Maa Beta ki kamuk chudai kahani:- जैसे की मैंने इस Mom Son Sex Story के पिछले पार्ट में बताया, माँ नहा कर आयी और मेरी बाइक की चाभी ढूंढते हुए झुक गयी. फिर मैं पीछे से माँ की पूरी नंगी गांड और चूत देख के उस दिन मुठ मारा था. फिर अगले दिन माँ नार्मल ही मेरे साथ बात करी, जैसे वो सुबह वाला सीन कुछ हुआ ही न हो. तो अब मुझे थोड़ा सा हिम्मत हुआ. सोचा थोड़ा आगे बढ़ूँ. फिर मैंने प्लान किया कुछ करने का. लेकिन ऐसा कोई ख़ास प्लान नहीं मिला. तो मैंने सोचा धीरे-धीरे माँ के करीब होकर टच वगैरा करना स्टार्ट कर दू. लेकिन पहले से ऐसा कुछ नहीं था हमारे बीच इसलिए वो करने की भी हिम्मत नहीं हो रही थी.
अगर पिछला पार्ट नही पढ़ा तो यहाँ पढ़ें => फेसबूक चैट से मम्मी की चुदाई तक -1
Maa Beta ki kamuk chudai kahani

दो दिन बाद सोचा माँ को पूरा नंगा लंड दिखाऊ खड़ा करके. इससे पहले बहुत बार पैंट के अंदर से ही खड़ा देखि थी. इसलिए उस दिन रात में हिम्मत करके पैंट पूरा उतार दिया और सो गया. सुबह जब माँ जागी, मैं उससे पहले उस दिन जाग गया था. जब लगा माँ जाग गयी थी, तब लंड को पूरा खड़ा करके थोड़ा थूक लगा के गीला कर दिया. फिर कम्बल को थोड़ा साइड कर दिया. माँ कुछ 10 मिनट बाद मेरे रूम की तरफ आयी. मैं आँखें बंद कर दिया और सोने का नाटक किया. इसलिए कुछ देख नहीं पाया. लेकिन माँ कुछ सेकण्ड्स मेरे पास खड़ी रही फिर बाहर चली गयी. फिर भी मैं कुछ टाइम ऐसे ही लेटा रहा. माँ फिर से रूम पे आयी और मेरे ऊपर कम्बल से कवर करके चली गयी.
मैं और एक घंटा सोया. फिर उठ के बाथरूम गया और माँ के सामने नार्मल ही गया जैसे मुझे कुछ पता न हो. माँ भी तभी कुछ नहीं बोली लेकिन उस दिन दोपहर को बोली-
माँ: इतना बड़ा हो गया है ठीक से सोया कर.
मैं अनजान बन के: क्या हुआ?
माँ: कपडे उतार के क्यों सोया था कल?
मैं चुप रह गया और माँ भी कुछ नहीं बोली. फिर मैं बाहर चला गया. मैंने माँ को नोटिस किया लेकिन इसमें भी माँ को कोई फर्क नहीं पड़ा. तो मैं सोच लिया अब धीरे-धीरे टच और हग ऐसे कुछ करना स्टार्ट करू. फिर उसी दिन शाम को जब माँ खाना बना रही थी किचन में, तब मैं भी किचन में माँ की हेल्प करने के लिए पुछा.
तो माँ बोली: क्या हो गया तुझे आज?
मैं बोला बस ऐसे ही पूछ रहा हु.
फिर माँ बोली: नहीं कोई काम नहीं है.
उसके बाद मैं ऐसे ही बातें करने लगा और जब माँ खड़ी होकर बातें करने लगी, तब मैं हिम्मत करके पीछे से हग कर दिया. तभी माँ थोड़ी चौंक गयी और क्या कर रहा है बोल के अलग कर दी. मैं बोला बस ऐसे ही और मुझे थोड़ा सा डर लगा तो वहां से चला गया. लेकिन बाद में माँ भी नार्मल ही बात की तो मुझे अच्छा लगा. पर इसमें भी काम नहीं हुआ. माँ हग करने ही नहीं दी इसलिए और कुछ ट्राई नहीं किया. फिर कुछ दिन बीत गए. एक दिन मैं दोपहर को मेरे रूम में गेम खेल रहा था. जब मैं पानी पीने किचन की तरफ जा रहा था तो माँ के रूम का डोर खुला था और माँ को मैं देखते ही रह गया.
