Andhere me Maa ko choda:- मेरा नाम तरुण वशिष्ठ है. मेरी उम्र 25 साल है. ये कहानी आज से 5 साल पहले की है, जब मैं 20 साल का था. मेरे घर में 4 मेंबर्स है, मेरे पापा, मम्मी, मैं और मेरी छोटी बहन. मेरे पापा डेरी में काम करते है, जो घर के पास में ही है. इस वजह से रात को कभी बहुत लेट आते है और कभी बहुत जल्दी. ये कहानी गर्मी की छुट्टियों की है. मेरे 2nd ईयर के एग्जाम हुए थे और मेरी बहन उस टाइम 1st ईयर में थी और गर्ल्स हॉस्टल में रहती थी.
Andhere me Maa ko choda

घर पर ज़्यादातर मैं और मम्मी रहते थे. मेरी मम्मी के बारे में आपको बताऊ तो उनकी हाइट 5.5 थी और कमर एक-दम पतली और बूब्स टाइट और गोल-गोल. वो बहुत काम करती थी घर का, इस वजह से उनकी बॉडी एक-दम फिट थी और बहुत गोरी थी. अब कहानी शुरू करते है.
ये बात सैटरडे की है. गर्मी बहुत थी और लाइट नहीं आ रही थी तो मम्मी ने पापा को फ़ोन लगाया और पुछा कब तक आओगे. पापा ने कहा: मैं थोड़ा लेट आऊंगा, दोस्त लोग है साथ में, तुम लोग खाना खा लो.
मम्मी ने मुझसे कहा: तरुण खाना खा लो जल्दी, पापा थोड़ा लेट आएंगे.
मैंने कहा: ठीक है.
फिर उसके बाद मम्मी और मैं खाना खा रहे थे. खाना खाने के बाद मम्मी ने कहा-
मम्मी: बेटा यही इसी कमरे में सो जा लाइट नहीं है, इन्वर्टर चार्ज नहीं होगा इसलिए एक पंखा चल सकता है बस. तू बेड पर सो जा मैं ज़मीन पर सो जाती हूं और तेरे पापा भी यही सो जायेंगे जब आएंगे तो.
मैंने कहा: ठीक है मम्मी.
मेरे मन में आज बहुत कामुक ख़याल आ रहे थे. जब माँ सो रही थी तो उनके बूब्स ऊपर-नीचे हो रहे थे. मैं बार-बार पेशाब के बहाने टोर्च से देख रहा था उनके बूब्स को. मैंने सोचा माँ के बगल में जाके सो जाता हूँ उन्हें क्या पता चलेगा कौन सो रहा था पास में. फिर मैं माँ के पास जाके सो गया. रात को पापा आये और आके बेड पर लेट गए.
Maa beta chudai sex story hindi
जब उन्होंने देखा बेड पर कोई नहीं था तो वो ज़मीन पर पैरों से देखने लगे. उनके पैर मुझसे लग रहे थे तो उन्हें लगा मम्मी नीचे सो रही थी और वो मेरे बगल में आके लेट गए. जब वो मेरे पास आये तो मुझे शराब की गंध आ रही थी. उन्होंने अपना हाथ मेरी कमर पर रखा. शायद वो मुझे मम्मी समझ रहे थे. फिर उन्होंने अपना सामान निकाल लिया. मैंने सोचा ये क्या कर रहे है यहाँ तो लेने के देने पड़ जायेंगे. मैंने अपना हाथ गोल किया और उनका लंड उसमे पकड़ लिया.
