Bahan ki madad se mummi ko choda:- हेलो रीडर्स मै विक्रम एक बार फिर से हाजिर हूँ अपनी स्टोरी ले कर. आपने मेरी लास्ट स्टोरी को बहुत अच्छा रिस्पांस दिया है और मैं आज एक स्टोरी जो की उसी स्टोरी के आगे की स्टोरी है वो लेकर आया हूँ तो उम्मीद करता हूं की आप इसको भी बहुत पसंद करेंगे और अपनी फीडबैक मेल के थ्रू देंगे. तो अब स्टोरी को स्टार्ट करते है. मेरी फॅमिली में हम 4 लोग है. मैं विक्रम उम्र 22, मेरी बहन स्नेहा उम्र 25, मेरी माँ उम्र 45 और मेरे डैड उम्र 47.
Bahan ki madad se mummi ko choda
तो पिछली कहानी मे मैंने आपको बताया था कि कैसे मैं और मेरी बहन स्नेहा सेक्स करने लग जाते है. हम दोनों का सेक्स अच्छे से चल रहा था. मैं और स्नेहा दी बहुत खुश थे और मस्ती करते थे. अब हम दोनों 2-3 दिन में सेक्स कर ही लेते थे. अब हमें सेक्स करते हुए कुछ महीने हो गए थे. तभी एक दिन की बात है. मैं दीदी के साथ सेक्स करके सुबह उठ कर अपने रूम में आ जाता हूँ फिर सुबह होने पे मम्मी दीदी को उठाने आती है और आज दीदी के रूम का गेट खुला होता है.
तो मम्मी सीधे अंदर आ जाती है. अंदर आके मम्मी देखती है की दीदी ब्रा पैंटी में ही सो रही थी. और ये देख कर मम्मी गुस्से से दीदी को उठाती है और उसको बोलती है-
मम्मी: स्नेहा ये क्या है? तुझे मैंने पहले भी मना किया था न की ऐसे ब्रा पैंटी में मत सोया कर!
स्नेहा दी: सॉरी मम्मी लेकिन क्या करू रात में ऐसे कम्फर्टेबल फील होता है. दिन भर तो हम लोग कपड़ों की वजह से फसे ही रहते है. तो रात में ही टाइम मिलता है फ्री होकर सोने का.
मम्मी: लेकिन तू ऐसे सोती है तो रूम तो लॉक किया कर. तुझे इतना भी समझ नहीं आता है क्या?
स्नेहा दी: मम्मी आप मुझपे गुस्सा क्यों कर रहे हो? सिर्फ गेट ही तो खुला रहे गया था.
मम्मी: घर में बेटा तेरे भाई और पापा भी रहते है तुझे बताया था न.
स्नेहा दी: यार मम्मी आप भी न. आपका जब मन होता है तो आप तो हर रोज़ ब्रा-पैंटी में ही सोते होंगे पापा के साथ में. मुझे भी वैसे बिना कपड़ों के खुला सोने का मन होता है. आपको तो खुद पापा भी सपोर्ट करते होंगे ऐसे सोने के लिए मेरा क्या है.
मम्मी: तेरे पापा तो न कुछ नहीं करते…
स्नेहा दी: कुछ नहीं करते मतलब?
मम्मी: छोड़ तुझसे नहीं बोल सकती रहने दे. और तुझसे बोलने से मतलब नहीं है.
फिर मम्मी भी वहां से चली जाती है उदास होके. ये बात दीदी के मन में आ जाती है की मम्मी बार-बार ऐसे क्यों बोलती थी की पापा तो कुछ नहीं करते. और फिर बोलते हुए रुक जाती थी. फिर दीदी पने रूम से बाहर आके रेडी होती है. उसके बाद मुझे उठाने मेरे रूम में आती है और किश करके मुझे उठाती है. Bahan ki madad se mummi ko choda
मैं: गुड मॉर्निंग मेरी जान.
