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सुशीला आंटी की गांड ठोकी

प्रेषक : बलवीर

हैल्लो फ्रेंड्स मुझे कामुकता डॉट कॉम पर सेक्स कहानियाँ पड़ना बहुत पसंद है और कई बार में भी सोचता हूँ कि में भी अपनी एक सच्ची कहानी आप सभी से शेयर करूं। तो फ्रेंड में अब आपको बताता हूँ अपनी एक सच्ची घटना। दोस्तों में जालंधर पंजाब का रहने वाला हूँ और मेरी उम्र 25 साल की है। मेरा रंग गोरा है और हाईट 5.8” इंच है और मेरा लंड किसी भी चूत की आग मिटाने के लिए बहुत है। यह मेरा पहला सेक्स अनुभव था जो कि आज से दो महीने पहले मेरे साथ हुआ।

दोस्तों मेरे पड़ोस में एक आंटी रहती है उनका नाम सुशीला है। उनकी उम्र 48 साल की है लेकिन दिखने में वो 37 साल की लगती है उनके फिगर का साईज़ 36-34-38 है। रंग गोरा, हाईट 5’10 इंच और उनके दो बच्चे है। एक लड़का जो कि दिल्ली में इजीनियरिंग की पड़ाई कर रहा है और एक लड़की जिसकी शादी हो गई है। उनकी आंखे बहुत नशीली हैं और वो जब चलती है तो अच्छे अच्छो के लंड खड़े हो जाते है और वो दिखने में बहुत सेक्सी लगती है। में जब भी उन्हे देखता था तो सोचता था कि काश मुझे एक बार उनकी चूत मारने का मौका मिल जाये। वो मेरी मम्मी की एक बहुत अच्छी फ्रेंड है और अक्सर हमारे घर आती है और मुझसे भी थोड़ी बहुत बात कर लेती थी। फिर एक बार उनकी टीवी के सेट टॉप बॉक्स में कुछ प्राब्लम थी और उन्होंने मेरी मम्मी से कहा कि वो मुझे उनके घर भेज दें लेकिन में कहीं बाहर गया हुआ था। फिर जब में घर आया तो मुझे पता चला कि आंटी ने मुझे बुलाया है तो में भागा हुआ उनके घर पहुँचा और फिर मैंने उनके गेट पर दस्तक दी। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

तभी आंटी ने दरवाजा खोला और में देखता ही रह गया। आंटी ने लाईट सूट पहना हुआ था जिसमे से उनके बड़े बड़े बूब्स साफ दिखाई दे रहे थे और में बस उन्हें घूर घूर कर देखे जा रहा था। तभी आंटी ने मुझे सेट टॉप बॉक्स की प्राब्लम के बारे में बताया और फिर वो खुद बाथरूम में नहाने चली गई। फिर मैंने सेट टॉप बॉक्स देखा लेकिन उसमे कोई खास प्राब्लम नहीं थी और में आंटी के बाथरूम के दरवाजे के एक छोटे होल से आंटी को देखने लगा। तभी आंटी अपनी ब्रा और पेंटी उतार रही थी वाह क्या गजब का नज़ारा था उनकी चूत बिल्कुल चिकनी थी। फिर वो अपने बूब्स पर साबुन लगा रही थी और तभी यह देखकर मेरा लंड खड़ा हो गया और फिर में जल्दी से जीन्स के अंदर हाथ डालकर लंड हिलाने लगा और मेरा मन हो रहा था कि दरवाजा तोड़कर उनकी गांड मार लूँ और फिर थोड़ी देर तक इस नजारे का मज़ा लेने के बाद में जाकर बाहर बैठ गया। फिर आंटी मेक्सी पहन कर बाहर आई और कहने लगी कि बेटा टीवी सही हो गया क्या? तभी थोड़ी देर तो में उनके बूब्स की तरफ ही देखता रहा। फिर उनको पता लग गया कि मेरी नज़र उनके बूब्स पर है फिर मैंने उनको बताया कि जी आंटी माईनर सी प्राब्लम थी। फिर उन्होने कहा कि बेटा रुको थोड़ी देर, चाय पीकर जाना। तभी मैंने कहा कि आंटी कोई बात नहीं आप रहने दो लेकिन वो मानी नहीं तभी थोड़ी देर में वो चाय लेकर आई और कुछ स्नेक्स भी लेकर आई और फिर मुझसे बाते करने लगी लेकिन फिर भी मेरे ध्यान उनके बूब्स पर ही जा रहा था क्योंकि उनकी मेक्सी का ऊपर का बटन खुला था। तभी उन्हे पता चल गया था कि में उनके बूब्स निहार रहा हूँ और वो वैसे ही बैठी रही और मुझसे पूछने लगी कि क्यों तुम शादी कब कर रहे हो? फिर मैंने कहा कि आंटी अभी नहीं अभी मुझे कुछ समय और लगेगा पड़ाई पूरी करने में। फिर उन्होने पूछा कि तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड तो होगी? फिर मैंने कहा कि आंटी नहीं। फिर वो कहने लगी कि तुम झूठ बोल रहे हो तुम जैसे हेंडसम लड़के की कोई गर्लफ्रेंड नहीं है? फिर मैंने कहा कि क्या आंटी आप मेरी गर्लफ्रेंड बनोगी? फिर पहले तो वो चुप हो गई और फिर जोर जोर से हँसने लगी। फिर मैंने कहा कि आंटी में सीरीयस हूँ आई लव यू। तभी आंटी कहने लगी कि ऐसा नहीं हो सकता में तुम्हारी गर्लफ्रेंड नहीं बन सकती। तभी में आंटी के पास जाकर उनकी जाँघ पर हाथ फैरने लगा तो वो मेरा साथ दे रही थी। फिर मैंने एक हाथ उनके बूब्स पर रख दिया और उनके लिप पर किस करने लगा और फिर आंटी गरम होने लगी थी और वो शांत हो गई थी। फिर में उन्हे उठाकर उनके बेडरूम में ले गया और उनकी मेक्सी उतार दी। वाह क्या क़यामत लग रही थी वो।

