Kanika Bhabhi ki chudai kahani 2:- पार्ट 1 में मैंने अपना सेट उप बताया – फॅमिली डेली रूटीन और वो छोटी-छोटी चीज़ें जो धीरे-धीरे टेंशन बढ़ा रही थी. जिम सेशंस लांड्री हेल्प पैंटी-ब्रा वाला मोमेंट और वो इंटेंस मसाज सीन था, जहाँ सब कुछ और क्लोज होने लगा. एक दूसरे का टच बढ़ा, नज़रें मिली और अंदर से दोनों तरफ से कुछ-कुछ फील होने लगा. अब पार्ट 2 शुरू करते है.
Part 1 ==> कनिका भाभी – 1
यहाँ से स्टोरी सच में गरम होने वाली है. रात को जब पेरेंट्स घर आये. उनको पता चला की मेरे साथ क्या हुआ. डैड ने हमारी फॅमिली डॉक्टर को कॉल किया. वो आये और इंजेक्शन दिया और टेबलेट्स भी दिए कहा की 1 वीक में ठीक हो जाऊंगा. और मेरी नसीब अच्छी थी वरना मेरे सर पर चोट लग सकती थी. डॉक्टर ने एक आयल लिख के दिया कहा की इससे मसाज करो. फिर मम्मी ने भाभी से कहा-
मम्मी: “देख तू उसका अच्छे से ख़याल रखना वो ठीक हो जाये जल्दी. मैं ऊपर चढ़ नहीं सकती उसको मसाज करने के लिए. और अगर तुझे शर्म आ रही हो तो बोल दे. मैं एक नर्स रखवा दूँगी या गाँव से किसी और को आने के लिए बोल दूँगी.”
Kanika Bhabhi ki chudai kahani 2
भाभी: “अरे नहीं इसकी कोई ज़रुरत नहीं है मम्मी. ये तो मेरा देवर है और मेरे भाई जैसे है. कोई प्रॉब्लम नहीं है मुझे. पहले भी मैंने ही मसाज की आज शाम को.”
भाभी मुझे देख कर स्माइल करने लगी. मैं इशारा समझ गया की कुछ तो है. रात को भाभी ने मेरी मसाज की और बातें भी की.
भाभी: “अब कैसे हो मेरे देवर? दर्द कम हुआ?”
मैं: “कनिका जी दर्द तो है, लगता है आपके स्पर्श से काम हो जाये.”
भाभी (मुझे एक थप्पड़ मारते हुए): “पागल नाम से क्यों बुला रहे हो? भाभी हु.”
(स्माइल करते हुए कहा.) मैं: “मसाज कीजिये पहले दर्द हो रहा है.”
भाभी: “एक काम करो देवर जी अपनी शॉर्ट्स निकाल दो पहले. आयल के वजह से खराब हो जाएगी.”
मैं (मुझे अच्छा लगा और स्माइल देते हुए): “खुद निकाल दीजिये मेरे से नहीं हो रहा है.”
वो मेरी शार्ट टाइट फिटिंग की थी तो झट से अंडरवियर भी साथ में निकल गयी और मैं शॉकड था.
भाभी: “देवर जी आपके इरादे कुछ नेक नहीं लग रहे मुझे.”
मैं: “भाभी मैंने कुछ नहीं किया. सब कुछ आपके हाथ में था.”
और हसने लगे हम दोनों. मैं नीचे से पूरा नंगा था. भाभी कमर पर आयल लगा कर मसाज करने लगी और कहा “अपनी शर्ट निकाल दो देवर जी पीठ पर भी कर देती हूँ अगर वहां भी कुछ दर्द है तो चला जायेगा.”
मुझे लगा ही लोहा गरम है तो मैंने कहा: “खुद निकाल दीजिये अब इसमें पूछने वाली क्या बात है?” और कहा “आप भी अपनी साड़ी की पल्लू निकाल दीजिये वो गन्दा न हो जाये.”
भाभी: “ठीक है देवर जी आप कौन सा पहली बार देख रहे हो?”