उनका लंड केवल 4 इंच का था. फिर उन्होंने झटके लगाए और 4-5 झटकों में ही हाथ में झड़ गए. मैंने सोचा ये तो बेकार आदमी है. ऐसी परी को खुश करना इसके बस की बात नहीं. मैंने उन्हें एक तरफ हटा दिया उठा कर. वो इतने नशे में थे की वही सो गए. उसके बाद मैंने मम्मी की कमर पर हाथ रखा पकड़ा फिर धीरे से उनके ब्लाउज को पीछे से खोलने लगा. वो हुक खुल ही नहीं रहा था, मन तो कर रहा था फाड़ दू उसे. फिर जब ब्लाउज खुला तो मैं दंग रह गया, ऐसा फिगर तो मैंने सिर्फ मूवीज में देखा था. उसके बाद मुझसे रहा नहीं जा रहा था. मैंने उनकी ब्रा खोलने की कोशिश की और वो एक-दम से जाग गयी और बोलने लगी-
मम्मी: रात को इतना लेट आते हो, नींद खराब कर देते हो और कुछ कर भी नहीं पाते.
मैं एक-दम डर गया पर चुप रहा. फिर मैंने ब्रा खोली और उनके बूब्स पकड़ लिए. उसके बाद उनको अपनी तरफ घुमाया. अब उनके बूब्स मेरे मुँह के पास आ गए थे. इतने बड़े और सुडौल बूब्स थे उनके. अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था. मैं उनका एक चूचा अपने मुँह में लेकर चूसने लगा और दूसरा हाथ से दबा रहा था. उस टाइम मैं सब भूल गया और ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगा. उनके मुँह से सिसकारियां निकल रही थी. फिर मैंने दूसरा चूचा मुँह में लिया और पहले वाले को दबाने लगा.
5 मिनट तक उनके चूचे से खेलता रहा क्यूंकि उनके बूब्स मुझे बहुत पसंद थे. उसके बाद मैंने अपना एक हाथ उनकी गांड में रख दिया और उसे ज़ोर-ज़ोर से दबाने लगा. वो बहुत ज़्यादा गरम हो चुकी थी. फिर मैं उनकी साड़ी खोलने लगा. साड़ी खोलने के बाद पेटीकोट का नाडा खोला और उसे उतारने लगा. साथ ही मैं उनके बूब्स भी चूस लेता था. अब वो इतनी गरम हो चुकी थी की मेरा लौडा तलाशने लगी थी.
मैं बहुत डर गया. मैंने सोचा उन्होंने पापा का लौडा देखा होगा. अगर उन्होंने मेरा 7 इंच का लौडा देख लिया हाथ में पकड़ कर तो ये पहचान लेंगी और बहुत मार पड़ेगी. फिर मैंने प्लान बनाया, मैंने उनके हाथ पकड़ लिए और ज़मीन पर रख दिए. उसके बाद अपना लौडा उनकी चूत में घुसाने की कोशिश करने लगा. मुझे डर तो अब भी लग रहा था की जैसा ही ये घुसेगा मम्मी पहचान लेंगी की ये कोई और है. पर उस टाइम मुझे कुछ और नहीं सूझ रहा था. मुझे पता था ऐसा मौका फिर नहीं मिलने वाला. मैंने सोचा इनको थोड़ा और गरम किया जाये. फिर ये नहीं पहचान पाएंगी. मैंने अपनी जीभ उनकी चूत के अंदर घुसा दी और उसे चाटने लगा. उनके मुँह से आवाज़ आने लगी. वो आह आह कर रही थी धीरे से. मैंने सोचा अगर मेरा 7 इंच का लंड घुसेगा तो इनकी चीख निकल जाएगी और पापा जाग जायेंगे.
मेरे मन में आया उनको उठा कर बाहर हॉल में ले जाऊ. पर डर ये था वह वो मुझसे बोलने को कहती. क्यूंकि यहाँ तो वो ये समझ रही थी की तरुण के पापा तरुण की वजह से नहीं बोल रहे. इसलिए मैंने अपना काम जारी रखा और अंदर तक जीभ डाल कर ज़ोर-ज़ोर से चाट रहा था. उनकी आवाज़ भी पहले से तेज़ हो रही थी. उनके बूब्स का साइज पहले से बढ़ गया और वो सांस के साथ ऊपर-नीचे हो रहे थे. मैं 69 की पोजीशन में आके चूत चाट रहा था और दोनों हाथो से बूब्स दबा रहा था ज़ोर-ज़ोर से. 2 से 3 मिनट में ही वो बहुत ज्यादा गरम हो गयी थी. उसके बाद वो मेरे कान के पास आके बोलने लगी: अब रुका नहीं जा रहा. मैं समझ गया ये सही टाइम था अंदर डालने का.
