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वर्षा आंटी को चोदा

प्रेषक : विशाल …

हैल्लो दोस्तों, में विशाल एक बार फिर से आप सभी के सामने अपनी एक और सच्ची कहानी लेकर आया हूँ। दोस्तों अब में सीधा अपनी आज की कहानी पर आता हूँ जिसमें मैंने अपनी वर्षा आंटी को बहुत जमकर चोदा। वैसे यह बात कुछ एक महीने पहले की है जब में अपने गाँव गया हुआ था, जो कि इंदौर के पास ही है और हमारे घर के पड़ोस में एक परिवार रहता है जिनकी एक किराने की दुकान है और उसमें एक आंटी बैठती है जिसका नाम वर्षा है जो कि थोड़ी मोटी है, लेकिन उनके बूब्स और गांड को देखकर कोई भी पागल ही हो जाए क्योंकि उनके फिगर का साईज़ कुछ 38-34-40 के करीब होगा, लेकिन वो दिखती बहुत अच्छी है और वो हमारी पड़ोसन होने की वजह से हमारी उनसे बहुत अच्छी बातचीत है और में उनसे बहुत खुलकर बातें करता और वो भी मुझसे हंस हसंकर बात करती और मेरी हर एक बात का जवाब देती और में इस बात का फायदा उठाते हुए उनके बूब्स पर अपनी नजर गड़ाकर बैठा रहता। एक बार उनके पति किसी वजह से रात को घर पर नहीं पर आ पाए और फिर वर्षा आंटी घर पर बिल्कुल अकेली थी तो उन्होंने मेरे चाचा से कहा कि विशाल को मेरे यहाँ पर रात को सोने के लिए भेज देना। तो मेरे चाचा ने उन्हे हाँ बोलकर मुझे रात को वहां पर सोने के लिए बोल दिया। मुझे लगा कि आज मेरी तो किस्मत ही बदल जाएगी, लेकिन मैंने सोच लिया था कि आज तो में कैसे भी करके उन्हें चोद ही दूँगा। फिर शाम हो गई और में खाना खाकर उनके घर पर चला गया।

फिर आंटी ने मुझे अंदर आने को कहा और में सबसे पहले एक बात दूँ कि हमारे पास में जो आंटी का घर है उसमे एक हाल और एक किचन ही है और हॉल में एक बेड है, उसी पर वो लोग सोते है। आंटी ने मुझसे कहा कि आप यहाँ बेड पर ही सो जाईएँगे तो मुझे लगा कि यार मेरी तो आज निकल पड़ी। फिर हम लोग एक ही डबल बेड पर रज़ाई ओढ़कर सोने लगे और सोने से पहले मैंने अपने सारे कपड़े उतार दिए और अंडरवियर में ही सोने लगा। आंटी मेरा चेहरा देखने लगी तो मैंने उनसे पूछा कि मेरी ऐसे ही सोने की आदत है आपको कोई आपत्ति तो नहीं है ना? तो वो हल्की सी स्माइल देकर मेरे लंड की तरफ देखकर बोली कि नहीं मुझे इसमे कोई समस्या नहीं है। दोस्तों उस समय मेरा लंड मेरी अंडरवियर में खड़ा होकर तंबू बन चुका था क्योंकि मुझे उनके बड़े बड़े बूब्स झूलते हुए दिख रहे थे। फिर सोते समय आंटी ने अपनी साड़ी का पल्लू अपने बूब्स पर से थोड़ा नीचे कर लिया और अब उनके बड़े बड़े बूब्स मुझे और भी साफ साफ दिख रहे थे और मेरे लंड का तो हाल ही बहुत बुरा था। फिर थोड़ी देर बाद मौका देखकर मैंने अपना काम शुरू कर दिया। में अब अपना एक हाथ धीरे धीरे उनके पेट पर घुमाने लगा, लेकिन उनकी तरफ से कोई हरकत नहीं हुई तो में समझ गया और मेरी हिम्मत बढ़ने लगी। में अब उनका पेट और नाभि को सहलाने लगा और फिर धीरे धीरे हाथ ऊपर की तरफ ले जाकर मैंने उनके एक बूब्स को पकड़ लिया और दबाने लगा और हल्के हल्के दबाता रहा। में बहुत देर तक मसलता रहा और थोड़ी ही देर बाद आंटी के मुहं से सिसकियाँ निकलने लगी और अब में समझ गया कि आंटी भी अब गरम हो चुकी है और मैंने मौका ना गँवाते हुए उनके ऊपर आकर उन्हे लीप किस किया। पहले तो उन्होंने मेरा साथ नहीं दिया, लेकिन पांच मिनट बाद वो भी मेरा पूरा पूरा साथ देने लगी।

