मुझे अपने भाई से चुदना है – 1

Meri apne bhai se chudai kahani:- हेलो फ्रेंड्स मैं रूपाली फिर से हाज़िर हूं एक नयी इन्सेस्ट स्टोरी के साथ. ये स्टोरी मेरी एक दोस्त की है। तो आगे जो स्टोरी होगी वो मेरी फ्रेंड की जबानी होगी। तो चलिये शुरू करते है ये मस्त स्टोरी।

मेरा नाम सिमरन है मेरी एज अभी 24 की है और हाइट 5 फीट 6 इंच है. साथ में मेरे मम्मी-पापा और एक छोटा भाई है आरव जो मेरे से 5 साल छोटा और हाइट 5 फ़ीट है. मेरा कर्रेंटली फिगर 38डी-32-38 है. पहले मैं ऐसी नहीं थी. मैं बचपन से थोड़ी सी हेल्थी रही हूँ मोटी नहीं लेकिन भरा-भरा सा गोरा शरीर है. मेरे तब 32 के बूब्स थे. ऑब्वियस्ली 38 मेरे भाई ने किया है.

Meri apne bhai se chudai kahani

पापा मेरे बिल्डर है. मेरी मम्मी हाउसवाइफ है. वो गोरी और गोल-मटोल है पर सेक्सी दिखती है. अपने टाइम पे पटाखा थी. ऐसे घर पे नाइटी या साड़ी पहनती है पर मॉडर्न कपडे जैसे टी-शर्ट जीन्स या फ्रॉक स्कर्ट भी पहनती है बाहर. उनका फिगर 38-34-38 है. टीनएजर्स से लेके अंकल तक सब मम्मी को लाइन मारते है. मैंने अक्सर देखा है टीनएजर्स को उनका क्लीवेज देखते हुए जब मम्मी झुकती है. मुझे बड़ी हस्सी आती है.

खैर मैं अपने पे आती हूँ मैं मम्मी जितनी गोरी नहीं पर फेयर रंग है. जैसे की पहले बताया हेल्थी हूं मोटी नहीं. हमारी फॅमिली थोड़ी ओपन माइंडेड है. छोटे कपड़ों के मामले में मुझे थोड़ी आज़ादी है. जैसे टी-शर्ट माइक्रो टॉप मिनी स्कर्ट हाफ पैंट शॉर्ट्स पहनने की छुट है. ज़्यादा नहीं पर थोड़ा सा क्लीवेज दीखता है तो चलता है. कभी-कभार घर पे ब्रा नहीं पहनती और ये मम्मी को पता है. बस कभी-कभार सावधान रहने को कहती थी क्यूंकि भाई बड़ा हो रहा था और कपड़ों के ऊपर से निप्पल्स दीखते थे.

उसकी नज़र पड़ी तो बुरा असर पड़ेगा. पर मम्मी को क्या पता मैं खुद ही एक दिन भाई से अपना सील तुड़वाउंगी. भाई मेरा छोटा है पर बड़ों की तरह ज़िम्मेदारी अभी से लेना शुरू कर दिया है. सामान लाना इलेक्ट्रिसिटी बिल्स पे करना सब सीखने लगा है. स्मार्ट हो गया है कम उम्र में. कभी-कभार मुझे भी डांट देता है और सच में उसके सामने मेरी हिम्मत नहीं होती बोलने की. पर मुझे ये बात उसकी पसंद है. वो बोल्ड और डोमिनेटिंग हो रहा है जिसका मुझे बाद में फ़ायदा होने वाला था. Meri apne bhai se chudai kahani

अब कहानी पे आते है. मै अपने कॉलेज के टूर पर घूमने गयी थी। रास्ते मे जाते हुए मै अकेली सीट पर थी तो मैंने एक incest स्टोरी पढ़ी भाई बहन की सेक्स स्टोरी। उस कहानी मेरा दिमाग ऐसा खराब कर दिया था की घर लौटते ही मेरी नज़र भाई को ढूंढने लगी. पता चला वो नहाने गया था. ये सुनते ही उसका नंगा बदन मेरी आँखों के सामने घूमने लगा. फिर मेरी चूत में खुजली होने लगी. मुझे गर्मी लगने लगी. मम्मी ने ठंडा पानी दिया.

मैं पानी पी ही रही थी की भाई रूम में टॉवल पहने आ गया. मेरे गले में ऑलमोस्ट पानी अटक गया. भाई के बदन पे पानी की बूंदे चमक रही थी. मैं पहली बार अपने भाई को इस नज़र से देख रही थी. मुझे शर्म आने लगी और मैंने नज़र नीचे कर ली.

आरव: अरे दीदी तुम कब आयी?

मैंने नज़र नीचे करके ही कहा: बस आधा घंटा हुआ.

आरव: बहुत मज़े किये तुम लोगों ने? मुझे वो सारी बातें याद आ गयी: हां मज़ा तो बहुत आया. तू कॉलेज नहीं गया अभी तक?

आरव: क्या दीदी भूल गयी क्या आज सैटरडे है. दो दिन अभी फुल घर पे ही हु.

