Sasur ji aur bahu rani ki chudai story:- हैलो दोस्तों उम्मीद है मेरी कहानी आपको पसंद आ रही है, पिछले पार्ट मे आपने पढ़ा कि मैंने अपनी पड़ोसन और बहू के बीच हुई सेक्सी बातें सुनी, जिससे मुझे पता चला कि बहू को पूरी संतुष्टि नहीं मिलती है। बहू ने सब्जी वाले से अपनी चूत को शांत करने के लिए बैंगन भी खरीदा था। तो अब आगे पढ़िए..
पड़ोसन की मदद से बहू को चोदा -1
Sasur ji aur bahu rani ki chudai story
सुबह घूमने गया और वहाँ कूड़ा उठाने वाली की चुदाई करके आ गया. लंड का पानी निकलने से थोड़ी शान्ति मिल गयी. मगर मुझे क्या मालूम था. घर पर आज मुझे गरम नज़ारा देखने को मिलेगा. में जानता था मेरी बहु बैगन अपनी चूत में लेने वाली है. इसीलिए जब मेरी बहु काम कर रही थी. तब मैंने बहु के कमरे के दरवाजे में ऊपर की तरफ एक छेद बना दिया. जिससे मुझे पूरा नज़ारा दिख जाये. और मेरा सोचना ठीक निकला. दोपहर के टाइम नेहा और मेरी बहु बाते करने लगे.
नेहा – निधि कल तूने मेरे कहने पर बैगन तो ले लिया. रात में चूत में लिया या नहीं.
बहु – अरे भाभी रात में तो पति साथ होते है. तब कैसे लेती कही मेरे पति ने देख लिया तो कहेंगे तेरी चूत में ज्यादा ही आग है.
नेहा – अरे निधि ये मर्द कब गहरी नींद में होते है. ये हम बीविया ही जानती है. मै तो उनके सोने के बाद अक्सर अपनी चूत को शांत करती हु.
बहु – भाभी आप इतनी मॉडर्न हो. खूबसूरत भी बहुत हो. वैसे भाभी आपने कभी किसी और मर्द से चुदाई करवाई है.
नेहा – निधि तुम भरोसे वाली हो. इसीलिए तुम्हे ये बात बता देती हूँ हाँ मैंने और मर्दो से चुदाई करवाई है.
बहु – हे भगवान क्या सच में भाभी? आपके पति को कभी शक नहीं हुआ.
नेहा – अरे मेरी भोली निधि शक कैसे होगा. अब मेरी चूत टाइट थोड़ी न रही. उसपर मेरे पति के लंड की मोहर जो लग चुकी है. अब तो मै किसी से भी कर लू. उन्हें कुछ पता नहीं चल सकता है. Sasur ji aur bahu rani ki chudai story
बहु – वाह भाभी आप तो कमाल हो. वैसे आपको बाकि लोगो से सेक्स करके मज़ा आया. या वो भी आपके पति जैसे ही थे.
नेहा – अरे यार पूछ मत कितना मज़ा आता है. नए नए लंड, किसी का मोटा, किसी का लम्बा, कोई चूत चाटने में माहिर तो कोई चुदाई करने में खिलाडी.
बहु – तो भाभी कोई ऐसा भी था. जो आपको सबसे ज्यादा पसंद था.
नेहा – हाँ एक मास्टर है. दिखने में बहुत भोला सा है. मगर जब उसने पेण्ट उतारी. तो उसका लंड देखकर मज़ा आ गया.
बहु – सच में भाभी कैसा था उसका लंड.
नेहा – पूछ मत निधि काफी लम्बा और मोटा है उसका. वो मेरे मायके के पास रहता है. जब भी मायके जाती हूँ उसके साथ जरूर चुदाई होती है.
बहु – भाभी आप तो बहुत याद करती होगी उस मास्टर को.
नेहा – अरे यार ये तो आते जाते रहते है. मै किसी से प्यार नहीं करती हूँ बस जैसे हम कभी कभी खाना खाने बाहर जाते है. वैसे ही मै कभी कभी बाहर के लंड से मज़ा ले लेती हु.
बहु – भाभी कभी आपको बुरा नहीं लगता है. की आप आपने पति को धोका दे रही है.
