मम्मी की चुदाई पूजा – 3

Mummy ki chudai puja xxx sex story:- पिछले पार्ट मे आपने पढ़ा की विपिन को चोट लग जाती है और मम्मी उसका पसीना और चोट अपने उतरे हुए पेटीकोट से पोंछती है और विपिन से कहती है की मै पैसे और दवाई लेकर आउंगी. उधर विपिन सोनू को सारी बात बता देता है और विपिन मम्मी को अपना लंड दुबारा दिखाने का प्लान बनाता है. अब आगे..

पिछला पार्ट => मम्मी की चुदाई पूजा – 2

Mummy ki chudai puja xxx sex story

मम्मी तपन को कहती है तपन यानि मैं, की मैं पैसे देने दूकान पर जा रही हूँ और अलमारी में से पैसे 500 का नोट लेकर दूसरे रूम में जाकर मैक्सी उतार कर पुराना सा पेटीकोट जो की येलो कलर का था और काफी हल्का था, उसे पहन लिया। मम्मी घर में ज्यादातर उसी पेटीकोट को पहनती थी. पेटीकोट इतना पुराना थी की वो चूतड़ों के बीच में से फटा हुआ था, क्युकी वो हल्का था गर्मी में रिलीफ देने वाले कपडे का था। इसलिए मम्मी अभी तक पहनती थी, अगर मम्मी उसके ऊपर साडी न पहने तो उनकी गांड साफ़ दिखाई देगी और यहाँ तक की गांड का छेद भी साफ़ दिखाई देगा.

दोस्तों मैंने मम्मी को कभी उस पेटीकोट में बिना साड़ी के तो नहीं देखा था, लेकिन जब कपडे छत पर सूखाने जाती थी, तब मुझे उस पेटीकोट का पता चला और दोस्तों पेटीकोट में छेद कमर से लेकर चूत के छेद तक बना हुआ था. तो मम्मी ने पेटीकोट पहना और एक स्लीवलेस ब्लाउज। दोस्तों वो ब्लाउज मम्मी ने बहन की शादी में सिलवाया था और उसके बाद उन्होंने वो ब्लाउज उसी दिन पहना, काफी हलके कपडे का होगा. शायद इसीलिए मम्मी ने वो ब्लाउज पहना था।

क्योकि उसमे मम्मी का कम से कम 70% तो क्लीवेज साफ़ दिखाई दे सकता था, मैंने मम्मी को बहन की शादी की वीडियो में देखा था उस ब्लाउज में और मम्मी माल लग रही थी, एकदम रंडियों की तरह. दोस्तों मम्मी के चुत्तड़ ऐसी शेप में बाहर निकले की है मैं आपको कैसे बयान करूँ। 2-2 इंच एक्स्ट्रा निकले है बाहर मम्मी के चुत्तड़,

ब्लाउज पहनने के बाद मम्मी ने एक जो रोज घर में साड़ी पहनती है वो पहन कर बाहर आ गयी और बाहर आ कर शीशे में देखने लगी. जैसे ही मम्मी ने अपना मुँह शीशे की तरफ किया उनकी गांड मेरी तरफ आ गयी और मैं अंदर कमरे में था। मम्मी की गांड देख कर मैं पागल सा हो गया और मुझे पता चल गया था की मम्मी ने आज वो फटा हुआ पेटीकोट पहना है. क्युकी मम्मी की साड़ी स्काई ब्लू कलर की थी और फटी हुए दरार कम से कम 20% तो देखि जा सकती थी दूर से और पास से लगभग 40%। मैंने सोचा आज मम्मी ने ये फटा पेटीकोट और नया ब्लाउज़ क्यों पहना है.

फिर मैंने मम्मी से पूछा मम्मी सोनू के पैसे देने के बाद कही और भी जाओगी क्या?

मम्मी ने थोड़ा सोचा और जबाब दिया हाँ कोने वाली के गीतों का बुलावा है उसके यहाँ जाना है.

मैं – ओह्ह हाँ मुझे याद आया, कल शाम को कोने वाली आंटी आयी तो थी बुलावा देने, मैंने ये सब मन में सोचा.

