घर का मज़ा -3

Ghar ka maza 3:- पिछले भाग मे आपने पढ़ा कि, मै अपने घर आया, मैंने किसी को नहीं बताया था कि मै आ रहा हु। भाभी इसी वजह से बिना बाथरूम का गेट बंद किए नंगी ही नहा रही थी। मैंने भाभी को नंगी देखा तो मेरा लंड खड़ा हो गया और मैंने भाभी को देखकर वही मुठ मारी, और अपना माल वहीं बाथरूम के गेट पर छोड़ आया। अब पढ़िये आगे..

अगर आपने इससे पहला भाग नही पढ़ा है तो यहाँ पढ़िये.. घर का मज़ा -2

अब सब एक साथ ब्रेकफास्ट कर रहे थे.

मम्मी: अब तू सब फाइनल करके आ गया न?

मैं: हां अब कल मेरा फर्स्ट डे है जॉब का. दीदी की कंपनी में ही तो है जॉब.

दीदी: ओए सुन कंपनी में मेरे को ‘दीदी’ नहीं बोलना, वरना सब को लगेगा मेरी जुगाड़ से आया है.

मैं: लेकिन HR और मैनेजर को तो पता नहीं होगा न? सर नेम और फादर नेम सेम है. इतना कॉन्फिडेंस थोड़ी होता है?

दीदी: सिर्फ कुछ लोगों को पता होगा जो रिक्रूटमेंट के समय थे और उनको तेरी क़ाबलियत के बारे में पता है. बाकियों के सामने जाके ढिंढोरा नहीं पीटना इस बात का.

मैं: ठीक है.

तभी मैंने देखा भाभी खोयी-खोयी लग रही थी. फिर हमने ब्रेकफास्ट किया. उसके बाद दीदी और मम्मी अपने-अपने रूम में चले गए. भाभी बर्तन धो रही थी. मैं उनके पास गया और बोला।

मैं: भाभी कोई इशू है क्या? आप खोयी-खोयी लग रही हो.

भाभी (मन में): तुझे मैं क्या ही बताऊ इशू के बारे में? और क्या बाथरूम में तू ही था जो मुझे देख रहा था क्यूंकि और कोई मर्द तो था नहीं घर में. और डोर के पास इतना सारा कम (मेरा माल). मैं ये सब क्या सोच रही हु. Ghar ka maza 3

भाभी: कोई इशू नहीं. वैसे आप किस समय पहुंचे?

मैं: अभी थोड़ी देर पहले.

भाभी: तो तेरे को तेरे भैया नहीं दिखे जब तू आया?

मैं: नहीं उस समय नहीं दिखे. मैं आया तो मम्मी परांठे बना रही थी तो मैं वहां चला गया एंड दी रेस्ट इस हिस्ट्री.

भाभी: अच्छा.

भाभी (मन में): शायद मेरा वहम था. बहुत दिन हुए सेक्स किये हुए. अब हर चीज़ में सेक्सुअल चीज़ें दिखाई दे रही है.

मैंने भी भाभी की हेल्प की और मैं अपने रूम में आ गया. मैंने लैपटॉप खोला और सुबह रिकॉर्ड की हुई वीडियो लैपटॉप में सेव कर दी. फिर मैंने लैपटॉप में इंस्टा लॉगिन किया और राज को मैसेज किया. वो एक्टिव नहीं था तो मैंने उसको आज सुबह की सारी चीज़ें बता दिया और उसके रिप्लाई का वेट करने लगा. अब मैं वेट कर रहा था तब तक मै गेम खेलने लगा. 2-3 गेम खेले पर राज का रिप्लाई नहीं आया. तभी लिविंग रूम से मम्मी की आवाज़ आयी. Ghar ka maza 3

मम्मी: बेटा एक बार यहाँ आना.

मैं: आया!

मुझे लगा की काम थोड़ा सा होगा तो मैं लैपटॉप ओपन छोड़ के बाहर चला गया.

मम्मी: चावल और आटा खत्म हो गया है स्टोर रूम से निकाल दे.

मैं: ठीक है.

और मैं स्टोर रूम में चला गया. तभी दीदी मेरे रूम में आयी डोर ओपन किया और देखा की मैं रूम में नहीं था. वो रूम छोड़ के जा ही रही थी की उन्होंने मेरे लैपटॉप का वॉलपेपर देखा. वॉलपेपर में मेरी और उनकी कॉलेज की फोटो थी. वो लैपटॉप के पास आयी और उनको कॉलेज के दिन याद आ गए. भाई देखो टाइमिंग सबसे हरामी चीज़ होती है. मैं उस समय राज के रिप्लाई का वेट कर रहा था और जब मैं रूम में नहीं था तब राज का रिप्लाई आ गया. मैं अपना फ़ोन भी रूम में भूल गया था.