नेहा – निधि ये मर्द जात भी कोनसी सीधी होती है. इनका भी बाहर चक्कर चलता है. तो हम लोग क्यों पीछे रहे. अब तुझे क्या बताऊ मैंने तो पने बाप की उम्र के मर्द के साथ भी चुदाई की है.
बहु – हे भगवान भाभी इतनी उम्र का अंकल आपकी चुदाई कर पाया.
नेहा – हाँ यार काफी अच्छी चुदाई करी थी. ये अंकल लोग को कम मत समझना. दिखने में बूढ़े लगते है. मगर लंड जवान बना के रखते है. वैसे तूने कभी किसी और के लंड के बारे में नहीं सोचा.
बहु – भाभी सोचा तो बहुत बार है. मगर मै एक हाउसवाइफ हूँ कहा बाहर जाके लंड लूँगी. वैसे भी किसी को मालूम चल गया. तो मेरी इज़्ज़त उतर जाएगी.
नेहा – मतलब लंड लेने का मन तो तेरा भी करता है. बस तुझे डर लगाता है.
बहु – भाभी वैसे तो मै आपने पति के साथ खुश हूँ बस कभी कभी जब वो सेक्स नहीं करते है. तब मेरा मन बहुत करता है.
नेहा – चल जब होना होगा. तब तेरी लाइफ में नया लंड आ ही जायेगा. तब तक तू बैगन से काम चला ले. और एक बात याद रखना. बैगन चूत में डालने से पहले उसपर कंडोम चढ़ा लेना.
बहु – भाभी उस पर कंडोम क्यों चढ़ाऊँ?
नेहा – बैगन नाजुक होता है. इसीलिए जब हमारा पानी निकलने वाला होता है. तब हम जोर जोर से उसे अंदर बाहर करते है. कही वो टूट गया. तो अंदर न रह जाये.
बहु – थैंक्स भाभी आप ने मुझे बता दिया. वैसे सच में आपसे ऐसी बाते करके. मेरी भी चूत गीली हो जाती है.
नेहा – अब चूत गीली हो ही गयी है. तो बैगन ले आ मैंने तो कल रात में 2 बार पानी निकाला था.
बहु – अरे भाभी अभी ले आउंगी. बाहर पापा बैठे होंगे. वो सोने जायेंगे तब ले आउंगी.
नेहा – चल ठीक है मै चलती हूँ तू अपनी चूत को ठंडा कर.
नेहा के बाहर आने से पहले में आपने कमरे में आ गया. नेहा चली गयी. अपनी बहु और नेहा की बाते सुनके मेरा लंड फटने लगा था. नेहा के जाते ही बेटा आ गया. हम सबने खाना खाया. और मै सोने चला गया. कुछ देर बाद मेरी बहु पने कमरे से बाहर आयी. और किचन में चली गयी. मैंने देखा जब वो वापस जा रही थी. तब उसने पल्लू में कुछ छुपा रखा था. बहु के कमरे में जाते ही. में उसके पीछे चला गया. Sasur ji aur bahu rani ki chudai story
मैंने देखा मेरी बहु ने कमरा बंद कर रखा था. मैंने जो छेद किया था. उस छेद पर आँख लगा के देखने लगा. मेरी बहु बेड पर सिर्फ पेटीकोट और ब्लाउज में लेटी थी. मेरी बहु ने एक कंडोम उस बैगन पर चढ़ा दिया. और अपना पेटीकोट ऊपर करने लगी. बहु की चूत पर थोड़े बाल थे. बहु ने पने मुँह से थूक निकाला. और उसे अपनी चूत पर लगा लिया. थूक लगने से बहु की चूत चिकनी हो गयी और चमकने लगी. बहु ने बैगन अपनी चूत के मुंह पर लगाया और उसे हलके हलके अपनी चूत में डाल लिया. बहु की आँखे बंद थी और माथे पर हलके हलके दर्द की निशानी थी और हो भी क्यों न बैगन काफी बड़ा था. जिसका आधा हिस्सा उसने अपनी चूत में डाल लिया था. मेरा पोता ऑपरेशन से हुआ था और मेरी बहु की चूत अभी उतनी खुली नहीं थी. इसीलिए उसे थोड़ा दर्द हो रहा था. बहु हलके हलके बैगन अंदर बाहर कर रही थी और उसे मज़ा आ रहा था. वो अपने दूध को मसल रही थी और में बाहर खड़ा होकर अपना लंड हिला रहा था.
