जीजा का लंड देख कमसिन साली की चूत पनिया गयी -2

Sali ka figure dekh jija bekabu:- पिछले भाग मे आपने पढ़ा कि मेरी छोटी साली, 11 साल बाद हमारे घर आई और उसकी जवानी देखकर मेरा मन उस पर आ गया, फिर हम शॉपिंग करने गए वहाँ गलती से मैंने उसको ऊपर से नंग देखा, और रात मे मेरी साली जब अपनी बिल्ली मे उंगली कर रही थी मेरा नाम लेके, तब मैंने उसको देखा और उसने भी मुझे देख लिया। अगले दिन मेरी वाइफ़ अपनी सहेली के घर गयी तो मैंने उसको बाथरूम मे नहाते हुए पकड़ लिया। अब पढ़िये आगे..

अगर आपने पहला भाग नहीं पढ़ा है तो यहाँ से पढ़ें जीजा का लंड देख कमसिन साली की चूत पनिया गयी -1

मैंने धीरे से अपने हाथ आगे बढ़ाये और उसकी कमर को पकड़ लिया. सोनम का जिस्म एक-दम से कांप उठा पर उसने मुझे रोका नहीं. उसने अपनी आँखें अभी भी बंद रखी थी जैसे वो इस एहसास को पूरी तरह महसूस करना चाहती हो. मैंने उसे अपनी तरफ खींचा और उसका गीला बदन मेरे बदन से पूरी तरह चिपक गया. मेरे ‘लंड’ को उसकी ‘चूत’ की गर्माहट महसूस हो रही थी.

मैंने झुक कर उसके कान के पास फुसफुसाया “सोनम अब आँखें खोलो. आज शर्माने का वक़्त नहीं है. रात को जो तुम अकेले में मांग रही थी वो अब तुम्हारे सामने है.”

सोनम ने धीरे से अपनी आँखें खोली. उनमे शर्म तो थी पर साथ ही एक गहरी प्यास भी दिख रही थी.

उसने धीरे से कहा “जीजू… मुझे डर लग रहा है पर… पर मैं रुकना भी नहीं चाहती.”

मैंने बिना वक़्त गवाए अपने होंठ उसके गुलाबी होंठो पर रख दिए. पहले तो वो थोड़ा हिचकिचाई पर अगले ही पल उसने भी मेरा साथ देना शुरू कर दिया. हमारा किश गहरा होता गया. मेरे हाथ उसके भरे हुए ‘पपीतों’ पर घूम रहे थे उन्हें मसल रहे थे जिससे सोनम के मुँह से हलकी-हलकी सिसकियाँ निकलने लगी. मैंने बाथरूम का शावर चालु कर दिया. पानी की बौछार हम दोनों के ऊपर गिरने लगी. हम दोनों पानी और मस्ती में भीग रहे थे. मैंने सोनम को दीवार से सटाया और उसकी गर्दन पर चूमते हुए नीचे की तरफ बढ़ने लगा. जब मैं उसके ‘दोनों बूब्स निप्पल’ को चूमते हुए नीचे उसकी नाभि तक पहुंचा तो सोनम ने ज़ोर से मेरे बाल पकड़ लिए और बोली “अह्ह्ह जीजू… बस अब और इंतज़ार नहीं होता… प्लीज…” Sali ka figure dekh jija bekabu

उसकी तड़प देख कर मुझसे भी रहा नहीं गया. मैंने उसे गोद में उठाया और उसकी टांगें अपनी कमर के इर्द-गिर्द लपेट ली. अब उसकी ‘चूत’ सीधा मेरे ‘लंड’ के ऊपर थी. मैंने एक झटके में अपना ‘लंड’ उसकी ‘चूत’ के अंदर डाल दिया. बाथरूम में सिर्फ शावर के पानी की आवाज़ और सोनम की तेज़ी से निकली हुई “अह्ह्ह्ह!” गूंज उठी. दर्द और मज़े के उस मिले-जुले एहसास में उसने मुझे ज़ोर से भींच लिया. हमारी सांसें एक हो गयी थी. रानी घर से बाहर थी और यहाँ बाथरूम में जीजा और साली के बीच की सारी दीवारें हमेशा के लिए टूट चुकी थी. मैंने सोनम को अपनी गोद से नीचे उतारा और उसे बाथरूम के गीले फर्श पर घुटनो के बल बिठा दिया. मैं उसके सामने अकड़ कर खड़ा था. शावर का पानी हमारे ऊपर बरस रहा था लेकिन हमारे अंदर की आग और तेज़ हो गयी थी. मेरा ‘लंड’ अभी भी पूरी ताकत से तन्ना हुआ था बिलकुल उसकी आँखों के सामने.