स्नेहा दी: गुड मॉर्निंग बच्चा.
फिर मैं दीदी को अपने ऊपर खींच लेता हूं और उनको किश करने लगाता हूँ वो कुछ बोलने लगती है लेकिन मैं नहीं सुनता. फिर दीदी भी 2 मिनट का अच्छा सा किश देती है मुझे.
उसके बाद वो बोलती है: अब हो गया. जल्दी से उठो मुझे तुमसे कुछ बात करनी है.
फिर मैं उठता हूं और पूछता हु: बोलो क्या हुआ?
फिर दीदी मुझे मम्मी वाली बात बताती है जो उसकी मम्मी के साथ हुई और जो उसने नोटिस किया वो सब.
मैं: दी तेरी बात सुन कर लगता है की कुछ तो बात है. तुम ऐसा करो की जब पापा चले जाये न उसके थोड़ी देर बाद मैं आज जल्दी निकल जाऊंगा कॉलेज के लिए. तुम न मम्मी के साथ बैठ कर जानने की कोशिश करना की क्या बात है.
स्नेहा दी: हां ये ठीक रहेगा. पहले माफ़ी मांग लूंगी फिर पूछूँगी.
फिर मैं दीदी को हग करता हूं और हमारा किश शुरू हो जाता है. हम एक-दुसरे को लिपलॉक करने लग जाते है. फिर मैं दीदी के बूब्स दबाने लगाता हूं ऊपर से और जब अंदर हाथ डालने जाता हूं तो वो बोलती है-
दीदी: अभी नहीं तुम्हे आज जल्दी जाना है. तो अंदर नहीं बाहर से करके रेडी होने जाओ.
फिर मैं वो किश करके रेडी होने के लिए चला जाता हूँ दीदी भी कॉलेज के लिए रेडी होने लगती है. फिर सब लोग रेडी होकर ब्रेकफास्ट करते है. उसके बाद पापा चले जाते है और उनके बाद मैं भी चला जाता हूँ अब घर में दीदी और मम्मी ही होती है. तो दीदी मम्मी के पास जाके उनको हग करती है. फिर वो मम्मी से बोलती है-
स्नेहा दी: मम्मी मुझे माफ़ कर देना. मैंने सुबह आपके ऊपर गुस्सा किया.
मम्मी: हां ठीक है. लेकिन अभी भी मन उदास होता है.
स्नेहा दी: मम्मी मुझे आपसे एक बात पूछनी है. लेकिन मुझे एक प्रॉमिस चाहिए की आप मुझे डाँटोगी नहीं.
मम्मी: पहले बता बात क्या है फिर बताउंगी.
स्नेहा दी: नहीं मम्मी पहले आप प्रॉमिस करो उसके बाद बताउंगी.
मम्मी: ठीक है प्रॉमिस नहीं डांटूंगी. अब बता क्या पूछना है.
फिर दीदी मम्मी का हाथ सर पे रख कर बोलती है: मम्मी आपको मेरी कसम. अब मैं जो भी पूछूँगी वो सच-सच बताना.
मम्मी: ये क्यों किया स्नेहा तूने? ये गलत है.
स्नेहा दी: मेरे को नहीं पता. मुझे बस आपसे एक बात जाननी है.
मम्मी: ठीक है पूछो. मैं सच बोलूगी क्यूंकि तुमने कसम दी है तो कुछ कर भी नहीं सकती. बोलो क्या जानना है?
स्नेहा दी: अब आप सबसे पहले तो ये बताइये की आप उदास क्यों हो? और ये भी की आप सुबह बोलते-बोलते रुक क्यों गए थे?
मम्मी: मैं क्या बोलते-बोलते रुक गयी थी?
स्नेहा दी: मम्मी आप सुबह जब मेरे रूम में आये थे न. तब आप बोल रहे थी की तेरे पापा तो कुछ भी नहीं करते. बस इतना बोलते हुए ही रुक गए थे और ऐसे पहले भी हो चुका है 4-5 बार.