Mere sasur ji ne meri chudai ki
अगर ऐसा गरम नज़ारा कोई भी ससुर देखेगा तो उसके मुरझाये हुए लंड में भी जान आ जाएगी. मेरी बहु बैगन को हलके हलके पूरा अंदर ले रही थी और जैसे ही उसको दर्द होता. वो उसे बाहर निकाल लेती थी. बीच बीच में वो आपने मुँह पर हाथ रख लेती थी. जिससे उसकी आवाज न निकल जाये. मेरा पोता बहु के बगल में सो रहा था और मेरी बहु अपनी चूत की आग को शांत करने में लगी थी. कुछ देर बाद बैगन आराम से अंदर बाहर हो रहा था. मेरी बहु ने आपने हाथो की रफ़्तार बड़ा दी और कुछ ही देर में उसका पानी निकल गया. मेरी बहु वैसे ही लेट गयी. बैगन अभी भी मेरी बहु की चूत में था. मेरी बहु ने शायद अपनी चूत से थोड़ा जोर लगाया. जिससे बैगन बाहर निकल गया. जिससे बहु का खुला हुआ छेद और उसका गुलाबी पन साफ़ दिख रहा था. Sasur ji aur bahu rani ki chudai story
मैंने अपनी हाथ की रफ़्तार बढ़ा दी और मेरा पानी वही दरवाजे के पास निकल गया. मैंने जल्दी से अपना पजामा ऊपर किया और अपना फैला हुआ पानी साफ़ कर दिया. मेरी बहु वैसे ही लेटी हुई थी. आज एक बात तो समझ आ गयी थी की मेरी बहु को भी एक लंड की जरुरत है. और इससे पहले नेहा उसे बाहर के किसी लंड से चुदवाए, मै अपनी बहु की गरम चूत को ठंडा कर देता हु. आज नेहा की वजह से ही मै अपनी बहु का ये रूप देख पाया था. उसकी यही मदद मेरे सबसे ज्यादा काम आने वाली थी. शाम के टाइम जब मेरी बहु चाय देने आयी. तब कपड़ो में होने के बावजूद वो मुझे नंगी नज़र आ रही थी. मेरी नज़रे मेरी बहु के दूध और मादक जिस्म से हट ही नहीं रही थी. मुझे ऐसा घूरते देख बहु ने खुद का पल्लू ठीक किया. मगर पल्लू से क्या फायदा था. मेरी नज़र में तो वो नंगी ही खड़ी थी.
आज बहु के चेहरे पर एक अलग सुख का अहसास था. अब बहु जब भी मेरे सामने आती, मै अपना लंड उसके सामने सहला देता था. रात को बेटा भी आ गया. हम सबने खाना खाया और मै आपने कमरे में गया. रात को में 11 बजे बहु के कमरे के पास गया और छेद से अंदर देखने लगा. कमरे में नाईट बल्ब जल रहा था. इसीलिए साफ़ दिख नहीं रहा था. मगर मेरे बहु बेटे की किश करने की आवाज आ रही थी. मै वापस आके सो गया. सुबह फिर घूमने गया और वापस आके नास्ता किया. बेटा अपनी दुकान पर चला गया था. और मेरी बहु घर के काम करने लगी. जब भी बहु मेरे सामने से जाती मै आपने हाथ लंड पर रख देता. जिसे वो देखती हुई जाती. मै चाहता था मेरी बहु नेहा से मेरे बारे में बाते करे. Sasur ji aur bahu rani ki chudai story
दोपहर का टाइम होते ही नेहा आ गयी. वो मुझे नमस्ते करके जाने लगी. इससे पहले वो जाती. मैंने उसकी कमर पकड़ ली. नेहा तुरंत पीछे पलट गयी.
नेहा – ये क्या कर रहे है अंकल जी?
मै – अरे बेटा जी गलत मत समझो. तुम्हारी कमर पर कीड़ा चल रहा था. इसीलिए उसे हटा रहा था. अगर तुम्हे बुरा लगा हो तो मुझे माफ़ कर देना.
नेहा – सॉरी तो मुझे बोलना चाहिए अंकल जी. मै आपको गलत समझ रही थी. थैंक्स आपकी मदद के लिए.