माँ की नंगी गांड डोर के तरफ थी. वो दूसरी तरफ फेस करके सो रही थी और आगे से टेबल फैन की वजह से नाइटी उठ गयी थी कमर तक. उन्होंने पैंटी भी नहीं पहनी थी. ये देखते ही मैं रूम के अंदर गया. पहले मैं एक-दो फोटो लिया. फिर धीरे से वहां बेड पे बैठ गया और देख कर लंड को सहलाने लगा. मैंने एक हाथ को माँ के एक चुत्तड़ पे रखा और हल्का-हल्का सहलाया. बहुत मुलायम था. फिर एक हाथ पैंट के अंदर करके लंड को भी सहला रहा था. तभी माँ हिलने लगी तो मैं बेड से उठ के खड़ा हो गया और माँ भी जाग गयी. मैं धीरे रूम से बाहर चला गया तब माँ भी मुझे देख ली. मैं जल्दी से घर से बाहर चला गया.
Mom Son Sex Story Hindi
शाम को 8 बजे तक मैं बाहर ही रहा. फिर माँ कॉल करके खाने के लिए बुलाई तो घर आया. माँ नार्मल ही बात कर रही थी जैसे उनको कुछ पता नहीं. ये देख मैं रिलैक्स हुआ और उस दिन रात को माँ की वो फोटो देख के मुठ मारा. अगले दिन में एक नई सिम लिया और उसमे व्हाट्सप्प खोला. फिर माँ की व्हाट्सप्प नंबर पर मेसेज किया तो माँ रिप्लाई नहीं दी. शाम को कुछ mom son इन्सेस्ट रिलेटेड फोटोज और 6 mom son पोर्न वीडियोस सेंड कर दी. फिर माँ को देखने लगा. जब माँ मोबाइल हाथ में ली तब फटाक से फिर रख दी.
कुछ टाइम बाद हमारे खाना खाने के बाद वो उसके रूम में सोने चली गयी. तब मुझे लगा वो वीडियो भी देखि होगी. मुझे उस दिन ब्लॉक भी नहीं करी थी. जब अगले दिन मैं फिर कुछ वीडियोस सेंड किया तब ब्लॉक कर दी. इसमें भी कोई फ़ायदा नहीं हुआ. माँ में कोई चेंज भी नहीं हुआ. फिर कुछ दिन बाद माँ मुझे एक लड़की के बारे में बताई हमारे नाना के गाँव की. मेरी उस लड़की के साथ शादी की बारे में. तो मैं बोला इतनी जल्दी क्या है? मैं अभी शादी नहीं करूँगा.
माँ: क्यों उम्र तो हो गयी है और तेरी हरकतें भी बढ़ गयी है.
मैं: लेकिन मुझे अभी शादी नहीं करनी.
माँ: क्यों और कोई है क्या गर्लफ्रेंड?
मैं: नहीं.
माँ: सच-सच बता.
मैं: सच में कोई नहीं है. आप तो देख रही हो दिन भर घर पर ही रहता हु.
माँ: अच्छा इतना बड़ा हो गया. एक भी नहीं पटी तेरे से.
माँ मेरे साथ पहली बार ऐसी बात कर रही थी खुल के तो मुझे भी हिम्मत हो रही थी.
मैं: हां थी एक अब नहीं.
माँ: क्यों क्या हुआ उसके साथ?
मैं: ऐसे ही अच्छी नहीं थी वो लड़की.
माँ: कौन थी?
मैं बता दिया लड़की के बारे में.
माँ: तो उसके साथ कुछ हुआ था की नहीं सच-सच बता?
मैं: नहीं बस किश किया था.
माँ (हंस कर बोली): तो क्या फ़ायदा इतना बड़ा हथियार लेके.
माँ के मुँह से ये सुनते ही मैं समझ गया. लेकिन शॉक हो गया क्यूंकि माँ इतनी खुल के मेरे से बात कर रही थी. फिर मैं थोड़ा सोचने लगा और फिर बोला-
मैं: मतलब?
