Dost ki maa ki chudai xxx story:- हैलो दोस्तों मेरा नाम राजीव है. वैसे तो मैंने अपनी गली की बहुत सी भाभियों को चोदा है. उनमे से एक कावेरी भी थी. उसके बारे में मैं कभी और बताऊंगा. अब आते है कहानी की तरफ. ये कहानी तब की है जब मैं 25 साल का था. मैं और गौरव बहुत जिगरी दोस्त थे. लेकिन उसके घर वाले मुझसे नफरत करते थे. क्यूंकि मैं गली में आवारा हूं ऐसी लोगों के बीच में बातें होती थी. इसी वजह से गौरव के घर वाले मुझे पसंद नहीं करते थे. ख़ास करके उसकी माँ मीरा.
Dost ki maa ki chudai xxx story
एक दिन सवेरे के वक़्त मैं गौरव के घर में गौरव से मिलने चला गया. लेकिन कई बार आवाज़ देने के बावजूद जब गौरव बाहर नहीं आया तब मैं ही उसके घर के अंदर चला गया. उसके घर के अंदर जाने के बाद मुझे बाथरूम से कपडे धोने जैसी आवाज़ आ रही थी. इसलिए मैं बाथरूम की तरफ बढ़ा, ये देखने की वहाँ पर कौन था तब मुझे साक्षात गौरव की माँ मीरा के दर्शन हुए. उन्होंने अपनी साड़ी अपनी जाँघों के ऊपर तक कर रखी थी. अपना पल्लू उन्होंने कमर पर बाँध रखा था और उनके ब्लाउज के ऊपर के दो बटन खुले थे. इसकी वजह से उनके दोनों पके हुए आम ऑलमोस्ट बाहर झूल रहे थे.
वैसे गौरव की माँ शरीर से पतली और गोरी थी लेकिन दिखने में इतनी ख़ास नहीं थी. लेकिन जब उसके दोनों आम के दर्शन हो गए तो मेरा लंड सलामी देने लगा. अचानक मीरा की नज़र मुझ पर पड़ी और वो मुझे गुस्से से देखते हुए बोली-
मीरा: यहाँ क्या कर रहा है तू?
तब मैंने कहा: मैं गौरव से मिलने आया हु.
तो उसने कहा: वो घर पर नहीं है, तू यहाँ से निकाल जा और मेरे बेटे से मिलना-जुलना बंद कर दे.
मैंने कहा: क्या हुआ आंटी मैंने ऐसा क्या गलत कर दिया की आप गौरव से मुझे मिलने को मना कर रही है?
तब मीरा ने कहा: मुझे पता है तू कैसा है और तेरी सांगत में मेरा बेटा भी बिगड़ जायेगा.
मैंने उनसे कहा: आंटी मैंने ऐसा क्या किया जो आप मुझे गौरव से मिलने से मना कर रही है? मैं तो बहुत शरीफ लड़का हु.
तब उन्होंने कहा: तू कितना शरीफ है ये मैं जानती हूँ तू मुझे मत बता! तेरी सारी करतूत मैं अच्छे से जानती हूँ, मुझे कावेरी ने सब बता दिया है.
मैं थोड़ी टेंशन में आ गया और ये सोचने लगा की कावेरी ने क्या बताया होगा. फिर यही सोचते-सोचते मैं उनके घर से बाहर निकल गया. अब बारी कावेरी की थी. मैं सीधे कावेरी के घर पहुँच गया और कावेरी से पुछा-
मैं: तूने गौरव की माँ को ऐसा क्या बता दिया की वो मुझ पे भड़क रही है?
तब कावेरी ने कहा: मैंने तो आंटी से कुछ नहीं कहा.
तब मैंने उससे कहा: तब आंटी ऐसा क्यों कह रही थी की कावेरी ने मुझे सब बता दिया है? कावेरी तेरी मैं चुदाई करता हूं ये बात तेरे अलावा किसी को पता तो नहीं? अगर ये बात आंटी को पता है तो उसे तूने ही बताया होगा.
