अपने हस्बैंड के दोस्त से चुद गयीं

husband ke dost se chudai:- हेलो मैं सुनीता. मेरी उम्र 51 साल है. मैं अपने हस्बैंड और 2 किड्स के साथ जिस सोसाइटी में रहती हूं वहीँ मेरे हस्बैंड के ऑफिस में काम करने वाला गौरव’ भी रहता है और दोनों में बहुत गहरी दोस्ती है. गौरव’ का हमारे घर और हमारा उनके घर आना-जाना लगा रहता है

गौरव भी मैरिड है और 1 बेटी का बाप है. पर वो काफी हैंडसम और अच्छी बॉडी है उनकी. हम दोनों का हंसी-मज़ाक बहुत चलता है जैसे सेक्स और लड़कियों के बारे में.कभी-कभी मज़ाक-मज़ाक में वो मुझे छेड़ भी देते है. और कभी-कभी मेरे गालों पर किश भी कर देते है.
1 दिन मैंने बहुत ही सेक्सी ड्रेस पहनी हुई थी. गौरव’ मेरे घर आये हस्बैंड से कुछ ऑफिस के काम के बारे में बात करने. उनको आया हुआ देख मैंने उनसे चाय पीने का पुछा. जैसे ही उन्होंने मुझे देखा देखते ही रह गए. उन्होंने हां में जवाब दिया.

फिर मैं चाय बनाने किचन में गयी तो थोड़ी देर बाद वो भी आ गए और मुझे बोलने लगे-गौरव’: तुम आज बहुत ही सेक्सी लग रही हो. आज तुम्हे देख कर मेरा मैं तुम्हे किश करने का हो रहा है. मैंने बोला: बाहर मेरे हस्बैंड बैठे है.

उन्होंने बोला की वो फ़ोन पर बिजी है. और ये बोल कर गौरव’ ने मेरे होंठो को चूसना शुरू कर दिया. मैं थोड़ा घबरा गयीं और उन्हें पीछे हटा कर बोली की कोई आ जायेगा. तो गौरव’ ने किचन से बाहर जा कर देखा मेरे हस्बैंड कोई ज़रूरी बात कर रहे थे. फिर वो दोबारा किचन में आये और मुझे बाहों में लेकर मेरे होंठो को चूसने लगे. मैं थोड़ा घबराई पर फिर उनका साथ देने लगी. फिर वो बाहर चले गए. कुछ दिन के बाद उनकी वाइफ को अपनी किसी इमरजेंसी के चलते अपने घर जाना था. husband ke dost se chudai

वो हमें उनके खाने का बोल कर चली गयी. रात में गौरव’ हमारे घर खाने पर आये. मैं और मेरे हस्बैंड ब्लैंकेट में नीचे बैठ कर मूवी देख रहे थे और मेरे हस्बैंड ड्रिंक कर रहे थे. गौरव’ को देखते ही मेरे हस्बैंड ने उनके लिए गिलास लाने को बोलै. मैं गिलास लेकर जब आयी तो गौरव’ ने इशारे से मुझे अपने पास बैठने को बोलै. मैं जा कर उनके पास बैठ गयी. मेरे हस्बैंड आगे की तरफ थे और मैं और गौरव’ उनके थोड़े पीछे बैठे थे.

गौरव’ ने ब्लैंकेट में हाथ डाल कर मेरी थाइस पर हाथ फेरना शुरू किया. मैंने उसे देखा और आँखों से इशारा किया की मत करो. पर वो न माना और उसका हाथ मेरी सलवार के ऊपर से मेरी चूत पर जाने लगा. मैंने उसका हाथ पकड़ कर मन किया. पर वो माना नहीं और बोला की मेरे हस्बैंड मूवी और ड्रिंक में बिजी थे नहीं पाता चलेगा.

ये बोलते ही उसने मेरी सलवार का नाडा खोल दिया और अपना हाथ अंदर डाल कर मेरी पैंटी के ऊपर से मेरी चूत सहलाने लगा. मैं ऊपर से मन कर रही थी पर अंदर से लग रहा था. फिर गौरव’ ने हाथ मेरी पैंटी के अंदर डाल दिया और मेरा हाथ अपने पाजामे से लंड बाहर निकाल कर उस पर रख दिया. उसका लंड एक-दम टाइट था और काफी बड़ा था. husband ke dost se chudai

इधर मेरी चूत में से भी पानी निकल रहा था. मेरे हस्बैंड को कुछ पता नहीं चल रहा था की पीछे क्या हो रहा था. हम दोनों आग में जल रहे थे. मेरे हाथ में गौरव’ का लंड था और गौरव’ का हाथ मेरी पैंटी के अंदर था. तभी उसने कहा की मैं अपनी सलवार थोड़ी नीचे कर दू जिससे उसका हाथ आसानी से चूत के साथ खेल सके. पहले मैंने मन किया पर मेरी भी हालत खराब हो रही थी.
तो मैंने अपनी सलवार और अपनी पैंटी थोड़ी नीचे कर दी. इसके बाद मैंने देखा की मेरे हस्बैंड पीते हुए ही वहां सो गए थे.मेरे दोनों किड्स पहले ही सो चुके थे. मैंने अपने हस्बैंड को आवाज़ दी लेकिन उन्होंने कोई जवाब न दिया. तो मैंने गौरव’ की तरफ देखा.