माँ: कुछ नहीं कुछ नहीं (हसने लगी).
मैं: बताओ कौन सा हथियार?
माँ: अरे छोड़ ये बात बस ऐसे ही बोल दी.
मैं: हां मैं समझ गया.
माँ हसने लगी चुप हो गयी. कुछ सेकण्ड्स मैं भी चुप रहा और ऐसे बातें सुन के मुझमे हिम्मत भी बढ़ गयी थी तो मैं बोला-
मैं: बताओ न कौन सा हथियार?
माँ: तू समझ गया न?
मैं: हां लेकिन मैं श्योर नहीं हूं बताओ.
माँ: अच्छा तू क्या समझा?
मैं (मेरे लंड की तरफ इशारा करते हुए बोला): ये है न?
माँ खी-खी करके हसने लगी.
मैं: यही है न?
माँ: चुप हो जा हरामी.
मैं: सच में बड़ा है क्या?
माँ: छी! क्या पूछ रहा मुझे.
मैं: तुम ही तो बताई अभी.
माँ: हे भगवान छोड़ इस बात को ऐसे ही बोल दी मैं.
मैं: तुमने कब देखा?
माँ: नंगा जो सो रहा था.
मैं: सच में बड़ा है?
माँ: चुप कर. ठीक-ठाक है मैं ऐसे ही बोल दी.
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और माँ थोड़ी मुझसे नज़रें नहीं मिला पायी. वो मुँह नीचे करके धीरे-धीरे हंस रही थी. फिर वो वहां से जाने लगी. माँ सोफे पर बैठी थी उठ के जाते वक़्त उसकी हाथ से कुछ गिर गया. उसको उठाने के लिए वो झुकी. उन्होंने नाइटी पहनी हुई थी. वो मेरी तरफ गांड करके झुक गयी. बिलकुल करीब से इतनी बड़ी गांड देख के मैं और ज़्यादा गरम हो गया. हिम्मत भी बढ़ गयी थी माँ से ऐसे बात करके इसलिए मैं भी माँ पीछे चला गया बात करने. लेकिन माँ मुझसे नज़रें नहीं मिला पा रही थी. फिर भी मैं बोला-
मैं: तो तुमने उस दिन मुझे ऐसे देख लिया.
माँ: अरे चुप कर. अब ये सब मुझे अच्छा नहीं लग रहा माँ हूं तेरी.
मैं: अरे माँ क्यों इतना शर्मा रही हो बताओ न खुल के. उस दिन ही देखा है न.
माँ: कुत्ते तू जान-बुझ के कर रहा है न ये सब? मैं सब जानती हूं वो तेरे मामा की शादी में गए थे क्या किया था. सब पता है मुझे.
मैं अनजान बनते हुए: क्या किया था?
माँ: नाटक मत कर ज़्यादा और एक बात सच बता. कुछ दिन पहले व्हाट्सप्प में वो सारी गंदी वीडियोस तूने ही भेजी थी न?
मैं: कौन सी वीडियो मुझे नहीं पता?
माँ: ज़्यादा चालाक मत बन. मेरा नंबर ऐसे किसी के पास नहीं है जो ये सब भेजेगा. फिर वो वीडियोस भी की-की क्या बताऊँ ऐसे भी सब होता है दुनिया में.
मैं चुप रह गया कुछ सेकण्ड्स और अब हिम्मत भी पूरी बढ़ गयी, क्यूंकि माँ बिलकुल नार्मल ही मेरे से ये सब बोल रही थी. माँ कुछ काम कर रही थी. मैं पीछे हग कर दिया डायरेक्ट. वो मुझे अलग करी और बोली-
माँ: क्या कर रहा माँ हूं तेरी.