मम्मी: नहीं ऐसा कुछ नहीं है. छोडो उस बात को वो तेरे काम की नहीं है.
स्नेहा दी: प्लीज मम्मी बताओ न प्लीज.
मम्मी: बोल दिया न तेरे काम का नहीं है. समझ नहीं आता क्या?
स्नेहा दी: देखो मम्मी आपने प्रॉमिस किया है की डाँटोगी नहीं और कसम खायी है सच बोलने की.
स्नेहा दी: मम्मी प्लीज बताओ न आपको कसम दी है तो सच सच बोलना.
मम्मी: ठीक है बताती हूं लेकिन तू भी ये बात किसी को भी नहीं बताएगी.
स्नेहा दी: पक्का मम्मी मैं किसी को नहीं बताउंगी.
मम्मी: वो बात ऐसी है की मैं हर बार ये इसलिए बोलती हूं की तेरे पापा कुछ नहीं करते. मतलब की वो अब मुझसे प्यार नहीं करते. मुझे अपना टाइम नहीं देते. हर टाइम बस काम में. उनका दिन भर वेट करती हूं की वो रात में आएंगे और मेरे साथ टाइम बिताएंगे. मुझसे बातें करेंगे मुझे प्यार करेंगे. लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं होता है और अब मैं ये बात किससे बोलू? इसलिए चुप रहती हूँ वो तो कभी-कभी गलती से निकल जाता है इसलिए बोलती-बोलती रुक जाती हु. Bahan ki madad se mummi ko choda
स्नेहा दी: मम्मी ऐसी बात है तो आप मुझसे तो बोल ही सकते हो. अब न आप प्रॉमिस करो की ऐसी कुछ भी बात होगी न तो आप मुझे सब कुछ बताओगी. मैं आपको समझुगी भी और आपका साथ भी दूँगी.
मम्मी: थैंक यू सो मच बेटा मुझे इतना समझने के लिए. मैं तुझे सब बताउंगी.
फिर स्नेहा दी मम्मी को हग कर लेती है तो मम्मी भी उसको वापस हग करती है. और आज उनका हग थोड़ा अलग लग रहा था स्नेहा दी को. आज पहली बार मम्मी ने दीदी को इतनी देर हग किया की दीदी को बोलना पड़ा की छोड़ो न मम्मी.
फिर मम्मी बोलती है: बेटा आज अच्छा लग रहा था इसलिए ध्यान ही नहीं रहा.
उसके बाद स्नेहा दी मम्मी को बाय बोल के कॉलेज के लिए निकल जाती है. फिर शाम को भी कुछ बात नहीं होती है. रात में फिर जब सब सो जाते है तो मैं और दीदी अपने सेक्स के लिए मिलते है दीदी के रूम में. फिर मैं दीदी को हग करता हूं तो दीदी को मम्मी का हग याद आता है.
स्नेहा दी: विक्रम आज मम्मी ने भी मुझे ऐसे ही हग किया था और उन्होंने ये भी बोला की अब पापा उनको प्यार नहीं करते. इसलिए ही वो खुश कम रहती है. बहुत टाइम से सेक्स भी नहीं हुआ होगा.
मैं: सेक्स के बिना तो वो भी उदास होंगी. शायद उनको भी सेक्स करने का मन होता होगा.
स्नेहा दी: हां ऐसा ही होगा. लेकिन क्या करना चाहिए?
मैं: स्नेहा दी अगर आप नाराज़ न हो तो एक बात बोलू?
स्नेहा दी: हां मेरी जान बोलो न.
और स्नेहा दी मुझे लिप किश करती है. फिर किश के बाद मैं बोलता हूं की-
मैं: दीदी जैसे आप सेक्स के लिए प्यासे थे वैसे ही मम्मी भी है. तो क्यों न हम उनको भी अपने साथ जॉइन कर ले? घर की बात घर में रहेगी और वो भी खुश हो जाएँगी.