पर मम्मी गीतों में तो नाम के लिए जा रही थी, मम्मी को तो विपिन के पास उसके घाव पर दवाई लगाने जाना था, मम्मी ने बैगन बेट से दवाई की ट्यूब भी अपने ब्लाउज में रख ली थी, मुझसे आँख बचा कर. उधर विपिन ने अपना अंदर का कच्छा यानि की अंडरवियर उतार कर दूकान में दुबका दिया था, क्युकी विपिन मम्मी को अपने लंड के दर्शन करवाना चाहता था, क्युकी उसका जो शॉर्ट्स था बीच में से यानि गांड और लंड की जगह से फट चुका था और फिर विपिन सोनू के पास आ कर काउंटर के पास बैठ जाता है. Mummy ki chudai

सोनू विपिन से भोसड़ी के क्या करके मानेगा दूकान बंद करवाएगा मेरी.

विपिन – तपन की मम्मी आ रही होगी, तू देखियो कैसे देखेगी मेरा लंड और दोनों बाते करते रहते है.

उधर मम्मी चप्पल पहन कर नीचे उतर चुकी थी और अपनी गांड को हिला हिला कर चल रही थी, दरसल मम्मी अपनी गांड जान-बुझ कर नहीं हिलाती थी ये नैचुरली था। जब भी मम्मी चलती उसकी गांड कभी इधर मटकती तो कभी उधर. मैं भी रूम से दौड़ कर बाहर बालकनी की तरफ भागा और मम्मी की गांड को जाते हुए देखने लगा। उस टाइम हमारी गली बिलकुल सुनसान थी क्युकी गर्मी का टाइम था और सुबह के करीब 11:30 बज रहे थे, बच्चे और आदमी स्कूल और ऑफिस या अपने काम पर चले जाते है और औरते अपने अपने काम में घर में व्यस्त रहती है। फिर मम्मी मोड़ पर मुड़ गयी और मैं भी रूम में आ गया.

उधर मम्मी एक दम दूकान पर पहुंची, विपिन और सोनू एक दम चुप हो गए क्युकी वो उसी की बात कर रहे थे। मम्मी दुकान के बाहर से काउंटर पर खड़ी हो कर.

सोनू ले बेटा अगरबत्ती के पैसे काट ले.

सोनू की तो जैसे मम्मी को देख कर मानो आवाज ही चली गयी थी और उधर विपिन मम्मी को देख कर खिल उठा था और जब सोनू पैसे लेने के लिए उठा तो उसे मम्मी का क्लीवेज दिखाई दे गया, यानि की चूचियों की गहराई.

मम्मी – बेटा क्या है न छत पर पैसे थे नहीं मेरे पास, मैंने तो विपिन को बोला भी था की रुक मैं नीचे से लाती हूँ पर ये शायद जल्दी में था और चोट और मरवा ली बेचारे ने मेरे काम के पीछे.

मम्मी विपिन की तरफ देखती है और फिर अपने ब्लाउज के राइट साइड में हाथ डालती है इस दौरान मम्मी का पल्लू नीचे गिर जाता है सोनू को तो मानो जन्नत ही दिखाई दे गया हो, विपिन भी टुकुर-टुकुर मम्मी की चूचियों के दर्शन करता रहता है. मम्मी जल्दी से 500 का नोट निकालती है और पल्लू ठीक करती है और सोनू को कहती है के पैसे सोनू की तो मानो नजर अटक ही गयी थी उस जगह। Mom sex story

और फिर एक दम से सोनू बोलता है आंटी खुले पैसे दे दो 500 का क्या नोट दे रही हो.

मम्मी कहती है – है नहीं बेटा मेरे पास खुले होते तो दे देती.

सोनू बोलता है बताओ मैं कहा से लाऊं सुबह सुबह खुले पैसे? अच्छा आप बाद में ले लेना बाकि पैसे.

मम्मी कहती है न मुझे अभी जरूरत है कुछ लाना है और मम्मी साफ़ मना कर देती है पैसे बाद में लेने से. तो सोनू कुछ सोच के कहता है अच्छा तो आप यही रुको मैं खुले करा के लाता हूँ मम्मी को धुप और गर्मी लग रही थी तो उन्होने पूछा कितनी देर में लाएगा.

सोनू – आंटी बस यु गया और यु आया आप बाहर क्यों खड़ी हो? तब तक दूकान में बैठ जाओ अंदर की साइड वहाँ कूलर लगा हुआ है, विपिन चला देगा कूलर, यहाँ तो आपको गर्मी लगेगी.

विपिन मन ही मुस्कुरा रहा था और मम्मी थोड़ी देर सोचती है और कहती है ठीक है पर जल्दी आना बेटा मुझे गीतों में जाना है और मम्मी अंदर दूकान में घुस जाती है.