मुझे अलग कर दी तो मुझे लगा रेडी नहीं थी इसलिए कुछ नहीं किया. वो भी उसके रूम पे जाके डोर लॉक कर दी. मैं मेरे रूम में आके सोचने लगा इतनी जल्दी क्या-क्या हो गया पता नहीं चला. माँ मेरे से इतनी खुलके कैसे बात करि? और माँ रात के 8 बजे तक मुझसे नज़रें मिला नहीं पा रही थी और बात भी नहीं करि. फिर मेरे लिए खाना लगा के वो उसकी रूम में चली गयी. मैं रात को ये सब सोचते-सोचते 10 बजे मेरे खुद के व्हाट्सप्प, जो माँ के फ़ोन में भी सेव है उसी में से ही कुछ पोर्न वीडियोस सेंड कर दिया. माँ को पता ही है जो पहले भेजा था, इसलिए बिना डरे सेंड कर दिया और माँ भी सीन करि. लेकिन कुछ भी रियेक्ट नहीं करि.
तो कुछ टाइम बाद फिर कुछ वीडियोस सेंड की. ऐसे एक घंटे तक बहुत सारी वीडियोस सेंड कर दी. माँ सारी वीडियोस सीन करती थी, लेकिन कोई रिस्पांस नहीं. तभी मैंने वीडियो कॉल किया. 2 बार कॉल किया, रिसीव नहीं की. फिर एक कॉल रिसीव करी तो मैं चुप रहा. माँ भी बैक कैमरा करके चुप थी. मैं कुछ सेकण्ड्स बाद मेरा लंड दिखाया कॉल पे तभी माँ ने कॉल कट कर दी. फिर वो ऑफलाइन हो गयी. मैं भी मुठ मार के सो गया.
अगले दिन सुबह मैं जल्दी जाग गया और माँ मुझसे नज़रें नहीं मिला पा रही थी. जब मैं बात करने गया हिम्मत करके तब वो बोली-
माँ: क्या लगा रखा है? रात में वो सब क्या है?
मैं: रियल है वो सब.
माँ: तो मुझे क्यों भेजा है?
मैं: बस तुम भी देखो ऐसे भी होता है माँ बेटे के बीच आज-कल. तुम्हे ये सब नहीं पता इसलिए.
माँ: तो तू मुझे ये दिखा कर क्या सोच रहा मैं भी ऐसे…
मैं: हां तुम्हे भी अगर चाहिए तो किसी को पता नहीं चलेगा. बहुत मजा आएगा.
माँ: छी तू सोच भी कैसे सकता है? तेरा ज़्यादा हो रहा है.
मैं डायरेक्ट हग करने गया तो मुझे दूर करके मना करने लगी.
माँ: नहीं ये सही नहीं है.
मैं: किसी को पता नहीं चलेगा माँ, ओके एक बार ही.
माँ: नहीं-नहीं.
फिर माँ वहां से चली गयी. मेरा मूड थोड़ा ऑफ हो गया लेकिन मुझे लग रहा था माँ को भी इच्छा थी. इसलिए मैं सोफे पर ही बैठा रहा बहुत टाइम तक. जब माँ झाड़ू लगाने लगी तब मैं पीछे से जाके पकड़ लिया. तो माँ फटाक से सीधी हो गयी. मैं उसको पीछे से हग करके उसकी गर्दन पे किश किया. वो मुझे दूर करने की कोशिश की लेकिन मैं मेरे दोनों हाथो को आगे लेके उसके बूब्स दबाने लगा. माँ धीरे-धीरे नहीं ‘नहीं’ बोल रही थी लेकिन ज़्यादा विरोध नहीं कर रही थी. मैं कुछ सेकण्ड्स ऐसे ही खड़े-खड़े माँ के गाल और नैक पे किश किया. फिर उसके पीछे से लंड को उसकी गांड पे टच करके धीरे से दीवार पे लेके लगा दिया.
पीछे उसकी पीठ पे किश करते हुए बूब्स दबा रहा था. फिर उसकी कमर को पकड़ कर थोड़ा पीछे किया तो वो आसानी से गांड को पीछे की तरफ कर दी. इससे क्लियर हो गया था अब लाइन क्लियर थी. इसलिए मैं डायरेक्ट मेरा शार्ट नीचे किया और लंड को माँ के दो चूतड़ों के बीच नाइटी के ऊपर से ही घिसने लगा. कुछ मिनट्स बाद माँ खुद गांड हिलाने लगी और मैं माँ का हाथ लेके मेरे लंड पे रखा. वो मेरा लंड पकड़ के धीरे-धीरे सहलाने लगी और बोली:
माँ – ये सब कभी किसी को पता नहीं चलना चाहिए. हम दोनों के बीच राज़ रहना चाहिए.