स्नेहा दी कुछ सोचते हुए बोली: वैसे मम्मी के हिसाब से देखु तो ये गलत होगा. लेकिन एक औरत के हिसाब से देखु तो यही सही रहेगा. अभी तक ऐसे ही बात करते हुए हम दोनों ने एक-दुसरे को नंगा कर दिया था. फिर दीदी ने मेरे लंड को पकड़ लिया और बोलती है- Bahan ki madad se mummi ko choda
स्नेहा: लगता है अब इस लंड को मुझे शेयर करना पड़ेगा. एक बेटी होने के नाते मम्मी की इतनी हेल्प तो करनी ही पड़ेगी.
मैं: हां दीदी मम्मी के लिए इतना तो कर ही सकते है. और साथ में अपन को भी और मज़े आएंगे और साथ में फिर रात का वेट भी नहीं करना पड़ेगा. जब चाहे तब कर सकते है. वैसे भी डैड तो अब बहुत बार बाहर ही रहते है.
स्नेहा दी: हां विक्रम बहुत मज़ा आएगा. चल तो फिर ये फाइनल रहा की अब अपन मम्मी को भी जॉइन करेंगे. लेकिन अब अपनी बहन की प्यास बुझा उसके बाद मम्मी के बारे में सोचेंगे.
फिर मैं दीदी के बूब्स चूसता हूं और साथ में नीचे उनको फिंगरिंग करने लगता हूँ हम दोनों 69 की पोजीशन में आ जाते है और दोनों मज़े लेते है. फिर बाद में हमारी चुदाई हो जाती है. फिर अगले दिन उठते है. रात में हम दोनों ने एक प्लान बनाया था. उसके हिसाब से दीदी उठ कर रेडी हो जाती है और आज वो जल्दी चली जाती है. जाते हुए मम्मी से बोल देती है-
स्नेहा दी: विक्रम को उठा देना. वो बहुत गहरी नींद में होगा. ऐसे उठेगा नहीं ज़ोर से हिलाना तब ही उठेगा.
फिर दीदी चली जाती है. लेकिन वो पहले ही मुझे उठा कर गयी थी और मुझे मेरी मॉर्निंग किश भी देके गयी थी. उसके बाद उन्होंने बोला की अब तू सोने की एक्टिंग करना. फिर देखते है वो क्या करती है. फिर मम्मी मुझे उठाने आती है. लेकिन उससे पहले ही मैं सिर्फ लोअर में सोया होता हूं बिना अंडरवियर के. और साथ में मैं आना लंड भी खड़ा कर चुका था तो जब मम्मी आयी तो लोअर में मेरा लंड खड़ा साफ़ दिख रहा था. Bahan ki madad se mummi ko choda
लंड देख कर मम्मी पहले तो कुछ देर ऐसे ही उसे देखती रही. फिर मम्मी मुझे हिला कर उठाने लगी. लेकिन मैं नहीं उठा और मैं अपने लंड को झटके दे कर हिलाने लगा जिसको अब मम्मी और ध्यान से देखने लगी. लेकिन फिर वो बिलकुल पास से देखि और फिर उन्होंने मुझे उठा दिया और चली गयी.
फिर मैं उठा और जब उठ कर नीचे आया तो अपने खड़े लंड के साथ मम्मी को पीछे से हग किया. फिर ऐसे रियेक्ट किया की कुछ नहीं हो रहा लेकिन मेरा खड़ा लंड उनको टच हो रहा था. मैंने देखा की मम्मी मुझे कुछ नहीं बोल रही थी लेकिन जब मैं पहले हग करता था तो थोड़ी देर में हटा देती थी. लेकिन आज कुछ भी नहीं बोली. तो फिर मैं पीठ को पकड़ते हुए और थोड़ा टाइट हग किया.
तब वो बोली: बेटा क्या हुआ?