मेरे हाथ कांपने लगे और मैं बोली: अच्छा हां ठीक है.

मम्मी किचन से चिल्लाई: सिमरन नहा के आ नाश्ता लगा देती हु.

मैं वहां रह ही नहीं पा रही थी. ये मौका देख के मैं वहां से भाग के बाथरूम में घुस गयी. मेरी सांसें चढ़ी हुई थी. मैं तो पागल होने लगी थी. मेरा पूरा बदन गरम हो गया था. फिर मैंने अपने आपको संभाला. मैंने अपना टी-शर्ट और जीन्स उतार दिए. हमारे बाथरूम में एक आईना है सर से पाँव तक देखने के लिए. मैं जब ब्रा पैंटी में थी तो मेरी नज़र आईने पर पड़ी. मैंने ब्लैक ब्रा और पैंटी पहना था जिससे मेरा बदन और गोरा लग रहा था. Meri apne bhai se chudai kahani

मैं अपने आपको चारों और से देखने लगी. जैसा मैंने पहले भी कहा था की मैं थोड़ी हेल्थी हूं तो थोड़ा सा मेरा पेट निकला है. मेरी बगल के आस पास थोड़ी सी चर्बी है. मैं अपना पेट दबा के देखने लगी और अचानक से ख़याल आने लगा की अगर मैं आरव के सामने ऐसे जाऊ तो क्या मुझे वो पसंद करेगा? मोटी समझ कर हँसेगा तो नहीं? फिर मैंने सोचा और अपनी ब्रा खोल दी. मेरे नन्हे 32 के बूब्स बाहर आ गए. मैंने कुछ देर अपने बूब्स को निहारा. फिर पकड़ के थोड़ा मसल के देखने लगी. फिर सोचने लगी मेरी बॉडी के हिसाब से मेरे बूब्स बहुत छोटे है. क्या भाई को ये पसंद आएंगे?

फिर मैंने पैंटी भी उतार दी और नंगी अपने को देखने लगी. मेरा पिछवाड़ा बहुत गोरा और बड़ा है. ये तो ज़रूर पसंद होगा. लेकिन मैं तो चाहती हूं वो मेरे बूब्स से चूत सब का दीवाना हो. ये सब सोच ही रही थी की बाहर से भाई ने ज़ोर से नॉक किया- Meri apne bhai se chudai kahani

आरव: दीदी टॉवल ले लो.

मैं बहुत ज़ोर से डर गयी. कुछ बोल ही नहीं पायी.

आरव ने फिर से नॉक किया: दीदी टॉवल ले लो.

मुझे समझ नहीं आ रही थी कैसे रियेक्ट करू. मैं पूरी नंगी खड़ी थी अंदर और सारे कपडे भीग चुके थे. फिर भी कांपते हुए गले से कहा: हां रुक जा लेती हु.

बोल तो दिया पर लू कैसे? फिर सोचा क्या आज ही बॉडी दिखा दू उसे? नहीं कुछ उल्टा हो गया तो? पर ऐसा मौका शायद नहीं मिले. मै इसी उधेड्बुन में फंसी थी की भाई ने फिर से नॉक किया. मैं बिलकुल हड़बड़ा गयी और दरवाज़े की कुण्डी खोली और हलके से दरवाज़ा हटाया.

आरव: आप क्या कर रही थी इतनी देर? ये लो.

उसने टॉवल बढ़ाया और मैंने कांपते हुए एक हाथ बाहर निकाला. फिर टॉवल लेके दरवाज़ा बंद कर दिया. मैं घबरा गयी थी. फिर धीरे-धीरे शांत हुई. मुझे लगा की मैंने गलती कर दी. शिट अच्छा मौका था. मैं अपने को कोसने लगी. थोड़ी तो अपनी बॉडी दिखा ही सकती थी. किस बात की शर्म आ रही थी? इतनी खुजली का क्या फ़ायदा जब इतनी शर्म आती है? मैं नहा के बाहर निकली. फिर नाश्ता किया और सारा दिन गुज़ारा. रात में मैं बेड पे दिन में जो हुआ उसके बारे में सोच रही थी. मुझे अब भी गुस्सा आ रहा था अपने पे. Meri apne bhai se chudai kahani

फिर मैं पता नहीं कब सो गयी. सुबह उठी तो आज पता नहीं कैसे पर मन में बिलकुल डर नहीं था. ठान लिया था की थोड़ा-थोड़ा ही सही पर मैं भाई को अपना बदन दिखाउंगी ही. नहाने का टाइम हुआ. आरव वापस आया. कल की तरह मैं घबराई नहीं और उससे कुछ देर बात किया. हालांकि उसका भीगा बदन देख के अब भी गरम हो रही थी पर मैंने नज़र नहीं हटाई. फिर मैं नहाने गयी टॉप और पैंट उतारी पर ब्रा पैंटी रहने दिया. फिर मैंने वेट किया. और ठीक कुछ देर में भाई फिर से टॉवल ले के आया.

आरव: दीदी टॉवल फिर से भूल गयी?