माँ के ये बोलते ही मैंने हमारा मेन गेट और सारे डोर्स लॉक किया. माँ को मेरे रूम में लाते ही डोगी स्टाइल में किया, क्यूंकि इस पोज़ में माँ को देखने का सबसे ज़्यादा इमेजिन किया था. माँ पहले थोड़ा शर्मायी नाइटी उतारने में. फिर बाद में जैसे बोला वैसे डोगी स्टाइल में मुझे गांड दिखाई. क्या ही लग रही थी उस टाइम. मोटी गोरी गांड देख के मुझे लगा तभी मेरा पानी निकल जायेगा. फिर मैं थोड़ा कण्ट्रोल किया और माँ को उल्टा करके लिप किश किया 5 मिनट्स तक उसकी चूत पे हाथ चलाते हुए. वो भी मेरे लंड को सहला रही थी. लेकिन आँखें बंद करके. वो मुझसे नज़रें मिला नहीं पा रही थी.
मैं माँ के बूब्स को दबा दबा के निप्पल्स चूसने लगा और ना चाहते हुए भी माँ को अच्छे से मज़े देने के लिए माँ की चूत की पास गया. चूत एक-दम फूली हुई थी. जब चूत के पास फेस लिया तो माँ मुझे अलग करने लगी. लेकिन मैं फेस चूत पे लगा दिया और दो ऊँगली चूत के अंदर-बाहर करके माँ की चूत के दाने के साथ जीभ से खेलने लगा. पहले तो माँ मुझे अलग कर रही थी. कुछ सेकण्ड्स में ही वी पागल सी होने लगी सिसकारियां निकाल के.
मैं 5 मिनट्स तक ऐसे ही माँ की चूत लीक किया. तभी माँ ने मेरे बाल पकड़ कर अलग किया और मुझे साइड में लिटा दी. फिर मेरे ऊपर आ गयी और डायरेक्ट मेरे लंड को पकड़ के लंड के ऊपर बैठने लगी. मुझे थोड़ा पेन हुआ लेकिन मैं कुछ रियेक्ट नहीं किया. माँ लंड को चूत की होल के पास सेट करके बैठने लगी और फ़च से पूरा लंड अंदर चला गया. तब भी माँ की आँखें बंद थी. लेकिन उसकी हरकतें देख कर मुझे विश्वास नहीं हो रहा था वो मेरी माँ थी. जिसे मैं संस्कारी और सेक्स में ज़्यादा कुछ पता नहीं होगा, सोच रहा था वो एक-दम एक्सपेरिएंस्ड लग रही थी. और इतनी जल्दी मेरे लंड पे बैठ गयी मुझे पता ही नहीं चला.
फिर इतनी स्पीड से ऊपर-नीचे उछलने लगी की मेरा एक मिनट में ही पानी निकलने को हुआ. मुझे लगा अंदर छोडने से प्रॉब्लम होगा इसलिए मैं माँ की गांड को पकड़ लिया और दो-तीन धक्के मार के लंड को बाहर निकाल दिया और मेरा निकल गया. तभी माँ फाटक से मेरे ऊपर से उठी और साइड में लेट गयी. मेरे कान के पास आके धीरे बोली-
माँ: कोई बात नहीं पहली बार है न तेरा इसलिए.
मैंने भी खुश होकर पुछा: तुम्हारा हुआ की नहीं?
माँ बोली: मेरा कुछ भी नहीं हुआ (और हंसने लगी).
मैं ये सुन के मेरा निकलने के बाद भी फिर से माँ की चूत के पास गया और ऊँगली करने लगा. तो माँ मना करी पहले, फिर आँखें बंद करके गांड उठा-उठा के चूत में ऊँगली करने दी. फिर मैं चूत पे जीभ लगा के चाटने लगा. कुछ 10 मिनट तक ये करते-करते मेरा फिर से खड़ा हो गया तो मैं उठ कर माँ के मुँह के पास लंड किया.