सोनम ने एक बार ऊपर मेरे चेहरे की तरफ देखा उसकी आँखों में वही रात वाली प्यास थी. फिर बिना कुछ बोले उसने धीरे से अपना मुँह खोला और मेरे ‘लंड’ को अपने नरम और गीले होंठो में भर लिया. जैसे ही उसके गरम मुँह का एहसास मुझे हुआ मेरे जिस्म में एक करंट सा दौड़ गया. मेरे मुँह से बेइख्तियार निकल गया “अह्ह्ह्ह… सोनम… हां… ऐसे ही…” वो बड़े शौंक से उसे अंदर-बाहर करने लगी. उसकी जीभ की हरकत ने मुझे पागल कर दिया था. मैं पीछे दीवार का सहारा लेकर खड़ा हो गया अपनी आँखें बंद करके बस उस पल के मज़े में डूबा हुआ था .मैं अपने हाथो से उसके गीले बालों को सहला रहा था और वो नीचे बैठी पूरी लगन से अपना काम कर रही थी. जब वो गहरायी तक लेती तो मेरी सांसें अटक जाती और मैं ज़ोर से “अह्ह्ह्ह… अह्ह्ह्ह…” करने लगता. बाथरूम में सिर्फ पानी गिरने की आवाज़ और मेरी सिसकियाँ गूंज रही थी. वो मुझे देख कर और जोश में आ गयी और तेज़ी से अपना सर आगे-पीछे करने लगी. उस पल मुझे लग रहा था की दुनिया में इससे बड़ा सुख और कोई नहीं है.

जब सोनम मेरे ‘लंड’ के साथ खेल चुकी थी तो मैंने उसे कन्धों से पकड़ कर उठाया. मेरी सांसें भारी हो रही थी और मैं अब रुकने के मूड में बिलकुल नहीं था. मैंने हाँफते हुए सोनम से कहा “सोनम अब घूम जाओ और डोगी बन जाओ. मुझे तुम्हारे पीछे से करना है. ”सोनम ने एक नशीली मुस्कान के साथ मेरी तरफ देखा और बिना कुछ बोले घूम गयी. उसने अपने हाथ बाथरूम की गीली दीवार पर टिका दिए और अपनी कमर को नीचे करके अपने हिप्स (पिछवाड़ा) हवा में उठा दिए. ये नज़ारा देख कर मैं पागल सा हो गया. उसके गोल-गोल और भरे हुए हिप्स मेरे सामने थे जो पानी में भीगने की वजह से चमक रहे थे. मैं उसके बिलकुल पीछे आ कर खड़ा हो गया. मेरा ‘लंड’ अभी भी पूरी अकड़ में था. मैंने अपने दोनों हाथो से उसकी कमर पकड़ी. उसकी स्किन पर मेरी पकड़ मज़बूत थी. मैंने अपना ‘केला’ उसकी ‘चूत’ के रास्ते पर सेट किया और धीरे से रगड़ने लगा. सोनम ने तड़प कर अपनी कमर पीछे की तरफ धकेली जैसे वो खुद चाहती हो की मैं जल्दी अंदर डालूँ. मैंने एक गहरी सांस ली और एक ही झटके में आधा ‘लंड’ अंदर उतार दिया. “अह्ह्ह्ह! जीजू…!”

सोनम ज़ोर से चीख पड़ी और दीवार को कस के पकड़ लिया. मैं रुका नहीं और अगले ही पल पूरा ‘लंड’ जड़ तक अंदर डाल दिया. हम दोनों के बदन एक-दुसरे से टकरा रहे थे. मैंने उसकी कमर को दोनों हाथो से जकड लिया और तेज़ धक्के लगाने शुरू कर दिए. बाथरूम में अब सिर्फ पानी के गिरने की आवाज़ और हमारे जिस्म के टकराने की “थप-थप” की आवाज़ गूँज रही थी. सोनम हर धक्के के साथ “हाय… अह्ह्ह… ज़ोर से… और ज़ोर से…” की रट लगा रही थी. मेरे दिमाग में बस यही था की रानी अभी भी अपनी सहेली के घर है और हमारे पास खुला वक़्त है. इस ख़याल ने मेरे अंदर और भी जोश भर दिया. मैं पूरी ताकत से उसे चोद रहा था और सोनम भी बराबर साथ दे रही थी अपनी कमर को पीछे धकेल कर हर धक्के का मज़ा ले रही थी. वो पल हम दोनों के लिए जन्नत से काम नहीं था. बाथरूम के उस तेज़-तर्रार सेशन के बाद हम दोनों हाँफते हुए बाहर निकले. हमारे बदन अभी भी गीले थे और पानी की बूँदें हमारे जिस्म से टपक रही थी. पर हमारे अंदर का जोश ठंडा होने का नाम नहीं ले रहा था. Sali ka figure dekh jija bekabu