आज मैं घबराई नहीं और दरवाज़ा खोला और आधी बॉडी अंदर रख के सिर्फ लेफ्ट पोरशन दिखाते हुए टॉवल लिया. पर कुछ नहीं हुआ. वो टॉवल पकड़ा के चला गया. मैं मायूस रह गयी. फिर मैंने सोचा कुछ दिन ऐसे करते है. धीरे-धीरे मैं ज़्यादा बाहर आउंगी. कभी तो उसपे असर होगा. अगले दिन भी ऐसा ही किया. मैं आधा पोरशन बाहर रख के उससे टॉवल लेती और वो देख के चला जाता. फिर कुछ दिनों बाद थोड़ा और बाहर आने लगी.

एक दिन तो मैंने नोटिस किया उसने एक बार ऊपर से नीचे देखा. लेकिन फिर चला गया. कभी-कभी मैं उससे बात भी करती थी ताकि थोड़ा और टाइम मिले देखने का. हफ्ते भर बाद फाइनली मैंने टॉवल लेने के लिए पूरा दरवाज़ा खोल दिया और ब्रा पैंटी में बाहर आ गयी. आज भाई एक-दम से हिल गया. उसकी आँखें बड़ी हो गयी और गाल शर्म से लाल हो गए. मैंने ये नोटिस किया. फिर अनजान बन के टॉवल लेके घूम गयी. मैंने दरवाज़ा खुला रखा और पोंछने लगी. मैंने सामने आईने में देखा की भाई मुझे ऊपर से नीचे देख रहा था. Meri apne bhai se chudai kahani

मेरी धड़कने बढ़ गयी. समझ नहीं आ रहा था क्या करू. फिर मैंने अपने को शांत किया क्यूंकि उस दिन की तरह मौका गंवाना नहीं चाहती थी. मैंने अपना काम जारी रखा और उसे देखने दिया. उसका रिएक्शन देख मुझे बहुत ख़ुशी हुई. अब असर होने लगा. मैं भी निडर होने लगी थी और सोचा आज इसके सामने ब्रा भी खोल देते है. पर इससे पहले मैं हाथ पीछे ले गयी ब्रा का क्लिप खोलने वो चला गया.

थोड़ी देर के लिए मिस हो गया. पर ठीक है आज काफी अच्छा काम हुआ. इधर मम्मी को ये न शक हो की मैं रोज़ टॉवल क्यों भूल रही थी मैंने भाई को समझा दिया-

मैं: भाई एक काम करना अब से जब मैं बोलू तू मुझे टॉवल देना.

आरव: क्यों दीदी अंदर रखने की जगह है तो.

मै: नहीं वो शैम्पू वगेरा भी करती हूं तो गिर जाता है कभी-कभी और गीला हो जाता है. इससे अच्छा जब नहाना हो जाये मुझे दे जाना.

आरव: ओके दीदी.

कुछ दिन ब्रा पैंटी दिखने का खेल चला और इसके हमें आदत हो गयी. मैं भी अब कॉंफिडेंट होने लगी. अब से मैं दरवाज़ा खोल के उसके सामने ही बाहर आ जाती और टॉवल ले लेती. मैं पूरी भीगी हुई होती तो मेरे बाल मेरे बदन पे चिपके होते. इससे मैं और भी हॉट लगती. आरव मुझे और भी घूर के देखता. मुझे हंसी आती पर मैं नार्मल बातें करती उससे. Meri apne bhai se chudai kahani

फिर मैंने सोचा की अब और देर तक भाई के सामने ऐसे रहा जाये और एक प्लान किया. नहाने के बाद मैं ड्रेस पहन के रूम में आती थी. पर अब जब मम्मी किचन में बिजी हो तो सिर्फ नयी ब्रा पैंटी पहने ही रूम में आ जाती थी. ऐसे तो भाई ने मुझे ऐसे देख ही लिया था पर अब सारा दिन उसके सामने ब्रा पैंटी में घूमने लगी.

वो छुप-छुप के मुझे देखता रहता. कभी मेरी गोरी जाँघों को कभी बूब्स को. मैं भी जान-बूझ के उसके सामने झुकती थी. इतने में मैंने नोटिस किया आरव का लंड खड़ा था. मेरे मन में लड्डू फूटने लगे. मेरी धड़कने फिर तेज़ हो गयी. अब मेरी नज़र बार-बार वहां जा रही थी. आरव की नज़र पड़ी तो वो शर्मा गया और पैंट ठीक करने लगा पीछे घूम के. ऐसा हर रोज़ का होने लगा. मैं जब तक रूम में रहती ब्रा पैंटी में ही रहती. या तो नीचे शॉर्ट्स ऊपर ब्रा. साथ ही हर रोज़ आरव का खड़ा लंड देखने मिलता जिससे मेरी भी चूत से पानी आने लगता.

पता नहीं कब ये मेरे अंदर जायेगा. मुझसे और रहा नहीं जा रहा था इसलिए मैंने प्लान आगे बढ़ाया. आगे क्या हुआ कैसे हुआ उसके लिए अगले पार्ट का वेट करें

मुझे अपने भाई से चुदना है – 2

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