माँ मना करके बोली: की ये नहीं करुँगी.
फिर मैं भी कोई ज़्यादा फोर्स नहीं किया और माँ की दोनों टांगें फैला के बीच में गया. लंड चूत पे सेट करते ही अंदर चला गया एक धक्के में ही. तो आगे-पीछे करने लगा. 3-4 मिनट में मुझे लगा फिर से निकल जायेगा इसलिए स्टॉप किया लंड बाहर निकाल दिया और फिर से चूत पे ऊँगली करते हुए खेलने लगा. 5 मिनट तक चूत चाटने के बाद माँ को डोगी स्टाइल में किया. माँ मना करने लगी, लेकिन मेरे दो-तीन बार बोलने से डोगी पोजीशन में आ गयी.
मैं पीछे से चूत मे लंड डाल के माँ के चूतड़ों को सहलाते हुए आगे-पीछे करके पेलने लगा. मुझे माँ को इस पोजीशन में देख के ज़्यादा मज़ा आ रहा था. लेकिन माँ मुझे रोक दी और मुझे लिटा दी. फिर मेरे ऊपर आ गयी और बोली-
माँ: मुझे ऐसे अच्छा नहीं लगता है.
मैंने पुछा: और कैसे?
तो माँ मेरे ऊपर चढ़ गयी और पहली बार आँखें खोल कर मेरी आँखों में देख के हंसने लगी. फिर नीचे से लंड को चूत पे सेट करने लगी. मेरा लंड अंदर चला और वो धीरे-धीरे गांड को हिलाते हुए बोली-
माँ: कब से मेरे बारे ऐसे सोच रहा है?
मैं: 4 साल से.
माँ: सच में? लेकिन याद रख जब भी घर पे तेरे पापा या छोटू रहेंगे तब बिलकुल भी ट्राई मत करना.
मैं: हां मुझे पता है अब तो एन्जॉय करेंगे.
माँ: हां अब तू बस लेटा रह बस.
और माँ फुल स्पीड से उछलने लगी मेरे लंड पे 2 मिनट तक. फिर माँ हांफने लगी ज़ोर से सांस लेते हुए. उसके बाद वो मेरे ऊपर लेट गयी और पूरी शांत हो गयी. फिर माँ की गांड को पकड़ कर मैं भी स्पीड से चोदने लगा. मेरा भी कुछ 5-6 धक्कों में ही निकल गया. मेरा 2 बार और माँ का एक बार हो गया था. फिर माँ उठ के बाथरूम मे गयी. मैं ऐसे ही लेटा रहा. फिर दो घंटे के बाद फिर माँ के पास गया तो माँ फिर नाटक की ना-ना बोल कर. तो मैं कुछ पोर्न वीडियोस दिखाया. हम मिल कर दोनों वीडियोस देखे. सारी वीडियोस में लंड चूसने का दिखा के माँ को बोला लेकिन वो मना कर रही थी.
उस टाइम कुछ नहीं किया. रात को फिर से माँ के पास सोने के लिए पुछा. पहले वो मना करी फिर राज़ी हो गयी. रात को पहले उसकी चूत चाट के स्टार्ट किया. फिर उसको लंड चूसने को कहा तो मना करि. उसके बाद 5 मिनट तक चोदने लगा तो मेरा निकल गया. लेकिन माँ का नहीं हुआ. तो फिर मैंने लंड चूसने को कहा. अब वो धीरे-धीरे खाली ऊपर से मुँह में लेके चूस रही थी. मैं पूरा लंड डाल के स्पीड से उसके मुँह को चोदने लगा. फिर 10 मिनट में मेरा खड़ा हो गया और फिर मैं चोदने लगा. तब पूरे 30 मिनट तक चोदा. उस दिन रात में 4 राउंड किये थे. डेली 3-4 राउंड हो जाते था.
जब घर पर भाई आता तब बस एक बार रात में होता था. एक बार पापा घर पर रहते हुए भी बाथरूम में सेक्स किये थे हम दोनों. ये है मेरी कहानी. मैं फ़र्स्ट टाइम ये स्टोरी लिखा हूँ आशा करता हूं पसंद आयी होगी.
