Mummy ki chudai ki sex story:- अभी तक आपने पढ़ा की कैसे मैं और नेहा दीदी मम्मी को हमारे चुदाई प्रोग्राम में मिलाने का प्लान करते है. क्यूंकि वो भी अकेली थे. फिर अपना काम शुरू करते हुए हम दोनों मम्मी के होंठो पे किश करते है एक साथ. और दीदी रात में मुझे कुछ बात बताने वाली थी. अब आगे-
बहन की मदद से मम्मी को चोदा -2
Mummy ki chudai ki sex story
मैं: दीदी ऐसा क्या हुआ था हग करते टाइम जो आपने देखा?
नेहा दी (मेरा लंड पकड़ते हुए): विक्रम ये जो तुमने अपने खड़े लंड के साथ में मम्मी को हग किया था न उस हग में मम्मी ने लंड का पूरा फील लिया है. उनके फेस के एक्सप्रेशन से साफ़ पता चल रहा था.
मैं: अच्छा दीदी मतलब मम्मी को मेरे लंड का फील अच्छा लगा?
नेहा दी: हां विक्रम जब मुझे ये लंड इतना अच्छा लगा की मैं इसको रोज़ लेना चाहती हूँ फिर वो तो मेरी भी माँ है. और ऊपर से प्यासी भी. तो फिर वो इतने प्यारे लंड का मज़ा क्यों नहीं लेंगी?
और ये बोलते ही दीदी मेरे लंड को मुँह में लेके चूसने लगती है. मैं दीदी के बाल सहलाने लगाता हूं तो दीदी इशारे में बोलती है की उनके बाल पकड़ के ऊपर नीचे करू. फिर मैं वैसा ही करता हु. अब मैं दीदी के बाल पकड़ते हुए उनका मुँह मेरे लंड पे दबा रहा था और एक हाथ से उनके बूब्स भी दबा रहा था.
मैं: दीदी बहुत मज़ा आ रहा है. ऐसे ही एक दिन मम्मी भी मेरा लंड चूसेंगी.
नेहा दी: अभी मम्मी की बात मत कर. अभी तो तू मुझे मज़ा दे. वैसे भी आने वाले टाइम में मम्मी मेरी सौतन बन जाएगी. फिर तेरा प्यार और तेरा लंड मुझे शेयर करना पड़ेगा. इसलिए जब तक मम्मी नहीं आती न तब तक तेरे लंड का भरपूर मज़ा लेने दे मुझे.
मैं: हां मेरी प्यारी नेहा.
और ऐसा बोल के उसके बूब्स ज़ोर से दबा देता हूं और बोलता हु: मेरी जान तू चिंता मत कर तेरे लिए कभी भी मेरा प्यार कम नहीं होगा. हमेशा तुझे इतना ही प्यार करूँगा और मम्मी के जुड़ने के बाद में मैं तुझे दिन में भी प्यार कर सकूंगा न. Mummy ki chudai ki sex story
फिर दीदी बोलती है की: ठीक है लेकिन अब सब छोड़ और मेरी चुदाई पे ध्यान दे.
फिर अब दीदी अपने मुँह से मेरा गीला थूक से सना हुआ लंड बाहर निकालती है और उसको चाट के साफ़ करती है. उसके बाद मैं दीदी के नीचे आ जाता हूं और उनकी टांगें फैला देता हु. फिर टांगों के बीच में जो उनकी मुलायम सी चूत है उसके दाने को सहलाने लगाता हूँ दीदी आह आह की आवाज़े निकालने लगती है.
वो मुझे बोलती है: अब कण्ट्रोल नहीं हो रहा है विक्रम. अब लंड डाल दे इस प्यासी चूत में.
लेकिन मैं बोलता हु: इतनी भी क्या जल्दी है. अभी तो थोड़ा और तड़पने दो इस चूत को.
और ऐसा बोलते हुए ऊँगली हटा कर अपना मुँह रख देता हूं चूत पे और फिर चूत के ऊपर जीभ घूमने लगाता हूँ चूत को खोल के उसके अंदर भी जीभ घूमाता हु. अब दीदी की सांसें और आवाज़ दोनों तेज़ हो गयी थी. वो अब मेरे सर को चूत पे दबाये जा रही थी और बोल रही थी-
नेहा दी: आअह्ह्ह विक्रम मज़ा आ रहा है आअह्ह्ह. ऐसे ही करते रहो विक्रम आआह्ह्ह्ह मेरी जान! खा जाओ आज अपनी बहन की चूत को आअह्ह्ह्हह.