फिर मैंने उनका बूब्स छोड़कर उनको अपनी बाहों में जकड़ लिया और उनको लगातार पागलों की तरह किस करने लगा और वो सिसकियाँ लेती रही और आहे भरने लगी। अब थोड़ी देर के बाद में नीचे आया और उनके ब्लाउज के हुक को अपने मुहं से खोला और उनका ब्लाउज उतार दिया और अब में ज़ोर ज़ोर से उनके बूब्स को दबाने लगा और ब्रा के ऊपर से ही निप्पल को चूसने लगा और मेरे एक हाथ से मैंने उनकी साड़ी को जाँघो तक ऊपर उठा दिया और हाथ फेरने लगा। मैंने देखा कि उनकी दोनों आँखें बंद थी और वो बस धीरे धीरे मोन किए जा रही थी आअहह उह्ह्ह्ह आईईईईई मेरी जान और करो अह्ह्ह्हह और वो मेरे बालों पर अपने हाथ फेर रही थी। में धीरे धीरे नीचे आकर उनके पेट को चूमने लगा और फिर उनकी नाभि पर आया और मैंने उनकी साड़ी को पूरा उतार दिया और फिर मैंने उनका एक हाथ अपने लंड पर रख दिया, जिसे वो अंडरवियर के ऊपर से ही सहलाने लगी। दोस्तों अब उनके ऐसा करने से मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। मैंने उनका पेटीकोट भी उतार दिया और में उनकी गोरी और चिकनी जाँघो को चूमने, चाटने लगा। जब मैंने उनकी पेंटी पर हाथ लगाया तो मैंने महसूस किया कि वो अब तक पूरी तरह गीली हो चुकी थी और अब वो भी पूरी तरह पागल हो चुकी थी। दोस्तों ये कहानी आप AntarvasnaSex.Net पर पड़ रहे है।

उसके बाद मैंने उनकी पेंटी को भी उतार दिया और अपनी एक उंगली उनकी चूत में डाली तो वो आहें भरने लगी आऊऊऊ उह्ह्ह्हह्ह और इतने में धक्का देकर वो मेरे ऊपर आ गई और मेरे पूरे शरीर को लगातार किस करने लगी। उन्होंने मेरी अंडरवियर को उतार दिया और मेरा लंड सहलाने लगी और उसे मुहं में लेकर चूसने लगी। दोस्तों अब में तो सातवें आसमान पर था और ज़ोर ज़ोर से पागलों की तरह मेरा लंड चूस रही थी और फिर कुछ देर बाद मेरा पूरा माल निकल गया जिसे वो पी गई और फिर थोड़ी देर चूसकर उन्होंने मेरा लंड वापस से खड़ा कर दिया। अब में उनके ऊपर आ गया और अपने लंड को ब्रा के अंदर दोनों बूब्स के बीच में से निकालकर आगे पीछे करके हिलाने लगा। ऐसा करने से मुझे और उन्हे भी बड़ा मजा आ रहा था। जब भी लंड उनके मुहं के पास जाता तो वो अपनी जीभ से उसे चाटती। ऐसा कुछ देर करने के बाद मैंने उन्हे सीधा लेटाया और में उनके दोनों पैरों के बीच में आ गया और अपने लंड को चूत पर रगड़ने के बाद मैंने एक धक्का लगाया तो मेरा आधा लंड अंदर चला गया क्योंकि उनकी चूत थोड़ी खुली हुई थी तो उन्हे भी कुछ ज्यादा दर्द नहीं हुआ। फिर मैंने एक और जबरदस्त धक्का लगाया तो मेरा पूरा का पूरा लंड अंदर चला गया। वो ज़ोर से चिल्ला उठी उईईईईईईईईईईई माँ मर गई थोड़ा धीरे धीरे कर। में उन्हे किस करने लगा और फिर जब वो ठीक हुई तो मैंने जल्दी जल्दी धक्के मारने शुरू किए। वो बस मोन कर रही थी आआहह उह्ह्हह्ह हाँ और ज़ोर से चोदो और ज़ोर से आईईईईईईईई विशाल, प्लीज अब में बस तुम्हारी हूँ हाँ और उह्ह्ह्हह्ह ज़ोर से चोद मुझे उह्ह्ह्हह्ह्ह्ह। फिर करीब आधे घंटे की लगातार चुदाई में वो तीन बार झड़ गई और में भी उनकी चूत के अंदर ही झड़ गया और फिर हम ऐसे ही लेटे लेटे लिप किस करते रहे और दोस्तों उस रात हमने चार बार चुदाई के मज़े किये और फिर बिल्कुल नंगे ही एक दूसरे के साथ सो गये ।।

धन्यवाद …