नेहा अंदर चली गयी और अंदर जाते ही मुझे दरवाजा बंद होने की आवाज आ गयी. मै तुरंत बहु के कमरे के पास गया और सुनने लगा.
नेहा – कैसी है तू निधि कल बैगन लिया था या नहीं.
बहु – लिया था भाभी.
नेहा – तो फिर पति से ज्यादा मज़ा आया या नहीं?
बहु – आप ठीक कह रही थी भाभी. सच मे बहुत मज़ा आया. मेरा पानी बहुत जल्दी निकल गया था. कल मैंने 2 बार बैगन से अपनी चूत को शांत किया था.
इसका मतलब मेरी बहु ने मेरे जाने के बाद फिर से बैंगन से अपनी चूत की चुदाई की थी.
नेहा – देखा मैंने कहा था ना. इससे ज्यादा मज़ा कही नहीं मिलेगा. वैसे भी कब तक ऊँगली करती रहेगी. एक बच्चे की माँ है तू अब तेरे ऊपर कोई शक भी नहीं करेगा.
बहु – भाभी वैसे कल तो मेरे पति ने भी चुदाई की थी. मगर सच बताऊ मुझे उतना मज़ा नहीं आया. जितना बैगन से करने में आया था.
नेहा – क्यों तेरा पति तेरी चूत को नहीं चाटता है.
बहु – चाटते है मगर ज्यादा नहीं. मगर अपना लंड बहुत चूसवाते है.
नेहा – इसीलिए तो में बाहर के मर्दो को गुलाम बना लेती हूँ उनसे जितनी मर्ज़ी चूत को चटवाओ, वो कभी मना नहीं करते है. मै तो कहती हूं तू भी एक यार ढूंढ ले.
बहु – अरे नहीं भाभी कही कोई गड़बड़ हो गयी. तो मै तो जीते जी मर जाउंगी. ऐसे ही चलने दो.
नेहा – वैसे एक बात बताऊ अभी तेरे ससुर ने मेरी कमर को कसके पकड़ लिया.
बहु – क्या पापा ने आपके साथ ऐसा किया. वो ऐसा कैसे कर सकते है. आपने कुछ बोला नहीं उनको?
नेहा – अरे शांत हो जा. उन्होंने मेरी मदद की थी. मेरी कमर पर कीड़ा चल रहा था. जिसे उन्होंने हटाया था. मगर जब उन्होंने मेरी कमर को पकड़ा था. तब मेरे जिस्म में करंट दौड़ गया था. Sasur ji aur bahu rani ki chudai story
बहु – हाहाहा पापा के छूने से आपके जिस्म में करंट लगा. आप भी न भाभी उनकी उम्र तो देखो.
नेहा – तू हंस रही है, हंस ले. मगर मेरा तजुर्बा कहता है. तेरा ससुर इतना भी बूढ़ा नहीं है. अगर उसे मौका मिले तो किसी भी औरत की चुदाई कर सकता है.
मई बाहर खड़ा अपनी तारीफ सुनके खुश हो रहा था और मेरा लंड भी अपनी तारीफ से खुश होकर खड़ा था.
बहु – हो सकता है भाभी. मगर मुझे क्या करना. वो मेरे ससुर है. मेरे पापा के जैसे मगर है उनके लिए बुरा लगता है. वो इस उम्र में अकेले है.
नेहा – अरे छोड़ो यार उन्हें तुम बताओ अभी भी मन हो रहा है.
बहु – नहीं भाभी रोज रोज करुँगी. तो मेरी चूत फ़ैल जाएगी.
मेरी बहु मुझे बूढ़ा कह रही थी. मगर वो कहा जानती थी. ये बूढ़ा उसकी चूत को चोदने का सपना देख रहा था. और कहते है सपना सच जल्दी ही हो जाता है. मेरी बहु ने मेरी किसी भी हरकत के बारे में नेहा से बात नहीं की. शायद वो ये बात किसी को बताना नहीं चाहती थी. नेहा कुछ देर बाते करके चली गयी. पूरा दिन ऐसे ही निकल गया. रात को बेटा आ गया. सब खाना खाके अपने अपने कमरे में चले गए. मै भी सो गया. आगे की कहानी नैक्सट पार्ट मे।
पड़ोसन की मदद से बहू को चोदा -3
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