फिर मैं भी दीदी की बातें सुन के जोश में आ जाता हूं और अपनी जीभ ज़्यादा तेज़ी से और ज़्यादा अंदर तक घूमाने लगता हूं दीदी की चूत में. फिर कुछ ही देर में दीदी एक तेज़ धार छोडते हुए अपना सारा पानी मेरे मुँह पे निकाल देती है. वो तेज़ी से हांफने लगती है. फिर मैं उनकी चूत को चाट कर साफ़ कर देता हूं और सारा पानी पी जाता हु.
फिर अब वो मुझे कंडोम पहनाती है. उसके बाद वो बोलती है-
दीदी: बहुत मज़ा आ रहा है विक्रम. अब डाल दो.
मैं अब दीदी की टांगें फैलाते हुए उनकी टांगें मेरे कंधे पे रख लेता हूं और लंड उनकी चूत पे सेट करते हुए अंदर डालने लगता हूँ फिर अंदर जाते ही दीदी मुझे टाइट हग करते हुए पकड़ लेती है. मैं उनको लिप किश करते हुए नार्मल करता हूँ फिर अचानक से उनकी चुदाई शुरू कर देता हु. दीदी कुछ समझ पाए तब तक को उनकी चुदाई ने स्पीड पकड़ ली थी. दीदी कुछ बोलने की कोशिश कर रही थी या शायद उनके मुँह से आआह्ह निकल रही थी. लेकिन मैंने उनकी लिप किश थोड़ी नहीं जिसकी वजह से उनकी आवाज़ अंदर ही दबी रही. Mummy ki chudai ki sex story
उसके बाद मैंने दीदी की मस्त वाली चुदाई की और प्यास को बुझाया. बढ़िया सी चुदाई के बाद दीदी मेरे ऊपर ही लेट गयी और बोलने लगी-
नेहा दी: क्या बात है विक्रम अच्छा तो तू डबल मूड में है.
मैं: ऐसा कुछ नहीं है दी.
नेहा दी: बेटा मैं सब समझ रही हूँ मैंने जब से बताया की मम्मी वाला प्लान अच्छा जा रहा है तब से ही तू खुश है और ये उसका नतीजा था.
मैं: हां दी अब आपसे क्या ही छुपाऊ. जब से आपने बोला है न तब से कण्ट्रोल नहीं हो रहा मम्मी की चुदाई करने के लिए. अभी आपको भी मम्मी इमेजिन करके ही चुदाई की.
नेहा दी: ठीक है जो भी हो लेकिन आज मम्मी की वजह से मुझे अलग एक्सपीरियंस करने को मिला.
फिर मैं और दीदी दोनों स्माइल करते है जिसके बाद एक प्यारा सा भाई-बहन वाला लिप किश करते है. उसके बाद मैं अपने रूम में चला जाता हूं और दीदी भी चादर ओढ़ कर सो जाती है.