भाभी मसाज देने लगी. मेरे गांड पर बैठ कर पूरी पीठ से कमर तक लगभग 15 मिनट तक. और पीठ पर आते ही बूब्स मेरे पीठ पर लग जाते और मुझे फील होते उनकी ब्लाउज से एक-दम नरम नरम. Kanika Bhabhi ki chudai kahani 2
भाभी (झुक कर मसाज करते हुए): “देवर जी… दर्द अभी भी है? या कम हुआ?”
मैं (सांस तेज़): “थोड़ा कम हुआ. लेकिन आपके हाथ से अच्छा लग रहा है.”
भाभी (बूब्स पीठ पर दबाते हुए हाथ हिप्स पे ज़ोर से): “अच्छा? तो रिलैक्स करो न. बॉडी इतना टाइट क्यों है?”
मैं (हिप्स ऊपर उठ जाते है): “बस… आपके स्पर्श से.”
भाभी (हल्का हंस कर): “कण्ट्रोल? मसाज में कण्ट्रोल की ज़रुरत नहीं. जो फील हो रहा है फील करो.”
मैं (लंड ट्विच कर रहा): “भाभी… आप जानती है न क्या हो रहा है.”
भाभी (स्माइल बढ़ाते हुए बूब्स और गहरे दब जाते है): “हां जानती हु.”
मैं (हल्का मोअन): “उम्मममम…”
भाभी (मसाज स्लो करते हुए): “बस… 10 मिनट और रिलैक्स कर.”(फिर वो उठी आयल साफ़ किया ब्लैंकेट ओढ़ा दिया जैसे खड़ा लंड छुपाना चाहती हो.)
भाभी (नॉटी स्माइल के साथ): “अब रेस्ट कर लो देवर जी. कल देखेंगे कैसा फील हो रहा है.”
मैं (दिल धड़क रहा): “हां भाभी… कल देखेंगे.”
भाभी (लास्ट स्माइल दे कर): “गुड नाईट देवर जी… सो जाओ अच्छे से.”
मैं वहीँ पड़े रह गया. बस मेरे दिमाग यही सवाल था की “कल क्या होगा?” भाभी के जाने के बाद रात को मैं बहुत एक्साईटेड था. वैसे तो समर सीजन था तो मैं भी नंगा पड़ा था बेड पर. रात को गर्मी होने लगी तो मैंने ब्लैंकेट निकाल दिया और वैसे ही पेट के बल सो गया. फिर पाता नहीं कब नींद आ गयी. रात के 3 बजे मुझे नाइटफाल हो गया – भाभी के टचिंग की वजह से. पूरा बेड खराब हो गया. ऊपर से मैं अलग टेंशन में और एक्साईटेड भी था की सुबह भाभी ये देख लेगी तो क्या होगा. Kanika Bhabhi ki chudai kahani 2
फिर मैं वैसे ही फिर से सो गया. जब सुबह हुई डोर तो लॉक नहीं था. भाभी 6 बजे आ गयी रूम में. मुझे नींद भी नहीं आ रही थी लंड तो खड़ा नहीं था नार्मल था. फिर भाभी बोली-
भाभी: “कैसी गुज़री रात रवि?”
मैं: “ठीक से नींद नहीं आयी दर्द भी था.”
भाभी: “अब एक बार फिर से मसाज करने के बाद ठीक हो जायेगा. देखो.” (और स्माइल देने लगी.)
मैं: “मुझे थोड़ा वाशरूम जाना है हेल्प कर दो.”
भाभी मुझे उठाने आयी. मैंने कहा: “अंदर कुछ नहीं है.”
भाभी ने स्माइल दिया फिर एक टॉवल दिया. मैं फ्रंट पर रख दिया और धीरे से उठ गया. मैं गया फ्रेश हुआ और भाभी को बुलाया. वो आयी और मुझे बेड पर लिटा दिया. Kanika Bhabhi ki chudai kahani 2
भाभी: “ये बेड पर कुछ सफ़ेद सा लगा है क्या है ये रवि?”
मैं पूरा लाल हो गया और कहा: “वो छोटा सा युद्ध हुआ था रात को.”
भाभी: “कैसा युद्ध रवि? ऐसा क्या हो गया था रात में हमें भी तो बताओ.”
