ट्रेन के टॉइलेट मे हुई मेरी चुदाई

Train ke toilet me ajnabi se chudai:- हेलो दोस्तों में आपकी सिमरन प्यार से सिम्मी भी बुला सकते है. मेरी उम्र 21 साल है. मैं अन्तर्वासना सेक्स पर रोज स्टोरी पढ़ती हूं और मजा लेती हूँ लेकिन मेरा मन किया की मैं मेरे साथ हुई घटना भी यहाँ शेयर करू. पहले तो मैं अपने बारे में बता दू. मैं सिमरन दिल्ली की रहने वाली हूं रंग गोरा और फिगर 34-30-36, गांड बाहर को निकली हुई है. ये इसलिए है क्युकी मुझे चुदाई का बहुत ज्यादा शौक है. और नया लंड लेने के लिए मैं हर दम तैयार रहती हु.

Train ke toilet me ajnabi se chudai

Train ke toilet me ajnabi se chudai

मेरे मोहल्ले के कई लड़के और कई अंकल मुझे चोद चुके है. जिनकी स्टोरी भी मै आपको बताऊँगी की किस ने कहाँ और कैसे कैसे मेरी चूत का मजा लिया है. सब मुझे यही कहते है की सिम्मी जो बात तेरे में है वो और कही नहीं. तो शुरू करते है आज की स्टोरी.

एक बार मुझे हमारे किसी रिश्तेदार की शादी में जाना था. घर पे पापा मम्मी और दादी है और एक भाई है. पापा बिसनेस के सिलसिले में बाहर ही रहते है और भाई के उस वक़्त एग्जाम चल रहे थे. दादी की तबियत खराब रहती है. जिस वजह से मम्मी उन्हें छोड़ कर जा नहीं सकती थी. तो मुझे अकेले जाना था. वैसे भी वो ज्यादा दूर नहीं था ट्रेन से जाना था और ट्रेन में 2 घंटे का रास्ता था.

मुझे एक दिन पहले वहाँ जाना था. नेक्स्ट डे शादी थी तो मै शाम को घर से निकली और ऑटो से स्टेशन पहुंच गयी. मैंने एक रेड कलर का सूट और लेग्गी पहनी थी. जिसमे मेरी ख़ूबसूरत गांड एक दम अलग दिख रही थी और सभी अपनी आँखों से मुझे चोद रहे. तो मै स्टेशन पर पहुंची तो ट्रेन आधा घंटा लेट थी. मै स्टेशन पर वेट कर रही थी और फिर ट्रेन आयी. ट्रेन भीड़ से एक दम भरी हुई थी. मै उसमे चढ़ गयी जैसे तैसे और भीड़ मे किसी ने मेरी गांड को दबाया तो किसी ने मेरे मम्मो को. लेकिन मै इतनी बड़ी चुदक्कड़ हो चुकी थी की वो हाथ मुझे अच्छे लग रहे थे.

मै जैसे तैसे ट्रेन के बीच मे चली गयी और चैन की सास ली. अब ट्रेन चल चुकी थी, मैंने देखा ट्रेन मे ज़्यादातर मर्द थे. औरतों की भीड़ बहुत कम थी. थोड़ी देर बाद मुझे मेरी गांड पर कुछ महसूस हुआ. मैंने पीछे मुड़के देखा तो एक 35-40 की उम्र के एक स्मार्ट से अंकल खड़े थे. वो दिखने मे बहुत ही अच्छे थे और बॉडी भी अच्छी खासी थी. फिर धीरे धीरे उनका दबाव बढ़ रहा था. मेरी पैंटी गीली हो चुकी थी. अब मै भी गांड को थोड़ा पीछे करके एन्जॉय कर रही थी.

उनको जवाब मिल चुका था. अब उनका हाथ मेरी गांड पर आ चुका था और उन्होंने जोर से मेरी गांड दबा दी. मेरे मुँह से आह निकल गयी. मै चुप चाप खड़ी रही, अब उनका हाथ आगे मेरे पेट पर आ चुका था और वो मुझसे बिलकुल सट गए थे. उन्होंने अपना हाथ सूट के अंदर डाल दिया और मेरी नाभि को सहलाने लगे.