मैं पहले सीधा हुआ और उनके ऊपर लेट गया. अब मेरा पूरा शरीर उनके ऊपर था. फिर मैंने अपना लंड उनकी चूत पर सेट किया और पहले उनके बूब्स चूसे और फिर अपने होंठ उनके होंठो पर रख दिए. मुझे पता था उनकी चीख निकल जाएगी. फिर मैंने धीरे से धक्का दिया. अभी मेरा लंड 2 इंच ही अंदर गया होगा की उनकी आँखों से आंसू आने लगे और उनकी चीख निकलने वाली थी क्यूंकि मेरे लंड की मोटाई भी मेरे बाप के लंड से दोगुनी थी.
मैंने अपने होंठ उनके होंठो से लगाए रखे. फिर धीरे-धीरे लंड को ऊपर-नीचे कर रहा था. अभी मेरा दो इंच का लंड अंदर गया था. फिर मैं थोड़े ज़ोर से धक्के लगाने लगा. वो मुझसे अपनी पकड़ छुड़ाने की कोशिश करने लगी. पर मैंने उनके हाथ ज़ोर से पकड़ रखे थे और उनके होंठ अपने होंठो से लगातार चूम रहा था. अब मैंने अपना पूरा 7 इंच का लंड घुसा दिया. उन्होंने बहुत कोशिश की छुड़ाने की पर वो नाकाम रही. फिर मैं ज़ोर-ज़ोर से धक्के लगाने लगा.
मम्मी को हिचकियाँ सी आ रही थी पर मेरे होंठो की वजह से आवाज़ नहीं निकाल रही थी. 2 मिनट के बाद उन्हें भी मज़ा आने लगा और अब वो छूटने की नाकाम कोशिश नहीं कर रही थी. फिर मैं एक ज़ोरदार किश करके उनके बूब्स पकड़ कर चूसने लगा और उनके मुँह पर ऊँगली रख कर चुप रहने का इशारा कर दिया. वो समझ गयी और उन्होंने अपने मुँह पर कपडा रख लिया. अब मैं उन्हें ज़ोर-ज़ोर से चोद रहा था और हाथो से पकड़ कर बूब्स चूस रहा था. मेरे झटकों से उनकी आवाज़ कपडे के अंदर से भी थोड़ी-थोड़ी आ रही थी. उनकी आह आह की आवाज़ और ऊपर-नीचे होते हुए चूचे मुझे लगातार चोदने में मज़ा आ रहा था.
फिर कुछ मिनटों में उन्होंने मुझे ज़ोर से पकड़ लिया. मैं ज़ोर-ज़ोर से झटके मार रहा था. फिर वो एक-दम से झड़ने लगी और मुझे कस कर पकड़ लिया. उनका शरीर झटके मार रहा था और वो झड़ गयी. मेरा भी काम होने वाला था तो मेरे झटके और तेज़ हो गए. फिर मैंने अपना लंड बाहर निकाल कर सारा माल मम्मी के पेट पे गिरा दिया. बहुत सारा माल निकला और मम्मी का पूरा पेट चिकना हो गया. फिर उन्होंने उसे कपडे से साफ़ किया. मैंने मम्मी को ज़ोरदार किश किया. वो मेरे कान में बोली-
मम्मी: आज से ज़्यादा मज़ा कभी नहीं आया. जो गोली आज खा के आये हो वो रोज़ खा के आया करो.
मैं मन ही मन बहुत खुश हुआ. मन तो कर रहा था एक बार और चोद दू लेकिन रिस्क बहुत था. पिछले 2 घंटे से चुदाई चल रही थी. फिर मैं बेड पर जा कर सो गया. मैंने उसके 2 महीने बाद मम्मी को फिर चोदा, कहाँ और कैसे चोदा उसकी कहानी बाद में.
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