फिर उसने मेरे हस्बैंड को थोड़ा हिलाया पर वो न उठे. उसके बाद गौरव’ ने मुझसे कहा की चलो बैडरूम में चलते है.मैंने कहा: अगर ये उठ गए तो?उसने कहा: नहीं उठेंगे.फिर हम दोनों कपडे ठीक करके बैडरूम चले गए. वहां जा कर गौरव’ ने बैडरूम को लॉक किया और मुझे अपनी बाहों में लेकर मेरे होंठ चूसने लगा.

मैं भी उसका साथ देने लगी. उसने जल्दी से अपना पजामा और टी-शर्ट उतार दी और मेरी सलवार भी उतार दी.मैंने नीचे पिंक कलर की नेट की पैंटी पहनी थी. उसने मुझे बेड पर लिटा कर मेरी चूत को पैंटी के ऊपर से चाटना शुरू कर दिया. उसके बाद वो उल्टा हो गया और उसका लंड मेरे मुँह में डाल कर मेरी चूत चाटने लगा. husband ke dost se chudai

मेरी का बुरा हाल हो गया था पानी निकल कर. फिर उसने जल्दी से मेरी पैंटी उतारी और मुझे बोला की मैं अपनी कमीज भी उतार दू. मैंने मना किया पर उसने ज़बरदस्ती उतार दी. नीचे मैंने पिंक कलर की नेट की साटन की ब्रा पहनी थी. उसने जल्दी से उसे उतारा और मेरी निप्पल्स को चूसने लगा. फिर उसने मुझे बेड पर लिटा कर मेरी दोनों टांगों को खोल कर मेरी चूत पर अपना लंड रख कर ज़ोर से धक्का मारा. उसका पूरा लंड मेरी चूत में ऐसे गया जैसे चिकनी फ्लोर पर कोई फिसलता है.

उसके बाद वो ज़ोर-ज़ोर से अपने लंड को मेरी चूत के अंदर-बाहर करने लगा. मेरी चूत में से फच फच की आवाज़ आने लगी थी. हम दोनों पागलों की तरह सेक्स कर रहे थे. इस बीच मैं 2 बार झड़ चुकी थी. थोड़ी देर के बाद गौरव’ ने बोला की वो भी झड़ने वाला था.

मैंने बोला की वो मेरी चूत में अपना पानी डाल दे जिसके बाद उसने अपना सुनीता पानी मेरी चूत में डाल दिया. 5 मिनट हम ऐसे ही लेटते रहे. उसके बाद वो उठा और अपने कपडे पहनने लगा. मैं भी जैसे ही उठी मेरी चूत में से काफी सुनीता गौरव’ का पानी बाहर निकाल कर बेड पर गिर गया.हम दोनों ने एक-दुसरे को देखा.

मैंने अपनी पैंटी से उसे साफ़ किया. फिर पहले गौरव’ बैडरूम से बाहर आया उसके बाद मैं. मेरे हस्बैंड अभी भी सोये हुए थे. मैंने आ कर उन्हें जगाया और उनको खाना दिया. फिर हम तीनो खाना खाने लगे. गौरव’ ने अपना एक हाथ ब्लैंकेट में डाल रखा था और वो मेरी चूत पर हाथ फेर रहा था.
मैं भी कभी-कभी उसके लंड को पकड़ लेती थी. हम सब ने खाना खाया और मैंने सब किचन में रखा और वापस ब्लैंकेट में गौरव’ के पास बैठ गयी. उसके बाद हम दोनों फिर से एक-दुसरे को छेड़ते रहे. तभी मेरे हस्बैंड ने कहा की वो अब जा कर सो रहे थे.मैंने बोलै: आप जाओ मैं और गौरव’ मूवी देख कर सो जायेंगे.वो बैडरूम में चले गए. मैंने ड्राइंग रूम की लाइट डिम की और गौरव’ के पास आ कर बैठ गयी. गौरव’ ने मुझे अपने पास खींच कर मेरे होंठो को फिर से चूसना शुरू कर दिया.

फिर अपने हाथ से मेरे मुम्मे दबाने लगा. मैंने बोला: रुको. और मैं हस्बैंड को देखने चली गयी. वो सो रहे थे. मैंने बैडरूम को बाहर से लॉक किया और गौरव’ के पास आ गयी. गौरव’ ने पहले से ही अपने सारे कपडे उतार दिए थे और जैसे ही मैं आयी वो मुझे बाहों में लेकर मुझे चूमने लगा. मैं भी उसका साथ देने लगी थी. उसके बाद मैंने अपनी सलवार और कमीज उतार दी.

