Sasur bahu ki mazedar sex story:- हैलो दोस्तों उम्मीद है मेरी कहानी आपको पसंद आ रही है। पिछले पार्ट मे आपने पढ़ा कि मैंने बहू को किचन मे अपनी चूत मे बैंगन लेते हुए पकड़ लिया। फिर मैंने उसकी कमर मे हाथ देके उसे अपनी तरफ खींचा और उसको बोला कि अपने कमरे मे ये काम किया करो। अब बहू जहां भी मुझे अकेली मिलती तो मै बहू कि गांड दबा देता। अगले दिन नेहा को बहू पूरी कहानी बताई फिर नेहा ने बहू को मेरे से चुदने के बारे मे बोला। अब आगे पढ़िए..
पड़ोसन की मदद से बहू को चोदा -3
Sasur bahu ki mazedar sex story
शाम को मेरी बहु मेरे लिए चाय लेके आयी. अब मेरी बहू ने मेरी आँखों में देखा. और मैंने स्माइल किया. साड़ी में दिखता मेरी बहु के मादक जिस्म ने मेरा लंड खड़ा कर दिया. मै उसके सामने अपना लंड सहलाने लगा. बहु चाय देके चली गयी. मैंने चाय पी और बर्तन खुद लेके किचन में गया. बहु वहाँ सब्जी काट रही थी.
बहु – अरे पापा मुझे आवाज दे दी होती, मै बर्तन उठा लाती.
अब मेरी बहु बिलकुल नार्मल लग रही थी. जैसे अब उसे कोई फर्क ही नहीं पड़ रहा था. बहु बर्तन सिंक में रखने लगी. तभी मैंने पीछे से उसे पकड़ लिया. मैंने बहु की कमर को पकड़ रखा था.
बहु – ये क्या कर रहे है पापा?
मै – वही कर रहा हूं बहु, जो कल रात तुम बैगन के साथ कर रही थी. लगता है मेरा बेटा तुम्हे ठंडा नहीं करता है. इसीलिए कल तुम बैगन से अपनी गर्मी निकाल रही थी.
बहु – ऐसा कुछ नहीं है पापा. मै उनके साथ बहुत खुश हूँ इस उम्र आप ऐसे हरकत कर रहे है. वो भी अपने बेटे की बीवी के साथ आपको शर्म आनी चाहिए.
मै – बहु अगर मै शर्म करूँगा, तो तुम्हारी गर्मी कैसे निकालूंगा. वैसे भी जब से तुमको बैगन करते हुए देखा है. मेरा लंड बैठ ही नहीं रहा है.
बहु – पापा मै मानती हूं मुझसे गलती हो गयी. मगर जो आप कर रहे है, वो भी गलत है ऐसा मत कीजिये.
मै – बहु मै गलत सही कुछ नहीं जानता हूँ में कई सालो से अकेला हूँ मै तो भूल ही गया था, की सेक्स नाम की चीज होती है. मगर जब से मैंने तुमको देखा है. मै फिर से जिन्दा हो गया हु.
मैंने अपना लंड पाजामे से बाहर निकाल दिया.
मै – ये देखो बहु कितने सालो के बाद ये खड़ा हुआ है. सिर्फ तुम्हे देखकर. अब मुझसे रहा नहीं जा रहा है.
बहु – ये आप क्या कर रहे है पापा? इसे अंदर कीजिये अपनी बहु के सामने ऐसा करते हुए, आपको अच्छा लग रहा है? अगर आपको सेक्स की तलब है. तो किसी रंडी के साथ ये कर लीजिये.
मै – बहु मै रंडी के पास नहीं जाता हूँ कम से कम तुम इसे आपने हाथ से ही शांत कर दो. इससे मै तुम्हारी चुदाई नहीं करूँगा और तुम भी बच जाओगी. अब देखो मना मत करना. Sasur bahu ki mazedar sex story
मैंने बहु का हाथ अपने लंड पर रख दिया. मगर वो मेरे लंड को पकड़ नहीं रही थी. मगर मै बार बार उसका हाथ आपने लंड पर रख देता और आखिर कार उसने मेरा लंड पकड़ लिया और उसे आगे पीछे करने लगी.
मै – बहु तुम्हारे हाथ से ही मुझे कितना अच्छा लग रहा है. ऐसा लग रहा है जैसे मेरा लंड तुम्हारी चूत में जा रहा हो.
बहु – पापा ऐसी बाते मत बोलिये. मुझे अच्छा नहीं लग रहा है.
मै – देखो बहु अब इतनी बाते तो बोल ही सकते है. इससे मेरा पानी जल्दी निकल जायेगा.