वो पहले ना कर रही थी इस बात पे. लेकिन मेरे ज़ोर देने के बाद उसने सब सच बता दिया-
कावेरी: हां मैंने ही आंटी को हमारी चुदाई के बारे में बताया.
तब मैंने कावेरी से पुछा: आंटी और तेरी उम्र में काफी अंतर है. तो तूने उन्हें कैसे बताया?
तब एक राज़ कावेरी ने मुझे बताया: आंटी गौरव के बाप से शादी के बाद से ज़्यादा खुश नहीं रहती थी. लेकिन उन्होंने कभी भी किसी दुसरे मर्द की तरफ देखा भी नहीं. लेकिन एक बार मैंने मीरा को मोबाइल पर पोर्न देखते हुए पकड़ लिया था और फिर बातों ही बातों में आंटी ने अपनी सारी कहानी बता दी.
कावेरी: और राजीव तू तो ये जानता ही है की मुझे लंड के साथ चूत भी पसंद है. तो मैंने मौका देख कर आंटी के कंधो पर होंठो पर और गर्दन पर हाथ फेरना शुरू कर दिया. इसकी वजह से आंटी गरम हो गयी और मेरे साथ चूत से चूत घिसते हुए एक हो गयी. फिर उसके बाद कम से कम 1 साल से हम दोनों के बीच में ये सब चल रहा है. ये सब जान कर मैं हैरान हो गया की ये 55 साल की बुढ़िया आज भी अपने चूत से रस निकाल रही थी. Dost ki maa ki chudai xxx story
तब मैंने कावेरी से कहा- मैं: कावेरी मुझे किसी भी हालत मे मीरा चाहिए.
तब कावेरी ने कहा: वो तो तुम्हारे दोस्त की माँ है. तुम उसे कैसे चोद सकते हो? ये पाप है.
तब मैंने कहा: जब तू अपनी चूत से उसके चूत पर रगड़ती है तब वो पाप नहीं है?
ये कह कर मैंने अपना लंड कावेरी के मुँह में दे दिया और कावेरी से कहा-
मैं: देख कावेरी मुझे किसी भी हालत में मीरा की चूत चखनी है और उसमे तू मेरी मदद कर.
तब कावेरी ने कहा: मैं कैसे मदद करू?
मैंने उससे कहा: वो जब अगली बार तेरे पास आएगी तब तू चुपके से वीडियो बना लेना.
तब कावेरी ने मेरा लंड अपने मुँह से निकालते हुए कहा: मैं ये सब क्यों करू? मैं ऐसा नहीं करुँगी.
फिर मैंने कावेरी को लिटाते हुए उसकी साड़ी उसकी कमर तक ले आया और उसकी पैंटी निकाल कर उसकी चूत में मेरा लंड डालते हुए कहा-
मैं: देख रंडी तेरी कई वीडियोस मेरे साथ वाली मेरे पास है. अगर तूने मेरी बात नहीं मानी तो ये सब वीडियोस तेरे ससुराल और तेरे पति के पास भेज दूंगा.
तब वो डरते हुए बोली: क्या तुम मुझे ब्लैकमेल कर रहे हो?
मैंने कहा: नहीं तो पगली मैं तो बस चूत की मांग कर रहा हु.
तब उसने कहा: ठीक है मैं कर दूँगी. लेकिन आंटी की चूत मिलने के बाद मेरी चूत को भूलना नहीं.
मैंने उसकी दोनों टांगो को अपने कंधे पर रख कर झुकते हुए मेरे लंड से उसकी चूत पर दना-दन झटके मारते हुए कहा-
मैं: मेरी जान नहीं भूलूंगा तुझे.
और ऐसा कह कर मैंने अपना पूरा पानी उसकी चूत में निकाल दिया. मैं बार-बार गौरव की माँ नहीं कहूंगा. उनकी जगह उनके नाम का इस्तेमाल करूँगा “मीरा”.