मै एक दम गरम हो चुकी थी. लेकिन थोड़ा डर भी लग रहा था. क्योकि भीड़ मे अगर किसी ने देख लिया तो सब मिलकर मुझे चोद देंगे. और मेरी प्यारी सी चूत का भोसड़ा बना देंगे. अब वो धीरे से मेरे लेफ्ट मम्मे पर हाथ ले आए और सहलाने लगे. उनकी ऊँगली अब मेरे निप्पल पर चल थी थी और दूसरा हाथ उन्होंने मेरी लेग्गी में डाल दिया और पैंटी के ऊपर से ही मेरी चूत को छू लिया.

मेरे शरीर मे करंट दौड़ गया. उन्होंने हाथ लगाया तो मेरी पैंटी गीली हो चुकी थी. अब वो धीरे से मेरे कान के पास आए और बोले केसा लग रहा है? मैंने कुछ भी जवाब नहीं दिया और अपनी टाँगे थोड़ी फैला दी. जिससे उनके फेस पर एक अलग ही स्माइल आ गयी. और अब उन्होंने हाथ मेरी पैंटी के अंदर डाल दिया और चूत को ऊपर से सहलाने लगे. अब मै बहुत गरम हो चुकी थी और काबू करना मुश्किल हो रहा था. मेरी सासे तेज़ हो गयी थी.

तभी एक स्टेशन आ गया जहा ट्रेन रुक गयी और कुछ पैसेंजर्स उतरने लगे. तभी वो थोड़े दूर हो गए और मैंने अपने कपडे ठीक किये. अब कुछ भीड़ कम हो गयी थी और अँधेरा होने लगा था. मैंने पीछे मुड़के उनकी तरफ देखा. तो उन्होंने स्माइल की और मैंने भी हलकी सी स्माइल दे दी. फिर उन्होंने मुझे टॉयलेट की तरफ आने का इशारा किया और मै उधर चली गयी और साइड मे खड़ी हो गयी. और वो भी साथ में आकर खड़े हो गए और बोले- क्या नाम है तुम्हारा मैंने बोला सिमरन. और उन्होंने अपना नाम विकास बताया. बोले कहा जाओगे?

मैंने कहा बस नेक्स्ट स्टेशन पे ही उतरना है.

फिर वो बोले मजा आया?

मै चुप थी उन्होंने मेरा हाथ पकड़ लिया और बोले तुम बहुत खूबसूरत हो.

मैंने कहा हम्म्म.

उन्होंने मेरा हाथ पैंट के ऊपर से ही अपने लंड पर रख दिया. मै एक दम सहम गयी और वो मेरे हाथ से अपने लंड को सहलाने लगे. उनका लंड एक दम टाइट ही चुका था. उन्होंने मुझे टॉयलेट की तरफ खींच लिया और दरवाजा खोल कर अंदर घुसा लिया. मैंने बोला ये आप क्या कर रहे है कोई देख लेगा तो? वो बोले कोई नहीं देखेगा प्लीज मना मत करो. मुझे पता है तुम भी गीली हो चुकी हो दोनों मजा लेते है. और उन्होंने अपना लंड बाहर निकाल लिया और मेरे हाथ मे पकड़ा कर मुझे किश करने लगे और लिप्स को पीने लगे.

मै भी किसी चुदक्कड़ की तरह किसी अनजान के लिप्स को चूस रही थी. उनके हाथ अब मेरे बूब्स पर चल रहे थे और उन्होंने हाथ अंदर डाल दिया और बूब्स को जोर से दबाने लगे. फिर उन्होंने मेरे सूट को ऊपर कर दिया और ब्रा के ऊपर से ही मेरे बूब्स को चूसने लगे. मै उनका 8 इंच का लंड हिला रही थी. अब उन्होंने मेरे बूब्स को मेरी रेड कलर की ब्रा से आजाद कर दिया और मेरे निप्पल को चूसने लगे.