मैं: “भाभी यार इतनी मासूम भी नहीं हो जितनी दिखती हो.”
भाभी: “फिर बोलो तो क्या हुआ?”
मैं: “ठीक है सुनो…”
भाभी: “सुनाओ…”
मैं: “जब आप रात को मसाज करके चली गयी थी रात को बॉडी में फुल हीट होने लगी. फिर मैंने बेडशीट को निकाल दिया और वैसे ही सो गया नंगा हो कर.”
भाभी: “वाह-वाह ऐसे सो गए. शायद मेरे स्पर्श ने तेरी बॉडी को कुछ हो गया.”
मैं: “फिर पता नहीं कब रात को नाइटफाल हो गया. बहुत ज़ोर से बहुत देर तक हुआ.”
भाभी: “नाइटफाल क्या होता है देवर जी?”
मैं: “इतनी मासूम भी मत बनो भाभी. सब कुछ जानती हो और समझती भी हो…”
भाभी हंसने लगी और कहा: बस इतने से ही ये सब हो गया. पता नहीं आगे कुछ होगा या नहीं. भाभी ने स्माइल दिया और फिर मसाज देने लगी बैक पर. अब तो वो जिम वियर में थी बहुत हॉट भी लग रही थी. भाभी मेरे पीछे बैठी आयल लिया और धीरे से पीठ पे लगाना शुरू किया. हाथ गरम थे प्रेशर परफेक्ट. लोअर बैक से शुरू करके शोल्डर्स तक. जब वो आगे झुकती थी उसके बूब्स मेरे पीठ पे हलके से दब जाते थे – सॉफ्ट और गरम फील से मेरा लंड फिर से टाइट होने लगा बेड पे. Kanika Bhabhi ki chudai kahani 2
वो जान-बूझ कर थोड़ा स्लो कर रही थी जैसे मज़े ले रही हो मेरे रिएक्शंस का.
भाभी (धीमे से): “देवर जी आज बॉडी बहुत ढीली पड़ गयी है. क्या हुआ है? कल रात के ‘युद्ध’ ने थका दिया क्या?”
मैं (शर्मा कर सांस तेज़): “भाभी… आपकी वजह से ही तो है ये सब. और बहुत मासूम बन रही हो.”
भाभी (हल्का हंस कर हाथ हिप्स पे ले जाते हुए): “अच्छा? सब जान चुके हो फिर तो रिलैक्स करो न. मैं पूरा ठीक कर दूँगी.”
उसने फिंगर्स को हिप्स के साइड्स पे घुमाया थोड़ा अंदर की तरफ स्लाइड करते हुए. एक्सीडेंटल जैसे लग रहा था लेकिन मैं जानता था वो जानती है क्या हो रहा है. हर बार झुकने पे बूब्स दब जाते थे और मेरा लंड बेड पे ज़ोर से रगड़ रहा था. मैं आँखें बंद करके फील कर रहा था दिल ज़ोर-ज़ोर से धड़क रहा था.
भाभी (थोड़ा ज़ोर से दबाते हुए लोअर बैक पे): “यहाँ दर्द ज़्यादा है न? ठीक कर देती हूँ बस थोड़ा और टाइम दे दो.”
मैं (मोअन करते हुए हल्का सा): “हां भाभी… आप जो कर रही हो… बहुत अच्छा लग रहा है.”
उसने 10-12 मिनट और कंटिन्यू किया. हाथ अब कॉन्फिडेंटली घूम रहे थे. कभी वैस्ट पे सर्किल बना रही थी कभी हिप्स पे प्रेशर डाल रही थी. बूब्स हर मूवमेंट पे टच हो रहे थे और वो भी शायद एक्साईटेड फील कर रही थी. क्यूंकि उसकी सांसें भी थोड़ी तेज़ हो गयी थी. फिर ऐसे ही रात को भी मसाज दिया और थोड़ी डबल मीनिंग वाली बातें भी हुई हमारी और आग दोनों तरफ लगी थी. ऐसे ही 3 दिन तक चला टोटली. और चौथे दिन क्या हुआ और सेक्स भी कैसे हुआ ये नेक्स्ट पार्ट में.
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