Saural me holi par group sex story:- पिछले पार्ट मे आपने पढ़ा कि ससुराल मे मेरी पहली होली थी और मुझे नही पता था कि मेरे ससुराल मे होली पर क्या होता है। होली के दिन ससुराल मे सामूहिक चुदाई होती थी। उसके कुछ रुल्स और राउंड थे। पहले राउंड मे सब लेडिज पर्ची मे आए नाम वाले मर्द के लंड को चूसकर पानी निकालना था। मुझे बड़े जेठ जी के लंड को चूसना था। उस राउंड के खत्म होने के बाद, अब पढ़िये आगे..
ससुराल मे पहली होली मे सारे मर्दों ने चोदा – 2
Saural me holi par group sex story

पापा जी ने सीटी बजाई, हमारा ध्यान पापा जी की तरफ गया पापा जी ने इस राउंड के विनर बताया। सबसे पहले राजू जी के लंड का पानी निकला था, यानि की इस राउंड के लेडीज में विनर मम्मी जी थी। जो छोटे जेठजी की जोड़ीदार थी वहीं मर्दों में सबसे लास्ट में लंड का पानी जेठ जी का निकला था, तो मर्दों में इस राउंड के विनर बड़े जेठ जी थे। प्रतियोगिता का दूसरा राउंड ख़त्म हो चुका था।
मर्दों में सबसे आगे जेठ जी थे और वही लेडीज में, मैं और मम्मी जी बराबरी पर थे।
अब प्रतियोगिता के अगले राउंड की बारी थी पर उससे पहले हम सब ने आराम किया। पापा जी ने एक बार फिर से सीटी बजाई और बोले अब हम शुरू करेंगे प्रतियोगिता का तीसरा राउंड। चूत की चटाई। एक बार फिर से जोड़ी बनेगी और हर मर्द अपनी जोड़ीदार की चूत चाटेगा और जिस लेडीज के चूत से पहले पानी निकल गया, उसका मर्द विनर और जिस लेडिस ने अपने आप को सबसे आखिर तक संभाले रखा, वह लेडीज विनर होगी।
एक बार फिर से दोनों जार में से पर्चियां निकाली गई पहली जोड़ी में, मै और पापाजी दूसरी बार पर्ची निकालने पर, छोटे जेठजी और बड़ी भाभी की जोड़ी बनी, तीसरी बार में बड़े जेठ जी और मम्मी जी का नाम आया और आखरी जोड़ी मेरे पति और छोटी भाभी का नाम आया।
अब जोड़ियां बन चुकी थी, अब बारी थी प्रतियोगिता के अगले राउंड की। जिसमे सभी लेडीज पूल के अंदर खड़ी होंगी और पानी उनके पैरो के घुटने तक होगा और सारे मर्द अपनी जोड़ीदार की चूत को चाटेंगे। पापा जी ने सीटी बजाई और घर की सारी लेडीज पूल के अंदर जाकर खड़ी हो गई।
सबसे पहले मै, फिर मम्मी जी, उनके साइड में बड़ी भाभी और सबसे आखिर में छोटी भाभी। सारे मर्द भी पूल के अंदर अपने जोड़ीदार के सामने आकर खड़े हो गए, मेरी नज़र पापाजी से मिली और पापाजी के सीटी बजाते ही प्रतियोगिता शुरू हो गयी।
अब सारे मर्द अपने घुटनों पर बैठ गए और सब अपनी जोड़ीदार की चूत को चाटने लगे। पापा जी भी अपने घुटनों पर बैठ गए, जैसे ही उनके हाथो की उँगलियों ने मेरी चूत को छुआ, मैंने अपनी साँसों को रोक लिया और आँखे बंद कर ली। दोनों हाथों को टाइट करके मुट्ठी बंद कर ली, सीधे खड़े रहने की कोशिश करने लगी। अब पापा जी ने मेरी चूत के ऊपर की परत हटाई और अपनी उँगलियों को मेरी चूत पर आगे पीछे करने लगे।
मेरे पुरे शरीर में सनसनाहट होने लगी और उन्होंने अपने दूसरे हाथ से मेरे गांड पर एक हलकी सी चपेट मारी और मेरी गांड को अपने हाथों से दबाने लगे। पापा जी अपने एक हाथ की उँगलियों से मेरी चूत को सहला रहे थे, वही दूसरे हाथ से मेरी गांड को दबा रहे थे मैं उनके दोनों हाथों को अच्छे से महसूस कर सकती थी। बड़ी मुश्किल से सीधी खड़ी थी। तभी पापा जी ने अपनी एक उंगली मेरी चूत के अंदर डाल दी।
मेरे मुंह से आह की आवाज़ निकली आह्ह्ह उहह। उईईई। मैं थोड़ा पीछे हट गई, बाकि सब मुझे देखकर हंसने लगे और मैं थोड़ा शर्मा गयी। अब पापा जी ने मुझे अपनी तरफ खिंचा और अपने चेहरे को मेरे चूत के पास ला कर उसे सूंघने लगे और अपनी जीभ निकालकर मेरी चूत का स्वाद लिया। अब मैं नहीं चाहती थी की मेरी हरकतों से दोबारा बाकि सब मुझ पर हँसे।