बहु – ठीक है आपका जो भी मन है बोल लीजिये.
मै – बहु मेरे लंड पर थोड़ा थूक लगा दो. ये सूखा हो गया है.
मेरी बहु ने मेरे लंड पर थूक लगा दिया. और अब मेरा लंड आराम से आगे पीछे हो रहा था.
मै – बहु आज तुमने कोनसे रंग की ब्रा पेंटी पहनी है.
बहु – इससे आपको क्या लेना देना. मै आपका काम कर तो रही हु.
मै – अरे बहु मैंने कहा न हम खुल के बाते तो कर सकते है. मै वादा करता हूँ हमारी ये बाते और ये राज़ मै किसी को नहीं बताऊंगा.
बहु – काली ब्रा और सफ़ेद पेंटी पहनी है और आप मुझे बहु बहु कहना बंद कीजिये. मुझसे से मुठ मरवा रहे है. और मुझे बहु कह रहे है. कौनसा ससुर ऐसा करता है.
मै – बहु आज कल सबसे ज्यादा चुदाई रिश्ते में ही होती है. ताकि राज़ राज़ ही रहे. वैसे मेरा बेटा भी कहा जानता है की उसकी बीवी की चूत में कितनी आग है.
बहु मुझे घूर के देख रही थी और जल्दी जल्दी अपना हाथ चला रही थी. कुछ ही देर में मेरा पानी निकल गया और बहु अपने हाथ धोने लगी.
मैंने आपने लंड पाजामे के अंदर डाल लिया और बहु मेरा पानी साफ़ करने लगी. मैंने पीछे से बहु के दूध दबा दिए और किचन से निकल गया. रात को मेरा बेटा भी गया. जब भी बहु मेरे सामने आती और हमें कोई नहीं देख रहा होता, तो मै उसकी गांड दबा देता था. मैंने एक ही दिन में कम से कम 50 बार उसकी गांड दबा दी थी. रात में ज्यादा कुछ नहीं हुआ और में भी सो गया. Sasur bahu ki mazedar sex story
अगली सुबह मै घूमने नहीं गया, मगर मै उठ जल्दी ही गया. मेरी बहु भी जल्दी ही उठ जाती है और घर के काम जल्दी करके नहाने जाती है. मै उसी का इंतज़ार कर रहा था. जब बहु ने घर के काम कर लिए. तो वो अपने कपडे लेने कमरे में गयी और मै तभी बाथरूम में घुस के नीचे बैठ गया. कुछ ही देर में बहु बाथरूम मे आयी. इससे पहले वो मुझे देख पाती, मैंने उसका हाथ पकड़ा और उसे अंदर खींच लिया. मेरी बहु के हाथ से कपडे नीचे गिर गए और उसके मुँह से जैसे ही आवाज निकलने वाली थी. मैंने अपना हाथ उसके मुँह पर रख दिया.
Sasur ne bahu ko choda
मै – बहु आवाज मत करना, वरना मेरा बेटा उठ जायेगा.
बहु – पापा आप यहाँ क्या कर रहे है? जानते है न आपका बेटा घर में ही सोया हुआ है. अगर वो जाग गए तो हम दोनों की खैर नहीं. आप जल्दी से निकल जाओ.
मै – बहु अगर मुझे निकलना ही होता, तो मै अंदर ही क्यों आता? मै तो बस अपनी बहु के इस गरम जिस्म को देखने आया हु.
बहु – पापा आपका दिमाग ख़राब हो गया है, कल आपने मुझसे मुठ मरवाई और आज ये. मै ऐसा कुछ नहीं करने वाली.
मै – बहु एक बार मुझे आपने इस जिस्म को देख लेने दो, उसके बाद मै चला जाऊंगा.
बहु – पापा प्लीज चले जाये यहा से, कही उन्होंने देख लिया, तो सब बर्बाद हो जायेगा.
मै – बहु सिर्फ एक बार, वैसे भी मेरा बेटा देर से उठता है. इतनी देर में तो तुम दिखा भी देती मुझे.
काफी देर बहु को समझाने के बाद वो मान गयी.
बहु – ठीक है पापा मगर आप देखते ही निकल जाना.
मै – हाँ बहु तुम्हे नंगा देखकर मै निकल जाऊंगा, मगर तुम्हारे कपडे मै निकालूंगा.