एक्चुअली जब मैंने मीरा को उन्ही के घर पर कपडे धोते हुए देखा था और उनके पके हुए मम्मो को ब्लाउज से आधे बाहर लटकते हुए देखा. तब मेरा लंड सनसनाते हुए खड़ा हो गया था. मैं उन्हें चोदने के लिए पागल हो गया था. इस काम में मेरी मदद की थी कावेरी भाभी ने जिसे मैं अक्सर चोदा करता था. कावेरी की ज़ोरदार चुदाई करने के बाद कावेरी ने मुझे वो वीडियो दे दी थी जिसमे मीरा और कावेरी लेस्बियन सेक्स कर रहे थे. मैंने वो वीडियो अपने मोबाइल पर ले लिया और कावेरी के मोबाइल से डिलीट कर दिया.
शाम को घर आते-आते यही सोच रहा था की कल सुबह कब मैं मीरा के पास पहुंचूंगा और कब उनकी टांगो को फैला कर अपने लंड को उनकी चूत में डालूंगा. वो रात बहुत मुश्किलों से कटी. नींद ही नहीं आ रही थी. कल के ख्यालों में खोया था की किस तरह मैं मीरा की चूत का बाजा बजाऊंगा. सुबह 4 के आस-पास मेरी आँख लग गयी और जब मैं सो कर उठा तब सुबह के 10:30 बज रहे थे. मैं जल्दी से उठ कर नहा-धो कर थोड़ा बहुत नाश्ता करते हुए गौरव के घर की और बढ़ चला.
रास्ते में मेडिकल स्टोर पर जाते हुए मैंने कंडोम लेने का प्लान किया. मेडिकल में जाते ही अचानक मेरे दिमाग में ख़याल आया की चमड़ी से चमड़ी घिसने का जो मज़ा है वो कंडोम में नहीं है. तो मैं बिना कंडोम लिए ही गौरव के घर के और चल दिया. 5 मिनट्स बाद मैं उनके घर पहुँच गया. मुझे पता था इस वक़्त उनके घर पर कोई नहीं होता है. क्यूंकि गौरव और उसका बाप सुबह 10 बजे निकल जाते है काम पर, जो शाम को 6-7 बजे तक लौट आते है और गौरव की एक मौसेरी बहन अर्चना है वो भी कॉलेज के लिए निकल जाती है.
तो इस वक़्त उनके घर पर कोई नहीं होगा ये सोच कर मैंने उनके घर की बेल्ल बजा दी. दो-तीन बार बेल्ल बजायी लेकिन किसी ने दरवाज़ा नहीं खोला. जैसे ही चौथी बार मैंने बेल्ल बजने की कोशिश की मीरा ने दरवाज़ा खोल दिया. मुझे लग रहा था वो किचन में कुछ काम कर रही थी, इसलिए उनका चेहरा पूरी तरीके से पसीने में भीगा हुआ था और साड़ी अस्त-व्यस्त थी. मुझे देखते ही वो भड़क गयी और मुझसे कहा-
मीरा: तू इधर क्यों आया है? तेरा क्या काम है यहाँ? और तुझसे मैंने 10 बार कहा है की मेरे बेटे से तू दूर रहा कर.
तब मैंने उनसे कहा: मैं उसी सिलसिले में आप से बात करने आया हूँ आप बुरा न मानिये मेरी भी बात समझिये. गौरव मेरा दोस्त है. मैं उसे छोड़ तो नहीं सकता. हां लेकिन कुछ काम ज़रूर कर सकता हूं जो आपके फायदे का होगा.
तब उन्होंने कहा: क्या फ़ायदा होगा मेरा?
मैंने कहा: ये सब बातें मैं अब दरवाज़े पर तो नहीं कर सकता. कम से कम अंदर तो बुलाइये.
तो उन्होंने न चाहते हुए भी मुझे घर के अंदर ले लिया और मुझसे कहा: बको क्या बकना है तुम्हे.
मैंने उनसे कहा: एक ग्लास पानी तो पिलाइये बहुत प्यासा हु.
तब वो मेरी तरफ एक गुस्से से भरी नज़र डालते हुए किचन की और चली गयी और एक ग्लास पानी ला कर मुझे दे दिया.
फिर मुझसे कहा: जल्दी पियो और क्या बात है कहो और यहाँ से निकल जाओ. मुझे बहुत से काम पड़े है. मैं तेरी तरह फ़ालतू नहीं हु.