मैं अपने आप को शांत रखने की पूरी कोशिश कर रही थी। पापा जी लगातार अपनी जीभ को मेरी चूत पर घुमा रहे थे, मैं बहुत उत्तेजित हो चुकी थी, मैंने अपना एक हाथ पापा जी के सर पर रखकर हल्का सा अपनी चूत पर दबा दिया। पापा जी मेरी चूत चाटने में लगे हुए थे। पापा जी का हाथ जो मेरी गांड मसल रहा था, वहां से उसे हटा दिया। अब दोनों हाथों से मेरी जांघों को फैलाया जिससे मेरी चूत और खुल गई और पापा जी को चूत चाटने के लिए थोड़ी और गहराई मिल गयी।
तभी मैंने देखा छोटे देवर जी ने बड़ी भाभी को कंधे पर ऊपर उठा लिया है बड़ी भाभी के दोनों पैर छोटे जेठ जी के कंधो पर और जेठजी का सर बड़ी भाभी की चूत के बीच लग रहा था। छोटे जेठजी अपना सर बड़ी भाभी के चूत में डाल देंगे, छोटे जेठजी बड़ी भाभी की चूत को लगातार चाट रहे थे, बड़ी भाभी भी बहुत उत्तेजित थी वही छोटी भाभी झुकी हुई थी, उनके दोनों हाथ अपने घुटने पर थे, मेरे पति उनकी चूत के साथ गांड भी चाट रहे थे। माहौल बहुत गर्म था और हम सब के बीच जोरदार मुकाबला चल रहा था।
जब मैं बाकियों को देख रही थी, तो मेरा ध्यान कुछ देर के लिए पापा जी पर से हट गया था। जिससे मुझे थोड़ा और समय मिल गया और मैंने अपने आप को संभाल लिया। पापा जी भी अपना एक हाथ मेरी जांघों से हटाकर मेरे चूचियों और ले आये और उसे मसलने लगे। पापा जी के बड़े हाथ बेरहमी से मेरी चूचियां मसल रहे थे। मुझे दर्द हो रहा था, उनकी उँगलियों के नाख़ून मेरे चूचियों पर लग गए और वहाँ से खून निकलने लगा।
मुझे गुस्सा आया लगा, मैं पापा जी से पीछे हट जाऊ पर ऐसा करने की हिम्मत नहीं हुई। पापा जी मेरी हालत से बेखबर चूत चाटने में लगे हुए थे, तो मैंने उनका हाथ हटाने की कोशिश की और पापा जी भी अपना हाथ मेरी चूचियों से हटाकर वापस मेरी गांड पर ले आये और उसे मसलने लगे मुझे थोड़ी रहत मिली। बडी भाभी की चूत ने पानी छोड़ दिया और छोटे जेठ जी ने बड़ी भाभी को अपने कंधे से नीचे उतार दिया।
बड़ी भाभी की चूत से निकला पानी छोटे जेठ जी चेहरे पर लगा हुआ था। दोनों खड़े होकर एक दूसरे को देख कर तेजी से साँसे ले रहे थे। अगली बारी मम्मी जी की थी उनकी चूत का भी पानी निकल गया। मम्मी जी की चूत के पानी की बुँदे नीचे पूल के पानी में गिर गई और कुछ बुँदे बड़े जेठजी के चेहरे पर लगी हुई थी। अब इस राउंड में मै और छोटी भाभी बची हुई थी। यहाँ पापा जी और मेरे पति दोनों चूत चाटने में लगे थे, पापा जी ने थोड़ा और दबाव मेरी चूत पर लगाया और अपनी जीभ को मेरी चूत पर और तेजी से घुमाने लगे। मै अपने चरम पर थी, मेरा हाथ जो पापा जी के सर पर था उनके बालों को अपने हाथों की उँगलियों में जकड लिया और थोड़ा पीछे खींचने की कोशिश की पापा जी मेरी चूत चाट रहे थे।
मै उनकी जीभ को अपनी चूत के अंदर भी महसूस कर रही थी अब मेरा शरीर अकडने लगा था और बस मेरे शरीर ने साथ छोड़ दिया। इससे पहले की मेरी चूत का पानी निकलता, छोटी भाभी की चूत ने अपना पानी छोड़ दिया, मैं भी अपने आपको और ज्यादा देर तक संभल न पायी और मेरी चूत ने भी अपना पानी छोड़ दिया। पापा जी मेरी चूत से निकले पानी को पी गए। एक बूँद भी नीचे नहीं गिरने दिया और इस तरह प्रतियोगिता का यह राउंड भी ख़त्म हो गया था।