मेरी बहु मेरे सामने खड़ी थी और मैंने उसकी मैक्सी निकाल दी. अब मेरी बहु सिर्फ काली ब्रा और सफ़ेद पेंटी में खड़ी थी. मेरी बहु ब्रा पेंटी में एकदम अप्सरा लग रही थी. बहु पीछे मुड़ गयी और मैंने उसकी ब्रा निकाल दी. ब्रा निकलते ही मेरी बहु के दूध आजाद हो गए. मैंने बहु को अपनी तरफ घुमाया. मगर उसने अपने दूध हाथ से छुपा लिए. मैंने बहु के हाथ हटा दिए और उसके दूध को पकड़ लिया. मेरी बहु मेरी ही आँखों में देख रही थी और मै उसके दूध को दबा रहा था, मसल रहा था. Sasur bahu ki mazedar sex story
बहु – पापा जल्दी से देख लीजिये.
मै नीचे बैठ गया और हलके हलके बहु की पेंटी नीचे करने लगा. पैंटी नीचे होते ही बहु की हलके हलके बालो वाली चूत मेरे सामने थी. बहु की चूत के होंठ चिपके हुए थे और मैंने आपने हाथ से उसे अलग कर दिया. बहु की चूत खुलते ही उसका छेद दिखने लगा. मैंने अपने हाथ चूत के दाने पर रख दिया और उसे जोर जोर से हिलाने लगा. इससे पहले बहु मेरा हाथ हटाती. मैंने अपना मुँह उसकी चूत पर लगा दिया. बहु मेरा सर हटा रही थी. मगर मेरी जीभ अपना कमाल दिखाने लगी. बहु की चूत पर जीभ लगते ही बहु का जिस्म ढीला पड़ने लगा. मैंने अपनी बहु की टाँगे फैला दी और 1 ऊँगली उसकी चूत में डाल दी. चूत की चुदाई और चटाई एक साथ मेरी बहु को मिल रही थी.
अब मेरी बहु मुझे नहीं रोक रही थी. पुरे 10 मिनट चूत चाटने के बाद मेरी बहु का पानी निकल गया. मैंने अपनी बहु की चूत चाटके साफ़ कर दी. बहु के चेहरे पर एक संतुष्टि का अहसास था. मैंने एक स्माइल किया. और वहाँ से निकल गया. मै अपने कमरे में आ गया और कुछ टाइम बाद मेरा बेटा भी उठ गया. Sasur bahu ki mazedar sex story
बेटा – अरे पापा आज आप घूमने नहीं गए?
मै – अरे नहीं बेटा बस आज मन नहीं किया, इसीलिए नहीं गया.
मेरी बहु मेरी तरफ ही देख रही थी. कुछ देर बाद मेरी बहु मेरे कमरे में चाय लेके आयी. जैसे ही वो जाने लगी. मैंने उसे पकड़ लिया.
मै – बहु आज मज़ा तो आया तुम्हे? क्या मेरा बेटा भी तुम्हारी चूत ऐसे ही चाटता है?
बहु ने कोई जवाब नहीं दिया तो मैं साड़ी के ऊपर से उसकी चूत सहलाने लगा. तभी बाहर से मेरे बेटे की आवाज आयी.
बहु – पापा जाने दीजिये आपका बेटा बुला रहा है.
मैंने बहु को छोड़ दिया और वो जल्दी से चली गयी. हम सब नास्ता करने लगे और उसके बाद बेटा चला गया. मै आपने पोते को घूमाने ले गया और 1 घंटे बाद वापस आया. मैंने उसे टीवी पर कार्टून लगा दिया और वो कार्टून देखने में बिजी हो गया. मै किचन में गया तो मैंने देखा मेरी बहु आटा गूंध रही है. मैंने पीछे से जाके अपनी बहु को पकड़ लिया. उसके हाथ आटे में सने हुए थे, इसीलिए वो कुछ नहीं कर पा रही थी. मै बहु के दूध पकड़ के दबाने लगा. वो मुझसे छूटना चाह रही थी, मगर मै उसे कही जाने नहीं दे रहा था. Sasur bahu ki mazedar sex story
बहु – पापा प्लीज मत कीजिये ना! मुझे खाना बनाने दीजिये.