तब मैंने उनसे कहा: मैंने ऐसी कौन सी फ़ालतू-गिरी कर दी जो आप मुझसे इतनी नाराज़ है?
तब उन्होंने कहा: मुझे तेरे बारे में सब पता है. तू ज़्यादा स्मार्ट मत बन.
जब मैंने देखा की वो मेरी किसी भी बात को सुनने को तैयार नहीं थी, तब मैंने अपना खेल खेलना शुरू कर दिया.
मैंने उनसे सीधे कहा: देख मीरा तू क्या करती है ये मैं भी जानता हूं और तू कितनी शरीफ है इसका सबूत है मेरे पास.
जब मीरा ने मेरी ज़ुबान से उनका नाम सुना तो उसने गुस्से से मेरा कलर पकड़ के कहा-
मीरा: साले भड़वे. तू मेरा नाम कैसे ले सकता है? तू मुझे अपने दोस्त की माँ कहता है और मेरा नाम भी लेता है. तुझे शर्म भी नहीं आती है.
तब मैंने उनसे कहा: शर्म ही अब कुछ देर का ही बचा है. अब मैं बताता हूं आपको की मैं क्या चीज़ हु.
तब उन्होंने मुझसे कहा: तू क्या बताएगा मुझे मादरचोद. मेरे घर से निकल जा वरना गौरव के बाप को बोल कर तेरी ठुकाई करवा दूँगी.
तब मैंने उनसे कहा: देख मीरा मेरी ठुकाई होगी या नहीं होगी मुझे ये पता नहीं. लेकिन तेरी आज मैं ठुकाई करके जाऊंगा.
जैसे ही मैंने ये कहा उन्होंने एक कस कर झापड़ मेरे गाल पर मार दिया और कहा-
मीरा: अबे रंडी की औलाद ये क्या कह रहा है तू? तू मेरी ठुकाई करेगा! आज गौरव को आने दे. मैं उसे सब सच बता दूँगी की तूने मुझसे किस तरीके से बदतमीज़ी की.
मैं: जो भी बताना है बता देना. लेकिन उसके पहले मुझे कुछ दिखाना है वो तो देख ले.
उसने कहा: मुझे कुछ नहीं देखना है. तुम यहाँ से चले जाओ वरना आज तू कुत्ते की मौत मरेगा.
तब मैंने बिना शर्माए बिंदास हो कर उनसे कहा: देख मीरा आज तेरी ठुकाई मैं बहुत ज़बरदस्त करने वाला हूँ तेरी चूत ने कभी ऐसा लंड नहीं लिया होगा जो आज मैं तेरी चूत में डालने वाला हु.
और ये सब मेरे मुँह से सुन कर उन्होंने एक ज़ोरदार तमाचा मेरे गाल पर मारा और मुझे धकेलते हुए कहा-
मीरा: निकाल जा भड़वे. आज तू सच में मरेगा.
तब मैंने उनसे कहा: मुझे मारना है तो मार दो. लेकिन एक ये वीडियो तो देख ले जो तेरे और कावेरी के बीच की है.
कावेरी का नाम सुनते ही उनके हाथ पैर मानो ठन्डे पड़ गए और मुझसे कहने लगी-
मीरा: कौन कावेरी? मेरा क्या सम्बन्ध है कावेरी के साथ? तू यहाँ से निकल जा.
तब मैंने अपनी जेब से मोबाइल निकला और उनके पास आ कर खड़ा हुआ. फिर उन्हें कावेरी और उनकी लेस्बियन सेक्स वाली वीडियो दिखा दी. वो देखते ही वो दो कदम पीछे हटती और मुझसे कहा-
मीरा: चुप-चाप निकल जा यहाँ से. मैं गौरव या उसके बाप से कुछ नहीं कहूँगी. लेकिन दोबारा मेरे घर पर कभी मत आना.
मैंने उनसे कहा: अब तो मैं तेरे घर रोज़ आऊंगा और तेरी चूत भी रोज़ मारूंगा. इससे आगे की कहानी अगले पार्ट में.
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