राज: सही है. भाई तू ऐसा कर उनकी हर छोटी से छोटी चीज़ में हेल्प करते रहना.

अब ये मैसेज दीदी ने पढ़ लिए. उन्होंने देखा की उनके छोटे भाई को मैसेज कौन कर रहा था. इंस्टाग्राम डीएम इंस्टाग्राम सर्वर्स में सेव होते है और किसी भी डिवाइस से मैसेज करो हर डिवाइस में दिखते है. ऊपर से मैं मैसेज डिलीट नहीं करता था तो दीदी ने चैट खोली और सारे मैसेज रीड कर लिए शुरू से लेके अंत तक. Ghar ka maza 3

मतलब पिक्स के आदान-प्रदान से राज का मेरे को तीनो पे ट्राई करने से लेके भाभी को सेक्स करने की स्ट्रेटेजी तक. और मैंने आज सुबह वाली भाभी की पिक विथाउट फेस वाली जो राज को सेंड की थी वो भी देख ली.

राज: ??? दीदी: कुत्ते तू है कौन और मेरे भाई को क्यों बिगाड़ रहा है?

राज: गौरव तू पागल-वागल तो नहीं हो गया?

दीदी: मैं उसकी बहन बोल रही हु.

राज: ओहो प्रिया दीदी. मैं एक स्टोरी राइटर हु और सेक्स स्टोरीज लिखता हु और मैं गौरव को नहीं बिगाड़ रहा. बच्चा थोड़ी न है वो?

दीदी: लेकिन तू मैसेज में क्या बोल रहा था की भाभी के अलावा मम्मी और मेरे पे भी ट्राई करेगा? तू ऐसा बोल कैसे सकता है?

राज ने अपनी स्टोरी का लिंक शेयर किया और बोला ये भी स्टोरी है.

राज: देख मैं उसको ज़बरदस्ती कुछ नहीं करवा रहा. तेरे भाई ने हेल्प मांगी और मैं हेल्प कर रहा हु.

दीदी: तू झूठ बोल रहा है, मेरा भाई ऐसा नहीं हो सकता.

राज: चल ठीक है एक चैलेंज, देख तू रात 10 बजे खाने के बाद ड्रंक होने की एक्टिंग करते हुए गौरव के रूम में जाना और तू अपने बूब्स दिखाना. फिर देखना की तेरा भाई तुझे रोकता है या नहीं.

दीदी: अगर वो मुझे रोकेगा तो तू मुझसे माफ़ी मांगेगा और गौरव को कभी मैसेज नहीं करेगा.

राज: और उसने तुझे नहीं रोका और वो आगे बढ़ा. तो तू इस सब के बीच में नहीं आएगी और जो मैं बोलूंगा वो करेगी.

दीदी: मंज़ूर है.

फिर दीदी ने राज और उनके बीच हुई चैट डिलीट की और अपने रूम में चली गयी. वो अपने रूम में राज की स्टोरी “ये मेरी फॅमिली” पढ़ने लगी. उसमें प्रिया दीदी ने लंड चूसा था जिसे पढ़ के मेरी दीदी भी गरम हो रही थी. देखो इन्सेस्ट का एक अपना मज़ा होता है तभी तो. वरना आप लोग ये स्टोरी नहीं पढ़ रहे होते? क्यों सही बोला या नहीं? मैंने स्टोर रूम से राशन किचन में रखवा दिया और कुछ देर मम्मी से बात-चीत करने में लग गया. जब मैं अपने रूम में पहुंचा तो राज का रिप्लाई आया हुआ था.

मैंने रिप्लाई देखा और “ठीक है” का रिप्लाई मैंने भी कर दिया. आज का दिन ऐसे ही बीत गया. मुझे जब भी मौका मिलता भाभी की हेल्प कर देता या उनसे बात-चीत करता रहता. रात को डिनर हुआ और सब अपने-अपने रूम में चले गए. फिर करीब 10:30 बजे मेरे डोर पे एक नॉक हुआ. मैंने डोर खोला तो डोर पर दीदी खड़ी थी. उन्होंने नीचे पजामा पहना था और ऊपर सिर्फ ब्रा में थी. उनके मुँह से बियर की बदबू आ रही थी.

घर का मज़ा -4

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