हम सीधा बैडरूम में गए. मैंने सोनम को नरम गद्दे पर सीधा लिटा दिया. बिस्तर की सफ़ेद चादर पर हमारे गीले बदन की वजह से निशाँ बनने लगे. मैं बिना एक पल गंवाए उसके ऊपर लेट गया. जब मेरा भारी और चौड़ा सीना सोनम के नरम उभारों (ब्रेअस्ट्स) पर दबा तो उसके मुँह से एक गहरी “अह्ह्ह्ह…” निकल गयी. हमारे गीले बदन एक-दुसरे से चिपक गए थे और बीच में हवा गुजरने की भी जगह नहीं थी. मैंने अपने हाथ उसके चेहरे के दोनों तरफ रखे और उसकी आँखों में देखा. उसकी आँखें नशीली हो चुकी थी और चेहरा लाल था. मैंने झुक कर उसके होंठो को अपने होंठो में क़ैद कर लिया. ये किश बाथरूम वाले किश से अलग था—इसमें तेज़ी के साथ-साथ एक गहरा अपनापन भी था. सोनम ने अपनी दोनों टांगें खोल दी और मेरी कमर के इर्द-गिर्द लपेट ली मुझे इशारा करते हुए की मैं उसके और करीब आ जाऊ. उसकी ‘बिली’ अभी भी गीली और गरम थी और मेरा ‘लंड’ उसके एंट्रेंस पर रगड़ खा रहा था. मैंने धीरे से धक्का लगाया और मिशनरी पोजीशन में उसके अंदर चला गया.

सोनम ने मेरी पीठ पर अपने नाखून गड़ा दिए और मेरे कान में फुसफुसाई “जीजू… बिस्तर पर आपका प्यार तो और भी जानलेवा है… ”

कमरे में अब चुप्पी थी बस हमारी सांसें और बदन के टकराने की आवाज़े गूँज रही थी. रानी अभी भी नहीं आयी थी और पूरा बैडरूम हमारे प्यार का गवाह बन रहा था. मिशनरी पोजीशन में थोड़ी देर प्यार करने के बाद मैंने महसूस किया की सोनम अब और भी ज़्यादा खुल गयी थी. मैंने धीरे से अपने धक्के रोके और सोनम की आँखों में देखा. मैंने हाँफते हुए कहा “सोनम अब तुम ऊपर आओ. मैं तुम्हे ‘काउगर्ल’ बन कर सवारी करते हुए देखना चाहता हु. ”सोनम के चेहरे पर एक शरारती मुस्कान आ गयी. वो झट से मेरी पकड़ से निकली और मेरे ऊपर आ कर घुटनो के बल बैठ गयी. उसका गीला बदन मेरे ऊपर था और उसके लम्बे गीले बाल उसके कंधो पर बिखरे हुए थे. पानी की कुछ बूंदे उसके बालों से टपक कर मेरे सीने पर गिर रही थी जो मुझे और पागल कर रही थी. सोनम ने अपने दोनों हाथ मेरे सीने पर टिकाये और थोड़ा ऊपर उठी. उसने एक हाथ से मेरे ‘लंड’ को पकड़ा और उसे सीधा अपनी ‘बिल्ली’ के मुँह पर सेट किया. फिर मेरी आँखों में आँखें डाल कर वो धीरे-धीरे नीचे बैठती गयी. जैसे-जैसे वो नीचे आयी और मेरा ‘लंड’ उसके अंदर समता गया मेरे मुँह से एक लम्बा “अह्ह्ह्हह्हह…” निकल गया. Sali ka figure dekh jija bekabu

पूरा अंदर लेने के बाद सोनम ने अपनी रफ़्तार पकड़ी. वो ऊपर उठती और फिर धम से नीचे बैठ जाती. काउगर्ल पोजीशन में अब सारा कण्ट्रोल उसके हाथ में था. जब वो तेज़ी से ऊपर-नीचे हो रही थी तो उसके भरे हुए ‘पपीते’ हवा में ज़ोर-ज़ोर से उछल रहे थे. ये नज़ारा किसी सपने से कम नहीं था. मैंने नीचे से अपने हाथ बढ़ाये और उसके उछलते हुए ‘पपीतों’ को पकड़ लिया और उन्हें दबाने लगा. सोनम मस्ती में अपना सर पीछे करके झूमने लगी. उसके मुँह से निकला “हाय जीजू… आपका तो बहुत बड़ा है… अंदर तक लग रहा है… अह्ह्ह्ह! ”मैं नीचे लेटा हुआ बस उसके चेहरे के भाव और उसके जिस्म की हरकत को देख रहा था. वो पूरी ताकत से सवारी कर रही थी जैसे आज वो मुझे निचोड़ कर ही छोड़ेगी. कमरे का माहौल अब अपने शबाब पर था. वो काउगर्ल पोजीशन में थी और रानी के आने में अभी वक़्त था. हमारे दिलों की धड़कन तेज़ थी, सोनम मेरे ऊपर सवार हो कर तेज़ी से उछल रही थी. उसके ‘पपीते’ हवा में नाच रहे थे और वो पूरी तरह से मस्ती में खो गयी थी.