Maa bete ki chudai ki kahani
फिर अगले दिन माँ उठती है और दीदी को उठाने उनके रूम में जाती है. जब वो अंदर जाके देखती है की दीदी आज बिना कपड़ों के गेट खुला छोड़ के नंगी ही सो रही थी तो वो बहुत गुस्सा होती है. लेकिन जैसे ही वो दीदी को उठाने जाती है उससे पहले उनकी नज़र बेडशीट पे पड़ती है. वहां पे वो देखती है की कुछ गीला हो रहा था और वो दीदी के पैर के पास था. उसको देख कर मम्मी सोचने लगी की ये क्या हो सकता है. उन्होंने पहले उसे स्मेल करके देखा. फिर कुछ समझ नहीं आया तो उन्होंने उसको फिंगर टिप पे लेके थोड़ा सा टेस्ट किया. वो शॉक हो गयी उसको देख कर क्यूंकि वो नमकीन टेस्ट था. फिर उनको समझ आता है की ये कही और का पानी है. लेकिन मम्मी को हमारे बारे में कुछ भी पता नहीं था. Mummy ki chudai ki sex story
तो वो सोचती है की नेहा दीदी ने रात में फिंगरिंग करते हुए पानी निकला होगा और वैसे ही सो गयी होगी. लेकिन मम्मी के इतना सब करने से और इतनी देर खड़े रहने से नेहा दीदी की नींद खुल जाती है. वो ये बात मुझे बाद में बताती है. वो अब सोने की एक्टिंग करते हुए सब देखती रहती है की कैसे मम्मी उसको चाटती है और खुश होती है. लेकिन जिसको वो चूत का पानी समझ रही थी वो तो असल में मेरे लंड का पानी था जो मैंने सेक्स के बाद वहां पे गिरा दिया था. दीदी का मन तो हो रहा था की अभी उठ के मम्मी को बता दे की वो जिसके टेस्ट से खुश हो रही थी वो चूत का पानी नहीं था बल्कि लंड का पानी था वो भी उनके ही बेटे का. फिर पता नहीं मम्मी को क्या होता है. आज वो दीदी पे बिलकुल भी गुस्सा नहीं करती है और उल्टा दीदी की नंगी बॉडी को घूरने लगती है. फिर थोड़ी देर देखने के बाद वो उसपे चादर डाल के आ जाती है.
मम्मी के जाने के बाद दीदी उठ कर देखती है की मम्मी सीधे बाथरूम में गयी थी. तो वो जल्दी से शॉर्ट्स और टी-शर्ट डाल के बाथरूम के पास जाती है. वहां वो कान लगा के सुनती है की मम्मी अंदर क्या कर रही थी. तो उसको आवाज़ से पता चलता है की मम्मी आज अंदर ऊँगली डाल कर अपनी चूत को शांत कर रही थी. अब ये सब देख कर मेरी दीदी के दिमाग में एक आईडिया आता है. वो चुप-चाप मेरे रूम में आती है और मुझे उठाती है. मैं जैसे ही उठता हूं दीदी को किश करने लगता हूँ दीदी मुझे रोकते हुए बोलती है-
दीदी: अभी नहीं अभी मैं तुझे कुछ बताने आयी हूं वो सुन.
नेहा दी: देख विक्रम अभी ज़्यादा कुछ बताने का टाइम नहीं है. बस तू ये जान ले की तुझे अभी नंगा होना है.
मैं: अच्छा दीदी मतलब आपका अभी सुबह-सुबह मूड हो गया है? कोई बात नहीं अभी आपकी प्यास बुझा देता हु.
नेहा दी: नहीं पागल मेरा मूड नहीं हुआ है. लेकिन कोई है जो हॉर्नी मूड में है.
मैं: तो नेहा दी फिर क्या मम्मी?
नेहा दी हां में सर हिलाती है. मैं बहुत खुश हो जाता हूं और दीदी को लिप किश करने लगता हु.
तो दीदी बोलती है: रुक जा थोड़ी शांति रख. मेरी बात तो सुन.
मैं: हां दी अब तो जो मर्ज़ी बोलो. और देखना जैसे ही आप मम्मी को भेजोगी न तो उनकी ऐसी चुदाई करूँगा की मज़ा आ जायेगा उनको. और वो अपने साथ शामिल होने के लिए जल्दी से मान जाएँगी.
नेहा दी: अरे मम्मी के दीवाने बात तो सुन. मम्मी चुदाई नहीं करवाने आएगी अभी. वो तुझे उठाने आएँगी. तो तुझे उनको अपना खड़ा लंड दिखाना है वो भी नंगा पूरा.
मैं: ठीक है दीदी लेकिन क्यों ये तो बताओ?
नेहा दी: अभी नहीं बता सकती. बस जितना बोला है कर. मम्मी आती ही होगी मैं जा रही हु.