तो मैंने बोला आपको हग कर रहा हु.
मम्मी: लेकिन आज से पहले कभी ऐसा नहीं किया.
मैं: तो आज से पहले नहीं हुआ तो आज भी नहीं कर सकता क्या? आपको अच्छा नहीं लगा तो नहीं करूँगा.
फिर मम्मी बोलती है: विक्रम ऐसा नहीं है अच्छा लगा और आज तो पहले से भी ज़्यादा अच्छा लगा.
ये बोलते टाइम मम्मी के फेस पे रिएक्शन नार्मल नहीं थे. वो बहुत खुश लग रही थी.
तो मैंने पुछा: इसका मतलब की मैं ये सब कर सकता हूं न?
मम्मी: इन सब से तेरा क्या मतलब है? सिर्फ हग करने का पूछ रहा है न?
मैं: हां मम्मी वहीँ हग का ही पूछ रहा हु.
मम्मी: ठीक है बेटा हग में कोई प्रॉब्लम नहीं है. लेकिन आज जैसे किया न वैसा किसी के सामने मत करना.
तो मैंने भी हां बोला और लव यू वैरी मच मम्मी बोल के चला गया. उन्होंने भी लव यू टू विक्रम बोला. फिर मैं भी रेडी होकर ब्रेकफास्ट करने आता हूँ तब मैं और मम्मी दोनों साथ में ब्रेकफास्ट कर रहे होते है. तो मैं मम्मी से बोला- Bahan ki madad se mummi ko choda
मैं: मम्मी आज मैं खिलाऊँ आपको खाना?
मम्मी: क्या बात है बेटा आज मम्मी पे बहुत प्यार आ रहा है?
मैं: वो क्या है न अब मैं बड़ा हो गया हूं और मैं आपको देखता हूं की आप पापा को मिस करते होंगे. वो बहुत बार अब बाहर रहते है तो न मैंने डीसाइड किया है की मैं अब आपको पापा की कमी महसूस नहीं होने दूंगा. अब उनकी साइड का प्यार भी दूंगा आपको.
तब मम्मी के खाते हुए के आंसू आ जाते है और वो उठ कर मुझे हग करती है. आगे से ये वाला हग प्यार वाला था.
मम्मी बोलती है: बेटा तू इतना ध्यान रखता है मेरा.
फिर मैं मम्मी के आंसू पोंछता हूं और हग करते हुए ही बोलता हूं की-
मैं: मम्मी अब आपको कुछ भी चाहिए हो तो आप मुझे बोल देना. अब से आप ये ही समझना की मैं पापा ही हूं और हर चीज़ मुझे बोल देना. मैं आपके लिए सब कुछ करूँगा.
अभी तक मम्मी के बूब्स से चिपक के हग करने की वजह से मेरा लंड खड़ा होने लगा था. और अब वो उनकी चूत पे जा रहा था. अब तक शायद उनको भी फील होने लगा था लेकिन उन्होंने हग नहीं छोड़ा. फिर थोड़ी देर बाद हग छोड़ के हम दोनों ब्रेकफास्ट करते है.
फिर मैं कॉलेज चला जाता हूँ लेकिन उससे पहले मम्मी के फ़ोन में कुछ सेटिंग करता हु. अभी तक के लिए इतना ही. अब अगले पार्ट में बताऊंगा की मैंने मम्मी के फ़ोन में क्या किया था. और उसके आगे क्या-क्या किया जिससे मम्मी मेरे और नज़दीक आ गयी.
बहन की मदद से मम्मी को चोदा -2
Read More Maa Beta Sex Stories..
- बेटे के सामने हुई पूरी नंगी
- किचन मे मम्मी की गांड का उद्घाटन किया
- माँ की चूत की गर्मी भाग-1
- माँ की चूत और गांड की घमासान चुदाई
- अम्मी की टाइट चूत का उद्घाटन
- अपने बेटे से चूत की खुजली मिटवाई