तभी मुझे महसूस हुआ की मैं अब अपने शिखर पर पहुँचने वाला हु. मैंने सोनम की कमर पकड़ कर उसे रोका. मैंने हाँफते हुए कहा “सोनम… रुक जाओ… मेरा पानी निकलने वाला है… मैं अब रोक नहीं पाउँगा! ”सोनम समझ गयी. वो झट से मेरे ऊपर से उत्तरी और बिस्तर पर घुटनो के बल बैठ गयी. उसकी आँखों में अभी भी वही भूख थी. उसने बिना देर किये अपना मुँह खोला और मेरे अकड़े हुए ‘लंड’ के टोपे को अपने होंठों में भर लिया. जैसे ही उसने चूसना शुरू किया मुझे लगा मेरी जान निकल जाएगी. मैंने उसका सर पकड़ लिया. दो-तीन गहरे झटकों के बाद मेरा शरीर अकड़ गया. “अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह! सोनम… पी जाओ…” मेरे ‘लंड’ ने झटके मारे और सफ़ेद गाढ़ा पानी सीधा सोनम के मुँह में छोड़ना शुरू कर दिया. सोनम ने बिना किसी हिचकिचाहट के सारा पानी अपने मुँह में भर लिया. वो एक बूँद भी बाहर गिरने नहीं देना चाहती थी. मैंने उसे पूरा खाली कर दिया और वो बड़े मज़े से मेरे ‘केले’ को चाटने लगी उसे पूरा साफ़ कर दिया. हम दोनों अभी अपनी सांसें दुरुस्त कर ही रहे थे और सोनम अपना मुँह साफ़ कर रही थी की तभी अचानक… “टिंग-टोंग!” इस बार सच में दरवाज़े की घंटी बजी! हम दोनों एक-दम से चौंक गए. मैंने घडी देखी रानी के आने का वक़्त हो गया था.

कुमार: “जल्दी सोनम! कपडे पहनो रानी आ गयी!” हम दोनों ने फुर्ती दिखाई. बिस्तर की चादर ठीक की जल्दी-जल्दी अपने कपडे पहने. सोनम ने अपने बाल ठीक किये और मैंने अपना चेहरा पोंछा ताकि पसीना न दिखे. सोनम भाग कर अपने कमरे में गयी और मैं ड्राइंग रूम में सोफे पर बैठ कर टीवी देखने का नाटक करने लगा. मैंने गहरी सांस ली और दरवाज़ा खोला. सामने रानी खड़ी थी हाथ में शॉपिंग बैग्स लिए हुए. Sali ka figure dekh jija bekabu

रानी: “अरे दरवाज़ा खोलने में इतनी देर क्यों लगा दी? सो रहे थे क्या?” मेरा दिल अभी भी ज़ोर से धड़क रहा था पर मैंने मुस्कुरा कर कहा “नहीं नहीं वो वाशरूम में था इसलिए सुनाई नहीं दिया. आओ अंदर. ”रानी अंदर आयी और सोफे पर बैठ गयी. तभी सोनम भी अपने कमरे से बाहर आयी. वो अब बिलकुल फ्रेश लग रही थी जैसे कुछ हुआ ही न हो बस उसके चेहरे पर एक अलग सा ग्लो (चमक) था जो अभी-अभी मिली संतुष्टि की वजह से था.

रानी: “और सोनम तुम्हारी शॉपिंग कैसी रही? जीजा जी ने परेशांन तो नहीं किया?

”सोनम ने मेरी तरफ देखा उसकी आँखों में एक राज़ था. वो हल्का सा मुस्कुरायी और बोली दीदी जीजा जी ने तो बहुत अच्छे से ‘शॉपिंग’ कराई. बल्कि मुझे तो वो सब कुछ दिला दिया जो मुझे चाहिए था… और जीजा जी ने मेरा ‘दिल’ खुश कर दिया. ”रानी ये सुन कर खुश हो गयी पर मैं और सोनम ही जानते थे की उस ‘दिल खुश’ करने का असली मतलब क्या था.

इससे आगे क्या हुआ वो नेक्स्ट पार्ट मैं पता चलेगा

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