विपिन और सोनू उस टाइम मम्मी की गांड देख कर पागल हो जाते है और उन्हें भी मम्मी के फटे हुए पेटीकोट का हिस्सा हल्का हल्का दिखाई दे जाता है.

फिर मम्मी उसी रूम में पहुँच जाती है और खाट पर सोनू बैठने को बोलता है और कूलर चला देता है और रूम से बाहर आ कर विपिन से कहता है भाई पेटीकोट फटा हुआ है चूत की जगह से बहन की लोड़ी का और सोनू अपना लंड मसलने लगता है. Indian mom chudai

फिर मम्मी बाहर की तरफ खड़ी होकर कहती है रूम से – तू गया नहीं अभी तक जल्दी जा बेटा देर हो रही है मुझे और भी काम है घर में.

सोनू गुस्से से – जा रहा हूँ आंटी तस्सली करो कतई हद्द करदी अपने तो, विपिन भाई दूकान का ख्याल रखियो जिस चीज के रेट नहीं पता हो मुझसे फ़ोन पे पुछलियो बस अभी आया मै।

सोनु चला जाता है और मम्मी भी बैठ जाती है और 1 मिनट बाद – विपिन बेटा अब तो नहीं है दर्द.

विपिन – आंटी बस कही कही हो रहा है।

मम्मी – दवाई लगा ली तूने?

विपिन – नहीं आंटी घर पर मिली नहीं.

मम्मी – ले मैं लायी हूँ तू इसे लगा ले, 1-2 दिन में चोट ठीक हो जाएगी ले लगा ले.

विपिन खुश हो गया और रूम की तरफ जाने लगा और रूम में पहुंच गया.

विपिन – लाओ आंटी दवाई.

मम्मी अपने ब्लाउज में फिर से हाथ डालती है और फिर उसका पल्लू नीचे गिर जाता है विपिन की नजरो में वासना जागने लगती है इस बार वो मम्मी के चुचे बहुत करीब से देख लेता है, मम्मी भी ट्यूब निकाल लेती है और इस बार अपना पल्लू ठीक नहीं करती, क्युकी विपिन खड़ा था और मम्मी खाट पर बैठी थी, इसी वजह से मम्मी को विपिन का फटा हुआ कच्छा दिख जाता है और मम्मी बड़े गौर से कच्छे को देखती है. Maa ki chudai

मम्मी – कहा लगी है चोट.

विपिन – आंटी पता नहीं बस दो जगह पता है एक तो घुटने पर और दूसरी जांग पर और तो कही दिख नहीं रही है बस कमर के नीचे महसूस हो रहा है दर्द.

मम्मी – ला मैं लगा देती हूँ.

विपिन – अरे आंटी नहीं मैं लगा लूंगा तुम रहने दो.

मम्मी – अरे बेटा ला लगा देती हूँ वैसे भी तेरा काफी नुकसान हो गया है, मेरी वजह से चोट भी लगी तेरा कच्छा भी फट गया, एक काम करियो छत पे मेरे को दे दियो अपना कच्छा मैं सील दूंगी.

विपिन ये सुन कर और मगन हो जाता है.

मम्मी – आ बैठ खात पे दवाई लगा देती हूँ.

मम्मी खड़ी हो गयी और विपिन को खात पर बैठा दिया और अपनी साड़ी को घुटने तक चढ़ा के घुटनो के बल बैठ गयी, शायद विपिन ही ये बता सकता है की इस हालत में मम्मी को देख कर उसकी क्या हालत हुई होगी। आधे चुचे तो उसे साफ़ दिख रहे थे और बाकी मम्मी के बैठने के स्टाइल से उसका पूरा लंड खड़ा हो जाता है और फटे कच्छे में से मम्मी को उसके लंड के आधे दर्शन हो जाते है और मम्मी की तो मानो जैसे मनोकामना ही पूरी हो गयी हो. विपिन का लंड इतना बड़ा हो जाता है की उसके लंड का टोपा बाहर झाकने लगता है जो मम्मी को साफ़ साफ़ दिखाई दे रहा होता है। काला मोठे लंड का टोपा देख, शायद मम्मी की चूत ने भी पानी छोड़ दिया ही होगा, क्युकी वो इतना उत्तेजित करने वाला सीन जो था.

विपिन मम्मी की चुचि और मम्मी विपिन का टोपा दोनों करीब 1 मिनट्स के लिए खोये हुए थे की तभी बाहर से आवाज आती है कहाँ गए भैया और वो आवाज दुकान पर सामान लेने वाले की थी. पढ़ते रहिये.. क्योकि कहानी अभी जारी रहेगी..

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