अब मै बिलकुल गरम हो चुकी थी. मै बिना कुछ कहे खुद ही घुटनो के बल बैठ कर उनके लंड को देखने लगी और उन्होंने हँसते हुए कहा रानी तुम्हारा ही है पी जाओ इसे.

और मैंने उनको स्माइल दे कर लंड को मुँह मे भर लिया और लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी. वो आहे भरने लगे और कहने लगे तुम जितनी सीधी दिखती हो उतनी हो नहीं. लगता है बहुत लंड चूसे है तुमने. और 5 मिंट लंड चूसने के बाद उन्होंने मुझे खड़ा किया. और मेरी लेगी उतार दी और पैंटी के ऊपर से चूत को सहलाया. मुझे पीठ के बल घुमा दिया और मै ट्रेन के डिब्बे को हाथ लगा कर थोड़ा झुक गयी. अब उन्होंने मेरी रेड कलर की पैंटी को उतार दिया. और एक ऊँगली चूत के अंदर डाल दी.

मेरे मुह्ह से आआह्ह्ह निकल गयी. अब वो उसे अंदर बाहर करने लगे. तभी मुझसे रहा नहीं गया और मैंने बोला प्लीज मत तड़पाओ डाल दो. अब उन्होंने भी लंड को मेरी चूत पर सेट करके बोले की. रानी आज तुझे ऐसा चोदूँगा की सभी लंड भूल जाओगी.

मैंने बोला की चोद दो और उन्होंने अपना लंड सेट किया और एक झटका मारा. लंड आधा मेरी चूत के अंदर उतर गया और मेरी सिसकारी निकल गयी. आअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह…..उम्मम्मम्म..उन्होंने एक और झटका लगाया और पूरा लंड मेरी चूत मे उतार दिया. और हाथो से मेरे बूब्स को पकड़ लिया और धक्के लगाने शुरू कर दिए. और साथ मे मेरे निप्पल को निचोड़ने लगे. अब मेरी मुँह से सिसकारियां निकल रही थी अह्ह्ह्हह्हह… हल्का हल्का दर्द भी हो रहा था. लेकिन मुझे मजा भी उससे कई ज्यादा आ रहा था. अब मै अपनी गांड पीछे को मारने लगी और बोली चोदो मेरी जान फाड् दो मेरी चूत को.

उन्होंने अपने झटके तेज़ रखे और चोदते गए. मै खड़ी खड़ी चुदवा रही थी और सिसकारियां ले रही थी. वो भी खेले खाये लग रहे थे और अब उनके झटके तेज़ हो गए थे. मै दो बार झड़ चुकी थी और अब वो झड़ने को हुए-

उन्होंने बोला कहा निकालू?

मैंने बोला मेरे मुँह मे.

और उन्होंने लंड निकाल कर मुझे पलट दिया और मै घुटने के बल बैठ गयी. अब उनकी पिचकारी सीधी मेरे मुँह पर गिरी और मै उनका सारा माल चाट गयी और चूस कर उनका लंड साफ़ कर दिया. फिर रुमाल से अपना मुँह साफ़ किया और वो अब बाहर निकल गए. उनके दो मिंट बाद मै बाहर चली गयी और अब मेरा स्टेशन भी आ गया था. मैंने उनके साथ अपना नंबर एक्सचेंज किया और मै उतर गयी.

तो दोस्तों कैसी लगी मेरी ये कहानी. आप मुझे कमेंट करके बताये और जल्दी ही दूसरी स्टोरी लेके आउंगी. उसमे मै आपको बताउंगी की कैसे मुझे उस शादी में भी कई लंड मिले. तब तक के लिए अपनी सिम्मी के लिए अपने लंड तैयार रखे और मुझे कमेंट करके अपने लंड की पिक भेज सकते है. जिसका लंड मुझे पसंद आएगा उसके साथ मिल कर मजा लुंगी

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