वो दबा रही थी, उसकी क्लीन चूत में उँगली कर रही थी। बाहर खड़ा मैं दो बार मुठ मार चुका था। वो कपड़े पहनकर बाहर आई। मैं बाथरूम में मुठ मारने चला गया। मैं अंदर जाकर पूजा का नाम लेकर मुठ मार रहा था।

मुझे लगा शायद किसी ने मुझे देखा है। मैं बाहर आया। रात को लाइट गई हुई थी। हम तीनों बाहर बालकनी में बैठे थे। अचानक पूजा ने अपना पैर मेरे पैर के ऊपर रख दिया और धीरे-धीरे अपना पैर ऊपर मेरी टाँग पर करने लगी। मैं समझ गया कि सुबह इसने मुझे देख लिया था।

इतने में लाइट आ गई और उसने अपना पैर हटा लिया। नेक्स्ट डे मुझे कुछ काम के लिए मार्केट जाना था। पूजा ने कहा—

पूजा: मुझे भी कुछ काम है। मैं भी चलती हूँ।

हम दोनों मार्केट से वापस आ रहे थे। उसने कहा—

पूजा: चलो मेट्रो से चलते हैं।

मेट्रो में काफी भीड़ थी। वो मेरे आगे खड़ी थी। भीड़ की वजह से हम दोनों एक-दूसरे से चिपके खड़े थे और मेरा लंड उसकी गाँड के ऊपर ताना हुआ था। मुझसे रहा नहीं गया और मैंने धीरे-धीरे उसकी गाँड पर धक्के मारने शुरू कर दिए। वो कुछ नहीं बोली। मेरी हिम्मत बढ़ गई और मैंने उसकी कमर पर हाथ रख दिया और धीरे-धीरे हाथ उसकी चूत पर ले गया। उसने मेरा हाथ पकड़ लिया।

पूजा: यहाँ नहीं।

फिर थोड़ी देर बाद मैं झड़ गया। वो मेरी तरफ देखकर बोली—

पूजा: क्या हुआ? रुका क्यों?

मैंने जवाब दिया—

मै: हो गया।

तो वो हँस पड़ी।

हम घर पहुँचे और मैं नहाने चला गया। वापस आया तो वो दीदी को बता रही थी—

पूजा: आज तो विशाल को बहुत मजा आया।

मैंने कहा—

मै: बड़ी दीदी को नहीं आया क्या?

उसने कहा—

पूजा: उतना नहीं जितना तुम्हें।

अब मैं उसे चोदने का मौका ढूँढ रहा था। आते-जाते मैं उसके बूब्स दबा देता था या कभी किस कर लेता था पर चोदने का मौका नहीं मिल पा रहा था।

एक दिन जीजू के चाचा की बेटी की शादी थी। हम सब वहाँ गए थे। मैंने पूजा से कहा—

मै: आज मौका अच्छा है। चलो घर चलते हैं।

उसने कहा—

पूजा: वो क्या कहकर जाएगी?

और उसने मना कर दिया। और वहाँ से ये कहकर आ गया कि सुबह मुझे इंटरव्यू पर जाना है। घर पहुँचकर मैं उदास था कि आज का मौका भी चला गया। इतने में ही डोरबेल बजी। मैंने गेट खोला तो सामने पूजा खड़ी थी। वो अंदर आई और बोली—

पूजा: मैंने तबीयत खराब होने का बहाना बना दिया।

मैं खुशी से पागल हो गया और उसे चूमने लगा। उसने कहा—

पूजा: रुको। मैं कपड़े बदल के आती हूँ।

वो अंदर गई और कुछ देर बाद वापस आई तो वो एक नाइटी में थी। मैं पागलों की तरह उसके ऊपर टूट पड़ा और उसे स्मूच करने लगा। वो भी मेरा साथ दे रही थी। मैंने उसकी नाइटी उतार दी। नीचे उसने ब्रा नहीं पहनी थी।

मैं उसके बूब्स के ऊपर टूट पड़ा और उसे चूसने लगा। उसने कहा—

पूजा: क्या पागल हो गए हो?

मै: बहन की लोड़ी! कब से इसे चूसने का मौका ढूँढ रहा था। आज मिला है। आज तो तुझे रंडी बनाऊँगा।

पूजा: बना दे मुझे रंडी हरामजादे। मैं भी कब से चुदी नहीं हूँ। मैं भी प्यासी हूँ।

कुछ देर उसके बूब्स चूसने के बाद मैंने उसकी पैंटी उतारी और उसकी चूत चाटने लगा। वो सिसकियाँ भर रही थी। उसने कहा—

पूजा: अब और मत तड़पा और मुझे चोद दे।

फिर मैंने अपने कपड़े उतारे और मेरे लंड को देखकर वो पागल हो गई। उसने कहा—

पूजा: उसने बहुत दिनों बाद सात इंच का लंड देखा है। वो उसे चूसना चाहती थी।

मैंने हाँ कर दी। लगभग वो दस मिनट तक चूसती रही और मेरा पानी उसके मुँह में ही निकल गया। उसने बताया कि उसका पति उसे चोद नहीं पाता था। उसका लंड भी पाँच इंच का है और महीने में दो या तीन बार ही चोद पाता है। इसीलिए उसकी लड़ाई हुई थी।

अब कुछ देर के फोरप्ले के बाद मैं फिर से रेडी हुआ तो मैंने उसकी चूत के ऊपर अपने लंड को सेट किया। पहले धक्के मारने के बाद लंड अंदर नहीं जा पाया। उसने कहा—

पूजा: बहुत दिनों से वो चुदी नहीं है इसलिए थोड़ी दिक्कत होगी।

मैंने फिर कोशिश की तो लंड थोड़ा सा अंदर गया पर पूजा की चीख निकल गई। मैंने उसे स्मूच किया और उसका मुँह बंद किया। वो मुझे रुकने के लिए कहने लगी। थोड़ी देर जब वो नॉर्मल हुई तो मैंने फिर धक्का मारा और पूरा लंड अंदर डाल दिया। वो दर्द के मारे रोने लगी और मुझे रुकने के लिए बोली।

थोड़ी देर बाद मैं फिर शुरू हुआ और धक्के मारने शुरू कर दिए। अब वो भी मेरा साथ दे रही थी। वो बोल रही थी—

पूजा: फाड़ दे मेरी चूत। आज बना दे मुझे रंडी।

और मैं पागलों की तरह उसके ऊपर धक्के मार रहा था। थोड़ी देर बाद हम दोनों झड़ गए। उसने मुझे प्यार से किस किया और कहा—

पूजा: आज से तुम ही मेरे पति हो।

और उस रात हमने तीन बार चुदाई की।

फिर अक्सर हम मौका मिलने पर चुदाई करते रहे। आज दो साल हो गए। मैं दिल्ली में अपना घर ले लिया है और वो भी अपने पति के पास वापस चली गई है। पर आज भी हम हफ्ते में एक बार जरूर मिलते हैं।

मेरी स्टोरी पर कमेंट जरूर कीजिएगा।

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