फिर नेहा दीदी चली जाती है और मैं भी उनके बोलने पे नंगा होकर सोने की एक्टिंग करता हूँ 5 मिनट बाद मम्मी आती है और उनकी नज़र सीधे मेरे टेंट पे जाती है चादर के अंदर जो बनाया था मैंने. फिर मम्मी चादर हटा के देती है. तो मेरा खड़ा लंड उनकी आँखों के सामने होता है. वो उसको देख कर बहुत ज़्यादा एक्साईटेड हो जाती है. मैं अपनी बंद आँखें खोल के देखता हूँ तो वो अपने लिप्स बाईट कर रही होती है और साथ में अपनी बॉडी पे भी हाथ घुमा रही होती है. फिर थोड़ी देर के बाद वो जल्दी से भाग के नीचे जाती है. मैं सोचता हूं की एक-दम से क्या हो गया उनको. Mummy ki chudai ki sex story
1 मिनट से भी कम टाइम में वापस उनके पैरों की आवाज़ आती है. तो मैं वापस से सोने की एक्टिंग करता हु. मैं जान-बूझ कर लंड पे फिर से चादर डाल लेता हूँ वो देख कर मम्मी का फेस उदास होता है. लेकिन वो वापस चादर हटाती है. इस बार वो बिलकुल लंड के यहाँ से हटाती है तो उनका हाथ भी टच हो जाता है. फिर वो अपना फ़ोन निकालती है जो वो नीचे लेने के लिए गयी थी. उसके बाद उसमे मेरी वीडियो बनाती है और लंड की फोटो लेती है. फिर वो एक फोटो में ऐसा करती है की वो लंड को पकड़ रखी हो. अब मेरे लिए कण्ट्रोल करना मुश्किल हो रहा था. फिर पता नहीं उनको एकदम से क्या हुआ की वो फिर से वाशरूम में भागी.
जब वो चली गयी तो मैं उनके पीछे जाने लगा. लेकिन देखा की मेरे पैर के नीचे कुछ गीला सा था. जब पास से देखा तो पता चला की यहाँ तो मम्मी खड़ी थी. अब मैं समझ गया की मम्मी मेरा लंड देख कर गीली हो गयी थी. फिर मैंने नीचे झुक कर उनके चूत के पानी का टेस्ट लिया. क्या बताऊ वो कितना अच्छा था. जब उनको चाटा न तो ऐसा फील हुआ की मैं वो पानी नहीं बल्कि मम्मी की चूत चाट रहा था. मैं अलग ही दुनिया में चला गया था. फिर थोड़ी देर में कान लगा के बाथरूम में सुनने लगा तो पता चला मम्मी चूत में ऊँगली कर रही थी. वो मेरे लंड को देख कर कर रही थी. फिर थोड़ी देर बाद गेट खुला तब मैं वाशरूम के बाहर ही था. तो मम्मी ने पुछा- Mummy ki chudai ki sex story
मम्मी: तू यहाँ क्या कर रहा है?
मैं: मम्मी मुझे टॉयलेट जाना है जल्दी है.
मम्मी: ठीक है जा.
लेकिन ये मम्मी नीचे देख कर बोल रही थी. फिर मैं वाशरूम जाता हूं और देखता हूं वहां मम्मी की पैंटी थी. तो मैं सोचता हूं कुछ शैतानी. फिर बाहर आके बोलता हु-
मैं: मम्मी अभी कोई ऊपर आया था क्या? मैं सो रहा था तो ऐसा लग रहा था जैसे कोई देख रहा था.
मम्मी शर्मा के बोली: मुझे नहीं पता मैं नहीं थी.
मैं: ठीक है वैसे मम्मी आज आप बहुत जल्दी नहा लिए.
मम्मी: वो मेरे कपडे गीले हो गए थे इसलिए रख दिए.
ये बोलते हुए मम्मी शर्मा रही थी.
फिर मैं बोलता हु: मम्मी मैं दीदी को भी उठा देता हु.
मम्मी: नहीं तू मत जाना (ये बात मम्मी ने ज़ोर से और तेज़ आवाज़ में बोली).
अभी तक के लिए इतना ही. अब अगले पार्ट Mummy ki chudai ki sex story में पता चलेगा की मम्मी ने मुझे तेज़ आवाज़ में क्यों रोका और उसके आगे क्या-क्या होता है. मम्मी को मेरे लंड देखने से लेके लंड अपनी चूत लेने तक के सफर में और क्या-क्या सेडक्टिव दिए जाते है. अपना फीडबैक ज़रूर दे कमेंट ज़रूर करें.
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