फिर मैंने बहुत देर उनके दोनो बूब्स को पकड़कर बहुत देर तक चूसा और में उनके जिस्म की खुश्बू से मदहोश हो गया था। फिर मैंने उन्हे एक किस किया और एक हाथ से उनकी पेंटी भी उतार दी। तभी उनकी गोरी गोरी चूत के दर्शन किए और फिर हम दोनों 69 की पोज़िशन में आ गये। फिर मैंने उनकी चूत को जैसे ही अपनी जीभ से टच किया उनको करंट सा लगा अब में उनकी चूत पर अपनी जीभ घुमा घुमा कर उनकी चूत का रस पीता रहा और वो मेरे लंड को चाट रही थी। फिर मैंने पहली बार किसी औरत की चूत चाटी थी लेकिन क्या मज़ा था फिर करीब 15 मिनिट चूत चाटने के बाद मैंने उनसे बेड पर लेटने को कहा और उसकी टांगे अपने कंधो पर रख उसकी चूत के मुहं पर अपने लंड को सेट किया और फिर हल्के से एक धक्के के साथ लंड को चूत में डाल दिया और फिर धीरे धीरे अपना लंड उसकी चूत के अंदर बाहर करने लगा। तभी आंटी के मुहं से मदहोश करने वाली आवाजें आ रही थी ओह ओहहह और जोर से चोदो फाड़ दो आज इसे बना दो चोद चोद कर भोसड़ा प्लीज। फिर पांच मिनट बाद में जोर जोर से झटके मारने लगा और वो भी मेरा साथ देने लगी। फिर 15 मिनट बाद में झड़ने लगा तभी मैंने अपना वीर्य जोरदार धक्को के साथ उसकी चूत की गहराइयों में छोड़ दिया और फिर दो मिनट बाद वो भी झड़ गई।

फिर थोड़ी देर हम उसी पोज़िशन में रहे फिर दस मिनट बाद में उठा और आंटी की गांड चाटने लगा और उनकी गांड तौबा तौबा। तभी मैंने वेसलीन लिया और उनकी गांड के सुराख पर वेसलीन लगा ली और फिर अपना लंड अंदर डालने लगा लेकिन वो स्लिप हो गया और आंटी मुझे मना कर रही थी प्लीज गांड मत मारो लेकिन मैंने उनकी एक ना सुनी और दोबारा अपने लंड के टोपे पर वेसलीन लगाई और एक ज़ोर का झटका लगाया और तभी मेरा लंड आधा अंदर चला गया और फिर आंटी जोर से चिल्ला उठी प्लीज बाहर निकालो लंड को में मर जाउंगी में अपनी स्पीड में लगा रहा और थोड़ी देर में आंटी को भी मज़ा आने लगा और वो बिलकुल शांत हो गई। फिर 15 करीब मिनट तक में उनकी गांड मारता रहा और फिर उसके बाद मैंने लंड से ज़ोर की पिचकारी मारकर सारा वीर्य आंटी की गांड में छोड़ दिया। फिर आंटी के साथ में वहीं आधा घंटा लेटा रहा और आधे घंटे बाद में घर वापस आ गया। फिर उस दिन के बाद जब भी मुझे मौका मिलता है में आंटी को चोदता हूँ और अब आंटी भी मेरा पूरा पूरा साथ देने लगी है। उन्होंने मुझे कई बार अपने घर पर कई बहानो से बुलाकर चुदाई के मजे लिये है ।।

धन्यवाद …