प्रतियोगिता का ये राउंड भी ख़त्म हो चुका था हम सब खड़े थे, मेरी सांसे तेज हो गयी थी। पापा जी ने सीटी बजाई, हमारा ध्यान पापा जी की तरफ गया। पापा जी ने इस राउंड के विनर बताया, सबसे पहले छोटे जेठजी ने बड़ी भाभी की चूत का पानी निकाला था, यानि की इस राउंड के मर्दों में विनर छोटे जेठजी जी थे। वहीं लेडीज में सबसे लास्ट में मेरी चूत का पानी निकला था, तो में इस राउंड के विनर मे थी। प्रतियोगिता का तीसरा राउंड ख़त्म हो चुका था मर्दों में सबसे आगे जेठ जी थे और वही लेडीज में मैं सबसे आगे थी।
अब अगला राउंड शुरू करने से पहले हम थोड़ा रुके। घर के मर्दों ने पार्टी का इंतजाम कर रखा था। मेरे पति ने म्यूजिक ऑन कर दिया भाभी घर के अंदर से सबके लिए खाने पीने का सामान ले आई। मर्दों के लिए शराब और बियर की बोतलें भी आयी हुई थी।
अब पार्टी शुरू हुई सारी लेडीज ने अपनी खाने के लिए लिया सारे मर्दो ने भी अपने लिए पेग बना लिया। बड़े जेठजी मेरे पास आये और एक पेग मुझे देने लगे। मै शराब नहीं पीती थी, तो मना कर दिया पर मेरे बगल में ही खड़ी बड़ी भाभी ने जेठजी के हाथ से पेग ले लिया और पी गयी। मै और ये देखकर चौक गई। बडी भाभी शराब पी रही है, पर बड़ी भाभी ही नहीं मम्मी जी और छोटी भाभी भी शराब पी रही थी।
एक बार फिर से मेरे पति मेरे पास आये और मुझे शराब देने लगे मै बिना कुछ बोले बड़ी बड़ी आंखे किये, अपने पति को देख रही थी। तभी पापाजी भी आगे आये और मुझे अपना शराब का गिलास देकर पिने को बोलने लगे। मै बहुत असमंजस में थी की क्या करूँ? क्यूंकी मै शराब नहीं पीती थी, पर पापाजी बोल रहे है, मै उनको कैसे मना करती।
सबकी नज़रे मुझे पर थी और मैंने मुंह से लगाकर एक घूँट लिया। ऐसा लगा मानो तेज़ाब मेरे मुंह और गले को जलाता हुआ पेट में जा रहा है। मेरे को फ़ौरन उबकाई आ गई। मैंने बड़ी मुश्किल से मुंह पर हाथ रख कर अपने आप को रोका।
“लो एक और घूँट लो।” पापाजी ने कहा।
“नहीं कितनी गन्दी चीज है पापाजी मैं नहीं पी सकती।
पापाजी बोले ज्यादा नहीं बस ये गिलास को खाली कर दो।
मैंने अपनी साँसे रोकी एक बार में ही पूरा गिलास खाली कर दिया और अपनी सांस छोड़ी।
पापाजी बोले ये हुई बात और सब हंसने लगे।
हम पूल में अंदर गए होली खेल रहे थे, एक दूसरे को रंग लगा रहे थे और डांस कर रहे थे। मैंने ध्यान दिया की छोटे जेठ जी रंग लगाने के लिए बार-बार मेरे पास आ रहे थे और मेरी चूचियों और गांड को दबाने की कोशिश कर रहे थे। पर मैंने भी इसका कोई विरोध नहीं किया और मुझ पर शराब का असर होने लगा था। मेरा सर घूमने लगा था, कुछ देर तक हम ऐसे ही एक दूसरे को रंग कर म्यूजिक पर डांस करते रहे।
पूल के अंदर का पानी भी कलरफुल हो गया था, हम सबने बहुत सारी मस्ती करने के बाद हम पूल के बाहर आ गए। और फिर सबके लिए एक-एक पेग बना। मेरे लिए भी, मै थोड़ा नशे में थी और ये पेग भी मै पी गयी।
अब बारी थी प्रतियोगिता के अगले राउंड की। एक बार फिर से दोनों जार में से पर्चियां निकाली गई पहली जोड़ी मेरे पति और बड़ी भाभी , दूसरी बार पर्ची निकालने पर छोटे जेठजी राजू और मेरा नाम आया। जब से प्रतियोगिता शुरू हुई थी, तब से छोटे जेठजी मेरे आगे पीछे घूम रहे थे पर उनको मौका अब मिला। अबकी बार मुंह मांगी चीज मिल गयी थी। तीसरी बार में बड़े जेठ जी और मम्मी जी और आखरी जोड़ी पापा जी और छोटी भाभी रूपा का नाम आया।
अब जोड़ियां बन चुकी थी प्रतियोगिता के इस राउंड में सभी मर्द अपने जोड़ीदार लेडीज के चूत की चुदाई करेंगे। जो लेडीज अपनी जोड़ीदार के लंड का पानी पहले निकाल देगी वो इस राउंड की विनर होगी। वही मर्दो में जिसके लंड का पानी सबसे लास्ट में निकलेगा वो विनर होगा।
ससुराल मे पहली होली मे घर के सारे मर्दों ने चोदा – 4
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