नीचे मैंने अब वाइट कलर की नेट की साटन ब्रा और मैचिंग वाइट कलर की पैंटी पहनी थी. गौरव’ ने मुझे लिटा कर मेरी ब्रा खोल दी और मेरी निप्पल को चूसने लगा. मैं भी उसके लंड को हाथ में लेकर आगे-पीछे करने लगी.उसके बाद गौरव’ मेरी पैंटी उतारी और मेरी गीली चूत को चाटने लगा. मेरी चूत में से पानी निकलने लगा था और पूरी बेडशीट पर गिर रहा था. उसके बाद गौरव’ ने मेरी पर अपना लंड रखा और ज़ोर से धक्का मारा. उसका पूरा लंड मेरी चूत में चला गया. उसके बाद वो ज़ोर-ज़ोर से लंड को मेरी चूत में अंदर-बाहर करने लगा. मैं भी उसका साथ देने लगी थी.

मेरे मुँह से आआह्ह्ह्हह आआह्ह्ह और ज़ोर से जानू और तेज़ जानू की आवाज़ निकलने लगी जिसको सुन कर गौरव’ ने अपने लंड की स्पीड बढ़ा दी. थोड़ी देर के बाद हम दोनों एक साथ झड़ गए. गौरव’ ने अपना सुनीता पानी दोबारा मेरी में ही डाल दिया. उसने मेरी को भर दिया. मैं भी 3 बार झड़ चुकी थी. पूरे ड्राइंग रूम में हमारे और लंड के पानी की खुशबु आ रही थी. थोड़ी देर ऐसे ही लेटते रहने के बाद गौरव’ ने अपना लंड मेरी चूत से बाहर निकाला.

फिर उसके बाद काफी सुनीता पानी मेरी से बाहर आया.हम दोनों ने एक-दुसरे को लिप किश किया. उसके बाद मैंने अपनी पैंटी से पहले गौरव’ के लंड को साफ़ किया. फिर बेडशीट को साफ़ करके ऐसे ही बाथरूम में साफ़ करने चली गयी. बाहर आ कर मैंने अपनी ब्रा उठायी और चेंज करने चली गयी.
इस बार मैंने नाईट सूट के नीचे ब्रा पैंटी नहीं पहनी थी.गौरव’ ने भी अपने कपडे पहने और मुझे बाहों में लेकर बैठ गया. क्यूंकि कल दोनों के ऑफिस की छुट्टी थी तो गौरव’ वहीँ बैठ गया. थोड़ी देर के बाद मैं किड्स और अपने हस्बैंड को देखने गयी की वो सोये हुए थे या नहीं और दोनों रूम्स को बाहर से लॉक करके फिर से गौरव’ के पास आ गयी.

थोड़ी देर तक ऐसे ही बैठे रहे पर फिर गौरव’ का हाथ मेरी चूत पर आने लगा. मैंने उससे पुछा की अभी मैं नहीं भरा तो उसने कहा नहीं. फिर उसने हाथ मेरे नाईट सूट के अंदर डाल दिया. रात के १२ बज रहे थे. गौरव’ अपनी शर्ट और पजामा उतार कर ब्लैंकेट में लेट गया. मैं उसके लंड से खेलने लगी.थोड़ी देर खेलने के बाद गौरव’ का लंड फिर से तैयार हो गया और वो मेरा नाईट सूट उतार कर मेरी चूत को चाटने लगा. वो मेरे बूब्स दबाने लगा.

मैं भी गरम हो गयीं थी मैंने उसके लंड को मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया. थोड़ी देर चूसने के बाद मैं गौरव’ की गोद में बैठ गयी और उसके लंड को अपनी चूत के छेड़ में डाल कर ऊपर-नीचे होने लगी.गौरव’ मेरे मुम्मे को मुँह में लेकर चूसने लगा. उसके बाद गौरव’ ने मुझे घोड़ी बना कर पीछे से मेरी चूत में अपना लंड डाला और ज़ोर-ज़ोर से धक्के मारने लग गया.

मैं आअह्ह्ह्हह उउम्म की आवाज़ निकालने लगी थी और चूत में से फच फच की आवाज़ आने लगी थी. इस बीच मैं फिर से 2 बार झड़ चुकी थी.फिर गौरव’ ने मुझे सीधा लिटा कर मेरी दोनों टांगों को खोल कर मेरी चूत में अपना लंड डाल कर ज़ोर-ज़ोर से धक्के लगाए. थोड़ी देर के बाद उसने अपना सुनीता माल मेरी चूत के अंदर झाड दिया. उसके बाद हम दोनों नंगे ही लेटे रहे. गौरव’ ने फिर अपना लंड जैसे ही मेरी चूत से बाहर किया मेरी चूत में से काफी सुनीता पानी बाहर निकाल कर गिर गया.मैं जल्दी से अपनी वाइट पैंटी जो पहले से गन्दी थी उठा कर लायी और गौरव’ के लंड को और बेडशीट को साफ़ किया.

फिर अपनी चूत को साफ़ करने बाथरूम में चली गयी. उसके बाद गौरव’ ने अपने कपडे पहने और मुझे किश करके अपने घर चला गया. मैंने सब लॉक किया और बेडशीट को बाथरूम में रख दिया. फिर दोनों ब्रा और पैंटी भी धोने के लिए रख दी. सब ठीक करके मैं भी सोने जाने लगी क्यूंकि मैं भी काफी थक गयीं थी।

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