मगर मै कहा सुनने वाला था, मैंने बहु की साड़ी पीछे से उठा दी. मेरी बहु ने वी शेप की काली पेंटी पहनी थी. मैंने उसकी पेंटी नीचे कर दी. अपने हाथो से बहु की गांड को फैलाया और मुझे बहु की गांड का छेद और चूत खुल के दिखाई देने लगे. पहले मैंने बहु की चूत में मुँह लगा दिया और उसे चूसने लगा. बहु किचन स्लैब पर आगे की तरफ झुक गयी और मै अपनी जीभ बहु की चूत और गांड पर चलाने लगा. मुझे बहुत मज़ा आ रहा था और मुझसे ज्यादा मज़ा मेरी बहु को आ रहा था. इस बार वो खुद की आवाज को नहीं दबा पायी. क्युकी उसके हाथ आटे से सने थे. बहु अपने मुँह से कामुक आवाज निकाल रही थी. आह्हः ममम उम्म्म और मै उसकी चूत के रस को चाट रहा था. Sasur bahu ki mazedar sex story
कुछ ही देर में बहु का पानी निकल गया और बहु स्लैब पर ही सर रखकर जोर जोर से साँसे ले रही थी. मैंने बहु की पेंटी उसके पैर से निकाल ली.
मै – बहु अब तुम पेंटी मत पहना करो, मुझे बार बार उतारनी पड़ती है. मै तुम्हारी चूत बार बार चाटना चाहता हु.
बहु कुछ नहीं बोली और मै आपने पोते के पास आ गया. दोपहर में नेहा आ गयी और मेरी तरफ देखकर हँसते हुए बहु के कमरे में चली गयी. मै भी उसके पीछे चला गया और उनकी बाते सुनने लगा. मेरी बहु ने नेहा को सब बता दिया. कैसे मैंने उससे मुठी मरवाई, कैसे 2 बार मैंने उसकी चूत चाटी और नेहा ये सब सुनके बहुत एक्साइटेड दिख रही थी.
नेहा – देखा निधि मैंने कहा था ना तेरा ससुर तुझे चोदना चाहता है.
बहु – भाभी अगर उन्हें मेरी चुदाई करनी होती, तो वो कर लेते मगर उन्होंने तो सिर्फ मुठी मरवाई और मेरी चूत को चाटा है.
नेहा – तेरा ससुर पूरा खिलाडी है, तेरी बातो से लगता है वो कई औरतो की चुदाई कर चुका है और तेरी चूत चाट के वो पहले तुझे खुश करना चाहता है.
बहु – भाभी शायद आप सही कह रही हो उनके पास 3 बार मौका था. मगर उन्होंने अपना लंड नहीं डाला. बस मेरी चूत और गांड को चाट रहे थे.
नेहा – तेरा ससुर वाकई में अच्छा आदमी है, वरना अब तक तो तेरे कपडे फाड़ चुका होता. वैसे तूने उसका लंड देखा? कैसा लगा तुझे मोटा है या नहीं?
बहु – हाँ भाभी देखा भी और मुठी भी माँरी! सच में काफी अच्छा लंड है उनका, मोटा भी है और टाइट भी काफी था.
नेहा – तो देर क्यों कर रही है? सब कुछ तो हो चुका है! चढ़ जा उनके लंड पर, वैसे तूने अभी तक उनका लंड चूसा या नहीं.
बहु – नहीं भाभी मुझे समाझ नहीं आ रहा था, करू या नहीं.
नेहा – तू भी बिलकुल ट्यूबलाइट है, अपने ससुर से अपनी चूत चाटवा ली, मगर बस उनका लंड लेने में प्रॉब्लम है. वैसे तुझे देखकर लगता है, उन्होंने तुझे अच्छे से खुश कर दिया है.
बहु – भाभी अगर कोई चूत चाटे वो भी तुम्हारे पति के घर मे रहते, तो सोचो क्या हालत होती होगी.
नेहा – यार तेरे ससुर की बाते सुनके मुझे जलन हो रही है. काश मेरी सास की जगह मेरा ससुर होता, तो मै उसे बुढ़ापे में जन्नत को सैर करवा देती.
बहु – वैसे भाभी मन तो मेरा भी बहुत हुआ था की उनका लंड अपनी चूत में ले लू. मगर वो ही चूत चाट के चले गए.
नेहा – अरे यार तू भी थोड़ी बेशरम बन जा, अभी खाना खाने के बाद उनके कमरे में चली जाना और चढ़ जाना उनके लंड के ऊपर.
नेहा बाते करके चली गयी. फिर मेरा बेटा भी आ गया. हम सबने खाना खाया और बेटा वापस अपनी दुकान पर चला गया. आज इससे पहले मेरी बहु मेरे कमरे में आती. मै उसके कमरे में चला गया. बहु मुझे देखते ही खड़ी हो गयी. मै बहु के पास गया और उसकी साड़ी निकालने लगा. मेरी बहु अब बिलकुल मेरे बस में आ गयी थी. मै उसकी साड़ी निकाल रहा था और वो मेरी आँखों में एक प्यासी औरत की तरह देख रही थी. जिसका पति आज उसे चोदने आया हो. कहानी जारी रहेगी।
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